सामान्य ज्ञान

कामवासना एक सकारात्मक ऊर्जा व नकारात्मक ऊर्जा ?

 सनातन ने गहरे अनुसंधान से इस ऊर्जा को पहचाना व ब्रह्मचर्य आश्रम की व्यवस्था दी,इस शक्ति को मनुष्य के आध्यात्मिक विकास में प्रयोग किया इसका परिणाम मनुष्य का आध्यात्मिक विकास व एक अच्छे समाजिक व्यक्तित्व का निर्माण करना था उस ऊर्जा से पहले एक समग्र मानसिक व शारीरिक विकास किया जाता था तद पश्चात उसे गृहस्थ आश्रम में प्रवेश दिया जाता था इसके पश्चात सन्यास की व्यवस्था थी इस ऊर्जा का दुरुपयोग कई प्रकार की समाजिक व व्यक्तिगत समस्या उत्पन्न कर आज समाज में कई समस्याओं का कारण है।


वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे इससे संबंधित समस्या व कारण पर विचार करते हैं ।

काम के कारण उत्पन्न समस्या -

1. कम आयु में ब्रह्मचर्य नष्ट होने के कारण बच्चों का मानसिक विकास रूक जाता है।

2. ब्रह्मचर्य नष्ट होने से बच्चों का शारीरिक विकास अवरूद्ध होता है।

3. कई प्रकार की मानसिक विकृतियां उत्पन्न हो जाती हैं।

4. बच्चों में यौन हिंसा देखने को मिलती है जिसका परिणाम बलात्कार तक हो सकता है।

5. शिक्षा के प्रति अरूचि हो जाना व कामवासना की तरफ ही पूरा आकर्षण बना रहता है इस समय बच्चों में सिखने की अद्भूत क्षमता नष्ट हो जाती है जो प्राकृतिक रूप से हमें मिलती है।

6. बच्चों में आलस्य,कार्य के प्रति एकाग्रता नष्ट हो जाती है।

7. अत्यधिक ब्रह्मचर्य के नष्ट होने से व गलत संगत से कई यौन रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

हमारी यही ऊर्जा अगर सकारात्मक होती है तो बच्चों के समग्र मानसिक,शारीरिक,आध्यात्मिक  विकास में सहायक होकर एक उत्तम व्यक्तित्व का निर्माण कर समाज को और राष्ट्र को एक अच्छा नागरिक देती है।

कामुकता के उतरदायि कारण -

1. सनातन की शिक्षा पद्धति का नष्ट होना इसमें ब्रह्मचर्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

2. संयुक्त परिवारों का विखण्डन जो एक शिक्षा का माध्यम भी था,बच्चो को दादा दादी से अनुभव जनित शिक्षा का केंद्र भी था।

3. माँ बाप का बच्चो पर ध्यान न दे पाना,उनका अधिक समय धनोपार्जन में लगना।

4. TV व अन्य माध्यम से बनी गलत स्मृतियाँ,बच्चे इसी साधारण मानकर स्वीकार कर लेते हैं।

5. मोबाइल में उपलब्ध यौन संबंधित सामाग्री जो पहले सरलता से उपलब्ध नहीं थी।

6. पश्चिमी सभ्यता से अधिक प्रभावित होकर अपने ज्ञान को हीन व उनको अधिक सभ्य व उन्नत मानकर उनकी जीवन शैली को अपनाना।

7. ईश्वर से दूरी,विडम्बना है कि आज अधिकतर बच्चो को अपने धर्म व संस्कृति से अनजाने में एक षड्यंत्र के तहत दूर कर दिया गया। (सनातनी शिक्षा को नष्ट कर दिया गया)

8. नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव जैसे लिंग भैरव/भैरवी से प्रभावित लोग। ( ये हमारे अपने धर्म से विमुख होने के कारण बढा है )

9. विपरित योनियों की सुक्ष्म का प्रभाव (चुड़ैल, पिशाचनी,डायन, योगिनी,यक्षणी आदि आदि)

10. कामुक पितरों का प्रभाव बच्चो को कामुक बना देता है।

11. मोबाइल से आयी गंदी यौन स्मृतियां इसका एक बडा कारण है।

12. कुछ लोगों में अपना कामवासना भाव भी बहुत प्रबल होता है ।

( उपरोक्त कुछ कारण हैं जिस कारण इस समस्या से हम प्रभावित हो रहे हैं )

विशेष:- इसका प्रभाव -

1. जितने शारीरिक संबंध आप बनाते हैं उनके DNA से आप जुडते जाते हैं उनके रोग आपमें ट्रैवल करेगें दरबार के अतिरिक्त उस संबंध को कोई काट नहीं सकता।

2. उनकी स्मृतियाँ आपमें ट्रैवल करेगी उनके रोग आपमें आयेंगे चाहे भौतिक हो या मानसिक,शारीरिक।

3. अर्थात जितने अधिक शारीरिक संबंध उतनी गन्दगी आने के मार्ग अगर कोई गणीका (वेश्या) है तो बहुत अधिक गन्दगी होगी जो आपके DNA  में आयेगी परिणाम आप खुद समझ सकते हैं।

4. DNA में आने का अर्थ है  परिवार के सब सदस्यों में पहुचना और उनको प्रभावित करना।

दरबार की शक्ति व चिकित्सा :-

1. दरबार सबसे पहले आपका नया DNA बना कर पुराने सभी DNA आपसे काट देता है ये शक्ति मात्र श्री करौली शंकर महादेव दरबार के पास है कि अन्य DNA को आपके DNA से अलग कर सके।

2. जुडे DNA की पुरानी सभी स्मृतियाँ दरबार नष्ट करता है जो आपके अधिक कामुक विचारों के कारण थे।

3. अवांछित DNA को दोबारा प्रवेश को रोकने की व्यव्स्था करता है। (तंत्र के द्वारा DNA मे किसी शक्ति के प्रयोग को व उन स्मृति से आपका उच्चाटन करता है)

4. दरबार इस विषय पर चर्चा नहीं करता ताकि आपकी मर्यादा सुरक्षित रहे बस चिकित्सा करता है कारण को नष्ट कर देता है।

5. भूतकाल में देखने के मार्ग को बंद कर देता है आप उन विचारों या क्षणों को याद नहीं कर पायेगें। 

6. साप्ताहिक मंगलवार/शनिवार संकल्प के माध्यम से कामवासना को बैलेंस करता है जितना आवश्यक है उतनी रखता है।

इस विषय पर लिखना आज की एक सामाजिक आवश्यकता है कारण जिसे आज मात्र हम मनोरंजन सोचते हैं उसके बहुत से दुष्परिणाम हैं जो हमारा जीवन व भविष्य नष्ट कर सकते हैं मात्र हमें एक गठबंधन रखना चाहिए जो सामाजिक मान्यताप्राप्त होता है वह विवाह है,यही कारण हैं कि सनातन में एक विवाह का नियम  बनाया गया था।

दरबार की कई अद्भूत शक्तियाँ हैं जो हमारे जीवन से संबंधित समस्याओ के निराकरण के लिए हैं।

हरिहर ❤️

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