छत्तीसगढ़ / बालोद

बेलोदा : अंधेरी रात में हो रहा अवैध रेत उत्खनन

 बालोद। जिले अवैध रेत उत्खनन करने वालो की चांदी हो गई है।अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने वाले हर बार अपनी बदहाली का ही रोना रोने लगते है। छत्तीसगढ़ में नई सरकार के पदार्पण के बाद से जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लाक में अवैध रेत उत्खनन जोरो पर है। आप कितनी भी शिकायत कर दो कितना भी समाचार, अखबार में छपवा दो, लेकिन बालोद खनिज विभाग और उसके जिम्मेदार अधिकारी चुप ही बैठे है।

बता दें कि जिले के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक डौंडी के ग्राम बेलोदा में तांदुला नदी में चैन माउंटटेन मशीन उत्तार कर धड़ल्ले से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि यहां खनिज विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की खनिज उत्खनन की मंजूरी ही नही दी गई है। सूत्रों के मुताबिक बालोद के किसी व्यक्ति द्वारा यह झोल-माल वाला कार्यक्रम संचालित हो रहा है। ग्राम बेलोदा में तांदुला नदी में चैन माउंटटेन मशीन से रेत उत्खनन करने वाले इतने चालक है कि वे सूरज निकलते ही अपना सारा अवैध उत्खनन का काम बंद कर नदारद हो जाते है और वही रात के अंधेरे में ही वापिस सक्रिय हो जाते है।ग्राम पटेल दुलाल सिंह गावड़े ने बताया कि रेत खदान का संचालन हो रहा है परंतु मैं ग्राम पटेल होने के नाते कुछ नहीं कह सकता। उन्होंने बताया कि बालोद के एक ठेकेदार ने नंबर दिया है और कोई आए तो बात कराने कहा गया है। इससे अधिक मैं कुछ नहीं कह सकता। मैं खदान के संदर्भ में कुछ भी कह पाने के लिए सक्षम नहीं हूं।

खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी शिकायत मिलने पर फौरन उड़कर चले आते है और साथ में चैन माउंटटेन मशीन के ऑपरेटर को साथ लाते है जो जांच कर उन्हे बताता है कि चैन माउंटटेन मशीन बंद और ठप्प पढ़ी हुई है। इतने जिम्मेदार अफसर किसी और विभाग में है ही नही जो मशीन बंद है या चालू है बता देते है। फिल्म की पटकथा और कलाकारों की भूमिका भी साफ दिखाई देती है। सीधी सी बात है रेत खदान में जब रेत उत्खनन की आधिकारिक अनुमति ही नही है तो चैन माउंटेन मशीन और जेसीबी मशीन वहां पहुंची कैसे। ग्रामीणों के अनुसार रात के वक्त खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और जैसे ही सुबह होते ही खनन का काम बंद कर मशीन और ट्रक को खड़ा कर दिया जाता है। जिले के कई रेत घाटों में बिना टेंडर के ही रेत खनन करने के मामले सामने आने के बाद भी खनिज व राजस्व विभाग की टीम इस पर अंकुश लगा नहीं पा रही है। 
ऐसा ही एक मामला डौंडी ब्लाक के ग्राम बेलोदा में सामने आया है। जहां पर कुछ लोगों के संरक्षण में एक व्यक्ति को ठेका देकर अवैध रेत खनन का खेल रात के अंधेरे में खेला जा रहा है। इसके लिए एक चैन माउंटेन मशीन नदी किनारे खड़ी कर रखी है। आधी रात के बाद लगभग रात 12 से तीन बजे तक मशीन को नदी में उतारा जाता है। इस बीच रातों रात वाहन से रेत को दूसरी जगह पहुंचा दिया जाता है। सूत्रों ने हमे बताया कि जिला खनिज विभाग की टीम उनके गांव पहुंची और अवैध उत्खनन को रुकवा दिया गया, लेकिन जैसे ही टीम वहां से लौटी रात तीन बजे के बाद फिर से अवैध उत्खनन शुरू हो गया। रेत उत्खनन का काम शुरू हो चुका है रात में खदाने संचालित हो रही है सुबह मशीन को ठिकाने लगा दिया गया है पर खदान में रेम बना है ये स्पष्ट नजर आ रहा है रेत उत्खनन हुआ है और रेत को एकत्र किया गया है जहां खनन किया जा रहा है वहां पर गहरा गड्ढा भी किया जा चुका है।
 

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