भोपाल। प्रदेश के 270 सरकारी स्कूलों को सीएम राइज स्कूल के रूप में सर्व-सुविधायुक्त बनाने की योजना दो साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन अब भी कई स्कूल बदहाल स्थिति में हैं। राजधानी भोपाल में आठ सरकारी स्कूलों को सीएम राइज स्कूल के रूप में चयनित किया गया, जिसमें जहांगीराबाद स्थित सीएम राइज शासकीय उमावि बरखेड़ी को पायलट प्रोजेक्ट के तहत सर्व-सुविधायुक्त बनाने के दावे किए गए।
माध्यमिक कक्षाओं के बच्चे परेशान
लेकिन वास्तविकता कुछ और है। इसी स्कूल में फर्नीचर नहीं होने के कारण छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थी नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि पहली से पांचवीं और नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर उपलब्ध है।
बता दें कि अभिभावकों ने सर्व-सुविधा देखकर इस स्कूल में अपने बच्चों का एडमिशन कराया था, लेकिन अब माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थी सभी तरह की सुविधाओं से वंचित हैं। बता दें कि पहली से 12वीं कक्षा तक स्कूल में कुल 1237 विद्यार्थी हैं। इनमें से छठवीं से आठवीं तक के करीब 250 विद्यार्थियों को नीचे फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
इसलिए फैली अव्यवस्था
अभी तक सीएम राइज स्कूल बरखेड़ी दो शिफ्ट में संचालित होता था। साथ ही इसके आधे भवन पर राज्यस्तरीय शासकीय आदर्श संस्कृत कन्या आवासीय विद्यालय संचालित किया जा रहा था। जून में इस भवन से संस्कृत विद्यालय को खाली करा लिया गया है। अब स्कूल एक ही शिफ्ट में संचालित हो रहा है।
वहीं इस भवन में माध्यमिक स्तर की तीन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां पर कुछ भी नहीं है। तीनों कक्षा में न तो स्मार्ट बोर्ड हैं और न ही फर्नीचर। विद्यार्थी टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। इससे अभिभावक नाराज हो रहे हैं।