छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

जिला प्रशासन की पहल से दुर्घटना पीड़ितों को मिली त्वरित सहायता, तीन मिनट में पहुंची एम्बुलेंस

 अपना हेल्प क्यूआर बना मदद का माध्यम, तीन घायलों को मिला निःशुल्क उपचार

सूरजपुर/12 अक्टूबर 2026

सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सूरजपुर के सहयोग से संचालित  अपना हेल्प क्यूआर पहल उपयोगी साबित हो रही है। हाल ही में ग्राम महगांव निवासी श्री रामेश्वर, उनकी दादी श्रीमती सुधनी बाई एवं उनके साथ यात्रा कर रहे एक बच्चे को इस सुविधा के माध्यम से त्वरित एम्बुलेंस सहायता मिली। तीनों को बी.एल. मेमोरियल हॉस्पिटल, सूरजपुर में भर्ती कराकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री रामेश्वर अपनी दादी एवं एक बच्चे के साथ मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान दुर्घटनावश तीनों सड़क पर गिर गए और उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। घटनास्थल पर मौजूद श्री तुलेश्वर राजवाड़े ने सहायता के लिए आगे आते हुए मोटरसाइकिल पर लगे अपना हेल्प क्यूआर को स्कैन किया। इसके माध्यम से आपातकालीन सहायता प्रक्रिया सक्रिय हुई और महज तीन मिनट में एम्बुलेंस सहायता उपलब्ध हो गई।

तकनीक और नागरिक सहभागिता से समय पर मिली मदद
इस घटना में जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित सुविधा और जागरूक नागरिक की तत्परता ने घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। त्वरित सूचना एवं बेहतर समन्वय से तीनों घायलों को चिकित्सा सहायता मिल सकी और घायलों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा एवं आपातकालीन सहायता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अपना हेल्प क्यूआर के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए किसी अतिरिक्त मोबाइल एप्लीकेशन की आवश्यकता नहीं होती। वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर आपातकालीन सहायता प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है।
सड़क दुर्घटनाओं में समय पर सूचना और नागरिकों का सहयोग घायलों तक शीघ्र चिकित्सा सहायता पहुंचाने में सहायक हो सकता है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ घायलों की सहायता के लिए आगे आएं तथा उपलब्ध आपातकालीन सुविधाओं का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। प्रशासन और नागरिकों की साझा सहभागिता से सड़क सुरक्षा एवं त्वरित सहायता व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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