चक्रवाती तूफान ’अर्नब’ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले में संभावित चक्रवाती तूफान ’अर्नब’ से निपटने की तैयारियों, जिला स्तरीय राज्योत्सव के आयोजन, स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली समय-सीमा की बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए।
चक्रवाती तूफान को लेकर 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा संभावित चक्रवाती तूफान के संबंध में अलर्ट जारी किया गया है। जिले में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने गुरूर, गुंडरदेही और बालोद विकासखंड के अधिकारियों को विशेष सावधानी रखने तथा डुबान वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक तैयारी करने को कहा।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आवश्यकता पड़ने पर डुबान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। किसी भी परिस्थिति में जनहानि और पशुधन की हानि न हो, इसके लिए सभी जरूरी उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करने तथा एसडीआरएफ और संबंधित आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी चार-पांच दिनों तक बिना अनुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, पंचायतों में राशन और भोजन की व्यवस्था
कलेक्टर ने जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संवेदनशील ग्राम पंचायतों में आवश्यकता के अनुसार 50 किलोग्राम से एक क्विंटल तक चावल उपलब्ध रखने और भोजन तैयार करने के लिए रसोइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को बारिश के दौरान सड़कों पर आवागमन सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। जलभराव से प्रभावित होने की आशंका वाले स्कूलों को चिन्हांकित कर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पशुपालन और जिला पंचायत सहित संबंधित विभागों को आपातकालीन कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए। नगरीय निकायों को जलभराव रोकने तथा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
02 नवंबर को होगा आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव, ‘सशक्त नारी युवा उड़ान’ होगी मुख्य थीम
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 02 नवंबर को जिला मुख्यालय स्थित स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘सशक्त नारी युवा उड़ान’ रखी गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मंच सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी, फूड जोन, पेयजल और बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करने को कहा।
राज्योत्सव के अवसर पर लगातार तीन दिनों तक जिले के सभी शासकीय भवनों में आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सभी ग्राम पंचायतों में भी रोशनी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने निजी संस्थानों और नागरिकों से भी अपने प्रतिष्ठानों में रोशनी कर राज्य स्थापना दिवस के उत्सव में सहभागी बनने की अपील की।
स्टेट हेल्थ इंडेक्स में बालोद को प्रदेश में चैथा स्थान, स्वास्थ्य विभाग की सराहना
बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्टेट हेल्थ इंडेक्स में प्रदेश में चैथा स्थान प्राप्त करने पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी इसी समर्पण एवं तत्परता से कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज जनशिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर हरिवंश सिंह मिरी, नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।