मध्य प्रदेश
सूरीनाम एवं गुयाना के राष्ट्रपति तथा आस्ट्रेलिया की संसद सदस्य पीबीडी में होंगी शामिल भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के स्वच्छतम शहर इंदौर में होगा 17वां पीबीडी सम्मेलन
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 8-10 जनवरी को 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनआयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि चार साल बाद कोविड महामारी के बाद यह पहला आयोजन है। 16वां पीबीडी सम्मेलन नई दिल्ली में वर्ष 2021 में वर्चुअल मोड में हुआ था।
पीबीडी सम्मेलन के मुख्य अतिथि को-ऑपरेटिव गणराज्य गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशिष्ट अतिथि होंगे। ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य, सुश्री ज़नेटा मैस्करेनहास, दिनांक 8 जनवरी को यूथ प्रवासी सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगी।
पीबीडी का विषय है "प्रवासी अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार", इसमें अगले 25 वर्षों में आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और नए भारत के इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका शामिल है। इस बार के पीबीडी का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि वर्ष 2023 भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष और भारत के लोगों, संस्कृति और उपलब्धि के गौरवशाली इतिहास को चिह्नित करता है।
पीबीडी सम्मेलन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन दिवस और समापन दिवस के साथ-साथ विषय-आधारित महत्वपूर्ण सत्र शामिल हैं। पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासियों से जुड़ने के लिए युवा प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। जिसका आयोजन विदेश मंत्रालय एवं युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया जायेगा। इसी दिन मध्यप्रदेश द्वारा अर्थ-व्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी सेक्टर्स में दिये जा रहे विशेष अवसरों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।
दूसरे दिन 9 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में डायस्पोरा का योगदान" विषय पर एक डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और एक स्मारक डाक टिकट- "सुरक्षित जाएँ, प्रशिक्षित जाएँ" जारी करेंगे। तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करने के साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के भाषण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।
महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे सत्र
प्रवासी भारतीयों के पैनलिस्टों की भागीदारी के साथ पीबीडी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सत्र होंगे। सत्र की अध्यक्षता मंत्री स्तर से की जाएगी। सत्रों से प्राप्त निष्कर्ष/सिफारिशें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ साझा की जाएंगी।
पहले सत्र में 8 जनवरी को नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका, दूसरे सत्र में 9 जनवरी को अमृत काल में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @2047, तीसरे सत्र में 9 जनवरी को भारत की सॉफ्ट पावर का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना, चौथे सत्र में 10 जनवरी को भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका और पाँचवें सत्र में 10 जनवरी को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
17वें पीबीडी सम्मेलन को अब तक प्रवासियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 66 देशों से 3200 से अधिक व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया है। इस कार्यक्रम में यूएई, मॉरीशस, कतर, ओमान, यूएसए, यूके, बहरीन, कुवैत और मलेशिया सहित कई देशों के बड़े प्रवासी प्रतिनिधि-मंडल भाग लेंगे। मॉरीशस, मलेशिया और पनामा सहित कुछ देशों से मंत्रि-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल सहभागिता करेंगे।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह भव्य रूप में हों
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 5वें संस्करण में प्रदेश के आठ नगरों में 30 जनवरी से 11 फरवरी 2023 तक हो रहे खेलों के आयोजन को यादगार बनाया जाए। यह मध्यप्रदेश के लिए भी एक विशेष अवसर है, जब प्रदेश की संस्कृति की झलक इन खेल आयोजनों के साथ देखी जा सकेगी। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह भव्य रूप में होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आयोजन की तैयारियों की बैठक में जानकारी प्राप्त की। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया उपस्थित थी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट और महेश्वर में 30 जनवरी से 11 फरवरी 2023 की अवधि में विभिन्न खेल गतिविधियाँ होंगी। इनमें 6 हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संपादित करने के लिए विभिन्न समितियों को दायित्व दिया जाए। मध्यप्रदेश के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह में की जाएँ। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नवजात कन्या को जंगल में फेंका, 'इंद्र' ने गोद में उठाया, 'कृष्णा' ने पहुंचाया अस्पताल
भोपाल। अपना पाप छिपाने के लिए किसी ने एक नवजात बच्ची को मरने के लिए शाल में लपेटकर नजीराबाद के जंगल में फेंक दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि जानवर उसे अपना निवाला बना लेंगे, लेकिन बचाने वाले के हाथ बहुत लंबे होते हैं। यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ भी हुई। मासूम का करुण क्रंदन सुनकर 'इंद्र' ने उसे गोद में उठाया, तो 'कृष्णा' ने उसे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। इस मामले में पुलिस 24 घंटे में आसपास के 10 गांव की आंगनबाड़ियों का 15 दिन के अंदर जन्मे बच्चों का रिकॉर्ड खंगाल चुकी है। अभी तक इस नवजात की मां के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है। बच्ची की उम्र एक-दो दिन बताई जा रही है।
वन चौकीदार ने सुनी रोने की आवाज
मुख्य मार्ग से 100 मीटर अंदर मिली बच्ची
खतरों के बीच पड़ी थी मासूम
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भगवान शिव को लेकर कहे अपशब्द, वीडियो हुआ वायरल
श्योपुर। इंटरनेट मीडिया पर श्योपुर से कांग्रेस के विधायक बाबू जंडेल का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में विधायक बाबू जंडेल नशे की हालत में भगवान शिव के लिए अपशब्द कहते हुए दिखाई दे रहे है। भाजपा नेता नरेंद्र सलूजा ने इस वीडियो को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। विधायक के बयान के विरोध में हिंदू संगठनों ने श्योपुर आज प्रदर्शन किया और कार्रवाई के लिए ज्ञापन भी सौंपा।
वीडियो में विधायक ने भगवान शंकर के लिए कई आपत्तिजनक अपशब्दों का उपयोग किया। वीडियो में देखकर लगता है कि विधायक नशे की हालत में हैं। लेकिन यह पता नहीं चलता कि विधायक का यह वायरल वीडियो कब का है।
विधायक ने कहा कि कांटा छांटा गया है उनका वीडियो
वायरल वीडियो को लेकर विधायक बाबू जंडेल का कहना है कि भगवान भोले नाथ उनके आराध्य है। मैं भगवान शिव की ही पूजा करता हूं। इस तरह की बात कहना तो दूर मैं सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि वीडियो को कांट छांट कर रामनिवास रावत उन्हें बदनाम करने के लिए वायरल कर रहे है। यह वीडियो रक्षाबंधन के समय का है। मेरी कलाई पर राखी भी बंधी हुई है!
भोलेनाथ मेरे आराध्य, काट-छांटकर जारी किया वीडियो
मामले पर सफाई देते हुए विधायक बाबू जंडेल ने कहा- भोलेनाथ मेरे भी आराध्य हैं। मैं भगवान भोलेनाथ को पूजता हूं। इस तरह की बात कहना तो दूर, मैं सोच भी नहीं सकता। मैंने तो सिर्फ यह कहा था कि सिर्फ भोलेनाथ ऐसे भगवान हैं, जिनका लिंग पूजा जाता है।
विवादों से रहा है विधायक का पुराना नाता
विधायक बाबू जंडेल अपने काम से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चित रहते हैं। जनवरी महीने में विधायक बाबू जंडेल श्योपुर में पशु पालकों और वनांचल के कार्यक्रम में काथा कि भाइयों, अगर अपनी सरकार आई तो आप चिंता मत करो। जंगल में बकरियों को जलाने वालों को मैं जिंदा जला दूंगा। अक्टूबर 2024 में कराहल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा- अगर यहां कांग्रेस नहीं जीती तो मैं अपना मुंह काला करवा लूंगा।
अगस्त 2023 में श्योपुर में बारिश नहीं होने पर कहा था- श्योपुर की जनता से अपील है कि क्षेत्र के मुखिया यानी विधायक को गधे पर बैठाकर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाले तो इंद्रदेव प्रसन्न होंगे और बारिश जरूर होगी। इसके अलावा मार्च 2023 में सब इंस्पेक्टर माधवी शाक्य को फोन पर गालियां दी थी। इसका ऑडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ था और अब केस भी कोर्ट में चल रहा है।
इंदौर में 50 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपित गिरफ्तार
इंदौर। इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में सराफा पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से आधा किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है। इस ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के नाम पारस और रिंकू हैं।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर पता चलाने की कोशिश कर रही है कि वे यह ड्रग्स कहा से लाए थे और किसे सप्लाई कर रहे थे। भोपाल और झाबुआ में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से प्रदेशभर में पुलिस जगह-जगह कार्रवाई कर ड्रग्स बेचने वालों को गिरफ्तार कर रही है।
विजय नगर पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद फरोख्त के मामले में पैडलर अर्जुन मीना (मंदसौर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 22 अगस्त को आरोपित यश उर्फ नन्नू को स्मैक के साथ पकड़ा था। आरोपित ने अर्जुन का नाम बताया था। अर्जुन के विरुद्ध करीब 30 मामले दर्ज है।
गुजराती कॉलोनी में भंडारे के चंदे की बात पर दो पक्ष भिड़े
द्वारकापुरी थाना अंतर्गत गुजराती कॉलोनी में भंडारे के चंदे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने एक पक्ष से बाबू गुजराती और दूसरे पक्ष से विजय अगोनिया की शिकायत पर केस दर्ज किया गया।
भंवरकुआं थाना क्षेत्र में छात्रा के साथ बस में छेड़छाड़
भंवरकुआं पुलिस ने बुधवार को आर्ट एंड कामर्स कॉलेज की छात्रा की शिकायत पर हसीब उर्फ आसिफ निवासी जन्नो की बस्ती महू के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। टीआई राजकुमार यादव ने बताया कि घटना करीब 20 दिन पुरानी है। हसीब ने अश्लील हरकत की।
अहमदाबाद और ग्वालियर के बीच चलेगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, मक्सी, उज्जैन, नागदा और रतलाम से गुजरेगी
रतलाम। यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा दीपावली, छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के साथ उधना-कानपुर सेंट्रल तथा अहमदाबाद-ग्वालियर के बीच त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
09069 उधना-कानपुर स्पेशल 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को उधना से सुबह 5.30 बजे चलकर रतलाम (1.05/1.15), नागदा (2.10/2.12),उज्जैन (3.15/3.25) व मक्सी (4.40/4.42) होते हुए अगले दिन सुबह 6.30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी।
कानपुर और उधना के बीच स्पेशल ट्रेन Kanpur to Udhna Train Route
इसी तरह 09070 कानपुर सेंट्रल-उधना स्पेशल 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार को कानपुर सेंट्रल से 9.30 बजे चलकर मक्सी (12.35/12.37), उज्जैन (1.15/1.25), नागदा (2.00/2.02) व रतलाम (3.00/3.10) होते हुए अगले दिन सुबह 10 बजे उधना पहुंचेगी।
इन रूट से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वड़ोदरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा राजगढ़, रुठियाई, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, सोनी, भिंड और ईटावा स्टेशनों पर रुकेगी। 09411 अहमदाबाद-ग्वालियर सुपरफास्ट स्पेशल 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को अहमदाबाद से रात 8.25 बजे चलकर रतलाम (1.20/1.30), नागदा (2.05/2.07), उज्जैन (3.00/3.10) व मक्सी (4.20/4.22) होते हुए रविवार को दोपहर एक बजे ग्वालियर पहुंचेगी।
20 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलेगी - Ahmedabad to Gwalior Special Train
इसी तरह 09412 ग्वालियर-अहमदाबाद सुपरफास्ट स्पेशल 20 अक्टूबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक रविवार को ग्वालियर से 4.30 बजे चलकर मक्सी (11.50/11.52), उज्जैन (12.40/12.45), नागदा (1.56/1.58) व रतलाम (2.30/2.40) होते हुए सोमवार को सुबह 9.05 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री श्री मोदी इंदौर में 17वें पीबीडी सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 9 जनवरी को इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 2023 का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी सुबह 8:25 बजे दिल्ली से वायु मार्ग से रवाना होकर 9:50 बजे इंदौर विमानतल आएंगे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी सुबह 10:25 बजे से दोपहर 2 बजे तक इंदौर में ब्रिलिएन्ट कन्वेन्शन सेन्टर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में शामिल होकर दोपहर 2:35 बजे विमानतल से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। सम्मेलन के गुयाना गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चन्द्रिका प्रसाद संतोखी विशेष अतिथि होंगे।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन
राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के कर-कमलों से होगा समापन
तीन दिवसीय सम्मेलन में विश्व के प्रवासी भारतीयों का होगा समागम
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इंदौर में हो रहे 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का 9 जनवरी को शुभारंभ करेंगे और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु समापन करेंगी। पीबीडी में विश्व में रह रहे हजारों प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन 8 से 10 जनवरी तक होगा। पीबीडी सम्मेलन में संपूर्ण विश्व के प्रवासी भारतीय विभिन्न विषय पर चर्चा करेंगे। प्रवासी भारतीयों को देश और प्रदेश की उपलब्धिओं और क्षमताओं से रू-ब-रू कराया जायेगा। सांस्कृतिक गतिविधियाँ होगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के कर-कमलों से तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन पर प्रवासी भारतीयों का सम्मान होगा।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के प्रथम दिवस 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस पर गुयाना के राष्ट्रपति श्री मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी तथा ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य सुश्री ज़ेनेटा मैस्करेनहास शामिल होंगी। पीबीडी में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल होंगे।
युवा प्रवासी भारतीय दिवस
पीबीडी सम्मेलन के प्रथम दिन युवा प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन, सचिव (सीपीवी, ओआईए) विदेश मंत्रालय डॉ. औसाफ सईद का स्वागत भाषण, केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर का उद्बोधन, गेस्ट ऑफ ऑनर सुश्री ज़ेनेटा मैस्करेनहास संसद सदस्य ऑस्ट्रेलिया का विशेष संबोधन होगा। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर संबोधित करेंगे। सचिव युवा मामले और खेल सुश्री मीता राजीवलोचन आभार व्यक्त करेंगी।
पहले दिन केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में प्लेनरी सेशन में नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं से संबंधित 3 सेक्टर्स, टेक्सटाईल एण्ड गारमेंट्स : वीविंग द ग्रोथ स्टोरी ऑफ एम.पी., सूचना प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेक्टर में मध्यप्रदेश में होने वाले परिवर्तनों की कहानियाँ, हेल्थ केयर एण्ड फार्मास्यूटिकल्स इन्वेस्टमेंट : रिशेपिंग द ग्लोबल हेल्थ वेल्यू चेन पर सत्र होंगे। इसके बाद 3 महत्वपूर्ण सत्र में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश- द फूड बास्केट, स्टार्टअप ईको सिस्टम-अनलीशिंग द एन्ट्रेप्रेन्योरियल स्ट्रेंथ ऑफ मध्यप्रदेश एवं टूरिज्म अपॉर्चुनिटी इन द हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया, विषय पर महत्वपूर्ण चर्चा होंगी। शाम को मध्यप्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक विशेषताओं पर आधारित सांस्कृतिक सम्मेलन होंगे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी 9 जनवरी को करेंगे प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री मोदी 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में उद्घाटन करेंगे। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत उद्बोधन देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान, विशिष्ट अतिथि सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी और मुख्य अतिथि गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली का उद्बोधन होगा। मंचासीन अतिथियों द्वारा विशेष डाक टिकिट "सुरक्षित जायें, प्रशिक्षित जायें’’ जारी किया जायेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इसके बाद भारतीय प्रवासी दिवस प्रदर्शनी "आजादी का अमृत महोत्सव-भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतियों का योगदान’’ का उद्घाटन होगा। गुयाना के साथ समझौता ज्ञापन एवं समझौतों का आदान-प्रदान होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चन्द्रिका प्रसाद संतोखी के साथ बैठक होगी।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में लंच के बाद "अमृत काल में भारतीय हेल्थ केयर ईको सिस्टम को बढ़ावा देने में भारतीय डायस्पोरा की भूमिका : विजन @ 2047’’ विषय पर प्लेनरी सेशन होगा। शाम को केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन की अध्यक्षता में भारत की सॉफ्ट पॉवर का लाभ उठाना-शिल्प व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना’’ विषय पर सत्र होगा। इसके बाद सांस्कृतिक सम्मेलन एवं रात्रि भोज होगा।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु पीबीडी के समापन सत्र में प्रवासीय भारतीयों को सम्मानित करेंगी
पीबीडी के तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रथम सत्र में केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में "भारतीय कार्य-बल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम बनाना – भारतीय डायस्पोरा की भूमिका’’ विषय पर सत्र होगा। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में "राष्ट्र निर्माण के लिये एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का उपयोग करना’’ विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा भोज का आयोजन किया गया है। इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुँचेंगी और सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी एवं गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से भेंट करेंगी। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत भाषण देंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन होगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रवासी भारतीयों को पुरस्कार प्रदान करेंगी और सम्मेलन को संबोधित करेंगी। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ 17वें पीबीडी सम्मेलन का समापन होगा।
पीबीडी का इतिहास
प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) प्रतिवर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिन महात्मा गांधी की भारत वापसी का प्रतीक है। गांधी जी वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।
पहला प्रवासी भारतीय दिवस वर्ष 2003 में मनाया गया था। यह दिन भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान का प्रतीक है। वर्ष 2015 से पीबीडी का द्विवार्षिक आयोजन हो रहा है।
इस विषय पर भारतीय प्रवासी समुदायों के योगदान को पहचानने के लिए विशेष सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। पीबीडी सम्मेलन विश्व के 110 देश के भारतीय प्रवासी समुदायों को परस्पर मेलजोल और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे विश्व में रहने वाले प्रवासी भारतीयों में विश्वास और सद्भावना का वातावरण बनता है। हर साल पीबीडी सम्मेलन पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर मनाया जाता है।
अतीत में इस सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अनेक राष्ट्र के राष्ट्रध्यक्षों और दुनिया भर से आए गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया है। विभिन्न राष्ट्रों से आए सैकड़ों एनआरआई और पीआईओ की उत्साही भागीदारी इस सम्मेलन की सफलता का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मान
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) भी प्रदान किए जाते हैं। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार अनिवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्यक्ति को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार अनिवासी भारतीय द्वारा स्थापित और संचालित किसी संगठन या संस्था को भी दिया जाता है। यह पुरस्कार विदेश में भारत के बारे में बेहतर समझ बनाने, भारत के कारणों का समर्थन करने और स्थानीय भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए काम करने के लिए भारतीय डायस्पोरा के योगदान को याद करने के लिए प्रदान किया जाता है। अब तक 269 प्रवासी सदस्यों को पीबीएसए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत और साथ ही संगठन दोनों शामिल हैं। वर्ष 2021 के लिए, दुनिया के 26 देश में कार्य कर रहे 15 भारतीय राज्य से संबंधित व्यक्तियों और संगठनों को कुल 30 पुरस्कार प्रदान किए गए थे। ये पुरस्कार व्यवसाय, सार्वजनिक/सामुदायिक सेवाओं, चिकित्सा, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी आदि के क्षेत्र में प्रदान किए गए।
राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिये की बैठक
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिये राजभवन में समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि सरकार की कोविड गाइडलाइन के अनुरूप कार्यक्रम के सारे इंतज़ाम किए जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को ध्यान में रखते हुए गणतंत्र दिवस की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए।
राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त भोपाल संभाग श्री मालसिंह भयड़िया, भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, आयुक्त नगर निगम भोपाल श्री के.वी.एस. चौधरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सूरीनाम एवं गुयाना के राष्ट्रपति तथा आस्ट्रेलिया की संसद सदस्य पीबीडी में होंगी शामिल
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के स्वच्छतम शहर इंदौर में होगा 17वां पीबीडी सम्मेलन
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 8-10 जनवरी को 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनआयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि चार साल बाद कोविड महामारी के बाद यह पहला आयोजन है। 16वां पीबीडी सम्मेलन नई दिल्ली में वर्ष 2021 में वर्चुअल मोड में हुआ था।
पीबीडी सम्मेलन के मुख्य अतिथि को-ऑपरेटिव गणराज्य गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशिष्ट अतिथि होंगे। ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य, सुश्री ज़नेटा मैस्करेनहास, दिनांक 8 जनवरी को यूथ प्रवासी सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगी।
पीबीडी का विषय है "प्रवासी अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार", इसमें अगले 25 वर्षों में आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और नए भारत के इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका शामिल है। इस बार के पीबीडी का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि वर्ष 2023 भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष और भारत के लोगों, संस्कृति और उपलब्धि के गौरवशाली इतिहास को चिह्नित करता है।
पीबीडी सम्मेलन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन दिवस और समापन दिवस के साथ-साथ विषय-आधारित महत्वपूर्ण सत्र शामिल हैं। पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासियों से जुड़ने के लिए युवा प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। जिसका आयोजन विदेश मंत्रालय एवं युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया जायेगा। इसी दिन मध्यप्रदेश द्वारा अर्थ-व्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी सेक्टर्स में दिये जा रहे विशेष अवसरों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।
दूसरे दिन 9 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में डायस्पोरा का योगदान" विषय पर एक डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और एक स्मारक डाक टिकट- "सुरक्षित जाएँ, प्रशिक्षित जाएँ" जारी करेंगे। तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करने के साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के भाषण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।
महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे सत्र
प्रवासी भारतीयों के पैनलिस्टों की भागीदारी के साथ पीबीडी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सत्र होंगे। सत्र की अध्यक्षता मंत्री स्तर से की जाएगी। सत्रों से प्राप्त निष्कर्ष/सिफारिशें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ साझा की जाएंगी।
पहले सत्र में 8 जनवरी को नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका, दूसरे सत्र में 9 जनवरी को अमृत काल में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @2047, तीसरे सत्र में 9 जनवरी को भारत की सॉफ्ट पावर का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना, चौथे सत्र में 10 जनवरी को भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका और पाँचवें सत्र में 10 जनवरी को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
17वें पीबीडी सम्मेलन को अब तक प्रवासियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 66 देशों से 3200 से अधिक व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया है। इस कार्यक्रम में यूएई, मॉरीशस, कतर, ओमान, यूएसए, यूके, बहरीन, कुवैत और मलेशिया सहित कई देशों के बड़े प्रवासी प्रतिनिधि-मंडल भाग लेंगे। मॉरीशस, मलेशिया और पनामा सहित कुछ देशों से मंत्रि-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल सहभागिता करेंगे।
प्रदेश में सहकारिता से हो रहा उन्नति का पथ प्रशस्त
प्रदेश में सहकारिता से उन्नति का पथ प्रशस्त हो रहा है। सहकारी संस्थाओं द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसल के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। सहकारिता विभाग में विभिन्न क्षेत्रों में रजिस्टर्ड समितियाँ स्थानीय स्तर पर नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की किसानों के हित में शुरू की गई अनेक योजना में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना से किसानों को सूदखोरों और ब्याज के कुचक्र से मुक्ति मिल रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में साल दर साल बढ़ोत्तरी हो रही है। ऋण उपलब्धता में वर्ष 2021-22 में वर्ष 2019-20 की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019-20 में 11 हजार 471 करोड़ रूपये का ऋण किसानों को वितरित किया गया था, जबकि वर्ष 2021-22 में 16 हजार 807 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 हजार 700 करोड़ से अधिक के ऋण का वितरण किया जा चुका है।
किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सहकारी समितियों का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में 4 हजार 534 पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएँ) सामान्य सुविधा केन्द्रों से किसानों को केसीसी पर (किसान क्रेडिट-कार्ड) कृषि ऋण और खाद-बीज का वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। पैक्स से वर्ष 2020-21 में 10 लाख 85 हजार क्विंटल और वर्ष 2021-22 में 10 लाख 3 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों को दिया गया। प्रदेश में संगठित क्षेत्र के कुल बीज उत्पादन का 80.15 प्रतिशत सहकारी बीज संस्थाओं द्वारा उत्पादित किया जा रहा है। इन संस्थाओं के उपार्जन केन्द्रों द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जाता है।
सहकारी संस्थाओं से प्रदेश में फसलों का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के समय में भी किसानों से एक करोड़ 29 लाख 42 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 37 लाख 26 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। वर्ष 2021-22 में एक करोड़ 28 लाख 16 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 45 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। पैक्स द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों का भी संचालन किया जा रहा है।
सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पैक्स को सशक्त करने के लिये आई.टी. से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश, पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश की सभी 4 हजार 534 पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 177 करोड़ रूपये की लागत से किये जा रहे पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन को अगले 3 वर्ष में पूरा किया जायेगा। पैक्स में माइक्रो एटीएम की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। नाबार्ड की सहायता से 29 जिला सहकारी बैंक की शाखाओं और उनसे संबद्ध पैक्स में 4 हजार 628 माइक्रो एटीएम की स्थापना की जा रही है। माइक्रो एटीएम से पैक्स तक बैंकिंग सुविधा का विस्तार हो सकेगा।
सहकारिता विभाग द्वारा अनेक क्षेत्र में कार्य कर रही सहकारी संस्थाओं को फेसिलिटेट भी किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में 10 हजार से अधिक महिला बहु-प्रयोजन सहकारी समितियों का गठन सहकारिता विभाग द्वारा किया गया है। ग्रामीण उद्योग और परिवहन, उद्यानिकी, पर्यटन, खनिज, श्रम, सेवा-प्रदाता आदि नये क्षेत्रों में भी विभाग द्वारा 814 सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है। विभिन्न प्रयोजनों के लिये नागरिकों द्वारा सहकारी संस्थाओं का गठन किया जाता है। ऐसे नागरिकों के लिए सहकारी संस्थाओं के गठन को अधिक सुविधाजनक बनाने पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। सहकारी संस्थाओं के ऑडिट आवंटन की प्रक्रिया को भी रेण्डम तरीके से ऑनलाइन किया गया है। ऐसा करने वाला प्रदेश, देश का पहला राज्य है।
सहकारिता में अधिकाधिक जन-समुदाय, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को जोड़ कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विभाग कार्य कर रहा है। सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर और व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
45 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1807 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति
चिकित्सा महाविद्यालयों में 433 नवीन पीजी सीट की वृद्धि
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में 45 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1807 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में सी. एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 स्कूल विकसित किये जा रहे हैं। इनमें से 45 स्कूलों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 7 दिसम्बर 2022 को प्रस्तुत किये गये। विभागीय प्रस्ताव के अनुक्रम में परियोजना परीक्षण समिति की अनुशंसा पर 45 सर्वसुविधायुक्त स्कूलों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में कुल 9 हजार 200 सी.एम.राइज स्कूलों का निर्माण किया जाना है। इसकी मंत्रि-परिषद से सैद्धांतिक स्वीकृति जुलाई, 2021 में जारी की जा चुकी है। इसमें से प्रथम चरण में 370 स्कूलों का निर्माण हो रहा है, जिनमें 275 स्कूल शिक्षा विभाग में तथा शेष 95 स्कूल जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत निर्मित हो रहे हैं। पूर्व में मंत्रि परिषद द्वारा 2 हजार 660 करोड़ रूपए की लागत के 73 स्कूलों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
चिकित्सा महाविद्यालों में 433 नवीन पीजी सीट की वृद्धि
438 करोड़ 40 लाख रूपये की राशि स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर तथा रीवा में 433 नई पी.जी. सीट वृद्धि का निर्णय लिया। चिकित्सा महाविद्यालय इन्दौर के लिए 192 करोड़ 24 लाख रूपये, चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर के लिए 62 करोड़ 82 लाख रूपये, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर के लिए राशि 100 करोड़ 66 लाख रूपये तथा चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के लिए 82 करोड़ 68 लाख रूपये, इस प्रकार कुल राशि 438 करोड़ 40 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर तथा रीवा के विभिन्न विभागों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए पी.जी सीट्स की वृद्धि होने से प्रदेश को प्रत्येक वर्ष अतिरिक्त संख्या में विषय-विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे।
आकांक्षा योजना के नये स्वरूप की स्वीकृति एवं निरंतरता को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग प्रतिष्ठित संस्थाओं से संभाग स्तर पर दिये जाने के लिए योजना का अनुमोदन एवं ऑफलाईन कोचिंग को प्रतिवर्ष और ऑनलाईन कोचिंग पायलेट प्रोजेक्ट में आगामी 4 वर्षों के संचालन के लिए वित्तीय भार 30 करोड़ 54 लाख 71 हजार रूपये का अनुमोदन किया। इस योजना में आफलाईन कोचिंग के लिए वर्ष 2022-23 से 2023-24 तक (2 वर्षीय पाठयक्रम अनुसार) 1600 विद्यार्थियों को ऑफलाईन कोचिंग से लाभान्वित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक की ऑनलाईन कोचिंग के लिए 10 विशिष्ट विद्यालयों के 25 विद्यार्थियों के मान से 4 वर्षों में कुल 250 विद्यार्थियों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन में आम सहमति और निर्विरोध निर्वाचन के प्रोत्साहन के लिये पुरस्कार राशि में वृद्धि
मंत्रि-परिषद ने पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन में आम सहमति और निर्विरोध निर्वाचन को प्रोत्साहित करने की योजना में अभी तक ऐसी ग्राम पंचायत जिनके सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए को 1 लाख रूपये, ऐसी ग्राम पंचायत जिनके सरपंच एवं सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए को 5 लाख रूपये तथा ऐसी ग्राम पंचायतें जिनके सरपंच एवं सभी पंच महिला हैं को 10 लाख रूपये प्रदाय किये जाते थे। योजना को पुनरीक्षित करते हुए अब नई श्रेणियाँ एवं पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उन्हें 5 लाख रूपये। सरपंच पद के लिए वर्तमान निर्वाचन एवं पिछला निर्वाचन निरंतर निर्विरोध रूप से होने पर 7 लाख रूपये। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच एवं सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए, उन्हें 7 लाख रूपये। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच तथा सभी पंच महिला निर्वाचित हुए हैं 12 लाख रूपये, पंचायत में सरपंच एवं पंच के सभी पदों पर महिलाओं का निर्वाचन निर्विरोध होने पर 15 लाख रूपये दिये जाने का निर्णय लिया गया। इन पुरस्कार को प्रदान करने के लिये 55 करोड़ 60 लाख रूपये का प्रावधान वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में किया गया है।
23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंचो के मानदेय में वृद्धि
मुख्यमंत्री द्वारा 7 दिसम्बर 2022 को सरपंचों के राज्य-स्तरीय उन्मुखीकरण, प्रशिक्षण-सह-सम्मेलन में घोषणा की गई थी कि सरपंचों का मानदेय 1,750 से बढ़ा कर 4,250 रूपये प्रतिमाह किया जाएगा। इस संदर्भ में पंचायत राज संचालनालय से जारी आदेश का मंत्रि-परिषद द्वारा अनुसमर्थन किया गया। इससे प्रदेश की 23 हजार 12 ग्राम पंचायतों के सरपंच, दूरभाष एवं सत्कार भत्ता सहित 4,250 रूपये प्रतिमाह मानदेय प्राप्त करेंगे।
सीएम हेल्पलाइन 181 को प्रभावी बनाने के निर्णय
मंत्रि-परिषद ने सी.एम. हेल्पलाइन 181 को प्रभावी रूप से संचालित करने के उद्देश्य से कई निर्णय लिया। इसके अुनसार सी. एम. हेल्पलाइन 181 के इनबाउंड एवं आउटबाउंड कॉल सेंटर की कुल क्षमता क्रमश: 300 सीट्स एवं 120 सीट्स की जाए एवं सात तकनीकी संविदा पदों का सृजन किया जाए। विभिन्न विभागों द्वारा उनकी योजनाओं के फीडबैक के लिए आवश्यकता अनुसार सी.एम. हेल्पलाईन के चयनित वेंडर की मेनपावर हेतु स्वीकृत दरों पर कॉल सेंटर का संचालन कराये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। सी.एम. हेल्पलाईन के कार्यक्षेत्र में हुए विस्तार के दृष्टिगत एवं सी.एम. हेल्पलाईन परियोजना में स्वीकृत संविदा के पदों की संविदा अवधि मार्च 2026 तक निरन्तर जारी रखने की स्वीकृति दी गयी। लोक सेवा प्रबंधन विभाग में संविदा में कार्यरत जिला/विभागीय प्रबंधक एवं कार्यालय सहायक तथा राज्य लोक सेवा अभिकरण एवं सीएम हेल्पलाईन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पुनरीक्षित मानदेय स्वीकृत किया गया।
ज्ञानोदय विद्यालयों के लिए पदों का सर्जन
मंत्रि-परिषद ने ज्ञानोदय विद्यालयों में सृजित किये गये शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों की पूर्ति की स्वीकृति दी। ज्ञानोदय विद्यालय में स्वीकृत प्रयोगशाला सहायक को प्रयोगशाला शिक्षक (संविदा शिक्षक वर्ग 3) के समकक्ष घोषित किये जाने तथा 10 संभागीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के लिए बालक एवं बालिका छात्रावासों में सहायक अधीक्षकों के 20 अतिरिक्त पद स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन किया गया।
जनजातीय परिवारों के हित में 15 करोड़ 75 लाख रूपये का अपलेखन
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग की "ग्रेन बैंक" योजना के प्रावधान अनुसार 2846 ग्रेन बैंकों के माध्यम से गरीब असहाय जनजातीय परिवारों को वितरित 15 करोड़ 75 लाख रूपए का खाद्यान्न वापस न मिलने पर इसकी लागत पर शासन को हुई हानि राशि 15 करोड़ 75 लाख रूपए का अपलेखन किए जाने के निर्णय का अनुमोदन किया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 की स्वीकृति
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांर्गत पूर्व में प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती एवं धात्री माता को 5 हजार रूपये दिये जाने का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद ने योजना के नवीन दिशा-निर्देशों में प्रथम प्रसव पर 5 हजार रूपये के साथ द्वितीय प्रसव पर बालिका के जन्म होने पर योजना के पात्र हितग्राही को 6 हजार रूपये दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की। "मिशन शक्ति के 'सामर्थ्य' घटक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 प्रदेश के सभी जिलों में परिवर्तित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की स्वीकृति भी दी गई।
शौर्या दल के संचालन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा शौर्या दल योजना में वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक की व्यय राशि की कार्योंत्तर स्वीकृति एवं योजना को आगामी 3 वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि में संचालित किये जाने की स्वीकृति दी गई।
संपत्तियों का निर्वर्तन
मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की वार्ड नं. 35, तलावली चांदा के पास, इंदौर, स्थित भूमि परिसम्पत्ति जिसका सर्वे नंबर 4/2 कुल रकबा 8280 वर्गमीटर है, के निर्वर्तन के लिए आमंत्रित द्वितीय निविदा के H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 10 करोड़ 23 लाख रूपये, जो रिजर्व मूल्य राशि 2 करोड़ 15 लाख रूपये का 4.76 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-I निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 47, खसरा क्रमांक 184 / 1 ग्राम तिलिमाफ़ी, पार्सल क्र. 1, जिला सागर, म. प्र. स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 6119 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 14 करोड़ 73 लाख 98 हजार रूपये, जो रिजर्व मूल्य 8 करोड़ 5 लाख रूपये का 1.83 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए, का निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 9. खसरा क्रमांक 215/1, 216/1, 217/1/2, 218/2 एवं 219/2 भू-खण्ड प्लॉट क्र. 3. गाडराखेड़ी, तहसील मल्हारगंज, जिला इंदौर स्थित परिसम्पत्ति कुल रकबा 8187 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 48 करोड़ 90 लाख 48 हजार, जो रिजर्व मूल्य राशि 5.68 करोड़ रूपये का 8.61 गुना है, की संस्तुति करते हुए H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाने का निर्णय लिया।
कोरोना की चुनौती के बीच मध्यप्रदेश का खेल मंच पर उल्लेखनीय प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के खेलों की दृष्टि से बीता वर्ष उपलब्धियों भरा रहा। कोरोना काल के बाद खेलों के आयोजन और अकादमियों के संचालन की चुनौती को स्वीकार करते हुए मध्यप्रदेश ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कर दिखाया। बीते वर्ष में प्रदेश ने राष्ट्रीय खेलों में भागीदारी कर पदकों के हिसाब से बड़ा मुकाम हासिल किया। इसके बाद प्रदेश में लगातार राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन ने यह साबित किया कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं का आयोजन कर सकता है। वर्ष 2022 में ही मध्यप्रदेश को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी मिली, जो सोने पर सुहागा जैसा है।
मध्यप्रदेश के खेल और खिलाड़ी विश्व मंच पर अपना स्वर्णिम प्रदर्शन कर रहे हैं। एक समय खेल परिदृश्य पर लगभग ओझल सा मध्यप्रदेश आज देश के शीर्ष खेल राज्यों में शुमार हो गया है। मध्यप्रदेश को इस स्तर पर पहुँचाने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, खिलाड़ियों और खेल विभाग को जाता है। इन सबने एक सुचिंतित लक्ष्य के साथ वर्ष 2007 में इसकी नींव रखी। इसी नींव पर फलदार वृक्ष की उम्मीद भरे अकादमी रूपी पौधे लगाये गये। यही पौधे अब फल देने लगे हैं। खेलों की इस फुलवारी में खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा से इस वृक्ष को वट वृक्ष बना दिया। आज हर खेल में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी सम्मान पा रहे हैं। प्रदेश की खेल संरचनाओं और यहाँ के मॉडल को अन्य प्रदेशों ने भी अपनाया है। प्रदेश के खिलाड़ी खेलों के महाकुंभ ओलिंपिक तक पहुँच गए हैं। यह सब एक परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दृढ़-इच्छाशक्ति से ही संभव हो पाया है। उम्मीद है कि भविष्य में भी प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराते नजर आएंगे।
प्रदेश में वर्ष 2007 में पहली हॉकी अकादमी की स्थापना के साथ ही अन्य खेलों के लिए अकादमियाँ स्थापित की गई। इन पर तेजी से काम होता गया। हर खेल की आधारभूत संरचना विश्व स्तरीय की गई। खिलाडिय़ों के चयन और उनके प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने महती भूमिका निभाई। खिलाडिय़ों ने भी इस हवन में अपनी लगन और मेहनत रूपी आहूति दी। परिणाम सभी के सामने है। प्रदेश की खेल अकादमियों के खिलाड़ी एक-एक कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते चले गए।
खिलाडिय़ों का विजयी प्रदर्शन
प्रदेश के खिलाड़ियों ने शूटिंग, घुड़सवारी, कुश्ती, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, जूडो, कराते, हॉकी, तीरंदाजी, जलक्रीड़ा, मलखंभ सहित अन्य खेलों में ऐसा प्रदर्शन किया, जो देश में चर्चा का विषय बन गया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की उपस्थिति पदकों के आधार पर होने लगी। सैकड़ों पदक खिलाडिय़ों ने प्रदेश की झोली में डाले। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हमारे खिलाड़ी पीछे नहीं रहे।
नेशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के खिलाडिय़ों ने बीते वर्ष में नेशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपनी झोली में डाले। मध्यप्रदेश के खिलाडिय़ों ने इन खेलों में 20 स्वर्ण, 25 रजत और 21 कांस्य पदकों सहित कुल 66 पदक अपनी झोली में डाले। मध्यप्रदेश इन खेलों में देश में सातवें स्थान पर रहा, जो मेजबान गुजरात से कहीं आगे था। इन खेलों में शूटिंग के साथ ही एथलेटिक्स, वाटर स्पोर्टस् सहित सभी खेलों का बड़ा योगदान रहा।
तीन राष्ट्रीय खेलों के आयोजन
बीता वर्ष मध्यप्रदेश में खेल आयोजन को लेकर भी बड़ा महत्वपूर्ण रहा। खेल विभाग द्वारा तीन बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन किए गए। इनमें सबसे बड़ी शूटिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता रही। देश के लगभग 5 हजार खिलाडिय़ों ने इसमें भागीदारी की। प्रदेश की बिशनखेड़ी स्थित शूटिंग रेंज विश्व स्तरीय बन चुकी है। जूनियर राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में भी देश के लगभग 200 घुड़सवारों ने राजधानी भोपाल में अपने शानदार घोड़ों के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश घुड़सवारी अकादमी ऐसी अकादमी है, जहाँ घुड़सवारी का क्रॉस कन्ट्री कोर्स बना है। दिसम्बर में राष्ट्रीय एलीट महिला बॉक्सिंग चेंपियनशिप का भी सफल आयोजन किया गया। इस चेंपियनशिप में तेलंगाना की निकहत ज़रीन और असम की लवलीना बोरगोहेन जैसी अंतर्राष्ट्रीय महिला बाक्सर ने अकादमी की व्यवस्थाओं की तारीफ की है।
खेलों की आधारभूत संरचना
वर्ष 2007 से पहले मध्यप्रदेश में खेलों के नाम पर कुछ नहीं था। खेल बजट ही ऊँट के मुँह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करता था। महज 6 करोड़ रूपये के बजट में खेल सुविधाओं को देना असंभव था। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया के अथक प्रयासों से बजट को बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार तक पहुँचा और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने भांजे-भांजियों के लिए खजाना खोल दिया। वर्ष 2007 से प्रदेश का बजट निरंतर बढ़ता गया। वर्ष 2021-22 तक आते-आते यह लगभग 400 करोड़ रूपए तक पहुँच गया। बजट के बढऩे के साथ ही खेल संरचनाओं को विकसित किया गया। खेलों के लिए नए भवन, खेल सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप तैयार की गई। प्रत्येक खेल अकादमी के लिए अलग भवन और पूरा सेटअप तैयार किया गया। आज मध्यप्रदेश में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धा के आयोजन में सक्षम है। प्रदेश की घुड़सवारी अकादमी, शूटिंग रेंज और हॉकी स्टेडियम सहित अन्य खेलों की संरचनाएँ तो विश्व-स्तरीय हैं।
खेल अकादमियों की महती भूमिका
मध्यप्रदेश के खेलों को विश्व-पटल पर पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका खेल अकादमियों की रही है। सच कहा जाए तो मध्यप्रदेश के खेलों को वर्ष 2007 के बाद विश्व मानचित्र पर पहुँचाने में खेल अकादमियों की महती भूमिका रही है। एक समय था जब मध्यप्रदेश से एक-दो खिलाडिय़ों के नाम ही चर्चा में रहते थे, पर अब अकादमियों की शुरूआत के बाद से नामचीन खिलाड़ियों की फेहरिस्त कई गुना बढ़ गई है।
कृषकों के हित में "न भूतो न भविष्यति" वाला वर्ष रहा है 2022
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के हित में राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में अभूतपूर्व निर्णय लिये। ये ऐसे निर्णय रहे, जिनसे किसानों को अप्रत्याशित रूप से दो गुने से ज्यादा लाभ मिला। किसानों का धन और समय बचा, जिसका लाभ उन्हें और उनके परिवार को मिला। हम कह सकते हैं कि किसानों के लिये वर्ष 2022 "न भूतो न भविष्यति" की उक्ति को चरितार्थ करने वाला रहा है। राज्य सरकार को लगातार 7वीं बार 'कृषि कर्मण अवार्ड' के अतिरिक्त कृषि अधोसंरचना निधि के सर्वाधिक उपयोग के लिये 'बेस्ट फरफॉर्मिंग स्टेट', मिलेट मिशन योजना में 'बेस्ट इमर्जिंग स्टेट' और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 'एक्सीलेंस अवार्ड' प्राप्त हुआ।
प्रदेश में वन ग्राम के किसानों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभान्वित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में शामिल करवा दिया। इससे वनाधिकार पट्टेधारियों की फसलों को क्षति होने पर फसल बीमा योजना का लाभ मिलने लगा। फसल बीमा योजना का ज्यादा से ज्यादा किसान लाभ ले सकें और इसमें अपनी विभिन्न फसलों का बीमा कराने के लिये सरकार ने अधिसूचित फसल क्षेत्र का मापदंड 100 हेक्टेयर के स्थान पर 50 हेक्टेयर किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के 4 हजार रूयये मिला कर प्रदेश के लाखों किसानों को 10 हजार रूपये की सालाना मदद की जा रही है।
प्रदेश में किसानों की ग्रीष्म कालीन मूंग को समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई। चना, मसूर, सरसों की उपज का उपार्जन, गेहूँ उपार्जन के साथ किया गया। इससे किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त लाभ हुआ। सरकार ने 8 जिलों में तिवड़ा मिश्रित चने का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया। प्रदेश सरकार के 'जितना उत्पादन-उतना उपार्जन' के निर्णय से चने के उपार्जन की क्षमता में वृद्धि हुई और किसानों को 750 करोड़ रूपये का अतिरिक्त लाभ हुआ। इस वर्ष समितियों में एक दिन में किसानों से उपार्जन की अधिकतम सीमा 25 क्विंटल को समाप्त कर दिया गया।
किसानों के हित में परंपरागत फसलों के स्थान पर लाभकारी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये फसल विविधीकरण योजना लागू की गई। राज्य में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिये भी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रत्येक किसान को अपनी कुछ भूमि पर प्राकृतिक खेती के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार ने निर्णय लिया है कि नर्मदा नदी के किनारों पर 4 लाख 45 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जायेगी। एक लाख 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने के लिये 60 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय भी लिया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के प्रोत्साहन के लिये सरकार देसी गाय के लालन-पालन के लिये 900 रूपये प्रतिमाह का अनुदान दिया जायेगा।
सरकार ने किसानों के हित में कृषि आदानों की गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए अमानक बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रेताओं के विरूद्ध भी इस वर्ष सख्ती से कार्रवाई की। इस वर्ष 136 बीज विक्रेताओं, 120 उर्वरक विक्रेताओं और 14 कीटनाशक विक्रेताओं की अनुज्ञप्तियों को निलंबित और निरस्त करने की कार्यवाही की। बीज, उर्वरक और कीटनाशक के 39 विक्रेताओं के विरूद्ध एफआईआर की कार्रवाई की गई।
राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से प्रदेश में एपीडा का क्षेत्रीय कार्यालय स्वीकृत कराकर चालू कराया गया। यह कार्यालय मंडी बोर्ड भोपाल (किसान भवन) में स्थित है। इससे मध्यप्रदेश के किसानों को अपने कृषि उत्पाद निर्यात करने में सुविधा मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी उपज का अधिकतम लाभ भी प्राप्त हो रहा है। एपीडा की मदद से ही बालाघाट के चिन्नूर चावल को जीआई टेग मिलने में सफलता मिली है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों को जीआई टेग दिलवाने के लिये एपीडा प्रयासरत है।
विशाल परिवार है हमारा देश : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली में सहभागिता करने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं-सेवकों ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल को पुरस्कृत स्वयं-सेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के एक माह के गणतंत्र दिवस शिविर के अनुभवों की जानकारी दी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा भी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि हमारा देश विशाल परिवार के समान है। इस परिवार के सदस्य बोलियों, भाषाओं, भौगोलिक, शारीरिक संरचना, स्वरूप की भिन्नताओं के साथ एक संस्कृति का अंग है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान जो अच्छा देखा, समझा उसे जीवन में शामिल करें। सिकल सेल के प्रति जन-जागृति के प्रयासों की जानकारी दिए जाने पर राज्यपाल ने कहा कि प्रयासों का लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ प्राप्त करना होना चाहिए। कार्य ऐसा हो कि दूसरे उससे प्रेरणा प्राप्त करें।
राज्यपाल श्री पटेल को राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं-सेवकों ने अपने अनुभवों की जानकारी दी। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के छात्र श्री शोभित दुबे, छात्रा कु. आंचल शर्मा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के छात्र श्री अंकित लाखरे और श्री राहुल पटले, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर की छात्रा कु. खुशी यादव और कु. अपूर्वा मिश्रा ने शिविर और परेड में भाग लेने के अनुभव बताए। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान 15 जोन में शामिल पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक के राज्यों की संस्कृति और सभ्यता के साथ सीधा साक्षात्कार हुआ। अनुभव हुआ कि भावनाओं की आत्मीयता में भाषा बाधा नहीं बन पाती है। उन्होंने बताया कि राजपथ परेड में राष्ट्रीय सेवा योजना के असैनिक दल के सदस्य के रूप में जो गर्व और हर्ष की अनुभूति होती है, वह अद्भुत और अविस्मरणीय है।
राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. आर.के. विजय, युवा अधिकारी रासेयो क्षेत्रीय निदेशालय श्री राजकुमार वर्मा, कार्यक्रम समन्वयक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय डॉ. अनंत कुमार सक्सेना और प्रशिक्षक सहायक रासेयो प्रशिक्षण संस्थान बरकतउल्ला विश्वविद्यालय श्री राहुल सिंह परिहार मौजूद थे।
पेसा एक्ट जनजातीय समाज को सफलता के शिखर पर ले जायेगा : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय समाज को जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिलाने के लिये पेसा एक्ट लागू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं जनता के बीच जाकर इसे सरल भाषा में समझा रहे हैं। पेसा एक्ट जनजातीय समाज को सफलता के शिखर पर ले जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वंचित वर्ग के कल्याण और समावेशी समाज बनाने के लिये सराहनीय प्रयास हो रहे हैं। राजय सरकार जनजातीय समाज को सिकल सेल जैसी बीमारी से बचाने के लिये भी सराहनीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान इस सबके लिये बधाई के पात्र हैं। जनजातीय नायकों ने जल, जंगल और जमीन बचाने के लिये अंग्रेजों के खिलाफ भीषण संघर्ष किया। आज टंट्या मामा भील के बलिदान दिवस पर मैं सभी को नमन करता हूँ।
राज्यपाल श्री पटेल एवं मुख्यमंत्री श्री चौहान आज नेहरू स्टेडियम इंदौर में क्रांति सूर्य टंट्या मामा भील बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज यहाँ क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम कोई कर्म कांड नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्रांति का शंखनाद है। मध्यप्रदेश की धरती पर जनजातीय कल्याण के संकल्प को पूरा भी किया जा रहा है। प्रदेश के 89 जनजातीय बहुल विकासखंडों में पेसा एक्ट लागू किया जा चुका है, जो जनजातीय समुदाय को जल, जंगल और जमीन का हक प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं पेसा एक्ट समझाने वाला मास्टर ट्रेनर हूँ। आज आप सबको ट्रेंड करने आया हूँ, जिससे हमारे जनजातीय भाई-बहन अपने अधिकारों को समझे और अपना एवं अपने गाँव को समृद्ध कर आत्म-निर्भर बनाये। प्रदेश में मास्टर ट्रेनर्स बना कर प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है। प्रत्येक विकासखंड में 15-15 कोआर्डिनेटर बनाये जायेंगे। पेसा एक्ट के माध्यम से जनजातीय वर्ग की जिंदगी बदलने का काम करना है। यह महा अभियान है, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसमें सभी को साथ मिल कर चलने का संकल्प भी दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कई लोग जनजातीय समाज की बेटियों से शादी कर उनकी जमीन हड़पने का षड़यंत्र करते हैं। मैं मध्यप्रदेश की धरती पर लव जिहाद का खेल चलने नहीं दूँगा। कोई बेटी के 35 टुकड़े कर दे, मैं यह बर्दाश्त नहीं करूँगा। जरूरत पड़ी तो लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित करेगी और गड़बड़ी करने वालों को छोड़ेगी नहीं। शिवराज मामा का संकल्प है कि न खाऊँगा और न खाने दूँगा। बेईमान सावधान हो जायें। जगह-जगह छापामार कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी बजट में गरीबों के लिये माइक्रो फाइनेंस योजना लायेंगे, जिसमें गरीबों को 5 हजार रूपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा। रोजगार एवं स्व-रोजगार के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। आने वाले समय में मध्यप्रदेश से पलायन को शून्य करेंगे, जिससे ग्रामीणों को रोजगार के लिये कहीं बाहर न जाने पड़े।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट में हर गाँव में समितियाँ बनेगी। इन समितियों में एक तिहाई सदस्य महिला होंगी। ग्राम सभाओं को अपने गाँव की जल, जंगल और जमीन के उपयोग का पूर्ण अधिकार होगा। पेसा एक्ट छल-कपट से छीनी गई जमीन पर जनजातीय समाज को दोबारा अधिकार दिलवायेगा। गाँव की रेत, गिट्टी, पत्थर पर पहला हक जनजातीय सहकारी समितियों का होगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में प्रारंभ की गई है। मेधावी छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भर रही है। बच्चे खूब पढ़ें, कोई चिंता न करें, उनकी फीस मामा भरेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामों में धार्मिक एवं पूजा स्थलों का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। हर ग्राम पंचायत में भोजन बनाने के बर्तन उपलब्ध कराये जायेंगे, जिससे ग्रामीणों को आयोजन के लिये बर्तन किराये से न लेना पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार जब मैं यहाँ आया था, तब कुछ मांगें पूरा करने का वादा किया था, वे सभी मांगे पूरी कर दी गई हैं। आज भंवरकुआं इंदौर में टंट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि ग्राम पंचायत दौलतपुरा के ग्राम नयापुरा में शहीद खाज्या नायक भील की प्रतिमा स्थापित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौण वन संपदा जैसे अचार की गुठली, महुए का फूल, महुए की गुल्ली, हर्रा, बहेड़ा, बाँस, आंवला,तेन्दूपत्ता आदि को बेचने, बीनने और इनके मूल्य निर्धारण का अधिकार भी अब ग्राम सभा के पास होगा। साथ ही ग्राम सभा,अमृत सरोवर और तालाबों का प्रबंधन भी करेगी। तालाबों में सिंघाड़ा उगाने, मछली पालन और मत्स्याखेट की सहमति ग्राम सभा देगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि अब ग्राम के श्रमिक किसी अन्य राज्य या अन्य जिले में मजदूरी करने ठेकेदार या किसी भी व्यक्ति के माध्यम से जाते हैं तो उसकी जानकारी ग्राम सभा को देनी होगी। इससे बाहर मजदूरी करने गये मजदूर की जानकारी ग्राम सभा के पास होगी, जिससे हमारे किसी भाई को कोई दिक्कत हो तो ग्राम सभा उसकी मदद कर पाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक गाँव में शांति एवं विवाद निवारण समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति स्थानीय छोटे-मोटे विवादों का गाँव में ही निपटारा करेगी, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक पुलिस थानों के चक्कर न लगाने पड़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव के किस पात्र व्यक्ति को शासन की कौन सी योजना का लाभ मिलना चाहिए उसे ग्राम सभा ही तय करेगी। स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आँगनवाड़ी केन्द्र, आश्रम, छात्रावास आदि के व्यवस्थित संचालन के लिए मॉनिटरिंग का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव में नई दारू दुकान खुले या नहीं, इसका फैसला ग्राम सभा करेगी। यदि दारू की दुकान, अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थल के पास है तो ग्राम सभा उसे बंद करने अथवा दूसरी जगह ले जाने की अनुशंसा कर सकेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोई निजी साहूकार, ब्याज देने वाला व्यक्ति लायसेंस लेकर और सरकार द्वारा तय ब्याज दर पर ही ग्रामीणों को ऋण दे सकेगा। अवैध रूप से दिये गये ऋण शून्य हो जायेंगे।
अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह मांडवे ने स्वागत भाषण दिया। सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि 15 नवम्बर 2021 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस मनाने की शुरूआत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग को अधिकार सम्पन्न बनाने के लिये 'पेसा एक्ट' लागू किया गया है। प्रदेश के 89 जनजातीय विकासखण्डों से जो टंट्या मामा भील गौरव यात्राएँ निकाली गई थीं, उनका समापन आज यहाँ उनके बलिदान दिवस पर हो रहा है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल निरंतर जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये कार्य करते रहते हैं।
केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि पूरे भारत में 10 ऐसे जनजातीय उपयोजना क्षेत्र वाले राज्य हैं, जहाँ वर्ष 1986 में जनजातीय अधिकार कानून बनाया गया। मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जहाँ 89 अनुसूचित विकासखण्डों में इसे लागू किया गया है। इसके लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान बधाई के पात्र हैं। प्रदेश में टंट्या मामा भील गौरव यात्राएँ निकाली गईं। इंदौर में टंट्या मामा भील की प्रतिमा स्थापित की गई है। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहाँ जनजातीय समाज को सर्वाधिक वनाधिकार पट्टे दिये गये हैं।
सांसद श्री सुमेर सिंह सोलंकी और पूर्व मंत्री श्रीमती रंजना बघेल ने भी संबोधित किया। विधायक श्री राम दांगोर ने आभार माना। वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, पशुपालन मंत्री श्री प्रेम सिंह पटेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव, सांसदगण विधायकगण और बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के प्रतिनिधि एवं समाज जन उपस्थित थे।
कार्यक्रम के पूर्व राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के पाताल पानी मंदिर में पूजा-अर्चना की और टंट्या मामा भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौध-रोपण भी किया।
झलकियाँ
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मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर स्वागत के लिये आई सभी फूल-मालाओं को टंट्या मामा भील के चित्र पर समर्पित किया गया।
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अतिथियों का स्वागत जनजातीय झूलड़ी और साफा पहना कर तथा धनुष बाण भेंट कर किया गया।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रारंभ में कन्याओं का पूजन किया। अतिथियों ने भारत माता, टंट्या मामा भील और भगवान बिरसा मुंडा के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया।
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टंट्या मामा भील और भगवान बिरसा मुंडा स्व-रोजगार योजनाओं में जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये गये।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति, आकांक्षा योजना, स्व-रोजगार योजनाओं के हितग्राहियों कु. रोशनी छग्गन, डॉ. लालू सिंह रावत और रामवीर सिंह से संवाद किया।
युवा टंट्या मामा से प्रेरणा लें समाज के विकास में सहयोग करें : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि टंट्या मामा से प्रेरणा लेते हुए युवा वर्ग जनजातीय समाज के विकास में सहयोग करें। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ जनजातीय समाज को दिलाने के लिए आगे आएँ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टंट्या मामा ने जिन मूल्यों के लिए संघर्ष किया, उन लक्ष्यों को पूरा करने का कार्य सरकार जी-जान से कर रही है।
राज्यपाल श्री पटेल, मुख्यमंत्री श्री चौहान खरगोन जिले में क्रांतिकारी जननायक टंट्या भील जन्मोत्सव कार्यक्रम को भोपाल से आभासी माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि टंट्या मामा ने जनजाति समाज के स्वाभिमान के संरक्षण, जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए जान की चिंता किए बिना साम्राज्यवादी ताकतों के साथ संघर्ष किया। शोषितों, पीड़ितों के रहनुमा जनजातीय गौरव टंट्या मामा के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होना, गर्व और गौरव की बात है। टंट्या मामा ने धर्म, संस्कृति और जातीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए त्याग, बलिदान, साहस और सेवा की मिसाल बनायी है। वे मात्र वनवासियों की आवाज नहीं थे। समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों के हितों के रक्षक थे। उस समय के अमेरिका के अंग्रेजी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने उन्हें भारत का रॉबिन हुड लिखा था, जो गरीबों का मसीहा था। राज्यपाल श्री पटेल ने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज की सेहत, शिक्षा, आवास और आजीविका के क्षेत्र में सम्भावनाओं के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने अपील की है कि जन्मजात और जानलेवा सिकल सेल रोग को खत्म करने के लिए रोग की जाँच के लिए जनजातीय भाई-बहन आगे आएँ। रोग के लक्षण दिखने से पहले ही रोग की पहचान होने से बेहतर उपचार संभव होगा। संकल्प कराया कि जनजातीय समाज की तरक्की के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर बच्चों की अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार का जीवन स्तर बेहतर बनाएंगे। भावी पीढ़ी को खुशहाल और उज्जवल जीवन प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार सब की है लेकिन पहला हक गरीबों का है। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री नि:शुल्क खाद्यान्न योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण सितम्बर माह तक किया जाएगा। वन ग्रामों के विकास के लिए आठ सौ ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदला जाएगा। रहने की जमीन के पट्टे भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 35 हजार पट्टों का वितरण किया जा रहा है। परीक्षण का कार्य भी जारी है। उन्होंने बताया कि निर्धारित दर से अधिक पर ब्याज के मामलों को शून्य किया गया है। वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने का कार्य भी किया जाएगा। तेंदूपत्ता लाभ का 75 प्रतिशत संग्राहकों को बोनस के रुप में दिया जाएगा। पेसा कानून के तहत 5 प्रतिशत ग्राम सभा को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार समरसता के साथ पेसा कानून को लागू कर रही है। सरकार ने जो 18 संकल्प लिए हैं, उन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में टंट्या मामा का लोक गीतों के द्वारा स्मरण किया।
जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह मांडवे ने कहा कि आज़ादी के संघर्ष में जनजातीय नायकों के योगदान को इतिहास के पन्नों में भुला दिया गया था। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय गौरव से पूरे देश को परिचित कराने का प्रयास किया है। उन्होंने जनजातीय विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए समाज को योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन, संस्कृति, अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि जन्मोत्सव का उद्देश्य टंट्या मामा के सद्गुणों को आत्म-सात करने के संकल्प का अवसर है। उनकी राष्ट्र, धर्म और परम्परा के प्रति आस्था और वीरता का अनुसरण किया जाना चाहिए। उन्होंने टंट्या मामा का चित्र घरों में लगाकर भावी पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि टंट्या मामा धर्म, संस्कृति, राष्ट्र रक्षा के ध्वज वाहक थे, जिन्होंने गरीब को न्याय दिलाने, गरीब कन्याओं का विवाह कराने के कार्य किए। अपना सुख-दुख नहीं देखा। उसी तरह प्रदेश सरकार ने जन-कल्याण की योजनाएँ बनाई है। उन्होंने बताया कि शिविर लगाकर योजनाओं के लाभ आपके पास पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों को खूब पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि सरकार पूरा सहयोग दे रही है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास और जनजातीय कार्य विभाग के अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया गया। टंट्या मामा के वंशज श्री रुपचंद्र सिरसाठे, थमाई बाई सिरसाठे आदि का सम्मान किया गया। मंत्रीद्वय ने शासकीय योजनाओं के हित लाभ पत्र का वितरण किया। निमाड़ के क्रांतिकारी नायक नामक पुस्तक का विमोचन किया। लेखक श्री जगदीश जोशीले का शॉल, श्रीफल से सम्मान किया। सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, श्री धूल सिंह डाबर, श्री गुलाब सिंह वास्कले, श्रीमती नंदा ब्राह्मणें ने संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रजीत साँवले ने सिकल सेल एनीमिया के बारे में बताया। इस अवसर पर रोग जाँच और स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया था।