इजरायल चुनाव में किसी गुट को बहुमत नहीं, नेतन्याहू के गठबंधन को 53 और विपक्ष को 48 सीटें
यरूशलेम/नई दिल्ली । इजरायल के 2026 के आम चुनाव में किसी भी राजनीतिक गुट को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिला है। सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (CEC) की ओर से शुक्रवार सुबह जारी अंतिम नतीजों के अनुसार, 26वीं नेसेट (संसद) में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गुट को 53 सीटें, जबकि गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट को 48 सीटें मिली हैं। अरब पार्टियों के खाते में कुल 19 सीटें गई हैं।
इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किसी भी गुट के बहुमत तक नहीं पहुंचने से नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक बातचीत चुनौतीपूर्ण हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार गठन की प्रक्रिया में दो महीने से अधिक का समय भी लग सकता है।
कई दशकों में सबसे अधिक मतदान
इस चुनाव में कुल 77.9 प्रतिशत पात्र मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 57,16,665 वोट डाले गए। यह मतदान पिछले कई दशकों में दर्ज सबसे ऊंचे आंकड़ों में शामिल है।
ये चुनाव 27 अक्टूबर को हुए थे। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल में यह पहला आम चुनाव था। 2022 के चुनावों के बाद देश के राजनीतिक परिदृश्य और मतदाताओं की प्राथमिकताओं में कई बदलाव देखने को मिले हैं।
हर्जोग ने एक और चुनाव से बचने की अपील की
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की है कि वे सरकार गठन के लिए बातचीत में खुले मन से शामिल हों और देश को एक और चुनाव की स्थिति में जाने से रोकने का प्रयास करें।
हर्जोग ने कहा, "खासकर कल के नतीजों के बाद, हमें एक और चुनाव से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। इसलिए, मेरी उम्मीद है कि जो भी यहां आए, वह खुले मन के साथ आए।"
नेतन्याहू और आइसेनकोट ने सरकार बनाने का जताया भरोसा
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी गुट के नेता गादी आइसेनकोट, दोनों ने अगली सरकार बनाने का दावा किया है।
चुनाव से पहले यरूशलेम स्थित लिकुड पार्टी के मुख्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने मजबूत दक्षिणपंथी सरकार बनाने की बात कही थी। उन्होंने उन राजनीतिक दलों की आलोचना भी की थी, जो अरब पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। नेतन्याहू ने ऐसी व्यवस्था को 'शर्मनाक' बताया था।
सरकार गठन के लिए अब गठबंधन की बातचीत अहम
अंतिम नतीजों के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण हो गई है। 61 सीटों के बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए दोनों प्रमुख गुटों को अन्य दलों का समर्थन हासिल करना होगा। अरब पार्टियों के पास 19 सीटें हैं, ऐसे में सरकार गठन की बातचीत में उनकी भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रह सकती है।
इजरायल के चुनावी नतीजों ने 26वीं नेसेट की तस्वीर तो साफ कर दी है, लेकिन अगली सरकार का स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच होने वाली बातचीत से ही सरकार गठन की दिशा स्पष्ट होगी।