मध्य प्रदेश
फ्रूट जूस के पैकेट में मिला मरा हुआ चूहा, पैकेट खोला तो परिवार के उड़े होश
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि फ्रूच जूस के पैकेट में मरा हुआ चूहा पड़ा हुआ है। पीड़ित ने इसका वीडियो बनाते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि फ्रूट जूस का यह पैकेट शख्स ने ऑनलाइन मंगवाया था। हालांकि जब पैकेट खोलकर देखा गया तो उसमें मरा हुआ चूहा निकला, जिससे हड़कंप मच गया। पीड़ित ने कंपनी के मेल पर शिकायत की है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
17 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों की सख्ती और पुनर्वास नीति का असर
कोठागुडेम। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भद्राद्री कोठागुडेम जिले की पुलिस के समक्ष 17 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। ये सभी लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़े थे और बस्तर क्षेत्र में कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
सुरक्षा बलों के अभियान का दबाव बना आत्मसमर्पण की वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये नक्सली तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय थे और बस्तर में लगातार चल रहे सघन अभियान से दबाव में थे। हथियार डालने का निर्णय इसी दबाव का नतीजा माना जा रहा है।
सरकार की पुनर्वास नीति बनी बदलाव की वजह
राज्य और केंद्र सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति का भी इस आत्मसमर्पण में अहम योगदान बताया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा, रोजगार, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से संगठन की पकड़ कमजोर
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सुकमा जिले में दो एरिया कमांडर समेत 14 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जिनमें 13 नक्सली बीजापुर जिले से थे। यह सिलसिला बताता है कि नक्सल संगठनों पर सुरक्षा बलों की रणनीति और सख्त कार्रवाई का प्रभाव पड़ रहा है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
भद्राद्री कोठागुडेम के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “सरकार की योजनाओं और पुलिस की निरंतर कार्रवाई से नक्सलियों का हौसला टूट रहा है। ये आत्मसमर्पण उसी का संकेत है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और भी नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर समाज का हिस्सा बनेंगे।
17 नक्सलियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों और सरकार की नीति के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि बस्तर और सीमावर्ती इलाकों में शांति की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि इसी तरह और भी नक्सली हिंसा छोड़कर विकास और भरोसे की राह पर लौटेंगे।
लैब-टू-लैंड के मंत्र को साकार करेगा विकसित कृषि संकल्प अभियान
-शिवराज सिंह चौहान (कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार)
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है l उनकी दूरदर्शी सोच और किसान कल्याण को समर्पित ऐतिहासिक निर्णयों ने हमारे किसान भाइयों-बहनों को समृद्ध व सशक्त बनाया है, साथ ही ‘विकसित भारत’ के विराट संकल्प को नई मजबूती दी है। आज हमारे अन्नदाता न केवल देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि विश्व के कई देशों में खाद्यान्न निर्यात करके भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। कृषि विकसित और किसान आत्मनिर्भर बनें, लैब में होने वाले शोध सही समय में खेतों तक पहुंचे, इसी लक्ष्य को लेकर हम राज्यों के साथ मिलकर "एक राष्ट्र-एक कृषि-एक टीम" के रूप में कार्य कर रहे हैं ।
देश की समृद्धि का आधार कृषि और किसान हैं। हमारे कृषि वैज्ञानिकों ने अनेक शोध किए है l कृषि वैज्ञानिक नई तकनीक, उन्नत बीज, खाद इत्यादि से कम लागत पर फसल उत्पादन बढ़ाने के काम में जुटे हुए है। हमारे वैज्ञानिकों के शोध किसानों तक सही समय (रियल टाइम) पर पहुंचे, उन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, मिट्टी के पोषक तत्वों, उर्वरकों की सही मात्रा सहित कृषि के विभिन्न आयामों से अवगत कराया जा सके, इसके लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 29 मई से 12 जून तक 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' प्रारंभ किया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से देश के 700 से अधिक जिलों के लगभग 65 हजार गांवों में वैज्ञानिकों की 2170 टीमें पहुंचेगी। इस दौरान लगभग 1.5 करोड़ किसानों से सीधा संवाद किया जाएगा।
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी पर निर्भर है। यह क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 18 प्रतिशत का योगदान करता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तेज़ी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, जिसमें विकसित खेती और समृद्ध किसान का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीते 11 वर्षों में किसानों को सशक्त करने के लिए सरकार ने बीज से बाजार तक हर वो फैसला लिया है, जो किसानों के लिए खेती को और आसान बनाए। हाल ही में लिए गए निर्णय जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हो या प्याज और चावल से निर्यात शुल्क को हटाना, फसलों की जलवायु अनुकूल और अधिक उपज वाली किस्मों के विकास से लेकर किसान हितैषी योजनाओं के विस्तार तक मोदी सरकार की प्राथमिकता में सदैव किसान कल्याण रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में छलांग लगाई है। कृषि उत्पादन को देखे तो इसमें ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन के 3309 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है। खरीफ चावल 1206 लाख टन, गेहूं 1154 लाख टन और सोयाबीन 151 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर हैं। सोयाबीन की उत्पादकता 985 किलो प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 1169 किलो प्रति हेक्टेयर हो गई है। बागवानी क्षेत्र में भी उत्पादन 3621 लाख टन तक पहुँचने का अनुमान है। ये उपलब्धियाँ दर्शाती हैं कि हमारे किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों की शोधपरक क्षमता और मोदी सरकार की किसान कल्याणकारी नीतियाँ मिलकर कृषि क्षेत्र को नित-नई ऊँचाइयों पर ले जा रही हैं।
व्यापक विजन, समग्र सोच, स्पष्ट नीति और नेक इरादों के साथ किसानों की आय बढ़े, उनके पसीने का उचित मूल्यांकन हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए केंद्र सरकार ने 6 सूत्रीय रणनीति बनाई है। उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन की लागत घटाने, उत्पादन के ठीक दाम देने, प्राकृतिक आपदा में राहत की ठीक राशि देने, कृषि का विविधीकरण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है।
'विकसित कृषि संकल्प अभियान' किसानों के जीवन को बेहतर बनाने का एक महाभियान है l मेरी किसान भाइयों-बहनों से अपील है कि आप सभी इस महअभियान से जुड़े, इस कार्यक्रम का लाभ उठाए l वैज्ञानिकों द्वारा दी गई सलाह को मानकर अपनी कृषि को उन्नत करे। उत्पादन बढ़े, लागत घटे और किसानों को लाभ हो, इसी उद्देश्य के साथ विकसित कृषि का यह महायज्ञ है, जो विकसित भारत का आधार बनेगा l
MP: बैंक मैनेजर सहित 15 लोगों पर EOW दर्ज की FIR, 82 लाख रुपए का KCC लोन निकालकर की धोखाधड़ी
सागर. एमपी के सागर स्थित बैंक ऑफ बड़ोदा की सिरोंज शाखा में 82 लाख 44 हजार रुपए के किसान के्रडिट कार्ड (KCC) लोन घोटाला किया गया. जिसकी जांच करते हुए सागर EOW ने तत्काली बैंक प्रबंधक सहित 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है.
EOW के अधिकारियों का कहना है कि जांच में पाया कि शाखा की तत्कालीन प्रबंधक अर्चना बाघमारे ने अपने सहयोगी गजेंद्र सिंह व कमलेश अहिरवार के साथ मिलकर (KCC) ऋ ण स्वीकृति में बड़ी धोखाधड़ी की. जांच में सामने आया कि कृषि भूमि रकबा, फसलों की जानकारी व पूर्व से बंधक भूमि जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया. बैंक मैनेजर ने ऋ ण जारी करने से पहले न तो उचित निरीक्षण किया और न ही बैंक के अधिकृत पैनल अधिवक्ता से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त की. इसके बजाय अधिवक्ता वीएसजेबी राणा उर्फ वीणू राणा से कूटरचित दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया.
ईओडब्ल्यू ने इनपर दर्ज किया है प्रकरण-
-अर्चना बाघमारे (तत्कालीन शाखा प्रबंधक)
-गजेंद्र सिंह व कमलेश अहिरवार (सहयोगी)
-वीएसजेबी राणा उर्फ वीणू राणा (अधिवक्ता)
-दौलत सिंह, प्रेमलाल कुर्मी, बल्वेद सिंह, कामता सिंह, राघवेन्द्र सिंह, विजय सिंह, लीलाधर सिंह, पंचम सिंह, रामप्रसाद साहू, हरिबाई व रघुराज घोषी
एमपी में बड़ा हादसा: बैंककर्मी समेत तीन युवक नदी में डूबे, मृतकों में दो सगे भाई
मऊगंज. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में तीन भाइयों की नदी में डूबने से मौत हो गई. हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे हुआ. तीनों भाई पैपखार गांव में निहाई नदी में नहाने गए थे. करीब दो घंटे बाद तीनों को नदी से निकाला जा सका. परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.
मृतकों में दो सगे भाई अमन तिवारी (18), अभय तिवारी (17) समेत उनके मामा का बेटा अभिषेक मिश्रा (24) शामिल हैं. रविवार सुबह तीनों नहाने के लिए निहाई नदी गए थे. जहां अभिषेक गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए अमन और अभय भी पहुंचे. लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं होने से वे भी डूब गए.
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपे शव
तीनों युवकों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. पुलिस को सूचना दी. कड़ी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले जा सके. पोस्टमॉर्टम मऊगंज सिविल अस्पताल में किया गया. अमन-अभय के पिता अनिल तिवारी पेशे से रजिस्ट्री लेखक हैं.
अभिषेक मिश्रा मऊगंज के दुगोली गांव का रहने वाला था. बड़ा भाई सत्य प्रकाश मिश्रा आईआईटी की तैयारी कर रहा है. सबसे बड़ी बहन है. अभिषेक एचडीएफसी बैंक की मऊगंज ब्रांच में क्लर्क था. शनिवार को ड्यूटी के बाद बुआ के घर पैपखार आया था. वहीं, अमन (18) और अभय (17) बारहवीं क्लास में पढ़ रहे थे.
मंत्री विजय शाह की बढ़ीं मुश्किलें: हाईकोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें अब कानूनी मोर्चे पर भी बढ़ने लगी हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए चार घंटे में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। युगलपीठ ने इस बयान को संवेदनशील और आपत्तिजनक करार दिया है।
क्या कहा हाईकोर्ट ने?
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने इस बयान को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे सुनवाई योग्य याचिका के रूप में दर्ज किया और मंत्री विजय शाह पर BNS की धारा 196 व 197 के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को शाम 6 बजे तक एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई गुरुवार सुबह 10:30 बजे तय की गई है।
क्या था विवादित बयान?
मानपुर में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कहा था, "जिन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, उनके कपड़े उतरवाए, और पीएम मोदी ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।"
इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर जबरदस्त विरोध हुआ। हालांकि बाद में सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि उनका बयान गलत संदर्भ में लिया गया और उन्होंने माफी भी मांगी।
राजनीतिक बवाल, कांग्रेस का तीखा हमला
मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और बीजेपी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी सेना की वीरता को सलाम करते हैं, वहीं उनके मंत्री सेना की बहादुर अधिकारी का अपमान कर रहे हैं। भाजपा अब तक चुप क्यों है?” पटवारी ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर मंत्री को बर्खास्त नहीं किया गया, तो देशभर के थानों में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
माफी के बावजूद बवाल थम नहीं रहा
हालांकि विजय शाह ने बयान पर खेद व्यक्त किया है, लेकिन सेना से जुड़े मुद्दे पर विवादित भाषा और महिला अधिकारी को लेकर की गई टिप्पणी ने उन्हें संकट में डाल दिया है। अब देखना यह है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एफआईआर दर्ज होने पर राज्य सरकार और भाजपा क्या रुख अपनाती है।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी कर मंत्री विजय शाह राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी संकट में भी घिर गए हैं। हाईकोर्ट की सख्ती ने साफ कर दिया है कि सेना जैसे संवेदनशील विषय पर अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाबा महाकालेश्वर मंदिर परिसर में लगी आग, मचा हड़कंप
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर के शंख द्वार पर रविवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां हड़कंप मच गया। आग की लपटें और धुआं करीब 1 किलोमीटर दूर से नजर आया। आग की सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग मंदिर परिसर के कंट्रोल रूम के ऊपर रखी बैटरी से लगी थी। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। महाकाल मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। घटना की जानकारी लगते ही जिला कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंचे हैं।
महाकाल मंदिर में सोमवार को जिस समय ये घटना हुई उस समय मंदरि में काफी भीड़ थी। सोमवार के चलते मंदिर में भीड़ ज्यादा थी। गनीमत रही कि आग की इस घटना में किसी के हताहत होने खबर नहीं है। महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार छत पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लगा हुआ है। इस सिस्टम की बैटरी में किसी कारण से आग लगी थी। हादसे में केवल बैट्रियों को क्षति पहुंची है।
मध्य प्रदेश में अपना दल (एस) के प्रभारी बने राष्ट्रीय महासचिव आर बी सिंह पटेल
भोपाल, 5.5.25: अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव आर बी सिंह पटेल को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के निर्देश पर यह नियुक्ति की गई है। पिछले दिनों अपना दल (एस) ने लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में अपनी जिला स्तरीय मासिक संगठन समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व यूपी कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने मध्य प्रदेश का प्रभार आर बी सिंह को सौंपे जाने की घोषणा की।
इस नियुक्ति पर आर बी सिंह पटेल ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि "पूर्ण निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।"
गौरतलब है कि इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने केंद्र सरकार के जाति जनगणना कराने के ऐतिहासिक फैसले की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि यह फैसला समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने में मददगार साबित होगा।
मध्य प्रदेश में पार्टी की नई रणनीति के तहत संगठन को मजबूती मिलना तय है, वहीं प्रभारी की नियुक्ति पर कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
27 प्रतिशत आरक्षण की लड़ाई में आगे आए पिछड़ा - डॉ अखिलेश पटेल (राष्ट्रीय महासचिव, युवा मंच, अपना दल एस)
प्रदेश में बन रहा अपना (दल) एस का मजबूत संगठन - तेज गति से जारी मध्य प्रदेश में अपना दल (एस) का सदस्यता अभियान
भोपाल, 28 अप्रैल – एनडीए घटक का सबसे पुराना और विश्वसनीय साथी व उत्तर प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में भी संगठन विस्तार की दिशा में तेज गति से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को राजधानी भोपाल में एक विशेष बैठक का आयोजन कर सदस्यता अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की गई। राजनीतिक रणनीतिकार अतुल मलिकराम के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों समेत सभी जिलों के जिलाध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महासचिव युवा मंच डॉ अखिलेश पटेल भी उपस्थित रहे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में नए सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। बैठक में पार्टी की जड़ों से जुड़े और प्रदेश संगठन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
बैठक के मुख्य अतिथि, अपना दल (एस) युवा मंच के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अखिलेश पटेल ने कहा, "सदस्यता अभियान मात्र संख्या बढ़ाने का अभियान नहीं, बल्कि हमारी विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। आज पार्टी के सम्मानित वरिष्ठ साथियों का आशीर्वाद प्राप्त कर के महसूस हुआ कि डॉ सोनेलाल पटेल जी का हाथ मेरे सर पर है और हम प्रदेश में उनके द्वारा देखें गए सपने को साकार करने में जरूर ही कामयाब होंगे। हमारा लक्ष्य है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अनुप्रिया पटेल जी के नेतृत्व में सदस्यता अभियान को तेजी से आगे बढ़ाएं और प्रदेश में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण जैसे मुद्दों को हर घर तक पहुंचाएं।"
राजनीतिक रणनीतिकार अतुल मलिकराम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "अब समय है जनसंपर्क को सशक्त करने का। जितनी गहराई से हम जनता से जुड़ेंगे, संगठन उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। हम सब की जिम्मेदारी है कि सदस्यता अभियान को गांव-गांव, गली-गली तक लेकर जाएं।"
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों और समर्पित कार्यकर्ताओं की सक्रीय भागीदारी देखने को मिली। वरिष्ठ पदाधिकारियों में अर्जुन सिंह पटेल, धीरेन्द्र सिंह बघेल, मान सिंह बिसेन, देवेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह कटियार, मीना गुप्ता व आर. के. सनोड़िया समेत प्रदेश पदाधिकारी, अनिल सोनी, मुकेश मराठा, वंदना नामदेव, मुस्कान सिंह, राजेस्वर मिश्रा, मंचित लिखितकर, बाल कृष्ण गौर, राजेश पाल, एस आर नागले, इक़बाल पटेल आदि उपस्थित रहे। वहीं जिला पदाधिकारियों में बबलू यादव, राजेंद्र पटेल, कुबेर पटेल, प्रदीप पटेल, राम किशन पटेल, एन. एस. धाकड़, धनीराम, हरदास कुशवाहा, चैतराम प्रजापति, मनोज पटेल, सुरेंद्र नाहर, डॉ सुभाष रायकवार आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बड़े स्तर पर हुआ यह सदस्यता अभियान कार्यक्रम यह दर्शाता है कि मध्य प्रदेश में अपना दल (एस), जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले दिनों पार्टी की तरफ से आंबेडकर जयंती पर प्रदेशभर में हुए समारोह ने भी प्रदेश में पार्टी की उपस्थिति को मजबूत किया है।
एमपी में सांसद-विधायकों को सैल्यूट करेंगे पुलिस अफसर, डीजीपी ने दिए निर्देश
भोपाल । मध्यप्रदेश के पुलिस अफसरों के लिए नया फरमान जारी हुआ है। जिसमें उन्हें अब सांसद-विधायकों को भी सैल्यूट करना होगा। इसके निर्देश डीजीपी कैलाश मकवाना की ओर से दिए गए हैं। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जनप्रतिनिधि के साथ शिष्ट व्यवहार में कमी नहीं होनी चाहिए।
सांसद-विधायक को सम्मानपूर्वक देना होगा जवाब
डीजीपी ने निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि सांसदों और विधायकों के द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से मोबाइल पर जन समस्या को लेकर संपर्क किया जाता है तो अधिकारी कर्मचारी की पूर्ण रूप से जिम्मेदारी होगी कि वह संवाद के दौरान उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनें और सम्मानजनक व्यवहार करें।
परेड में सलामी देने पर नवंबर 2024 में लगी थी रोक
29 नवंबर 2024 को आदेश जारी हुए थे कि मुख्यमंत्री माननीय मंत्रीगण एवं पुलिस अधिकारियों को दी जाने वाली सलामी समाप्त की गई है। केवल महामहिम राज्यपाल महोदय ही सलामी ले सकेंगे। किंतु देखने में आ रहा है कि उक्त पत्र का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। जिससे परेड में लगे कर्मचारियों की ड्यूटियां प्रभावित होती है। शासन के निर्णय का उल्लंघन किया जाता है। साथ ही यह प्रथा अंग्रेजों की याद दिलाती है।
‘राहुल गांधी नादान हैं…उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए’, कांग्रेस के सीनियर लीडर ने लगाया बड़ा आरोप
गुना । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने अपने बागी तेवर दिखाए हैं। उन्होंने आतंकी हमले से आहत होकर राघौगढ़ में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने श्रद्धांजलि सभी को संबोधित करते हुए जम्मू के सीएम उमर अब्दुल्ला पर आरोप लगा डाला कि वह आतंकियों के साथ मिले हुए हैं।
राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा को बताया नादान
आगे लक्ष्मण सिंह ने कहा कि राहुल जी के जीजा जी रॉबर्ट वाड्रा कहते हैं कि मुसलमानों को सड़क पर नमाज पढ़ने नहीं देते, इसलिए आतंकवादियों ने हमला किया है। लक्ष्मण सिंह ने वाड्रा और राहुल गांधी की सोच-समझकर बात करने की नसीहत देते हुए कहा कि इन्हीं की नादनियों की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं।
‘मेरे लिए देश पहले’- लक्ष्मण सिंह
सीनियर लीडर सिंह ने कहा कि मैं सारी बातें कैमरे के सामने बोल रहा हूं। मेरे लिए देश पहले हैं। अगर मुझे पार्टी से निकालना है तो निकाल दें। कांग्रेस के नेता 10 बार सोच-समझकर बोलें, नहीं तो चुनाव में उन्हें परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सीएम अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए कहा कि आतंक प्रभावित राज्यों का ऑडिट नहीं होता। वहां की सरकारें नरसंहार करने वालों का सहारा ले रही हैं। इसलिए जम्मू-कश्मीर के नेता खरबपति हो चुके हैं। उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि टूरिस्ट हवाई जहाज से आए थे और ताबूत में जा रहे हैं। उनका बयान बेहद निंदनीय है।
‘आतंकवादियों के हौसलों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं राहुल गांधी जैसे नेता…’ पूर्व सीएम ने साधा बड़ा निशाना
भोपाल । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरे देश भर में आक्रोश फैल गया है। मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई थी। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस मामले पर पूर्व सीएम उमा भारती ने चुटकी लेते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
उमा भारती ने आंतकी हमले के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया
पूर्व सीएम उमा भारती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कश्मीर के पहलगाम में हुआ हमला राष्ट्रीय एकात्मकता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है आतंकवादी कश्मीर प्रांत को भारत से अलग दिखाना चाहते हैं। आतंकवादियों के इस तरह के हौसलों को बढ़ाने के लिए राहुल गांधी जैसे वह सभी नेता जिम्मेदार हैं जो धारा 370 को हटाए जाने का विरोध करते रहे।
‘दोषियों को नहीं बख्शेगी हमारी सरकार’
आगे उमा भारती ने लिखा कि कश्मीर भारत का अभिन्न राज्य है शहीद हुए पर्यटकों को शहादत को नमन, इस घटना के दोषियों को तो हमारी सरकार बख्सने वाली नहीं है, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
पहलगाम आतंकी हमले पर फूटा पंडित प्रदीप मिश्रा का गुस्सा, बोले- ‘200 हिंदू सांसद कलंक, इन्हें कश्मीर घाटी भेजो’
सीहोर । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले में 28 पर्यटकों की निर्मम हत्या को लेकर जहां देशभर आक्रोश है देशभर में सभी लोग अपने अपने तरीके और ढंग से गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम के कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि- 200 हिंदू सांसद कलंक हैं, इन सभी को कश्मीर घाटी को सौंप देना चाहिए। आपको बता दें कि, पंडित मिश्रा ने मधेपुरा बिहार में कथा के दौरान ये बयान दिया है।
बेटे-बेटियों को प्रदीप मिश्रा की नसीहत
हिंदुओं के घर में शास्त्र हो न हो पर शस्त्र जरूर होना चाहिए। हर हिंदुओं को शस्त्र चलाना आना चाहिए। हमारे सनातन धर्म का कोई भी देवता बिना शस्त्र के नहीं है, तो हमारा घर भी बिना शस्त्र के नहीं होना चाहिए। अब तुम्हारे बेटे बेटियों को शस्त्र चलाना आना चाहिए। बेटों को भी शास्त्र चलाना सिखाओ और बेटियों को भी शस्त्र चलाना सिखाओ।
जम्मू , पहलगाम गए 1672 लोगों का कोई अता-पता नहीं, संपर्क नहीं होने से परिजनों-रिश्तेदारों की चिंता बढ़ी
जबलपुर । जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी नरसंहार ने सभी देशवासियों को झकझोर दिया है। देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी इस कायराना हमले का तगड़ा विरोध किया जा रहा है। प्रदेश के जबलपुर में आमजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यहां के आर्य समाज मंदिर में आतंकवाद रूपी शत्रु के विनाश व नवग्रह शांति के लिए हवन किया गया। जबलपुर अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ ने हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। गुरुवार को नीलामी कार्य भी बंद रखा गया है। इस बीच एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है। जबलपुर से जम्मू गए डेढ़ हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों का कोई अता पता नहीं चल पा रहा है। इससे उनके परिजन और रिश्तेदार परेशान हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश तीर्थयात्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए हैं तो कई लोग कश्मीर, पहलगाम और बालटाल घूमने भी गए हैं।
अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ ने दी श्रद्धांजलि
जबलपुर अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ ने मंडी प्रांगण में मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संघ के अध्यक्ष दीपक नौगरैया, सचिव रितेश अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। गुरुवार को नीलामी कार्य बंद रखा गया है। निवाड़गंज की सभी दुकानें दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं।
नवग्रह शांति व शत्रु नाश के लिए यज्ञ
इधर आर्य समाज मंदिर में आतंकवाद रूपी शत्रु के विनाश व नवग्रह शांति के लिए हवन किया गया। विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि आतंकी देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। नवग्रह शांति व शत्रु नाश के लिए यज्ञ किया है। इस दौरान डॉ. धीरावाणी, पवन तिवारी, असीम त्रिवेदी, मंडल अध्यक्ष सपन यादव आदि मौजूद थे।
1672 तीर्थयात्रियों का कोई अता पता नहीं
पहलगाम में हमले के बाद एक खबर ने लोगों को चिंतित कर दिया है। शहर से 1672 यात्री जम्मूतवी एक्सप्रेस से कटरा के लिए रवाना हुए हैं। यात्रियों के परिजन और रिश्तेदार उनसे सम्पर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सम्पर्क नहीं होने पाने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
कश्मीर, पहलगाम और बालटाल घूमने गए
जम्मू जाने वाली माता वैष्णो देवी-जम्मू तवी एक्सप्रेस से 1672 यात्रियों ने टिकट बुक कराया है। इनमें से कई यात्री आस-पास के जिलों के हैं। इनमें से अधिकांश माता वैष्णो देवी के दर्शन करने तो कई कश्मीर, पहलगाम और बालटाल घूमने गए हैं, उनसे परिजन का सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। इससे सभी चिंतित हो गए हैं।
NIA ने की प्रज्ञा ठाकुर को फांसी देने की मांग, 8 मई को आएगा फैसला
भोपाल । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट से साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट के आरोपों से घिरी भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सात आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग की है।
जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के लीगल सेल के वकील शाहिद नदीम ने बताया कि एजेंसी के द्वारा UAPA कानून की धारा 16 का हवाला दिया है। इसके मुताबिक, किसी आतंकी हमले में किसी की मौत होती हैं, तो दोषियों को फांसी तक की सजा दी जा सकती है।
कमीशन नहीं दिया तो शराब दुकान पर बरसाईं गोलियां, मची सनसनी
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बेखौफ बदमाशों ने मालनपुर इलाके में संचालित एक शराब दुकान पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं जिससे इलाके में दहशत फैल गई। शराब दुकान पर जिस वक्त बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं तब वहां कर्मचारी भी थे जिन्होंने किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई। महज एक मिनट के अंदर बदमाश दुकान पर गोलियां बरसाकर कार से भाग निकले जिनकी तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हुई है।
शराब दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग
शनिवार की शाम करीब 6 बजे मालनपुर इलाके में नेशनल हाइवे पर संचालित शराब दुकान पर कमीशन न मिलने के विवाद पर गोलियां चलाई गईं। गोलियां बरसाने वाले बदमाश ग्वालियर की तरफ से कार में सवार होकर आए थे जिन्होंने पहले दुकान के बाहर खड़ी जीप के कांच पत्थर से तोड़े और फिर दो बदमाशों ने सीधे कर्मचारियों पर फायर किए। गोलियां दुकान के अंदर रखी शराब की बोतलों को तोड़ती हुई दीवार में जा धंसी। महज एक मिनट में बदमाश घटना को अंजाम देकर कार में सवार होकर भिण्ड की आरे फरार हो गए।
कमीशन को लेकर विवाद
घटना की सूचना मिलते ही मालनपुर टीआइ प्रदीप सोनी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शराब ठेकेदार रामकुमार सिकरवार ने बताया कि मालनपुर में शराब की दो दुकान संचालित करते हैं। बाजार में खुली दुकान पर उनका कमीशन को लेकर कुछ युवकों से एक दिन पहले विवाद हुआ था। जिसके बाद शनिवार की शाम को ये घटना हुई है। घटना को चार बदमाशों ने अंजाम दिया है जो ग्वालियर की ओर से एक काले रंग की कार में आए थे। आरोपियों ने कुल चार राउंड फायर किए हैं। पुलिस ने दो खाली खोका जब्त किए हैं।