सस्पेंस और कॉमेडी से भरा सप्ताह एण्डटीवी पर
मुंबई, जनवरी 2025: एण्डटीवी के शोज ‘अटल‘, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की आगामी कहानियों में मनोरंजन का और भी तड़का लगेगा। एण्डटीवी के ‘अटल‘ के बारे में बताते हुये, कृष्णा देवी ऊर्फ नेहा जोशी ने कहा, ‘‘सेठ और सेठानी बाजार में दरोगा भाटिया से मिलते हैं और उसे चेतावनी देते हैं कि ठेकेदार से दूर रहे। उनकी सलाह के बावजूद, दरोगा भाटिया ठेकेदार के साथ हाथ मिलाता है और अटल के खिलाफ एक साजिश रचता है। इस बीच, जब अटल और भावना मंदिर में दर्शन करने जाते हैं, तो दो गुंडे अटल को किडनैप कर लेते हैं।‘‘
एण्डटीवी के ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की आगामी कहानी के बारे में बताते हुये, रोहिताश्व गौड़ ने कहा, ‘‘अंगूरी (शुभांगी अत्रे) बेहद खुश होकर तिवारी (रोहिताश्व गौड़) को नये साल की भव्य पार्टी आयोजित करने का सुझाव देती है, लेकिन तिवारी इसे सिरे से खारिज कर देता है। दूसरी ओर, अनीता (विदिशा श्रीवास्तव) वही सुझाव विभूति (आसिफ शेख) को देती है, लेकिन वह भी कोई खास प्रतिक्रिया नहीं देती है। अपने-अपने पतियों के इस ठंडे रवैये से परेशान होकर, अंगूरी और अनीता एक-दूसरे से शिकायत करती हैं। लेकिन तभी, अचानक तिवारी और विभूति अपना रुख बदल लेते हैं और घोषणा करते हैं कि वे नये साल की एक शानदार पार्टी आयोजित करेंगे, जिसमें हर कोई एक अनोखा प्रदर्शन करेगा। विभूति, भीड़ को प्रभावित करने के लिए सक्सेना (सानंद वर्मा) से जादू के गुर सीखता है, जबकि तिवारी बहुत उम्मीद से अनीता के साथ कपल डांस करने का प्रस्ताव रखता है। अनीता इसे स्वीकार कर लेती है, लेकिन वह चतुराई से एक सीक्रेट परफॉर्मेंस की ओर भी इशारा करती है, जिससे पार्टी के दिन को लेकर तिवारी की उत्सुकता बनी रहती है। जैसे ही पार्टी शुरू होती है, पूरे मोहल्ले में हंसी-खुशी का माहौल छा जाता है। टीका (वैभव माथुर) और टिल्लू (सलीम ज़ैदी) एक भिखारी का मजेदार नाटक करते हैं, जबकि दरोगा हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) और डेविड चाचा (अनूप उपाध्याय) अपने अनोखे डांस मूव्स से सबको चौंका देते हैं। इसके बाद अनीता और तिवारी मंच पर आते हैं, जहां अनीता एक मजेदार सेल्फ-डिफेंस डेमोन्स्ट्रेशन दिखाती है और अपने एक्ट में मजाकिया ढंग से तिवारी की पिटाई करती है। ग्रैंड फिनाले में विभूति का जादुई शो होता है, जिसमें अंगूरी उसकी असिस्टेंट बनती है। भीड़ अंगूरी के गायब होने के जादू को देखकर हैरान हो जाती है, लेकिन आश्चर्य जल्दी ही घबराहट में बदल जाता है जब अंगूरी वापस नहीं लौटती!‘‘