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वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने का कांंग्रेस का फैसला तुष्टीकरण और देशविरोधीःअमित शाह

 नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त को चेन्नई में सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कांग्रेस कार्य समिति द्वारा वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने का निर्णय संसद के कानून की खुली अवहेलना है। शाह ने आरोप लगाया कि वोट बैंक के लिए उठाया गया यह कदम देशविरोधी है, जिससे अतीत में देश का विभाजन हुआ था। उन्होंने देशवासियों से कांग्रेस की इस तुष्टीकरण नीति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने का फैसला न केवल ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ है, बल्कि कानून की अवहेलना और वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण की राजनीति भी है। शाह ने राष्ट्रगीत को पूरा गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संसद द्वारा बनाए गए कानून की खुली अवहेलना है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि जब पहले ‘वंदे मातरम्’ के टुकड़े करने की गलती हुई थी, तब देश को उसके परिणाम भुगतने पड़े थे।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति ने वंदे मातरम् के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला लिया है, वह न केवल देशविरोधी है बल्कि संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है।’’ शाह ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ही 1937 में तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े किए। वहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ। वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है।’’ शाह ने लोगों से कांग्रेस की ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ का विरोध करने की भी अपील की।उन्होंने कहा, ‘‘ वंदे मातरम् के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी और देश उसके परिणाम भुगत चुका। देशवासियों से यह अपील है कि कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।

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