जबलपुर में रात आठ बजे से पहले और 10 बजे के बाद पटाखे फोड़ने पर बैन, देवी-देवताओं के फोटो वाले बमों पर रोक
जबलपुर। दीपावली में जबलपुर में लगने वाली फुटकर और थोक पटाखा दुकानों में आगजनी से बचने और सुरक्षा के मापदंड का पालन करने का निर्देश दिए हैं। वहीं संस्कारधानी जबलपुर में हिंदू धर्म सेना ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आनंद कलादगी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
आठ बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखा फोड़ने पर रोक
कलेक्टर ने रात आठ बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखा फोड़ने पर रोक लगा दी है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने कहा है।
आनलाइन एलएसडीए मॉड्यूल से ही अस्थायी अनुज्ञप्ति जारी होगी
कलेक्टर ने बताया विस्फोटक अधिनियम-1884, विस्फोटक पदार्थ नियम-1908 तथा विस्फोटक नियम-2008 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था एवं परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए आनलाइन एलएसडीए मॉड्यूल से ही अस्थायी अनुज्ञप्ति जारी होगी।
मापदंडों के अनुसार पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण किया जाए
जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दीपावली त्यौहार के दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मापदंडों के अनुसार पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण किया जाए।
जिले की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते क्रय-विक्रय पर लगाई रोक
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा भेजी गई जिले की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
बेरियम साल्ट वाले पटाखों के क्रय-विक्रय भंडारण एवं परिवहन की मनाही
जिले में ऐसे पटाखों के क्रय-विक्रय भंडारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जिनके निर्माण में बेरियम साल्ट का इस्तेमाल किया गया। वहीं ऐसे पटाखों जिनकी तीव्रता विस्फोट स्थल से 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल से अधिक है, उनका न तो क्रय-विक्रय होगा और न ही उनका भंडारण किया जाएगा। इसके अलावा पटाखों का ई-कॉमर्स अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन विक्रय व गैर लायसेंसी विक्रय पर भी रोक लगाई है।
शांत क्षेत्रों से 100 मीटर की दूर तक पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे
त्यौहार के दौरान अस्पताल, नर्सिग होम, स्वास्थ्य केंद्र शिक्षण संस्थानों, माननीय न्यायालयों, धार्मिक स्थलों आदि जैसे शांत क्षेत्रों से 100 मीटर की दूर तक पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे।