छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़

बिहान समूह की शिकायत पर रोहिना पहुंची टीम, लेकिन अधूरी रह गई जांच...

 सारंगढ़-बिलाईगढ़ । बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पीआरपी सत्यवती कुर्रे के खिलाफ की गई शिकायत की जांच के लिए जिला स्तर पर गठित टीम बुधवार को रोहिना स्थित रीपा भवन पहुंची। टीम ने क्लस्टर से जुड़ी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शिकायतकर्ता महिलाओं से चर्चा कर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर विवाद की स्थिति बनने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।

महिलाओं ने जांच टीम के सामने रखे आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं ने जांच टीम के सामने पीआरपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि उनसे जिला स्तर के एक अधिकारी के नाम पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें परेशान किया जाता था और क्लस्टर से बाहर करने की धमकी भी दी जाती थी।

महिलाओं ने मांग की कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच की जाए और दस्तावेजों, बैंक लेनदेन तथा संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए। ऐसी ही शिकायतों में बिना प्रस्ताव और रसीद के राशि के लेनदेन तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं।

विवाद के चलते जांच नहीं हो सकी पूरी
जांच टीम के प्रमुख अधिकारी संजू पटेल के अनुसार, पीआरपी के खिलाफ कई आरोपों की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी पड़ताल के लिए टीम रोहिना पहुंची थी। लेकिन जांच के दौरान पीआरपी, समूह की अध्यक्ष-सचिव और कैडर की महिलाओं के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

मौके पर माहौल बिगड़ने के कारण टीम पूरी जांच नहीं कर सकी। अधिकारी ने बताया कि शेष जांच आगामी समय में पूरी की जाएगी।

महिलाओं ने जताई नाराजगी
जांच अधूरी रहने पर शिकायतकर्ता महिलाओं ने असंतोष जताया। उनका कहना है कि समय के अभाव में उनकी शिकायतों पर विस्तार से सुनवाई नहीं हो सकी। महिलाओं ने मांग की कि उनके सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाए और संबंधित दस्तावेजों एवं बयानों का परीक्षण किया जाए।

शिकायतकर्ता महिलाओं ने सत्यवती कुर्रे को पीआरपी के पद से हटाने की मांग भी जांच टीम के सामने रखी है।

जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी स्थिति
मामले में लगाए गए 10 लाख रुपये की कथित मांग समेत अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायतों की वास्तविकता दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं। जांच टीम दोबारा कब मौके पर पहुंचती है और अंतिम रिपोर्ट में शिकायतों को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

 

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