रोचक तथ्य

मां बगलामुखी की कृपा से रुकती हैं संकट की आंधियां शत्रु बाधा, मुकदमे और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाली महाशक्ति

 सनातन वैदिक धर्म में मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में अत्यंत शक्तिशाली देवी माना गया है। मां बगलामुखी को “स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी” कहा जाता है। स्तम्भन का अर्थ है – शत्रु की वाणी, बुद्धि, चाल और नकारात्मक शक्तियों को रोक देना या निष्क्रिय कर देना।

तांत्रिक और वैदिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि जब संसार में दुष्ट शक्तियों का अत्यधिक प्रभाव बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु की तपस्या से प्रसन्न होकर मां बगलामुखी प्रकट हुईं और उन्होंने अपनी दिव्य शक्ति से दुष्टों की वाणी और बुद्धि को स्तम्भित कर धर्म की रक्षा की।
मां बगलामुखी का स्वरूप पीले रंग से जुड़ा हुआ है। इसलिए उनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और पीले प्रसाद का विशेष महत्व बताया गया है।

मां बगलामुखी की पूजा से मिलने वाले प्रमुख चमत्कारी फल
???? शत्रु बाधा से मुक्ति
मां बगलामुखी की कृपा से विरोधियों की नकारात्मक शक्ति समाप्त हो जाती है और शत्रु स्वयं शांत हो जाते हैं।
???? मुकदमे और विवाद में विजय
कोर्ट-कचहरी या कानूनी विवादों में फंसे लोगों के लिए मां बगलामुखी की साधना अत्यंत प्रभावशाली मानी गई है।
???? तंत्र-मंत्र और बुरी नजर से सुरक्षा
मां बगलामुखी की पूजा करने से तंत्र-मंत्र, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से रक्षा होती है।
???? वाणी में शक्ति और प्रभाव
राजनीति, वकालत, अध्यापन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए मां बगलामुखी की पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।
???? मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
नियमित साधना से मन शांत होता है, भय समाप्त होता है और आत्मबल बढ़ता है।
???? व्यापार और कार्यक्षेत्र में सफलता
मां की कृपा से रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और व्यापार तथा नौकरी में उन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं।
 मां बगलामुखी हवन का विशेष महत्व
मां बगलामुखी की साधना में हवन (यज्ञ) का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार हवन से मंत्रों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है और साधना का फल शीघ्र प्राप्त होता है।
हवन के समय जब मां बगलामुखी के मंत्रों के साथ आहुति दी जाती है, तब अग्नि देव के माध्यम से वह ऊर्जा वातावरण में फैलती है और साधक को आध्यात्मिक तथा भौतिक दोनों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।

हवन से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ

???? शत्रु और विरोधियों की नकारात्मक शक्ति का नाश
???? मुकदमे और विवादों में सफलता
???? तंत्र-मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा का निवारण
???? घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
???? मन की शांति और आत्मबल में वृद्धि
???? व्यापार और कार्यों में आने वाली बाधाओं का निवारण

मां बगलामुखी हवन में सामान्यतः हल्दी, पीली सरसों, चने की दाल, गुड़, पीले फूल और विशेष हवन सामग्री से आहुति दी जाती है।

मां बगलामुखी पूजा के लिए विशेष तिथियां
शास्त्रों के अनुसार मां बगलामुखी की पूजा और हवन निम्न तिथियों में विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है –

???? अष्टमी (8वीं तिथि)
???? एकादशी (11वीं तिथि)
???? चतुर्दशी (14वीं तिथि)
???? अमावस्या
???? पूर्णिमा

इन तिथियों में श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा साधक को शीघ्र फल प्रदान करती है।
आध्यात्मिक संदेश
सच्चे मन, श्रद्धा और नियम के साथ की गई मां बगलामुखी की साधना व्यक्ति के जीवन में सुरक्षा, साहस, आत्मबल और विजय प्रदान करती है। मां की कृपा से असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी संभव हो जाते हैं और जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
विशेष सावधानी
मां बगलामुखी का मंत्र अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक मंत्र माना जाता है।
अतः इस मंत्र का प्रयोग बिना योग्य गुरु की दीक्षा (दीक्षा) और उचित मार्गदर्शन के नहीं करना चाहिए।
शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि महाविद्याओं के मंत्रों की साधना सदैव गुरु परंपरा और विधि-विधान के अनुसार ही करनी चाहिए, अन्यथा साधना का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और कई बार साधक को मानसिक एवं आध्यात्मिक असंतुलन का सामना भी करना पड़ सकता है।
इसलिए मां बगलामुखी की साधना, जप या हवन करने से पूर्व किसी योग्य गुरु, आचार्य या विद्वान ब्राह्मण से उचित परामर्श और दीक्षा अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।
 संपर्क सूत्र
पंडित पुनीत दुबे
ज्योतिषाचार्य | अंकशास्त्री | वास्तु सलाहकार
बाबा नीम करोली ज्योतिष सेवा संस्थान (ट्रस्ट)

???? Call / WhatsApp: 9919500233
???? Website: www.astropuneetguruji.com

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