इंदौर में ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर पर अवैध वसूली, परिवहन मंत्री तक पहुंची शिकायत
इंदौर। नेमावर रोड स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में फिटनेस के लिए होने वाली अवैध वसूली को लेकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और परिवहन आयुक्त को शिकायत की है। ट्रांसपोटरों ने शिकायत में आरोप लगाए कि ऑटोमेटेड सेंटर पर वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट देने के लिए तीन से चार हजार रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। रुपये नहीं देने वाले वाहनों को फिटनेस में फेल कर दिया जाता है।
इंदौर में वाहनों की फिटनेस का जिम्मा नेमावर रोड स्थित वेदांती व्हीकल फिटनेस स्टेशन को जुलाई में दिया गया था। इसके बाद परिवहन कार्यालय इंदौर में फिटनेस का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
अवैध वसूली की शिकायत
तीन माह में ही इंदौर ट्रक आपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने वेदांती सेंटर पर वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत की है। एसोसिएशन के सचिव मोहित डाभी का कहना है कि वेदांती सेंटर पर वाहनों के फिटनेस बगैर जांच के दिए जा रहे है।
राशि नहीं देने पर वाहनों को फिटनेस में फेल कर दिया जाता है। आठ दिन बाद वाहन चालक को 1200 रुपये की राशि जमा कर फिर अपाइंटमेंट लेना होता है। सेंटर पर ऑटो से लेकर ट्रक और बसों से अवैध वसूली हो रही है, जो एक से चार हजार रुपये तक है।
इसलिए किया था लागू
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को वाहनों की फिटनेस मैन्युअली के बजाय ऑटोमेटेड सिस्टम से करने के लिए लागू किया गया था। यहां बने एक ट्रैक से वाहनों को गुजारा जाता है, ताकि वाहन के बाहरी हिस्सों से लेकर आंतरिक पुर्जा तक का परीक्षण सिस्टम खुद करे। अनफिट वाहनों को फिटनेस नहीं मिले और फिट वाहन ही सड़कों पर चल सकें, लेकिन अब यहां भी अवैध राशि लेकर फिटनेस जारी करने के आरोप लगने लगे हैं।