छत्तीसगढ़ / रायपुर

सेवा की कहानी : नदी और दुर्गम रास्तों की बाधा पार कर शशिकला तक पहुंची मातृत्व की सौगात, मिला पीएम मातृ वंदना योजना का लाभ

 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर पहुंचकर कराया पंजीयन, बिना कार्यालयों के चक्कर लगाए मिला लाभ

रायपुर, अक्टूबर 2026

बीजापुर जिले के दूरस्थ ग्राम कोंगोपल्ली की गर्भवती शशिकला गोटे को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली है। नदी पार बसे इस गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शशिकला के घर पहुंचकर न केवल योजना की जानकारी दी, बल्कि पंजीयन की प्रक्रिया भी पूरी कराई। इससे शशिकला को बिना शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाए योजना का लाभ मिल सका। उन्होंने सहायता राशि का उपयोग पौष्टिक आहार और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था में किया।

बीजापुर जिले के पामगल सेक्टर अंतर्गत ग्राम कोंगोपल्ली तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बरसात में जलस्तर बढ़ने से आवागमन और कठिन हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है।

शशिकला की गर्भावस्था की जानकारी मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनके घर पहुंचीं और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पात्रता, सहायता राशि तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। दस्तावेजों की जांच और आवेदन की औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद उन्होंने स्वयं सेक्टर मुख्यालय पामगल पहुंचकर पोर्टल पर शशिकला का ऑनलाइन पंजीयन कराया। नियमित प्रयासों से आवेदन निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृत हुआ और शशिकला को 5 हजार रुपए की सहायता मिली।

योजना का लाभ मिलने पर शशिकला ने खुशी जताते हुए बताया कि उनके गांव से बाहर आना-जाना आसान नहीं है। बरसात में परेशानी और बढ़ जाती है। उन्हें योजना की जानकारी भी नहीं थी। आंगनबाड़ी दीदी ने घर आकर योजना समझाई, आवेदन भरवाया और लगातार सहयोग किया। इससे उन्हें बिना भागदौड़ के आर्थिक सहायता मिल सकी।

मैदानी अमले की सक्रियता और प्रतिबद्धता से दुर्गम क्षेत्रों में भी जरूरतमंद महिलाओं तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता ने शशिकला को गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की है।

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