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ढेंकनाल में पत्थर की खदान धंसी, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

ढेंकनाल - ढेंकनाल में पत्थर खदान धंसने की दुखद घटना के बाद बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है, जिसमें कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इस हादसे पर शोक जताते हुए मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जांच की मांग की है।

ओडिशा के ढेंकनाल जिले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। गोपालपुर गांव के पास एक पत्थर की खदान में धमाके के बाद चट्टान का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, जिसके मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की खबर है। जिला प्रशासन और बचाव दल मौके पर राहत कार्य में जुटे हैं।घटना मोटांगा पुलिस स्टेशन इलाके की है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम मजदूर खदान में ड्रिलिंग और पत्थर निकालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान हुए एक धमाके के बाद ऊपर से चट्टान का एक भारी हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे के नीचे कितने मजदूर फंसे हैं, इसकी अभी सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि कई मजदूरों की जान जा सकती है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय फायर सर्विस और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन में डॉग स्क्वॉड और भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। ढेंकनाल के कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल और पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर खुद मौके पर मौजूद रहकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'ढेंकनाल की पत्थर खदान में हुआ यह हादसा अत्यंत दुखद है। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। सरकार को तुरंत बचाव अभियान तेज करना चाहिए और इस बात की जांच होनी चाहिए कि मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।'इस भयावह घटना ने खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है, जिसके बाद घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

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