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पंजाब में Emergency के बैन लगने पर फूटा Kangana Ranaut का गुस्सा, कहा- 'यह आर्टिस्ट का हैरेसमेंट है'

नई दिल्ली। काट-छांट के बाद कंगना रनौत की इमरजेंसी को बड़े पर्दे पर 17 जनवरी को उतारा गया। इससे पहले CBFC ने फिल्म को लेकर खड़े हुए विवाद के चलते सितंबर में रिलीज करने से इनकार कर दिया गया था। फिल्म से कई सीन्स को काटा गया और फिर आज सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। मगर फिर भी कंगना को राहत नहीं मिली।

इमरजेंसी पूरे देश में तो रिलीज हो गई, लेकिन पंजाब राज्य में मूवी थिएटर्स तक नहीं पहुंच पाई। पंजाब के कई शहरों में फिल्म के बैन को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। अब आखिरकार मूवी को पंजाब में बैन कर दिया गया है। इसके चलते कंगना रनौत काफी दुखी हैं। उन्होंने एक पोस्ट के जरिए फिल्म की बैन पर गुस्सा जताया है और इसे आर्टिस्ट का हैरेसमेंट बताया है।

पंजाब में इमरजेंसी की बैन पर बोलीं कंगना

कंगना रनौत ने एक्स हैंडल पर लिखा, "यह कला और कलाकार का पूरी तरह से हैरेसमेंट है, पंजाब के कई शहरों से खबरें आ रही हैं कि ये लोग इमरजेंसी को प्रदर्शित नहीं होने दे रहे हैं। मैं सभी धर्मों का बहुत सम्मान करती हूं और चंडीगढ़ में पढ़ाई और पली-बढ़ी हूं, इसलिए मैंने सिख धर्म को करीब से देखा है और उसका पालन किया है। यह पूरी तरह से झूठ है और मेरी छवि खराब करने और मेरी फिल्म इमरजेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दुष्प्रचार किया जा रहा है।"

क्यों हो रहा विवाद?

इमरजेंसी की कहानी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) पर आधारित है। फिल्म में इंदिरा गांधी के कई पड़ावों को दिखाया गया है, साथ 1975 से 1977 तक देश में चले इमरजेंसी की कहानी भी दिखाई गई है। फिल्म को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप लग रहा है कि इमरजेंसी में सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश किए जाने की कोशिश की गई है।

इसके चलते शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने शुक्रवार को कई सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते राज्य के कई शहरों में सिनेमाघरों से इमरजेंसी हटा ली गई। फिल्म में कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है जिसके लिए उनकी खूब तारीफ हो रही है। उन्होंने फिल्म का निर्देशन भी किया है।

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