सामान्य ज्ञान

दिल्ली में भाजपा ने शीशमहल को बड़ा मुद्दा बना दिया

हर राज्य विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के पास कई मुद्दे होते हैं, वह जनता से ज्यादा से ज्यादा वोट लेने के लिए जनता के लिए लोकलुभावन वादे भी करते है, योजनाएं भी लेकर आते हैं कि हम महिलाओं को इतना हजार देंगे, पुजारी ग्रंथी को इतना हजार देंगे, युवाओं को इतना पैसा देंगे।कोई कहेगा हम खटाखट देंगे तो कोई कहेगा हम फटाफट देंगे। राज्य में बिजली,पानी,शिक्षा,चिकित्सा फ्री है तो हम आएंगे तो हम भी फ्री करेंगे।यह सरकार पांच लाख तक फ्री इलाज कराएगी तो हम २५ लाख तक फ्री इलाज कराएंगे।यह सरकार महिलाओं को २१०० देगी तो हम २५०० देंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में यह मुद्दे तो हैं लेकिन यह बड़े मुद्दे नहीं हैं।इनको राजनीतिक दल बड़ा मुद्दा नहीं बना सके हैं। भाजपा व मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बना दिया है। वहां के सीएम के लिए बनाए गए शीशमहल को भाजपा ने भ्रष्टाचार का प्रतीक बना दिया है।भाजपा ने ऐसा इसलिए किया है कि वह जनता को बताना चाहती है कि यह केजरीवाल २०१५ व २०२० वाला केजरीवाल नहीं है।जो भ्रष्टाचार का विरोध करता था,कहता था भ्रष्टाचार दूसरे करते हैं, हम तो कट्टर ईमानदार हैं। हम तो राजनीति बदलने आए हैं। भाजपा व मोदी दिल्ली की जनता को बता रहे हैं कि यह कट्टर बेईमान केजरीवाल है।यह कहता था हमारी सरकार आएगी तो हम बंगला नहीं लेंगे हम बंगले में नहीं रहेंगे,आज यही केजरीवाल अपने रहने के लिए करोड़ो रुपए की लागत से बने शीशमहल में रहना पसंद करता है।राजनीति बदलने का दावा करनेवाले केजरीवाल भी वही गंदी राजनीति कर रहा है जिसमें भ्रष्टाचार करना अनिवार्य माना जाता है, इसके आने से दिल्ली की राजनीति बदली नहीं है और गंदी हो गई है।

भाजपा की सफलता यह है कि केजरीवाल के शीशमहल को उसने बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है।इतना बड़ा मुद्दा बना दिया है कि केजरीवाल के फ्री के वादे,हजारों रुपए देने के वादे सब छोटे हो गए हैं।पीएम मोदी ने केजरीवाल और उनकी सरकार की जैसी आलोचना की है, वैसी आज तक कोई नहीं कर सका है, उन्होंने दिल्ली की जनता से कहा है कि केजरीवाल और आप की सरकार दिल्ली के लिए आपदा है।इस बार इसे बदल कर आप आपदा से मुक्ति पाएं।आप और केजरीवाल को शीशमहल व आपदा का जबाव देते नहीं बन रहा है। 

वह शीशमहल को पीएम आवास और देश के लिए बन रहे पीएम आवास से तुलना कर जायज बताने का प्रयास कर रहे हैं, वह मांग कर रहे हैं कि जनता को शीशमहल व पीएम आवास देखने की इजाजत मिलनी चाहिए ताकि जनता देख सके कि सीएम रहे केजरीवाल का घर कैसा है और मोदी का घर कैसा है।केजरीवाल के शीशमहल व पीएम आवास की तुलना तो हो नहीं सकती। आप वालों को शीशमहल जनता को दिखाना था तब क्यों नहीं दिखाया जब उसमें केजरीवाल रहते थे,तब तो मीडिया वालों को अंदर घुसने नहीं दिया गया।शीशमहल के मुद्दे को उठाने वाले मुद्दे पत्रकार से बदतमीजी की गई,एक पत्रकार को पंजाब में गिरफ्तार कर लिया था।

आज आप नेता जब मालूम है कि शीशमहल में घुसने नहीं दिया जाएगा, पीएम हाउस में घुसने नहीं दिया जाएगा वह जनता व मीडिया को लेकर शीशमहल व पीएम हाउस जा रहे हैं।शीशमहल और पीएम हाउस की तुलना इसलिए नहीं की जा सकती की शीशमहल बनवाने में भ्रष्टाचार किया गया है. जबकि पीएम हाउस तो बना हुआ है,वहां देश के पीएम रहते हैं।वह वहां पर और कुछ बनवाते नहीं है, और बनवाने के लिए कोई भ्रष्टाचार नहीं करते हैं।केजरीवाल और आप नेता खुद को मोदी के समान ईमानदार नहीं बता पाते हैं तो यह बताने का प्रयास करते हैं कि देखों केजरीवाल सस्ती कमीज,चप्पल पहनते हैं,सस्ती कार में चलते हैं, मोदी के पास हजारों कपड़ें है वह दिन में कई बार कपड़े बदलतेे हैं, हजारों करोड़ के हवाई जहाज में विदेश घूमते हैं। दस लाख का सूट पहनते हैं, उनका चश्मा लाखों का है।

केजरीवाल व आप से पहले राहुल गांधी व कांग्रेस भी मोदी की सूट बूट की आलोचना कर चुके है,राहुल गांधी को मोदी सरकार को सूट बूट वाली सरकार कहते थे क्या हुआ मोदी तीन लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और मोदी की निरंतर आलोचना करने वाले कांग्रेस व राहुल गांधी तीन बार लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं।आप और केजरीवाल को कांग्रेस व राहुल गांधी की हार से सबक लेना चाहिए।समझ जाना चाहिए कि वह पीएम मोदी जैसे ईमानदार कभी नहीं हो सकते।केजरीवाल तो दस साल में सत्ता पाकर बेईमान हो गए। कहा कुछ और किया कुछ।मोदी तो कई बार सीएम व तीन बार पीएम बनने के बाद भी उतने ही ईमानदार है, जितने सीएम व पीएम नहीं बनने के पहले थे।

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