धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह का बयान, बोले- देश और युवाओं से बड़ा कोई पद नहीं
नई दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता या पद से अधिक महत्वपूर्ण देश, देशवासी और युवा पीढ़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सोच और जवाबदेही का प्रतीक है।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने और दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं और इससे सफल विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।
गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक समन्वय को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किया।
इससे पहले जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि "राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
प्रधान ने लिखा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं और उनका विश्वास है कि मजबूत एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का वे सदैव सम्मान करते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में बताया कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराई और अगले वर्ष से इसे कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया। प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराना रही, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।