मध्य प्रदेश

DAVV Indore से जुड़े कॉलेजों को एक हफ्ते के अंदर बनानी होगी एंटी रैगिंग कमेटी, यूजीसी ने जारी की गाइडलाइन

इंदौर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें मुख्य रूप से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। कॉलेज परिसर में जगह-जगह एंटी रैगिंग पोस्टर लगाने के अलावा संस्थानों के नोटिस बोर्ड पर नियमों को चस्पा किया जाएगा।

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को अगले एक सप्ताह के भीतर एंटी रैगिंग कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। कॉलेजों को समिति के सदस्यों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी और विश्वविद्यालय को भी अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। एंटी रैगिंग स्क्वाड बनानी होगी। हॉस्टलों में भी रैगिंग से जुड़े दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देनी होगी।

प्रवेश के दौरान बताने होंगे रैगिंग के दुष्परिणाम

यूजीसी ने प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में इंडक्शन प्रोग्राम अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए हैं। अब तक पाठ्यक्रम व संस्थान के बारे में बताया जाता रहा लेकिन अब रैगिंग के बारे में भी बताया होगा।

रैगिंग पर सेमिनार जरूरी

नई गाइडलाइन के मुताबिक शैक्षणिक संस्थानों को अनिवार्य रूप से एंटी रैगिंग कमेटी बनाना है, जिसमें प्राचार्य, टीचर्स, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व मीडिया पर्सन रहेंगे। सदस्यों की सूची और मोबाइल नंबर नोटिस बोर्ड पर दर्शाना है। वहीं विद्यार्थियों के लिए रैगिंग पर सेमिनार भी रखा है।

भरवाने होंगे शपथ पत्र

छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष डा. एलके त्रिपाठी का कहना है कि सत्र शुरू होने के बाद कॉलेजों को विद्यार्थियों से शपथ पत्र भी भरवाने होंगे, जिसमें उन्हें रैगिंग नहीं करने की शपथ लेनी होगी। हॉस्टल में भी सीनियर-जूनियर के लिए अलग-अलग विंग बनाने होंगे, ताकि इन विद्यार्थियों का आपस में कम संवाद हो सके।

डीईटी : 14 विषयों में गाइड के लिए पंजीयन होंगे शुरू

तकनीकी विषय में पीएचडी करवाने को लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने डाक्टोरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) की तैयारी शुरू कर दी है। 14 विषयों में गाइड के लिए पंजीयन किए जाएंगे। इन्हें रिक्त सीटों की जानकारी देना है। इसके लिए प्राध्यापकों को सप्ताहभर का समय दिया है। उसके बाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा का विज्ञापन जारी होगा। तब उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक नवंबर में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रक्रिया होगी। यूजीसी ने पीएचडी में प्रवेश को लेकर नेट का स्कोर कार्ड मान्य किया है। मगर इंजीनियरिंग संकाय से जुड़े ऐसे भी कई विषय हैं, जिनमें नेट परीक्षा नहीं होती है।

अब विश्वविद्यालय ने 14 विषयों के लिए डीईटी करवाने का निर्णय लिया है। इनमें मैकेनिकल-इलेक्ट्रानिक, कंप्यूटर साइंस, आईटी, अप्लाईड फिजिक्स, अप्लाइड केमेस्ट्री, अप्लाइड मैथ्स, डाटा साइंस एनर्जी, स्टेटेटिक्स, डांस, इंस्ट्रूमेंटेशन सहित दो अन्य विषय हैं। इन विषयों में होने वाली पीएचडी में खाली सीटों और गाइड की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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