छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

राष्ट्रीय जनगणना 2027 में ओबीसी की जातिवार गणना की मांग ओबीसी महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :-  राष्ट्रीय जनगणना 2027 में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का जातिवार डेटा संकलित करने तथा जनगणना की अनुसूची में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा जिला गरियाबंद द्वारा प्रधानमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी गरियाबंद को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गांधी मैदान गरियाबंद में जिला अध्यक्ष फलेंद्र सिंह साहू के नेतृत्व में सौंपा गया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष फलेंद्र सिंह साहू ने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह देशभर में पिछड़ा वर्ग की भी अलग से जातिवार गणना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त 2026 को प्रकाशित गजट में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं होने से ओबीसी समाज में नाराजगी है।

साहू ने कहा कि देश में पेड़-पौधों से लेकर जंगल के वन्यजीवों तक की गणना की जाती है, ऐसे में देश की बड़ी आबादी वाले पिछड़ा वर्ग की जातिवार गणना क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग समाज के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए जनगणना की अनुसूची में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 340 एवं 15(4) में पिछड़ा वर्ग के हितों और समान अवसरों से संबंधित प्रावधान किए गए हैं। ऐसे में पिछड़ा वर्ग की वास्तविक जनसंख्या एवं सामाजिक स्थिति का आंकड़ा सामने आना आवश्यक है, ताकि समाज के विकास और कल्याण के लिए नीतियां बनाने में आंकड़ों का उपयोग किया जा सके।

ओबीसी महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय जनगणना 2027 में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से कॉलम निर्धारित कर जातिवार डेटा संकलित करने की मांग रखी।

इस दौरान जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती लता सोनी, शिवदयाल साहू, ब्लॉक उपाध्यक्ष छुरा मनोहर चक्रधारी, ब्लॉक उपाध्यक्ष गरियाबंद उमेद यादव, जिला उपाध्यक्ष यज्ञदत्त वर्मा, घनश्याम देवगन, गंगाराम सिन्हा, विधानसभा राजिम प्रभारी जीतेश्वर साहू, गयाराम साहू, जीवन साहू सहित ओबीसी महासभा के पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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