मध्य प्रदेश
दुकानदारों की गुंडई तो देखिए…पहले 2 आरक्षक को पीटा, फिर पुलिस टीम पर किया पथराव, ये रही वजह
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मीट और अंडे की दुकान पर शराब पिलाने से रोकने पर दुकानदारों और कर्मचारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया. उन्होंने दो आरक्षक को डंडों से पीटा. जब पुलिस गुंडागर्दी करने वालों को दबोचने पहुंची तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया. हालांकि, इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला. जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.
दरअसल, कंपू थाना क्षेत्र के ईदगाह में बंटी कुरैशी, जाकिर कुरैशी, समीर खान और शानू कुरैशी मीट और अंडे बेचने की दुकान लगाते हैं. इसकी आड़ में वह दुकान पर शराब पिला रहे थे. जब कंपू थाने में पदस्थ आरक्षक अभिषेक शर्मा और शैलेंद्र धाकड़ अपनी बीट में देर रात राउंड लगा रहे थे, तभी उनकी नजर दुकान और गुमटी पर पड़ी. जहां कुछ लोग उस दुकान की आड़ में शराब पी रहे थे. जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो चारों युवक भड़क गए और दोनों आरक्षक के साथ झूमा-झटकी कर मारपीट की.
आरक्षकों पर हाथ उठाने वालों को दबोचने के लिए थाने से फोर्स पहुंचा तो आरोपियों और उनके हिमातियों ने पुलिसपार्टी पर पथराव कर दिया. इसके बाद पुलिस ने मारपीट करने वाले तीन लोगों को घेराबंदी कर धर दबोचा. जबकि एक आरोपी शानू फरार हो गया. पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचने के बाद घटनास्थल पर लेकर पहुंची. जहां घटनास्थल का निरीक्षण कर उनका जुलूस निकाला गया. फिलहाल, पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
जापान की मदद से बनेगा हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, सिंगल वुमेन और ट्रांसजेंडर के लिए बनेंगे मकान, बैठक में लिए गए ये अहम फैसले
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज राजधानी भोपाल में कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में जापान की मदद से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही PM आवास योजना 2.0 के तहत 10 लाख बनाने का ऐलान किया गया है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में लिए फैसलों की जानकारी दी। आज बैठक में सिंगल वुमेन समेत ट्रांसजेंडर के लिए मकान बनाने का भी निर्णय किया गया।
जापान के सहयोग से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लेंगे। कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड इंड्रस्ट्री में जापान सहयोग करेगा। ई-वी निर्माण में जापान सहयोग देगा।
PM आवास 2.0 के तहत 10 लाख मकान
मंत्री ने आगे बताया कि PM आवास योजना का प्रथम चरण में साढ़े 8 लाख आवंटित किए। इसमें एमपी को देशभर में दूसरे नंबर पर सम्मानित किया गया। 2.0 की स्वीकृति प्रदान की है जिसमें 1 करोड़ मकान देशभर में बनाए जाएंगे। इसके तहत 10 लाख मकान मध्य प्रदेश में बनाए जाएंगे। BLC के तहत हम मकान बनाकर देंगे। अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में अगर किसी व्यक्ति का प्लॉट या पट्टा है तो उसके खाते में पैसे भेजे जाएंगे।
तीसरा अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना है जिसके तहत ऐसे लोगों को मकान बनाकर दिया जाएगा जो शहरी क्षेत्रों में आते हैं, या कहीं काम करते हैं। उनके लिए 10 लाख मकान बनाए जाएंगे। इनमें सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में पार्षद कमलेश कलरा सहित पांच अधिकारियों को जमानती वारंट जारी
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कमलेश कलरा सहित पांच अधिकारियों को 5 हजार का जमानती वारंट जारी किया है। पिछड़ा वर्ग आयोग और अल्पसंख्यक आयोग अजीत केसरी, कमिश्नर पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक आयोग, निलेश जैसाई पिछड़ा वर्गों आयोग और एसडीएम जूनियर इंदौर घनश्याम धनकड़ को भी 5 हजार का जमानती वारंट हाईकोर्ट से जारी हुआ है।
नगरी निकाय चुनाव में कमलेश कलरा पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ने का आरोप है। याचिकाकर्ता ने ओबीसी सीट पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र से चुनाव लड़ने का आरोप लगाया था। 3 मार्च तक जमानत पेश करके हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। आरोप के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने फरवरी 2024 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी लोगों को जाति प्रमाण पत्र की जांच कर 6 माह में आदेश पारित करे। आदेश जारी करने के लिए एक साल बाद तक जाति प्रमाण की जांच नहीं होने के चलते हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। चार अधिकारियों सहित पार्षद कमलेश कलरा को 5 हजार का जमानती वारंट जारी किया है।
इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में 2416 करोड़ से तैयार हो रहे एलिवेटेड कॉरिडोर
भोपाल। मध्य प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आए, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो सके।
केंद्र सरकार से मिले हैं 3,500 करोड़ रुपये
प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केंद्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
मध्य प्रदेश में विकास को पंख देने वाली इस प्लानिंग में विशेष रूप से उज्जैन-जावरा फोर-लेन ग्रीनफील्ड हाइवे परियोजना को पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है।
यह हाईवे उज्जैन, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है।
भोपाल में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक नया कोच काम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा।
Budget में सरकार ने बदला एक शब्द, हाथ से फिसला Tax Credit… SC से मिली थी राहत, कारोबारियों से फिर छीन ली गई
इंदौर। बजट प्रस्ताव में सरकार ने जीएसटी एक्ट के विशेष प्रावधान में सिर्फ एक शब्द को बदला और व्यावसायिक इमारत बनाकर किराए पर देने वालों की जेब में आई राहत निकल गई। खामोशी से किए गए इस छोटे-से बदलाव से टैक्स क्रेडिट की राहत फिसल गई है।
बीते साल अक्टूबर में ही सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय की बदौलत यह राहत करदाताओं के हिस्से आई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया था कि व्यावसायिक भवनों के निर्माण के दौरान चुकाए गए टैक्स (जीएसटी) का आगे क्रेडिट लिया जा सकेगा। सरकार और जीएसटी विभाग तब भी टैक्स क्रेडिट देना नहीं चाहते थे।
देशभर में चर्चित हुआ था सफारी रिट्रीट केस
कोर्ट ने व्यावसायिक इमारतों को प्लांट यानी औद्योगिक यूनिट की तरह माना था, जो किराए पर देने के लिए निर्माण की जाती है। सफारी रिट्रीट केस के रूप में यह निर्णय देशभर में मशहूर हुआ था।
सरकार ने कानून में भूतलक्षी (रेट्रोस्पेक्टिव) प्रभाव से शब्द बदलकर राहत को शून्य कर दिया है। बजट यानी फाइनेंस बिल के बिंदु 119 में जीएसटी एक्ट के सेक्शन 17 के सब सेक्शन (5) के क्लाज (डी) में सरकार ने यह बदलाव प्रस्तावित किया है।
इसके अनुसार जीएसटी एक्ट के संबंधित प्रावधान में शब्द प्लांट अथवा मशीनरी लिखा था, उसे प्लांट और मशीनरी पढ़ा जाएगा। यानी सरकार ने एक्ट में लिखे अंग्रेजी के आर (ओआर) को बदलकर एंड (एएनडी) कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के सफारी रिट्रीट नामक होटल निर्माताओं की याचिका पर निर्णय दिया था कि ऐसे भवनों के निर्माण के समय सीमेंट, सरिया व अन्य मटेरियल से लेकर लेबर तक पर जो जीएसटी संबंधित निर्माणकर्ता चुकाता है, आगे जब उसे अपनी किराये की कमाई पर जीएसटी की देयता आती है तो वह निर्माण के समय चुकाए जीएसटी का क्रेडिट ले सकेगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे व्यावसायिक भवनों को औद्योगिक इकाई की तरह माना था। न्यायालय का यह निर्णय जीएसटी एक्ट में लिखे वाक्यों पर ही आधारित था। जीएसटी एक्ट में सरकार ने कई जगह प्लांट आर (अथवा) मशीनरी लिखा था।
करदाता का भरोसा घटेगा
कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय से पहले ओडिशा हाई कोर्ट ने भी सफारी रिट्रीट के पक्ष में ही निर्णय दिया था। देशभर में इस निर्णय को मील का पत्थर माना गया। इससे व्यावसायिक भवन, प्लग एंड प्ले आफिस और वर्किंग स्पेस बनाकर किराए पर देने वालों के कंधों से टैक्स का बोझ कम हो रहा था।
जीएसटी विभाग किसी भी तरह का इनपुट टैक्स क्रेडिट देने से इन्कार कर दिया था, जबकि शासन खुद किराए पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलता रहा है। करदाता ने इसलिए न्यायालय की शरण ली थी कि जिस भवन की कमाई पर जीएसटी देना है तो उसके निर्माण पर चुकाए जीएसटी की क्रेडिट भी मिलनी चाहिए।
जीएसटी विभाग कहता रहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट उसी स्थिति में दिया जाता, जब ऐसा भवन कोई प्लांट या मशीनरी होता। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन माना।
सर्वोच्च न्यायालय का पूरा निर्णय एक्ट में लिखे ‘आर’ यानी ‘अथवा’ शब्द पर ही था। बजट में उसी शब्द को बदल दिया गया। यानी टैक्स क्रेडिट जो अब तक करदाताओं की जेब में जाती दिख रही थी, वापस छीन ली गई है।
MP में सरकारी स्कूलों के 7,900 छात्रों को बुधवार को मिलेगी स्कूटी, EBike के लिए मिलेंगे एक लाख 10 हजार
भोपाल: प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 7,900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बुधवार पांच फरवरी को स्कूटर प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह 11 बजे से राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्कूटर प्रदान निश्शुल्क प्रदान करेंगे।
12वीं के टॉपर को मिलेंगे स्कूटर
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। शासन की ओर से शैक्षणिक सत्र 2023-24 में सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले छात्र और छात्रा को स्कूटर निश्शुल्क प्रदान किया जाता है।
स्कूटर नहीं लेने पर मिलेंगे 95 हजार रुपये
इसके लिए विद्यार्थियों को विकल्प भी दिया गया है। अगर कोई विद्यार्थी स्कूटर नहीं लेना चाहता है तो उसे 95 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। अगर कोई ई-स्कूटर लेना चाहता है तो उसे एक लाख 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी : मुख्यमंत्री
जापान की यात्रा से लौटे मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का रविवार को भोपाल में स्टेट हैंगर पर स्वागत किया गया। यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। 10 वर्ष पहले भारत विश्व में अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 11वें क्रम पर था, जो अब विश्व में पांचवीं बड़ी आर्थिक शक्ति है। राष्ट्र के इन प्रयासों में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा।
एमपी में हादसा: राऊ-खलघाट फोरलेन पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर ट्राले से भिड़ी कार, 2 की मौत
गुजरी। राऊ-खलघाट फोरलेन के पलाश चौराहा पर देर रात करीब 3 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। इंदौर की तरफ से आ रही कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर आगे चल रहे ट्राले से टकरा गई। हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
घायलों को प्राथमिक उपचार कर इंदौर के लिए रेफर किया गया। शवों का सुबह पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वहीं, मौके पर धामनोद पुलिस पहुंची।
ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला
इंदौर की तरफ से आकर धामनोद की तरफ जा रही कार क्र. एमपी 09 डीबी 1024 पलाश चौराहा पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर आगे चल रहे ट्राले से जा टकराई। कार में सवार लोग कार में ही दब गए।
ग्रामीणों ने गेट व कांच फोड़कर भारी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस की मदद से सभी को उपचार के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। हादसे में मदन पिता गोपाल राजपुरा, हर्ष पिता संजय की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, गंभीर रूप से आनंद पिता बद्रीलाल, नारायण पिता बाबूलाल, प्रशांत पिता भेरूलाल निवासी राजपुरा अमझेरा घायल हुए। तीनों घायलों को इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया। वहीं, दोनों मृतकों का सुबह पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में PM Awas Yojana में बिल्डर से मकान लेने पर मिलेगा अनुदान का वाउचर नोट, मोहन कैबिनेट में आज होगा फैसला
भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दस लाख आवास बनाए जाएंगे। स्वयं की भूमि पर आवास बनाने वाले को ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये राज्य सरकार से मिलेंगे।
भू-संपदा विनियामक अधिकरण (रेरा) से पंजीकृत बिल्डर द्वारा बनाए आवास लेने पर अनुदान का वाउचर दिया जाएगा। इसका प्रावधान योजना में प्रदेश सरकार की ओर से किया गया है। इसे मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
ये बड़े फैसले भी होंगे मोहन कैबिनेट में
साथ ही इंदौर की हुकुमचंद मिल की भूमि पर हाउसिंग बोर्ड बड़ी आवासीय परियोजना लाएगा। इसका भी अनुमोदन किया जाएगा। लागत निकालने के बाद इससे जो लाभ होगा, उसमें आधा हिस्सा इंदौर नगर निगम को दिया जाएगा।
बैठक में सेमीकंडक्टर और ड्रोन नीति भी विचार के लिए प्रस्तुत की जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शहरी प्रदेश में लागू करने की सहमति केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। अब इसे लागू करने का अनुमोदन कैबिनेट द्वारा किया जाएगा।
योजना में पांच वर्ष में दस लाख आवास निर्मित किए जाएंगे। स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा।
बिल्डरों की एक वाइड श्रेणी बनाई जाएगी। इसमें वे बिल्डर शामिल किए जांएगे, जिनकी योजना को रेरा से अनुमति होगी और रिकार्ड अच्छा होगा। योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को इनसे आवास लेने पर अनुदान का वाउचर दिया जाएगा।

योजना में उन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कहीं भी पक्का आवास नहीं है। नौ लाख रुपये तक की वार्षिक आय और राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना में लाभ ले चुके व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होंगे।
ऐसे व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो और उनके पास स्वयं का भूखंड हो, उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से ढाई लाख रुपये की मदद की जाएगी। यह राशि तीन किस्तों में दी होगी।
इसी तरह सरकारी या निजी एजेंसी की परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 30 से 45 वर्ग मीटर का फ्लैट दिलाया जाएगा।
बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सेमीकंडक्टर और ड्रोन नीति का प्रारूप अनुमोदन के लिए रख सकता है। जीआईएस से पहले सरकार 20 नीतियों को लागू करने जा रहा है। इसी कड़ी में यह नीतियां तैयार की गई हैं।
इंदौर में NDPS और IPS स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों को घर भेजा, तमिलनाडु से आया ईमेल
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के 2 स्कूलों में बम की धमकी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस और आईपीएस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
प्रिंसिपल को तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई है। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वाड दस्ता भी मौके पर पहुंच गया है। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्कूल खाली करवाया लिया। बच्चों को घर भेज दिया गया है।
एनडीपीएस में दूसरी शिफ्ट में आए बच्चों को स्कूल मैदान के बाद क्लास में नहीं जाने दिया और वापस बस में बैठाकर घर भेजा गया।






गाजियाबाद के एक स्कूल को मिली हाइड्रोजन बम से उड़ाने की धमकी
इस बीच, आज ही गाजियाबाद के एक स्कूल को हाइड्रोजन बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शालीमार गार्डन स्थित सेंट मैरी क्रिश्चियन स्कूल को भेजे गे ई-मेल में लिखा गया है कि स्कूल में हाइड्रोजन बम रखा गया है।
ईमेल सुबह 9 बजे मिला। उस समय स्कूल खुल चुका था। जानकारी मिलने पर हड़कंप मच गया। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को बाहर निकालकर पुलिस को बुलाया। करीब डेढ़ घंटे तक स्कूल की तलाश की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला।
Maha Kumbh भगदड़ से उज्जैन में Alert, सिंहस्थ-2028 के लिए प्रशासन का ये है Mega Plan
उज्जैन : प्रयागराज हादसे के बाद मध्य प्रदेश की सरकारी मशीनरी का ध्यान उज्जैन में ‘भीड़ प्रबंधन’ पर केंद्रित हो गया है। सक्रिय उपायों की योजना बनाकर उन्हें लागू कराने के लिए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजोरा उज्जैन आ रहे हैं।
राजोरा दो और तीन फरवरी को स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सिंहस्थ-2028 के प्रचलित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करेंगे। संभव हुआ तो स्थल निरीक्षण भी करेंगे। बता दें, उज्जैन, भगवान महाकाल की नगरी है जहां बारह मास तीज-त्योहार, उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं।
उज्जैन सिंहस्थ 2028
हर 12 वर्ष के अंतराल पर यहां महाकुंभ सिंहस्थ का भी आयोजन होता है। इसमें करोड़ों साधु-संत और श्रद्धालु मोक्ष की कामना से शिप्रा नदी में स्नान करने आते हैं। अगला सिंहस्थ 2028 में होगा। उसमें 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान शासन-प्रशासन ने लगाया है।
प्रयागराज कुंभ में भगदड़ से सीख
अभी मौनी अमावस्या पर प्रयागराज कुंभ में संगम किनारे भीड़ प्रबंधन गड़बड़ाने से भगदड़ मची और कई लोगों की जान चली गई। कई गंभीर घायल भी हुए। ऐसा उज्जैन में न हो, इसके लिए गलतियों से सबक लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए तैयारी बना रहा है।
ये कदम उठाएगा प्रशासन
शासन-प्रशासन ने महाकालेश्वर मंदिर, कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर सहित रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट तरफ जाने वाले रास्तों को मास्टर प्लान के अनुरूप चौड़ा करने, पुल-पुलियाओं का दोहरीकरण करने, घाटों का विस्तार करने, निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तकनीक का उपयोग कर ड्रोन, कैमरे, संकेतक लगाने की योजना बनाई गई है।

दुनियाभर के लिए शोध का विषय होगा सिंहस्थ-2028
निश्चित तौर पर प्रयागराज और नासिक महाकुंभ के अनुभवों का लाभ साल-2028 में उज्जैन को मिलेगा। गहरे अनुभवों के आधार पर ‘उज्जैन : महाकुंभ सिंहस्थ’ के लिए भीड़ प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन और कचरा प्रबंधन की ऐसी योजना लागू होगी जो दुनियाभर के लिए शोध और सीख का विषय बनेगी।
बता दें कि प्रयागराज के बाद 2027 में नासिक में, फिर 2028 में उज्जैन में महाकुंभ लगना है। उज्जैन में पेयजल, बिजली सहित तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कुल 18 हजार करोड़ रुपये की योजना बनाई है।
दोस्त ने घर किया बर्बाद... पति से तलाक कराया, फिर शादी का झांसा देकर महिला से रेप
इंदौर। पति के दोस्त ने महिला की शादीशुदा जिंदगी में जहर घोल दिया। एक महिला ने आरोप लगाया है कि पति के दोस्त ने उसका तलाक कराया। उसके बाद शादी का झांसा देकर रेप करता रहा। आरोपी के अपने बात से मुकरने पर महिला ने थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया है।
समझें पूरा मामला
महिला ने बताया कि आरोपी अनुराग चौहान मेरा पड़ोसी है। मैं यहां किराए अपने बेटी व पति के साथ रहती थी। वह यह बात जानता था कि पति औरे मेरा विवाद चल रहा है। कई बार हमारा झगड़ा हो जाता था, जिसमें वह मेरे ऊपर हाथ तक उठा दिया करता था।
उसने एक दिन मुझसे कहा कि वह मेरे साथ है। तुम्हारा पति तुमसे गलत व्यवहार करता है। उसके बाद हमारी दोस्ती हो गई। हम दोनों फोन पर बातचीत करने लगे। 6 फरवरी 2022 को घर पर कोई नहीं था। अनुराग चौहान जबरदस्ती घर में घुस गया। उसने वहां मौका देखकर मेरा रेप किया।
मैंने विरोध किया तो कहा कि वह मुझसे बहुत प्यार करता है। वह शादी करना चाहता है। मैंने इसको गलत बताया। अपनी बेटी का हवाला दिया, तो कहने लगा कि तुम अपने पति को तलाक दे दो। मैं तुम्हारी बेटी को अपनी बेटी मानकर पालूंगा।
उसके बाद कई बार उसने होटलों में ले जाकर मेरे साथ गलत काम किया। उसके कहने पर मैंने पति से तलाक लेने की अर्जी कोर्ट में डाल दी। मेरा 21 सितंबर 2024 को तलाक हो गया।
मैंने उसके बाद अनुराग से कहा कि हमारी शादी की बात अपने परिवार से कब कर रहे हो। उसने कहा कि मैं जल्द ही सही मौका देखकर यह करता हूं। मैं कुछ दिनों तक शांत रही। उसके बाद फिर मैंने इस बात का जिक्र किया, तो वह बात टहलाने लगा। मेरे गुस्सा होने पर उसका असली रूप सामने आ गया।
महिला को दी जान से मारने की धमकी
उसने मुझसे कहा कि वह मुझसे शादी नहीं करेगा। हम दोनों को यह रिश्ता खत्म कर देना चाहिए। मैंने विरोध किया, तो जान से मारने की धमकी दी।
एक देश एक चुनाव को जन आंदोलन बनाएगी भाजपा, एमपी में भी चलेगा जागरूकता अभियान
भोपाल। एक देश एक चुनाव (वन नेशन-वन इलेक्शन) को भाजपा देशभर में जन आंदोलन बनाएगी। इसको लेकर मध्य प्रदेश में भाजपा जागरूकता अभियान भी चलाएगी। गुरुवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक देश एक चुनाव की बैठक हुई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को एक देश-एक चुनाव को लेकर पार्टी द्वारा गठित प्रदेश स्तरीय टोली की बैठक आयोजित की गई।
रिटायर्ड जज रोहित आर्य और पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित रहे
इस अवसर पर टोली के संयोजक एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश रोहित आर्य एवं सह संयोजक व इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी उपस्थित रहे। बैठक में जागरूकता अभियान को लेकर लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारवार्ता में प्रदेश संयोजक रोहित आर्य ने कहा कि एक देश एक चुनाव के परिप्रेक्ष्य में मंथन होना चाहिए।
एक देश एक चुनाव हमारे संविधान के मूल संरचना का रूप है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजनरी स्टेप है। संविधान की प्रस्तावना में राजनीतिक न्याय के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुहिम चलाने का निर्णय लिया गया है।
वन नेशन वन इलेक्शन के कई फायदे
आर्य ने कहा कि आज तक पालिटिकल जस्टिस के परिपेक्ष्य में ज्यादा काम नहीं हुआ था। वन नेशन वन इलेक्शन के बहुआयामी फायदे होंगे। वोटर का मूल्य क्या है और प्रजातंत्र के महत्व क्या है इसे जनता तक पहुंचाना है। इससे व्यय कम होंगे, सामाजिक ढांचा सुधरेगा।
समाज के सभी वर्गों के लिए मील का पत्थर
प्रशासनिक अमला जो साल भर चुनाव में लगा रहता है, वह नहीं होगा। इसमें एक राजनीतिक स्थिरता आएगी। चुनी सरकार पांच साल काम करेगी। जनता चुनेगी कि पांच साल बाद किसको लाना है कौन सी सरकार चुनकर आएगी। यह समाज के सभी वर्गों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
2034 तक वन नेशन-वन इलेक्शन का क्रियान्वयन शुरू होगा
सेवानिवृत्त न्यायाधीश रोहित आर्य ने कहा कि एक देश एक चुनाव का एक प्रारूप बनेगा और इसके बहुआयामी परिणाम आएंगे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की रिपोर्ट के आधार पर 2034 तक इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा।
इस पर डिबेट होना चाहिए
अभी जनता को बताना है कि इसके क्या फायदे हैं और इसके न हो होने से देश कितना पीछे जा रहा है। यह किसी पार्टी का एजेंडा नहीं है, यह नेशनल एजेंडा है। इसमें जनता का साथ जरूरी है।
वन नेशन वन इलेक्शन पर डिबेट होना चाहिए। मैं अपनी 29 साल की वकालत और 11 साल की जस्टिस के आधार पर कह सकता हूं कि ये कानून के आधार पर है।
इसमें किसी कानून का उल्लंघन नहीं
संविधान के मूलभूत भावनाओं के अनुरूप है। इसमें किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। वन नेशन वन इलेक्शन को हम जन आंदोलन बनाएंगे। वन नेशन वन इलेक्शन पर कांग्रेस के सवाल पर आर्य ने कहा कि कांग्रेस की भ्रांति और मिथ्या प्रचार है, इसका न तथ्यात्मक आधार है। कांग्रेस का ये परसेप्शन है, जो मिस गाइड है।
इंदौर में इवेंट फोटोग्राफर की खुदकुशी केस में पत्नी-सास और सालियों पर एफआईआर दर्ज
इंदौर। इवेंट फोटोग्राफर नितिन पड़ियार आत्महत्या केस में बाणगंगा पुलिस ने उसकी सास सीता शर्मा, पत्नी हर्षा, साली मीनाक्षी और वर्षा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। न्यू गोविंद नगर निवासी 27 वर्षीय नितिन पड़ियार ने 20 जनवरी को घर में फांसी लगा ली थी।
परेशान होकर नितिन ने जान दे दी। सूरज ने आरोप लगाया कि आरोपित महिलाएं झूठी शिकायतें कर मानसिक प्रताड़ना दे रही थी। घटना को लेकर स्वजन, रिश्तेदार और समाजजन ने भी मरीमाता चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। बाणगंगा टीआई सियारामसिंह गुर्जर के मुताबिक नितिन के स्वजन के कथन लेकर आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इधर... रेस्त्रां संचालक ने की आत्महत्या पत्नी के नाम सुसाइड नोट लिखा
इंदौर के ग्राम सिहोदखेड़ी (मानपुर) निवासी रेस्त्रां संचालक आनंद परमार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसने पत्नी के नाम से सुसाइड नोट छोड़ा है। एमवाय पुलिस चौकी के मुताबिक 22 वर्षीय आनंद पुत्र मुकेश को जहर खाने पर गंभीर अवस्था में एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया था।
देर रात उसकी मौत हो गई। आनंद हिंदू संगठन में भी सक्रिय था और रेस्त्रां चलाता था। छह महीने पूर्व ही उसकी शिवानी से शादी हुई थी। वह घर नहीं आ रही थी। आनंद ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसकी मौत का कारण शिवानी के घरवाले ही हैं। स्वजन के मुताबिक शिवानी के घरवाले उसे नहीं भेज रहे थे।
पीएससी की तर्ज पर होगी थानेदारों की भर्ती, बदले पैटर्न से उलझन में अभ्यर्थी
ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस में सात साल बाद थानेदारों की सीधी भर्ती होने जा रही है। भर्ती की सुगबुगाहट से ही अभ्यर्थी उत्साहित तो हैं, लेकिन नए नियमों से उलझन भी खूब बढ़ गई है। परीक्षा का प्रारूप पूरी तरह बदला हुआ है।
बाकायदा पीएससी की तर्ज पर थानेदारों की भर्ती के लिए परीक्षा होगी। इससे अब अभ्यर्थी परेशान हैं। अभ्यर्थी कह रहे हैं- न सिर्फ लिखित परीक्षा के अलग-अलग चरण बल्कि शारीरिक परीक्षा के चरण भी पिछली भर्ती की तुलना में अधिक कर दिए गए हैं। इसलिए इस बार परीक्षा अधिक कठिन होगी।
शारीरिक के साथ बौद्धिक कौशल की जरूरत
सिलेबस भी भारी-भरकम कर दिया गया है। जबकि विशेषज्ञों का कहना है- अब थानेदारों को न सिर्फ शरीर बल्कि बेहतर बौद्धिक कौशल की भी जरूरत है। कानून से लेकर निर्णय लेने की क्षमता में दक्ष होना चाहिए। इस वजह से अब परीक्षा का प्रारूप बदला गया है। जिसमें अलग-अलग विषयों से लेकर तार्किक क्षमता का परीक्षण होगा।
इन नियमों से ससे ज्यादा उलझन
पहले एक ही लिखित परीक्षा होती थी। जिसमें 200 अंक का एक प्रश्नपत्र होता था। इसे उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा देनी होती थी। फिर साक्षात्कार और इसके बाद मेरिट सूची जारी होती थी। अब दो लिखित परीक्षा होंगी।
पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी। यह 100 अंक की होगी और इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। जितने रिक्त पद होंगे, उनकी तुलना में दस गुना अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के द्वितीय चरण के लिए क्वालिफाय किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं होगा। प्रारंभिक परीक्षा के बाद उलझन शुरू होती है।
दोनों पेपर 300-300 नंबर के होंगे
लिखित परीक्षा के दूसरे चरण में दो प्रश्न पत्र होंगे, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न पत्र 300-300 अंक का होगा। इसमें ऋणात्मक मूल्यांकन भी होगा। गलत उत्तर देने पर अंक कटेंगे। लिखित परीक्षा के द्वितीय चरण में प्रत्येक प्रश्नपत्र के दो-दो खंड होंगे। इसके लिए भारी-भरकम सिलेबस के हिसाब से अभ्यर्थियों को तैयारी करनी है।
प्रथम प्रश्नपत्र के खंड अ में इतिहास, भारतीय समाज तथा खंड ब में गर्वनेंस, संविधान, कानून से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं द्वितीय प्रश्नपत्र के खंड अ में करंट अफेयर्स, अर्थशास्त्र, तकनीक और पर्यावरण से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। खंड ब में रीजनिंग, डाटा इंटरप्रिटेशन से जुड़े प्रश्न होंगे।
शारीरिक परीक्षा 100 अंक की होगी
शारीरिक परीक्षा में तीन चरण होंगे। पिछली भर्ती में 800 मीटर दौड़ का ही इवेंट था, जबकि इस बार तीन इवेंट होंगे। इसमें दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद है। शारीरिक परीक्षा 100 अंक की होगी। इसमें 40 अंक की दौड़ और 30-30 अंक का गोलाफेंक व लंबी कूद होगी। जितना बेहतर प्रदर्शन होगा, उतने अधिक नंबर दिए जाएंगे।
जापान में भी चला सीएम डॉ मोहन यादव का जादू, ऐसे बनाई दिलों में जगह
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश-प्रदेश की जनता का मन तो मोहा ही है, लेकिन अब उन्होंने जापान के लोगों के दिलों में भी जगह बना ली है। उनके सरल-सहज-आकर्षक व्यक्तित्व ने लोगों को कितना आकर्षित किया, इसकी बानगी जापान के ओसाका शहर में देखने को मिली।
दरअसल, जापान की यात्रा के चौथे दिन यानी 31 जनवरी को जब सीएम डॉ. यादव इम्पीरियल होटल से चेक-आउट कर रहे थे, तब होटल के पूरे मैनेजमेंट-स्टाफ ने उनके स्वागत में पलक-पांवड़े बिछा दिए। मैनेजमेंट और स्टाफ के सदस्यों ने सीएम डॉ. यादव की रवानगी के मौके पर बड़ी देर तक तालियां बजाईं।
जापानी अंदाज में विदाई
यादों को सहेजने के लिए लोगों ने सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ कई तस्वीरें खिंचवाईं। लोग तब तक होटल के मैन गेट पर खड़े रहे, जब तक सीएम डॉ. यादव का काफिला वहां से रवाना नहीं हो गया। लोग जापानी अंदाज और भाषा में उन्हें विदाई दे रहे थे।

इस मौके पर इम्पीरियल होटल मैनेजमेंट ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जैसे सरल व्यक्तित्व कभी-कभी ही यहां ठहरने आते हैं। उनके साथ इतने दिन बिताकर कभी ये नहीं लगा कि हम किसी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।
सीएम डॉ. यादव ने उन्हें कभी यह अहसास नहीं होने दिया कि वे वीआईपी हैं। वे हर वक्त आम इंसान की तरह ही पेश आए। उन्होंने कभी वीआईपी वाला रुतबा दिखाया ही नहीं। वे बातचीत और व्यवहार करने में बेहद सहज थे। हमने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई हैं। यह तस्वीरें हम हमेशा अपने पास रखेंगे।
उच्च अधिकारियों-उद्योगपतियों के साथ बैठक
गौरतलब है कि, अपनी यात्रा के चौथे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई अहम बैठकें करेंगे। वे गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों में अधिकारियों-उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे।
इस चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास और जापान के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर फोकस किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों से मिलकर राज्य में निवेश और टेक्नोलॉजी पर बातचीत करेंगे।

टूरिज्म-कल्चरल पार्टनरशिप पर होगी बात
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्योटो में सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे मध्य प्रदेश में पर्यटन-सांस्कृतिक साझेदारी पर भी उच्च अधिकारियों से चर्चा करेंगे। वे क्योटो में ही लंच करेंगे। यहां भी व्यापारिक प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के साथ उनकी मुलाकातें होंगी।

इन मुलाकातों में राज्य के विभिन्न उद्योगों, जैसे आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन पर अहम चर्चा होगी। इसके बाद सीएम यादव क्योटो के बाहरी इलाकों में स्थित कल्चरल स्पॉट का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान भी सांस्कृतिक साझेदारी को और बढ़ावा देने पर बातचीत की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्योटो से टोक्यो के लिए शिंकांसेन ट्रेन से रवाना होंगे।
ग्वालियर में 14 साल की छात्रा से दुष्कर्म, रातभर पेड़ के नीचे बैठी रही... सुबह रोते हुए घर पहुंची
ग्वालियर। पुरानी छावनी स्थित हीरा नगर में रहने वाली 14 वर्षीय छात्रा के साथ सोहेब उर्फ तस्लीम खान ने दुष्कर्म किया। छात्रा को बात करने के बहाने बाइक पर बैठाकर घर से करीब दो किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले गया।
यहां छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद छात्रा को छोड़कर भाग गया। अंधेरा हो चुका था, छात्रा डरी-सहमी एक पेड़ के नीचे रातभर बैठी रही। उसके स्वजन ढूंढते रहे। सुबह छात्रा बदहवास हालत में अपने घर पहुंची और बिलखते हुए पूरी आपबीती स्वजन को बताई।
सातवीं क्लास में पढ़ती है छात्रा
स्वजन उसे लेकर पुरानी छावनी थाने पहुंचे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। छात्रा कक्षा-सात में पढ़ती है। उसने पुलिस को बताया कि मोहल्ले में ही रहने वाला सोहेब उर्फ तस्लीम खान उसका कई दिनों से स्कूल से घर आते-जाते समय पीछा करता था।
सब्जी की दुकान पर गई थी
वह शाम को अपने घर के पास सब्जी की दुकान पर गई थी। यहां वह भी आ गया। उससे कहा कि वह उससे कुछ बात करना चाहता है। इसलिए उसने बाइक पर बैठकर कुछ दूर साथ चलने के लिए कहा। छात्रा ने इनकार किया तो जबरन बैठाया और अपने साथ ले गया।
जमीन पर पटका
घर से दो किलोमीटर दूर ले जाकर उसे जमीन पर पटका। फिर दुष्कर्म किया। छात्रा के विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह उसे वहीं छोड़कर भाग गया।
घबराई हुई थी
रात हो गई, तो छात्रा वहीं बैठ गई। सुबह छात्रा घर लौटी। वह बहुत घबराई हुई थी। आरोपित ने धमकी भी दी थी कि अगर किसी को कुछ बताया, तो जान से मार देगा। उसके पूरे परिवार की हत्या कर देगा।
आपके घर में लगा है स्मार्ट मीटर, तो चुकाने होंगे 25 हजार रुपये… 10 साल चलेगी किस्त
जबलपुर। मध्य प्रदेश में लग रहे स्मार्ट मीटर की कीमत भले अभी नहीं चुकानी पड़ रही है, लेकिन अगले 10 साल तक स्मार्ट मीटर के नाम पर किस्त जमा करनी पड़ सकती है। यह दावा आपत्तिकर्ता एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने किया है।
बिजली टैरिफ के जरिए अदा करनी होगी कीमत
उन्होंने बताया कि पावर मैनेजमेंट कंपनी ने अभी तक स्मार्ट मीटर के दाम नहीं तय किए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को हर साल बिजली टैरिफ के माध्यम से स्मार्ट मीटर की कीमत अदा करनी होगी। यह एक तरह से किश्त होगी।

मीटर के रखरखाव पर भी देनी होगी राशि
मीटर के रखरखाव के नाम पर भी राशि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी को देनी होगी। आपत्तिकर्ता ने बताया कि पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की सत्यापन याचिका में बताया कि 2.49 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
इसके लिए कंपनी ने 1770 रुपये प्रति मीटर प्रारंभिक के 44 करोड़ की मांग की है। इसके अलावा लीज शुल्क के 48 करोड़ खर्च होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी पांच प्रतिशत ही स्मार्ट मीटर लगे हैं।
MPWZ ने रखी है यह मांग

अभी पूरी तरह से मीटर लगे भी नहीं हैं और पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 175 करोड़ रुपये की मांग कर दी है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तीन हजार रुपये प्रति मीटर के अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ 123 करोड़ रुपये की मांग की है। पश्चिम क्षेत्र में भी करीब ढाई लाख मीटर वित्तीय वर्ष 2023-24 में लग पाए थे।
स्मार्ट मीटर से दस पैसे प्रति यूनिट असर
आपत्तिकर्ता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2025-26 की टैरिफ याचिका में स्मार्ट मीटर के लिए बिजली कंपनी 754 करोड़ की मांग की है। यदि मप्र विद्युत नियामक आयोग यह मांग मंजूर करता है तो स्मार्ट मीटर की वजह से टैरिफ दस पैसे प्रति यूनिट बढ़ जाएगा।
बिजली की डिमांड 18,335 मेगावाट पर पहुंची
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: मप्र प्रदेश में बिजली की मांग में एक बार फिर इजाफा हो गया है। गुरुवार को प्रदेश में 18 हजार 335 मेगावाट बिजली की डिमांड रही। जबकि जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्रदेश में बिजली की मांग में गिरावट आई थी और वह 16 हजार 394 मेगावाट पर पहुंच गई थी।
हालांकि मौसम में परिवर्तन हो रहा है और रबी सीजन समाप्ति की ओर है। इसलिए आने वाले कुछ समय में डिमांड में फिर से गिरावट आएगी। बुधवार को 18383 मेगावाट, मंगलवार को 18130 मेगावाट और सोमवार को 18019 मेगावाट डिमांड रही।
बिजली कंपनियों का अंदाजा था कि 15 से 30 जनवरी तक एक बार फिर बिजली की डिमांड बढ़ेगी। डिमांड 20 हजार मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। मौसम में आए परिवर्तन के बाद भी बिजली कंपनियों ने 20 हजार मेगावाट बिजली की व्यवस्था कर रखी थी। यही कारण था कि डिमांड एकाएक बढ़ने पर भी प्रदेश में किसी तरह का बिजली संकट नहीं आया।