छत्तीसगढ़ / रायपुर

विवेकानंद नगर से टैगोर नगर तक भक्तिमय वातावरण, 6 स्थानों पर चैत्य वंदन

 मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा की पावन निश्रा में हुई प्रभु भक्ति

 

रायपुर । शरद पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय से टैगोर नगर के पटवा भवन तक सिद्धाचल भावयात्रा निकाली गई। मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा की निश्रा में निकली इस यात्रा के दौरान छह स्थानों पर चैत्य वंदन किया गया। समाजजनों ने प्रभु की स्तुति, पूजन और भक्ति में भाग लिया।

धर्मसभा में मुनि संवेगरत्न सागर ने शरद पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस दिन का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा पर पांचों पांडवों सहित 20 करोड़ मुनि भगवंतों ने निर्वाण पद प्राप्त किया था। इस स्मृति में श्रद्धालुओं ने निर्वाण भाव के साथ प्रभु भक्ति की।

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि सुबह 7 बजे से शुरू हुई भावयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के निवास पर विधि-विधान से चैत्य वंदन किया गया। पहला चैत्य वंदन हरखचंद-राजेश कुमार बेदमुथा परिवार के निवास पर जय तलेटी का हुआ। दूसरा शांतिनाथ भगवान का चैत्य वंदन गुलाबचंद-मयंक मालू परिवार के निवास पर किया गया। तीसरा रायण पगले का चैत्य वंदन पानी बाई-आसकरण भंसाली परिवार के निवास पर हुआ। चौथा श्रीमंदर स्वामी का चैत्य वंदन गौतमचंद -संपतलाल झाबक परिवार के निवास पर और पांचवां पुंडरिक स्वामी का चैत्य वंदन नरेंद्र-राजेंद्र झाबक परिवार के निवास पर संपन्न हुआ। छठवां चैत्य वंदन टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में विराजित आदिनाथ भगवान के समक्ष किया गया।

इस दौरान अक्षत, नैवेद्य और फल अर्पित कर विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम में सूरत के मोंटू भाई ने संवेदना और जयपुर के अभिषेक जैन ने भक्ति में साथ दिया। आयोजन के बाद विवेकानंद नगर स्थित रत्नप्रभुसूरीश्वर भवन में साधार्मिक वात्सल्य रखा गया।

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