छत्तीसगढ़ / महासमुंद

श्रीमती दशोदा ध्रुव की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है,

महासमुंद । महासमुंद जिले के नयापारा में निवास करने वाली 47 वर्षीय श्रीमती दशोदा ध्रुव ने अपने पति शारदा प्रसाद ध्रुव के साथ एक आदर्श उद्यमिता की मिसाल पेश की है। उन्हें आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना के तहत 1,00,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस ऋण से उन्होंने एक किराना दुकान शुरू की, जिसे वो सफलतापूर्वक संचालित कर रही है। इस व्यवसाय के जरिए वे अपने परिवार का भरण-पोषण ही नहीं कर रही हैं, बल्कि ऋण की मासिक किश्त जिसे वे नियमित रूप से चुका रही हैं।
श्रीमती दशोदा ध्रुव ने बताया कि दुकान खोलने से उनकी मासिक आय में वृद्धि हुई है। पहले उनकी मासिक आय 5000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 8000 से 10000 रुपये तक हो गई है। इस बढ़ी हुई आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर किया है।

श्रीमती दशोदा ध्रुव की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही समर्थन और संसाधनों के साथ, महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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