छत्तीसगढ़ / गौरेला पेंड्रा मरवाही

पेंड्रा-मरवाही : जनगणना 2027: जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, कलेक्टर ने त्रुटिरहित एवं समयबद्ध जनगणना के दिए निर्देश

 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी जनगणना, शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से होगा कार्य

प्रशिक्षण में मोबाइल ऐप, सीएमएमएस पोर्टल, स्वजनगणना एवं जनगणना के कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 22 अक्टूबर 2026

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या गणना कार्य की तैयारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विजय दयाराम के. ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसके आंकड़े देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में बताए जा रहे तकनीकी पहलुओं को गंभीरतापूर्वक सुनने, समझने तथा निर्धारित समय-सीमा में त्रुटिरहित एवं शत-प्रतिशत जनगणना कार्य संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जनगणना के दौरान एक भी व्यक्ति गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
       प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इस दौरान जनगणना में पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों, आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया तथा विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनगणना का संपूर्ण कार्य शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। इसके लिए प्रगणक अपने स्मार्टफोन में निर्धारित मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़ों का संग्रहण करेंगे।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य में उपयोग होने वाले विभिन्न मोबाइल ऐप्स, सीएमएमएस पोर्टल तथा डिजिटल माध्यम से जनगणना के संचालन एवं निगरानी की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही स्वजनगणना की सुविधा के बारे में बताया गया, जिसके माध्यम से परिवार स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस जानकारी का सत्यापन प्रगणकों द्वारा किया जाएगा। 
        मास्टर ट्रेनर्स ने जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के अंतर्गत प्रगणकों के कानूनी अधिकारों, दायित्वों तथा जनगणना संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना 2027 डिजिटल नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय अभियान है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से आंकड़ों के संकलन, सत्यापन, निगरानी एवं प्रबंधन में पारदर्शिता, सटीकता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी।
        उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ में 1 मई से 30 मई 2026 तक संपन्न किया जा चुका है। द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 22 एवं 23 अक्टूबर को उच्च श्रेणी नवीन विश्राम गृह पेंड्रारोड में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में राज्य स्तर से नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स श्री बलवंत सोमकुंवर एवं श्री धर्मराज मीणा द्वारा जनगणना की प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दक्ष बनाकर निर्धारित समय-सीमा में सटीक, विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित जनगणना सुनिश्चित करना है।

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