छत्तीसगढ़ / मुंगेली

माता के जसगीतों के साथ माँ महामाया व कंकालिन मंदिर का ज्वारा विसर्जन किया गया, दर्शन के लिए श्रद्धालुओ की लगी भीड़,

ज्वारा के आगे-आगे टैंकर से किया गया जल छिड़काव, 

जगह-जगह श्रद्धलुओं ने पेयजल, शरबत की व्यवस्था किये

लोरमी - नवरात्रि का पर्व का अंतिम दिवस नवमी में मंदिरो में श्रद्धालुओं के द्वारा मनोकामना ज्योति कलश एवं ज्वारा का स्थापना किया गया जिसका नवरात्रि के नवें दिन नवमी में जसगीत के साथ ज्वारा का विसर्जन किया गया इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहॅूचे। नगर के मनियारी नदी तट में माता के ज्वारा का विसर्जन किया गया।

माता का आराधना का पर्व नवरात्रि के अंतिम दिवस में नगर के मंदिर में श्रद्धालुओ के द्वारा मनोकामना ज्योति कलश एवं ज्वारा प्रज्जवलित किया गया था महाष्टमी के दूसरे दिन प्रज्वलित ज्वारा का विधि विधान के साथ विसर्जन किया जाता है नगर के कंकालिन मंदिर व माँ माहामाया मंदिर से ज्वारा निकाला गया। माॅ कंकालिन मंदिर का ज्वारा विसर्जन सुबह 11 बजे व शाम 7 बजे माँ महामाया देवी मंदिर प्रांगण से निकला माता की जयकारों के साथ ज्वाॅरा के साथ जसगीत के द्वारा माता का गीत का भजन करते ज्वाॅरा विर्सजन किया गया। इस दौरान नगर के श्रद्धालुगण ज्वाॅरा के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में माॅ कंकालिन मंदिर व माहामाया मंदिर से लेकर मनियारी धाट तक भीड लगी रही सभी नगरवासीयों के द्वारा पूजा अर्चना कर माता को विदाई दी गयी। माॅ काली मंदिर व माहामाया मंदिर प्रांगण से निकल कर ब्राह्मण पारा, राजाबाड़ा, फौव्वारा चौक होते हुये शीतला पारा से मनियारी घाट में ज्वाॅरा का विसर्जन किया गया, ज्वाॅरा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओ के द्वारा जगह-जगह पानी एवं शरबत की व्यवस्था किया गया।

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