मनोरंजन

एक्टर्स ने अपने ग्रैंडपैरेन्ट्स को बताया, सुपरहीरो!

मुंबई, सितंबर2024: ग्रैंडपैरेन्ट्स की अक्सर हमारे दिलों में एक खास जगह होती है। उनसे हमें ज्ञान, प्रेम और मार्गदर्शन मिलता है, जो हमारे जीवन को आकार देता है। कई एक्टर्स अपने ग्रैंडपैरेन्ट्स को सुपरहीरो मानते हैं, क्योंकि उन्होंने उनके सपनों को प्रेरित किया, उन्हें बढ़ावा दिया और अपना पूरा सहयोग दिया। इस इंटरनेशनल ग्रैंडपैरेन्ट्स डे पर एण्डटीवी के एक्टर्स अपने जीवन में ग्रैंडपैरेन्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बात कर रहे हैं। यह कलाकार हैं आशुतोष कुलकर्णी (कृश्ण बिहारी वाजपेयी, ‘अटल’), तेजस्विनीसिंह(‘भीमा’ में भीमा की भूमिका निभा रहीं), ज़ारा वारसी (चमची, ‘हप्पू की उलटन पलटन’) और वैभव माथुर (टीका, ‘भाबीजी घर पर हैं’)।  भीमा में भीमा की भूमिका निभा रहीं तेजस्विनी सिंह ने बताया, ‘‘मेरी दादी मेरी सुपरहीरो हैं! वह मुझे सुरक्षा का एहसास कराती हैं और बहुत प्यार करती हैं। वह मुझे कहानियाँ भी सुनाती हैं और स्वादिष्ट खाना बनाती हैं! दादी मेरी शूटिंग के दौरान हमेशा मेरे साथ रहती हैं। वह मेरे साथ खेलती हैं और मेरी बातें सुनती हैं। और जब वह मुझे अपनेपन से गले लगाती हैं, तब सुरक्षा और प्यार का एहसास मिलता है। वह मुझे हंसाती हैं, जो कि मुझे बहुत पसंद है और हमेशा मुझे अपने सबसे बढ़िया अंदाज़ में रहने के लिये प्रोत्साहित करती हैं। चाहे कुछ भी हो, वह हमेशा मेरा साथ देती हैं। बड़ी होने पर मैं उनके जैसी बनना चाहती हूँ- दयालु, बुद्धिमान और बेहद मजबूत! मेरा सौभाग्य है कि वह मेरी जिन्दगी में हैं। वह असल जिन्दगी में मेरी सुपरहीरो हैं।’’ ‘अटल’ में कृष्ण बिहारी वाजपेयी की भूमिका अदा कर रहे आशुतोष कुलकर्णी ने कहा, ‘‘बचपन के दिनों में मेरा बहुत सारा वक्त नानाजी और नानीजी के साथ बीता। और उनसे मिले प्यार तथा देखभाल का कोई पैमाना नहीं था। खासकर नानाजी के साथ मेरा रिश्ता आध्यात्मिक था, क्योंकि वह एक बड़े भक्त थे और लगातार राम नाम का जाप किया करते थे। उन्होंने मुझे एकाग्र रहने, तनाव से निपटने और आत्मिक शांति बनाये रखने का महत्व समझाया। नानाजी को हमेशा लगता था कि राम नाम के जाप से हमें सुरक्षा मिलती है और हमें कुछ नहीं हो सकता, क्योंकि भगवान हमेशा हमारे साथ हैं। आस्था, आध्यात्म और मानसिक सेहत के लिये उन्होंने मुझे कीमती सबक सिखाये। इसके लिये मैं उनका बहुत आभारी हूँ, क्योंकि यह बातें जीवन की चुनौतियों में लगातार मेरा मार्गदर्शन करती हैं।’’ ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में चमची की भूमिका निभा रहीं ज़ारा वारसी ने बताया, ‘‘मेरे ग्रैंडपैरेन्ट्स ने मेरे बचपन को प्यार, बुद्धिमानी और उन अनगिनत कहानियों से भर दिया है, जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। मुझे बहुत अच्छे से याद आता है कि मेरे नाना किस तरह मुझे ईमानदारी का महत्व समझाते थे और जब नानी अपनी सीक्रेट रेसिपीज बताती थीं, तब मुझे बड़ा मजा आता था। उनके होने से ही सब-कुछ बेहतर हो जाता था और मेरा सौभाग्य है कि इस जिन्दगी में वह मुझे मिले। उनसे गले लगना कमाल का होता है और उनके शब्दों में बड़ी बुद्धिमानी होती है। उनका प्यार भी सबसे ज्यादा मजबूत है। मैं चाहती हूँ कि वह मुझ पर नाज़ करें और मैं उनके सिखाये सभी मूल्यों के मुताबिक चलूं।’’  ‘भाबीजी घर पर हैं‘ में टीका बने वैभव माथुर ने कहा, ‘‘मेरे दादा और दादी साधारण स्थितियों को भी जादुई यादों में बदल देने की क्षमता रखते थे। दादा ऐसी कहानियाँ सुनाते थे, जो मुझे दूसरी दुनिया में पहुँचा देती थीं, जबकि दादी इतने प्यार से मेरी देखभाल करती थीं कि कभी कुछ गलत हो जाने का एहसास ही नहीं होता था। यह बुद्धिमानी और जिन्दगी के सबक उनके प्यार में लिपटे होते थे। चाहे अपने मूल्यों पर खरा रहने के लिये दादा की सलाह हो या अपने सपनों को पूरा करने के लिये दादी का प्रोत्साहन, वह दोनों ही मेरे सबसे बड़े चीयरलीडर थे। उनकी मौजूदगी से मेरा बचपन बेहद खास हो गया और अब भी मुझे उनकी यादों से ताकत मिलती है। उन्होंने मुझे परिवार, आदर और दयालुता का महत्व समझाया।’’

अपने चहेते कलाकारों को देखिये ‘अटल’ में रात 8:00 बजे, ‘भीमा’ में रात 8:30 बजे, ‘हप्पू की उलटन पलटन’ में रात 10:00 बजे और ‘भाबीजी घर पर हैं’ में रात 10:30 बजे, हर सोमवार से शुक्रवार सिर्फ एण्डटीवी पर!

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