छत्तीसगढ़ / सुकमा

सुकमा में स्वच्छता के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से स्व-सहायता समूह को मिला आर्थिक संबल

 1 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं विक्रय, कमलफूल स्व-सहायता समूह ने अर्जित की 80 हजार रू से अधिक की आय

सुकमा, 23 अक्टुबर 2026

जिले में स्वच्छता को बढ़ावा देने और अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत छिंदगढ़ के अंतर्गत संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यहां एकत्रित एवं प्रसंस्कृत प्लास्टिक कचरे को रिसाइक्लिंग के लिए भेजकर न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि स्व-सहायता समूह की आय में भी वृद्धि हो रही है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत छिंदगढ़ में संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के माध्यम से कमलफूल स्व-सहायता समूह द्वारा छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 12 ग्राम पंचायतों से प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रहण किया जा रहा है। संग्रहित प्लास्टिक को यूनिट में लाकर अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई एवं बेलिंग की प्रक्रिया के बाद रिसाइक्लिंग हेतु एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर सेमरा भेजा जाता है।

हाल ही में यूनिट से 1,638 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक अपशिष्ट विक्रय के लिए सेमरा एमआरएफ सेंटर भेजा गया। इसमें 1,100 किलोग्राम प्लास्टिक पेट बोतल, 150 किलोग्राम प्लास्टिक ऑयल बोतल तथा 388 किलोग्राम कार्टन एवं अन्य प्लास्टिक अपशिष्ट शामिल हैं। इनके विक्रय से समूह को निर्धारित दरों के अनुसार आय प्राप्त होगी। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के माध्यम से समूह पहले ही 80,000 रू से अधिक की आय अर्जित कर चुका है।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों के लिए आजीविका का नया अवसर भी उपलब्ध करा रही है। प्लास्टिक कचरे का व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायक है। छिंदगढ़ की यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

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