22 नवंबर शुक्रवार रात को लगभग 10 बजे अचानक एक परिचित मित्र का फोन कॉल मुझे स्तब्ध कर गया। फोन मे बस इतना कहा- क्या हुआ भैय्या? मैं सफर से लौटकर रायपुर पहुंच रहा था मोबाईल चार्जर मे लगे होनेे के चलते लगभग 40-45 मिनट से मोबाईल नहीं देखा था, रिंग बजने पर सहज ही फोन उठाकर कहां क्या? तथा एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया मुंह से निकली, सामने वाले ने कहा- समाचार नहीं देख रहे हैं?, मंैने भेजा है, वीडियो देखो, मंत्रीजी रामविचार जी... को ग्रीन कॉरीडोर कर रायपुर ला रहे और फोन कट कर दिया। मैं मोबाईल ऑन कर जैसे ही वीडियो मे क्षतिग्रस्त कार देखा... बदहवास रूकना, पूछना, कुछ सुझा ही नहीं... सहज ही हमारी गाड़ी रामकृष्ण केयर चिकित्सा संस्थान की ओर मुड़ गई। इस दरम्यान मंत्रीजी के कुछ संपर्क सूत्रों से संपर्क का प्रयास किया लेकिन किसी से भी चर्चा नहीं हो सकी, बेचैनी की अवस्था मे ईश्वर से प्रार्थना करते हुए रामकृष्ण केयर पहुंचने पर खुशी मिश्रित दृश्य से सामना हुआ। ठीक उसी समय मंत्रीजी का अस्पताल प्रवेश हुआ था और कुछ जद्दोजहद के साथ उनका हिलता हुआ हाथ या कहें उनके द्वारा हिलाये जा रहे हाथ ने ईश्वर तक प्रार्थना पहुंचने का अहसास करा दिया।
अब जाकर मोबाईल से फिर अंतरंगता हुई तब पता चला कि ये बहुत बड़ी घटना थी। क्षतिग्रस्त कार को देखकर सहज ही अंदा•ाा लगाया जा सकता है, बड़ी अनहोनी ईश्वरीय अनुकंपा से टल ही गई। और छत्तीसगढ़ राज्य के लोकप्रिय, ऊर्जावान और स्वाभाविक मुस्कान के धनी नेतृत्व का सान्निध्य अपनों को अनवरत मिलते रहने का विधान सुनिश्चित कर दिया गया। यहीं से प्रार्थना का क्रम धन्यवाद मे तब्दील हुआ। ईश्वर का शु$कराना अदा करते हुए रात 12:30 बजे घर पहुंचकर तफसील से पूरी घटना को एक बार और देखा, परिचितजनों, मीडिया जगत के मित्रों से पूछ कर पूरी तसल्ली की। उम्र के इस मोड़ पर भी युवापन की ऊर्जा, उत्साह से लबरेज उपस्थिति का हमेशा अहसास कराने वाले रामविचार जी शीघ्र ही स्वस्थ होकर जनता की सेवा मे अग्रसर हो जाएंगे जैसे संतुष्टि साथ।
घटना के पश्चात तुरंत ही अस्पताल पहुंचने वाले सूबे के मुखिया सहित आम और खास जन की घटना पर प्रतिक्रिया, रामविचार जी की शख्सियत बयां करती है।
आम खास सभी वर्ग से आत्मीय लगाव उनके व्यक्तित्व की खासियत रही है। जीवन के बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सहजता से सामना और विपत्तियों मे विचलित ना होने की खूबी वाले रामविचार जी राजनीति के कुशल, साहसी खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने प्रबल पुरूषार्थ से वर्तमान मुकाम को हासिल किया है। जनता की सेवा का जज़्बा और अपने समर्थकों के लिए हमेशा खड़े रहना ही उनके जीवन का ध्येय है।
राजनीतिक व्यक्तित्व होते हुए भी समर्थकों एवं शुभचिंतकों को उनकी उपस्थिति जहां कर्मक्षेत्र मे बेहतर नेतृत्वकर्ता का अहसास कराती है, वहीं धर्मक्षेत्र मे श्रेष्ठ मार्गदर्शक तो मर्मक्षेत्र मे आत्मीयता भरे रिश्तों को निभाने वाला! यह अहसास, सरगुजा से लेकर रायपुर एवं दिल्ली तक उन लाखों लोगों की प्रतिक्रिया, जो विगत दिनों मे रामविचार जी की अवस्था को देखकर स्वस्फूर्त निकली, उसका स्वअनुभूति और दृश्य परानुभूति के साथ आंकलन है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश की वर्तमान सरकार मे सबसे वरिष्ठ मंत्री रामविचार जी के इस कार्यकाल मे विधानसभा मे प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी से लेकर वर्तमान मे एग्रीकल्चर एवं ट्रॉयबल जैसे महत्वपूर्ण विभागों के दायित्व निर्वहन मे व्यवस्था से जुड़ाव उनकी सक्रियता से परिलक्षित है। दायित्व निर्वहन के साथ नियमित सक्रियता के श्रेष्ठ उदाहरण रामविचार जी के साथ हुई दुर्घटना शायद बड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन एवं जनसेवा के तय लक्ष्यों के मंजिल हासिल करने से पूर्व नवीन ऊर्जा से परिपूर्ण करने के लिए विश्राम का ईश्वरीय प्रयोजन हो सकता है। रामविचार जी से दिल से जुड़े शुभचिंतकों के लिए ईश्वर के प्रति यही सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए।
बड़ी से बड़ी विपत्तियों मे विचलित हुए बिना स्वाभाविक नेतृत्व के गुणों से लबरेज राजनेता रामविचार जी के चेहरे की आत्मीय मुस्कान, अप्रतिम ऊर्जा वाली औरा और व्यवहार मे खिलखिलाता खिलंदड़पन हमेशा बरकरार रहे। और वे स्वस्थ दीर्घायु होकर जनसेवा के तय लक्ष्यों को हासिल करते रहें।
शुभकामनाओं सहित...
- ब्रजेश शुक्ला