मध्य प्रदेश

ट्रेन में पटाखे ले जाने की गलती ना करें, वरना हो जाएगी बड़ी कार्रवाई… आरपीएफ को जारी हुए निर्देश

 जबलपुर। दीपावली से पहले ट्रेनों में चोरी-छिपे पटाखों के परिवहन को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सतर्क हो गया है। आरपीफ की ओर से पश्चिम मध्य रेल के समस्त पोस्ट प्रभारियों को सुरक्षा गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने कहा है। संदिग्धों पर दृष्टि रखने और रेलवे स्टेशन के साथ ही ट्रेनों में निरंतर जांच करने का आदेश दिया है।

क्या कहता है नियम, कितनी सजा का प्रावधान

 

पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से जारी आदेश के बाद आरपीएफ सीसीटीवी कैमरे से चौकसी की सीमा का विस्तार किया है। स्टेशन और प्लेटफार्म पर प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है।

ज्वलनशील सामग्री की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जा रहा है। ट्रेनों में ज्वलनशील सामग्री या पटाखे लेकर यात्रा करना रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत एक गंभीर अपराध है।

ऐसे करते पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास या एक हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान है। इसे बताते हुए यात्रियों को अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे लेकर नहीं चलने की चेतावनी दी जा रही है।

यात्रियों को किया जा रहा जागरूक

सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा, अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पानी की सामग्री का सेवन नहीं करने जागरूक किया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध की गतिविधि पर आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे सहायता दूरभाष क्रमांक 139 पर सूचित करने की अपील भी यात्रियों से की जा रही है।

रेलवे स्टेशन पर बढ़ी निगरानी

दीपावली का त्योहार की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी भी बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन परिसर में जो लोग बैठे हुए नजर आते हैं, उनसे आरपीएफ के जवान पूछताछ भी कर रहे हैं। उनके बैग आदि की चेकिंग की जा रही है।

 

आरपीएफ के जवानों को साफ निर्देश है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आने की दृष्टि में आला अधिकारियों को सूचना दी जाए।

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