देश-विदेश
मोतिहारी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, तेल चोरी करने के मामले 3 अपराधियों को किया गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी पुलिस ने 3 वैसे अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो IOCL के पाइप लाइन में छेद कर तेल चोरी करने का कार्य करते थे. गिरफ्तार अपराधियों का एक बड़ा रैकेट है, जो बिहार-झारखंड के विभिन्न जिलों में जाकर IOCL के द्वारा तेल सप्लाई के लिए जो पाइप लाइन जमीन के नीचे बिछाया गया है. उस पाइप से तेल निकालने का कार्य करते हैं और चोरी के तेल को टैंकर से ले जाकर बेचते हैं.
3 अपराधी गिरफ्तार
इस बीच मोतिहारी पुलिस को ये सूचना मिली की कोटवा थाना क्षेत्र से गुजरने वाली आईओसीएल पाइप लाइन में छेद कर तेल चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा है. जिसके बाद सदर डीएसपी 2 के नेतृत्व में कोटवा पुलिस ने छापेमारी की. जिसमें रंगे हाथ 3 अपराधी गिरफ्तार हो गए. गिरफ्तार अपराधियों में एक कोलकाता का रहने वाला है, तो 2 अपराधी यूपी के बलिया जिले का रहने वाला बताया जाता है.
मामले का खुलासा
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पाइप में ड्रिल कर तेल निकालने वाला यंत्र, एक तेल टैंकर और एक किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया है. इस मामले का खुलासा करते हुए मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पाइप लाइन से ड्रिलिंग कर तेल चोरी करने वालो का यह एक बड़ा गिरोह है, जो बिहार के साथ-साथ झारखंड में तकरीबन 9 जगहों पर तेल चोरी करने की बात को स्वीकार किया है.
डीआईजी आशीष भारती ने मुफस्सिल थाना का किया औचक निरीक्षण, कई वरीय पदाधिकारी रहे मौजूद
बेगूसराय: खगड़िया रेंज के डीआईजी आशीष भारती ने आज बेगूसराय जिले के मुफस्सिल थाना का औचक निरीक्षण किया. इस मौके पर बेगूसराय के एसपी मनीष सहित कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे. सर्वप्रथम डीआईजी आशीष भारती को पुलिसकर्मियों के द्वारा सलामी दी गई. तत्पश्चात डीआईजी आशीष भारती ने थाना भवन से लेकर पुलिस संसाधनों तक का निरीक्षण किया और पुलिस कर्मियों से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को भी सुना. थाने में लंबित कांडों को के संबंध में पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा जो गंभीर मामले हैं उसके जल्द निपटारे का भी आदेश जारी किया गया.
प्लस टू परीक्षा 2025 आज से शुरू, CHSE ने लागू किए कड़े सुरक्षा उपाय
भुवनेश्वर : ओडिशा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (CHSE) द्वारा आयोजित वार्षिक प्लस टू परीक्षाएं आज पूरे राज्य में शुरू हो गई हैं। कला और वाणिज्य स्ट्रीम के छात्रों के लिए परीक्षाएं कल से शुरू होने वाली हैं, जो 27 मार्च तक जारी रहेंगी। ओडिशा के कई केंद्रों पर प्लस टू की परीक्षा में 3,93,618 छात्र बैठेंगे।
आर्ट्स स्ट्रीम में 2,47,391 छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जबकि साइंस स्ट्रीम में 1,14,980 छात्रों ने फॉर्म भरा है। कॉमर्स स्ट्रीम से करीब 25,526 छात्र परीक्षा देंगे, जबकि वोकेशनल स्टडीज में 5,721 छात्र परीक्षा देंगे।
छात्र ओडिशा भर में 1160 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1 बजे तक चलेगी। आज विज्ञान के छात्र ओडिया भाषा का पेपर देंगे। कदाचार को रोकने के लिए पांच स्तरीय दस्ते का गठन किया गया है। परीक्षा की निगरानी के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। बोर्ड की सीधी निगरानी में 500 केंद्रों की लाइव निगरानी की जाएगी।
पहली बार गैर-प्रैक्टिकल विषयों के लिए 20 अंकों की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जा रही है। संस्थान इस आंतरिक मूल्यांकन के अंक सीएचएसई बोर्ड को भेजेंगे। सीबीएसई की तर्ज पर सीएचएसई ने भी एमसीक्यू ऑब्जेक्टिव पैटर्न पर जोर दिया है।
ओडिशा में 110 अपग्रेडेड हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। सीएचएसई बोर्ड ने यह भी कहा कि परीक्षा खत्म होने के 45 दिनों के भीतर नतीजे जारी कर दिए जाएंगे।
ओडिशा सरकार द्वारा शुरू की जाएगी निःशुल्क 109 एम्बुलेंस सेवा
भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार जल्द ही ओडिशा में निशुल्क 109 एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने दिए । ओडिशा सरकार जल्द ही ओडिशा के लोगों के लिए निशुल्क 109 एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है।
इस वाहन का इस्तेमाल शवों को अस्पताल से मृतक के घर या श्मशान घाट तक ले जाने के लिए किया जाएगा। यह सेवा पूरी तरह निशुल्क होगी।
108 एंबुलेंस की तर्ज पर ओडिशा में भी नई सेवा शुरू की जाएगी। यह जरूरतमंदों तक 20 से 30 मिनट में पहुंच जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने बताया कि पहले चरण में सभी जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) और मेडिकल कॉलेजों को ये एंबुलेंस मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए बजट आवंटन कर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे मृतक के परिजनों को मृतक को ले जाने में होने वाली समस्या का समाधान हो जाएगा।
ट्रक की टक्कर से नाले में गिरी बस, 5 लोगों की माैत, 40 से ज्यादा घायल
फरीदकोट। पंजाब के फरीदकोट में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। एक ट्रक के साथ टक्कर के बाद न्यू दीप कंपनी की बस रेलिंग तोड़ कर सेमनाले में गिर गई। इस हादसे में एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।
तीन मृतकों की पहचान हो चुकी है और तीनों ही मुक्तसर जिले के रहने वाले हैं। प्रशासन के मुताबिक मृतकों में मुक्तसर की अध्यापिका सिमरन, मुक्तसर के गांव शेरे वाले के आत्मा राम और मुक्तसर के गांव चिबडावाली के पूर्व सरपंच बलराज सिंह शामिल है। इनमें से सिमरन फरीदकोट के केंद्रीय विद्यालय में कार्य करती थी जबकि आत्माराम फरीदकोट के बस स्टैंड पर एक निजी बस कंपनी का टिकट चेकर था। बाकी दो की अभी पहचान नहीं हो पाई है।
वहीं हादसे में 40 से भी ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए फरीदकोट के गुरू गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही डिप्टी कमिश्नर विनीत कुमार समेत प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव का कार्य शुरू किया।
सीएम मान ने हादसे पर जताया दुख
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सुबह फरीदकोट में एक बड़ा हादसा हुआ, जहां यात्रियों से भरी बस ट्रक से टकराने के बाद नाले में जा गिरी। इस कारण कई लोग घायल हो गए और कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। मैंने प्रशासन को तुरंत घायलों की मदद करने के लिए कहा है और मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं। इस हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की आत्मिक शांति के लिए परमात्मा के आगे प्रार्थना करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
टेस्ला की भारत में संभावित एंट्री: नई भर्तियों और ईवी नीति से जुड़े संकेत...
मुंबई। अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने भारत में विभिन्न पदों पर भर्तियां शुरू कर दी हैं, जिससे देश में उसकी संभावित एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कंपनी की वेबसाइट पर जारी अधिसूचना के अनुसार, ये भर्तियां मुख्य रूप से मुंबई उपनगरीय क्षेत्र के लिए की जा रही हैं।
इन पदों पर भर्ती शुरू:
सेवा सलाहकार, ‘पार्ट्स’ सलाहकार, सेवा तकनीशियन, सेवा प्रबंधक, बिक्री एवं ग्राहक सहायता विशेषज्ञ, स्टोर प्रबंधक, व्यवसाय संचालन विश्लेषक, ग्राहक सहायता पर्यवेक्षक, ग्राहक सहायता विशेषज्ञ, वितरण संचालन विशेषज्ञ, ऑर्डर संचालन विशेषज्ञ, आंतरिक बिक्री सलाहकार, उपभोक्ता सहभागिता प्रबंधक।
क्या भारत में लॉन्च होने जा रही है टेस्ला?
कंपनी को ई-मेल कर यह पूछा गया कि क्या ये भर्तियां भारतीय बाजार में प्रवेश की योजना का हिस्सा हैं और भारत में बिक्री शुरू करने की संभावित समयसीमा क्या होगी? हालांकि, फिलहाल इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं मिला है।
मोदी-मस्क बैठक के बाद नियुक्तियां
टेस्ला द्वारा भारत में भर्तियां करने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से हुई थी। भारतीय बाजार में टेस्ला के प्रवेश को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं। इससे पहले, अप्रैल 2023 में, मस्क ने टेस्ला के दायित्वों का हवाला देते हुए अपनी भारत यात्रा स्थगित कर दी थी।
नई ईवी नीति से जुड़ी अटकलें
टेस्ला के भारत में प्रवेश की संभावनाओं को लेकर अटकलें तब और तेज हो गईं जब कुछ हफ्ते पहले सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति की घोषणा की। इस नीति के तहत, यदि कोई कंपनी 50 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश कर देश में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करती है, तो उसे आयात शुल्क में रियायत मिलेगी।
यदि टेस्ला भारत में प्रवेश करती है, तो यह देश के ईवी बाजार में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में प्रतिस्पर्धा और नवाचार को गति मिलेगी।
महाशिवरात्रि से पहले काशी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
दोपहर 12 बजे तक दो लाख भक्तों ने किए दर्शन
वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में महाकुंभ पलट प्रवाह के 35वें दिन मंगलवार को सुबह से 12 बजे तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिया। भोर में मंगला आरती के बाद से ही भक्तों की लाइनें गोदौलिया और मैदागिन तक लगी रहीं। वहीं वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन भी हो रहे हैं। गर्भगृह के एक द्वार से डबल लाइन में भक्तों को दर्शन कराकर भीड़ प्रबंधन किया जा रहा है।
मंदिर सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने कहा कि गर्भगृह के एक द्वार से दो दो लाइनों में लगे भक्तों को दर्शन कराया जा रहा है। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा के पहल पर ये व्यवस्था लागू की गई है। इससे ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जा पा रहा है। इसमें एक लाइन में लगे मंदिर के सामान्य श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
वहीं दूसरी लाइन में आने वाले भक्तों को सीढ़ीदार प्लेटफॉर्म बनाकर गर्भगृह के बाहर से झांकी दर्शन कराया जा रहा है। ऐसे में एक समय में एक गेट से दो लाइनों में लगे श्रद्धालुओं को दर्शन करा दिया जा रहा है।
मंदिर सीईओ ने कहा कि इसके अलावा मंदिर के अंदर भीड़ प्रबंधन को लेकर भी काम चल रहा है। महाशिवरात्रि पर भी मंदिर में दर्शन- पूजन महाकुंभ में लागू किए गए नियमों के अनुसार ही होगा।
सुरक्षा इंतजामों में लगे काशी जोन के एडीसीपी
उधर, भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए काशी जोन के एडीसीपी सरवणन टी. ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कहा कि महाकुंभ के पलट प्रवाह के चलते वाराणसी में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों का बड़ा जमावड़ा है। हर रोज यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पर्यटक और तीर्थयात्री सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें। तीर्थयात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग जगह बनाई गई है। जिससे आवाजाही में कोई बाधा न आए। साथ ही ड्रोन से नावों में भीड़भाड़ को लेकर निगरानी की जा रही है। सभी नाव मालिकों को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जानकारी भी दी गई है।
भारत और कतर प्रतिस्पर्धी नहीं, एक-दूसरे के पूरक हैं : पीयूष गोयल
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और कतर एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक हैं। मंगलवार को भारत-कतर व्यापार मंच के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने दोनों देशों द्वारा समृद्धि और आर्थिक विकास के लिए एक साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस कार्यक्रम को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सहयोग से आयोजित किया गया था। कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, भारत और कतर के बीच संबंध ऐतिहासिक भी हैं और संभावनाओं से भरे हुए भी हैं। सोमवार को पीएम मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को एयरपोर्ट पर रिसीव कर मित्रता और भाईचारा का एक संदेश दिया। यह दोनों देशों के बीच भाईचारे और बढ़ते विश्वास को दिखाता है।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने आने वाले दिनों में व्यापार और निवेश दोनों में भारत और कतर के बीच बड़े पैमाने पर वृद्धि होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बदलते दौर के साथ दोनों देश अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की उपस्थिति में भारत और कतर के बीच दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, हम दो देश हैं, जो कतर और भारत दोनों देशों के लोगों के बेहतर भविष्य, अधिक समृद्धि और कल्याण के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत और कतर दोनों ही देश अपने व्यापार और निवेश संबंधों में बड़े बदलाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने सस्टेनेबिलिटी, उद्यमशीलता और एनर्जी को तीन प्रमुख स्तंभों के रूप में पहचाना जो आने वाले वर्षों में दोनों ही देशों की आर्थिक साझेदारी को आकार देने का काम करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ये तीन स्तंभ परिभाषित करेंगे कि हम इस बदलती दुनिया में एक साथ कैसे काम करेंगे, जहां हर 10 या 20 साल में हम विश्व व्यवस्था और व्यापार दोनों में बड़ा फेरबदल देखते हैं।
ज्ञानेश कुमार बने देश के नये मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया है। कानून मंत्रालय ने इस संबंध में सोमवार देर रात अधिसूचना जारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार शाम को दिल्ली में बैठक की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार को भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त चुना गया।
वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को ज्ञानेश कुमार की पदोन्नति के बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे। केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं, जिसका नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं।
ज्ञानेश कुमार 1988 केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब 2019 में अनुच्छेद 370 को अप्रभावी घोषित किया गया था, तब वह गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर डेस्क के प्रभारी थे। उन्होंने केरल में विभिन्न पदों पर भी काम किया है, जिनमें एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी के पद शामिल हैं।
उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
उन्होंने 15 मार्च, 2024 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला और वे उत्तराखंड कैडर के सुखबीर संधू के साथ चयन पैनल द्वारा नियुक्त दो आयुक्तों में से एक थे। मौजूदा चुनाव आयोग प्रमुख राजीव कुमार का कार्यकाल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है। मई 2022 में सीईसी के रूप में कार्यभार संभालने वाले राजीव कुमार ने 2024 में लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्य विधानसभा चुनावों सहित कई प्रमुख चुनावों की देखरेख की।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को समाप्त होगा। उनकी देखरेख में इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव होंगे।
सुरक्षा और विकास में सीमा शुल्क की महत्वपूर्ण भूमिका: सीतारमण
मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की आर्थिक स्थिरता को सुरक्षित रखने और विकास को बढ़ावा देने में भारतीय सीमा शुल्क की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान सीमा शुल्क विभाग ने असाधारण प्रदर्शन किया।
श्रीमती सीतारमण ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के यहां न्हावा शेवा में अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सीबीआईसी आगे भी ऐसे उच्च मानकों को बनाए रखेगा।
श्रीमती सीतारमण ने सीबीआईसी से विश्व सीमा शुल्क संगठन (डब्ल्यूसीओ) के भीतर वैश्विक सीमा शुल्क समुदाय में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि भारत के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
इस कार्यक्रम में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भारत की आर्थिक सुरक्षा को बनाए रखने और विनिर्माण तथा निर्यात को बढ़ावा देने में सीमा शुल्क की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि व्यापार सुविधा में सहायता करने और भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई डिजिटल पहलों के माध्यम से सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर श्रीमती सीतारमण ने व्यापार सुविधा को बढ़ाने और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का उद्घाटन किया। पहली पहल, 'एकल अनुबंध', करदाताओं के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक ई-बॉन्ड और ई-बैंक गारंटी सुविधा है। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कई मैनुअल बॉन्ड और बैंक गारंटी को एकल, सुव्यवस्थित डिजिटल बॉन्ड से बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो प्रक्रिया को सरल बनाता है और करदाताओं के लिए कागजी कार्रवाई को कम करता है।
इसके अतिरिक्त वित्त मंत्री ने ऑनलाइन सीमा शुल्क रिफंड सुविधा का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाना है। यह प्रणाली करदाताओं के खातों में सीधे हस्तांतरण के साथ पूरी तरह से डिजिटल रिफंड सुनिश्चित करती है, जिससे एक तेज़ और अधिक कुशल रिफंड तंत्र प्रदान होता है।
जयशंकर ने हिंद महासागर सम्मेलन में की विक्रमसिंघे से मुलाकात
कोलंबो। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आठवें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गयी। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय साझेदारी को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
दिल्ली में छोटी फॉल्ट लाइन के कारण भूकंप भी हल्के, यहां गढ़वाल और हिमाचल के भूकंप से है ज्यादा खतरा
नई दिल्ली, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह 5:36 बजे रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र नई दिल्ली से लगभग चार किलोमीटर दूर धौला कुआं के पास सतह से पांच किलोमीटर की गहराई पर था। दिल्ली में कुछ छोटी फॉल्ट लाइन हैं। इनमें से एक फॉल्ट लाइन धौला कुआं के पास है। इसके ही सक्रिय होने से भूकंप महसूस हुआ। वहीं भूकंप की गहराई कम होने से कुछ इलाकों में इसकी आवाज भी सुनाई दी। वैज्ञानिकों के मुताबिक दिल्ली के अंदर ऐसी कोई भी फॉल्ट लाइन नहीं जिसमें भूकंप आने से दिल्ली को बड़ा नुकसान हो। विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली के अंदर मौजूद फॉल्ट लाइनों में रिक्टर स्केल पर 5 की तीव्रता से ज्यादा का भूकंप दिल्ली में दर्ज नहीं किया जा सकता है। दिल्ली में बड़े भूकंप का खतरा गढ़वाल और हिमाचल में जमीन के अंदर चल रही गतिविधियों से है।
दिल्ली-एनसीआर सिस्मिक जोन 4 में आते हैं। इसका मतलब है कि ये इलाका भूकंप को लेकर बेहद संवेदनशील है। दिल्ली-एनसीआर में अक्सर ही भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसका बड़ा कारण है कि दिल्ली से 300 से 400 किलोमीटर के अंदर हिमालय के कई ऐसे हिस्से आते हैं जहां कई बड़ी फॉल्ट लाइनें हैं। हिमालय के आसपास बड़े भूकंप आते रहते हैं जो दिल्ली तक महसूस किए जाते हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च के पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉक्टर बीके रस्तोगी कहते हैं कि दिल्ली में कुछ छोटी फॉल्ट लाइनें हैं। ऐसे में यहां छोटे छोटे भूकंप आते रहते हैं। लेकिन इन भूकंपों से बहुत अधिक नुकसान होने की संभावना नहीं है। इन भूकंपों से ज्यादा से ज्यादा कुछ पुराने घरों को नुकसान पहुंच सकता है। धौला कुआं में मौजूद फॉल्ट लाइन भी काफी छोटी है। वहीं भूकंप का केंद्र कम होने के चलते लोगों को भूकंप के साथ आवाज सुनाई दी। सोमवार को आए भूकंप का केंद्र की गहराई लगभग पांच किलोमीटर थी। इसके चलते आठ से दस किलोमीटर की परिधि में लोगों को भूकंप की आवाज साफ तौर पर सुनाई दी। दिल्ली से कुछ दूरी पर जैसे मुरादाबाद या हरियाणा में सोनीपत के आसपास कुछ फॉल्ट लाइनें हैं, जिनमें भूकंप आने से उनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 तक दर्ज की जा सकती है।
इस वजह से आती है भूकंप की आवाज
डॉक्टर रस्तोगी कहते हैं कि भूकंप की आवाज फॉल्ट लाइन में मौजूद दो चट्टानों के आपस में रगड़ने से आती है। जब दो चट्टानें आपस में रगड़ती हैं तो उनसे निकलने वाले वाइब्रेशन या एनर्जी वायुमंडल में आ कर साउंड वेव में बदल जाती है जिससे हमें भूकंप की आवाज सुनाई देती है। ये आवाज तभी सुनाई देती है जब भूकंप की गहराई कम हो। ज्यादा गहराई में भूकंप होने पर आवाज सुनाई नहीं देती है, सिर्फ भूकंप महसूस होता है। भूकंप की गहराई कम होने पर आठ से 10 किलोमीटर की दूरी में किसी धमाके सी आवाज सुनाई देती है। लेकिन दूरी ज्यादा होने पर बादलों की गड़गड़ाहट जैसी आवाज आती है।
ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो दिल्ली में ऐसे कभी बड़े भूकंप दर्ज नहीं किए गए जिनका केंद्र दिल्ली में रहा हो। इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च के साइंटिस्ट (D) डॉक्टर केएम राव कहते हैं कि दिल्ली के अंदर कुछ फॉल्ट लाइनें हैं जो बहुत पुरानी हैं। जिस फॉल्ट लाइन में भूकंप आया वह एक पुरानी और छोटी फॉल्ट लाइन है। इसकी अधिकतम लम्बाई 25 से 30 किलोमीटर होगी। दिल्ली में जिस तरह के फॉल्ट हैं यहां रिक्टर स्केल पर 5.5 से ज्यादा तीव्रता के भूकंप नहीं आएंगे। ऐसे में दिल्ली में इस तरह के भूकंप से नुकसान होने की संभावना बेहद कम है। दिल्ली में बड़े भूकंप का खतरा गढ़वाल और हिमाचल में मौजूद बड़ी फाल्ट लाइनों की वजह से है। ये इलाके सिस्मिक जोन 5 में आते हैं, जो बेहद खतरनाक श्रेणी है। हिमालय में लगातार भूकंप आते रहते हैं। यहां मौजूद फॉल्ट लाइनों की लम्बाई 300 से 400 किलोमीटर तक है। ऐसे में यहां अक्सर हलचल होती रहती है। यहां रिक्टर स्केल पर 7 से ज्यादा तीव्रता के भूकंप आ सकते हैं। यहां जब बड़े भूकंप आते हैं तो उन्हें दिल्ली तक महसूस किया जाता है।
भारत में भूकंप की घटनाओं में बीते एक दशक में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उत्तर भारत के कई राज्य भूकंप के खतरनाक जोन में हैं जिनमें से एक दिल्ली भी है। भूकंप की आवृत्ति बढ़ने के पीछे टेक्टोनिक प्लेटों का खिसकना एक बड़ी वजह माना जाता है। लेकिन भूगर्भ विज्ञानियों और सिस्मोलॉजिस्ट ने बीते कई सालों के अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है कि भारत हर साल 5 सेंटीमीटर यूरेशिया (जिसमें यूरोप और एशिया के महाद्वीप आते हैं) की तरफ बढ़ रहा है। इसे भूकंप के बड़े कारणों में से एक माना जा रहा है। भूकंप वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले समय में एक बड़ा भूकंप उत्तर भारत में आ सकता है। हालांकि इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालय से लगे भारत के हिस्सों में आने वाले दिनों में भी भूकंप आते रहेंगे। लेकिन एक बड़ा भूकंप जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 से ज्यादा होगी, कभी भी आ सकता है, क्योंकि हिमालय के इस हिस्से में काफी समय से कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में प्रोफेसर और शांति स्वरूप भटनागर सम्मान से सम्मानित भूकंप वैज्ञानिक डॉक्टर श्याम सुंदर राय कहते हैं कि हिमालय से लगे हिस्सों में भूकंप आते रहे हैं, और ये भूकंप आते भी रहने चाहिए। इससे काफी ऊर्जा बाहर निकल जाती है। इससे बड़े भूकंप की संभावना कम हो जाती है। डॉक्टर राय कहते हैं कि 1803 में उत्तराखंड में रिक्टर स्केल पर 7.8 तीव्रता वाला भूकंप आया था। जिसके चलते इंडो गैंजेटिक प्लेन में काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद से अब तक इस इलाके में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। ऐसे में इस इलाके में में एक बड़ा भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी हुई है। डॉक्टर राय कहते हैं कि हमारी धरती की संरचना कुछ इस तरह की है कि ऊपर का लगभग 100 किलोमीटर का हिस्सा बेहद कठोर है। लेकिन उसके नीचे तरल लावा है। ये लावा हमेशा ढलान वाले हिस्से की ओर आगे बढ़ता है। इसी के चलते भारत के नीचे मौजूद टैक्टोनिक प्लेट उत्तर में यूरेशियन प्लेट की ओर हर साल लगभग 5 सेंटीमीटर आगे बढ़ रही है। हिंदकुश, पामीर पर्वत श्रृंखला और तिब्बत के करीब भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं। इसी के चलते इस इलाके में सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं।
भूकंप के चलते और बड़ा हो रहा है हिमालय
पांच करोड़ साल पहले इंडियन प्लेट इस यूरेशियन प्लेट में घुस गई। इंडियन प्लेट के टकराने से पहले यूरेशियन प्लेट के नीचे टेथिस सागर था। जब इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट में घुसी तो टकराने वाली जगह पर एक पहाड़ बनता चला गया। इस पर्वत को आज दुनिया की सबसे विशाल पर्वत श्रृंखला हिमालय कहा जाता है। ये इंडियन प्लेट आज भी यूरेशियन प्लेट में घुसती जा रही है। यही वजह है कि हिमालय की ऊंचाई हर साल बढ़ रही है।
अमेरिका की भौगोलिक सर्वेक्षण की संस्था के मुताबिक हिमालय हर साल लगभग एक सेंटीमीटर और ऊंचा हो रहा है। वैज्ञानिक मानते हैं कि हिमालय में हो रहे बदलावों के चलते बिहार में भी बड़े भूकंप का खतरा बना हुआ है। देश के जाने माने जियोफिजिसिस्ट, भूकंप वैज्ञानिक और आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर डॉक्टर शंकर कुमार नाथ कहते हैं कि 1934 में माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी हिस्से में रिक्टर स्केल पर 8.0 की तीव्रता का एक भूकंप आया था। इससे नेपाल और बिहार में काफी नुकसान हुआ था। इस भूकंप से मुंगेर और मुजफ्फरपुर शहर पूरी तरह से नष्ट हो गए। इस भूकंप के चलते मुंगेर का काफी हिस्सा हिमालय में चला गया। डॉक्टर नाथ कहते हैं कि इंडियन प्लेट का यूरेशियन प्लेट के नीचे जाने का सिलसिला जारी है। ये प्रक्रिया इतनी धीमी होती है कि हमें इसका पता ही नहीं लगता। हजारों साल में इसका असर देखने को मिलता है। ये संभव है कि आने वाले समय में बिहार का कुछ और हिस्सा हिमालय में समा जाए।
33 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर जमीन का एक ही टुकड़ा था
यूएस जियोग्राफिकल सर्वे ने अपनी एक रिसर्च में बताया है कि 33 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर जमीन का एक ही टुकड़ा था। उस टुकड़े का नाम पेंजिया रखा गया। 17 करोड़ साल पहले तक पेंजिया में अंदरूनी हलचलें होती रहीं लेकिन ये एक ही बना रहा। माना जाता है कि 17 करोड़ साल पहले पेंजिया दो टुकड़े हो गए। एक टुकड़े का नाम लॉरेशिया और दूसरे का गोंडवानालैंड पड़ा। गोंडवानालैंड और टेथिस सागर की थ्योरी 1907-08 में ऑस्ट्रियाई भूवैज्ञानिक एड्वर्ड सुएज ने भी दी थी। उन्हें भारत, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में जैसे जीवाश्म मिले थे। भारत में उन्होंने गोंडवाना से जीवाश्म इकट्ठे किए थे। इसलिए इस हिस्से का नाम गोंडवानालैंड रखा। गोंडवाना को ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का हिस्सा माना जाता है।
उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सड़क हादसों में 8 की मौत, 27 से ज्याद घायल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और आजमगढ़ में सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसों में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ये सभी लोग प्रयागराज कुंभ में स्नान कर घर लौट रहे थे।
कार को ट्रक ने मारी टक्कर, 3 की मौत
पहली दुर्घटना कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर ग्राम नगला कन्हई के पास हुई। सुबह लगभग 7 बजे राजस्थान के भरतपुर जिले के ग्राम उतारदा, तहसील थाना नदबाई के निवासी प्रयागराज कुंभ में स्नान के बाद घर लौट रहे थे।
इनकी कार को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार बच्चू सिंह, उनकी पत्नी कमलेश और परिवार की लीला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मोहन और राजकुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
आजमगढ़ में डिवाइडर से टकराई कार, 3 की मौत
दूसरा हादसा आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र में आजमगढ़-वाराणसी राजमार्ग पर हुआ। नेपाल के रूपम देही जिले के देवदार नगर पालिका से आए श्रद्धालु प्रयागराज कुंभ में स्नान कर लौट रहे थे।
15 फरवरी को आए 35 श्रद्धालु पांच कारों में सवार थे और सोमवार को नेपाल वापस जा रहे थे। इसी दौरान एक कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में पति-पत्नी सहित तीन लोगों—दीपा (35), उनके पति गणेश (45) और गंगा (40)—की मौत हो गई। वहीं, ड्राइवर ऋतिक दुबे (21), कोपिला देवकला देवी (35), अविशंकर (25), शुभम पोखराल (22) समेत सात लोग घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
गौहरपुर नेशनल हाईवे पर बस दुर्घटना, 2 की मौत
तीसरी दुर्घटना प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र में गौहरपुर नेशनल हाईवे पर ढाबे के पास हुई। बिहार के रोहतास से श्रद्धालुओं से भरी एक बस महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रही थी। बस में 35 यात्री सवार थे।
देर रात करीब 12 बजे हाईवे पर एक खराब ट्रेलर खड़ा था, जिससे बचने के लिए एक अन्य ट्रेलर ने अचानक ब्रेक लगा दी। पीछे से आ रही बस ट्रेलर से टकरा गई, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और 18 लोग घायल हो गए।
स्थानीय पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने दुर्घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
धनकुबेर निकला PWD का इंजीनियर, ACB के छापे में मिली करोड़ों की संपत्ति...
जयपुर। राजस्थान में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पीडब्लूडी विभाग के अधिशाषी अभियंता के ठिकानों पर रेड की। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पीडब्लूडी विभाग के अधिशाषी अभियंता (XEN) दीपक मित्तल के कई ठिकानों पर रविवार सुबह छापेमारी की। यह कार्रवाई जयपुर, उदयपुर, अजमेर, ब्यावर, जोधपुर और हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित मित्तल के ठिकानों पर एक साथ की गई। इस दौरान एसीबी को नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, प्लॉट, बैंक बैलेंस और निवेश से जुड़ी करोड़ों की बेनामी संपत्ति का पता चला है।
छापे में मिला करोड़ों का काला धन
एसीबी टीम को मित्तल के जयपुर स्थित आवास से करीब 50 लाख रुपये नकद, आधा किलो सोने के जेवर और करीब 1.5 किलो चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा जयपुर, उदयपुर और अजमेर में करोड़ों की लागत से खरीदी गई एक दर्जन से अधिक संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है।
बेनामी संपत्तियों का ब्योरा
जयपुर में 4 प्लॉट – कुल कीमत 1 करोड़ रुपये
उदयपुर में 9 प्लॉट – कुल कीमत 1.34 करोड़ रुपये
ब्यावर व अजमेर में 3 प्लॉट – कुल कीमत 6.50 लाख रुपये
18 बैंक खातों में जमा राशि – 40 लाख रुपये
म्यूचुअल फंड निवेश – 50 लाख रुपये
वाहनों की कुल कीमत – 15 लाख रुपये
बैंक लॉकरों की तलाशी अभी जारी
एसीबी की जांच के दौरान पता चला कि मित्तल ने अपनी वैध आय से 4.02 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है।
बच्चों की महंगी पढ़ाई और अन्य दस्तावेज भी बरामद
एसीबी को मित्तल के बच्चों की पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। उनके बच्चे जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी और एम्स गोरखपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। इन संस्थानों में उनकी अब तक की करीब 70 लाख रुपये की फीस का हिसाब मिला है। इसके अलावा कई बीमा पॉलिसियों में निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
बैंक लॉकरों की तलाशी बाकी
अब तक की छानबीन में मित्तल के तीन बैंक लॉकरों की जानकारी मिली है, जिनकी तलाशी अभी ली जानी बाकी है। एसीबी को आशंका है कि इन लॉकरों में भी भारी मात्रा में नकदी, गहने और अन्य दस्तावेज मिल सकते हैं।
एसीबी की कार्रवाई जारी
एसीबी के अधिकारी मित्तल और उनके परिजनों की संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
'जो वादी गरीब हैं, उनकी मदद को आगे आएं युवा वकील', सुप्रीम कोर्ट ने दी अहम सलाह
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि युवा अधिवक्ताओं को उन वादियों की सहायता के लिए स्वेच्छा से आगे आना चाहिए, जो साधनों या जागरूकता की कमी के कारण वकील की सेवाएं नहीं ले सकते।
सुप्रीम कोर्ट ने की युवा वकील की सराहना
व्यक्तिगत रूप से एक पक्ष को कानूनी सहायता प्रदान करने वाले युवा वकील की सराहना करते हुए जस्टिस बीवी नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि वकीलों को अपनी पेशेवर सेवाओं के बदले किसी भी तरह की अपेक्षा किए बिना वादियों को सर्वोत्तम कानूनी सहायता प्रदान करनी चाहिए।
गरीबों की मदद को स्वेच्छा से आगे आएं युवा वकील
पीठ ने कहा कि गरीब वादियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने के इन प्रयासों से वकील सामूहिक रूप से समाज को यह संदेश दे सकते हैं कि कानूनी पेशा न्याय तक पहुंच और कानून के समक्ष समानता के अधिकार के लिए खड़ा है। न केवल सिद्धांत रूप में बल्कि व्यवहार में भी। मुकदमे को सौहार्दपूर्ण ढंग से समाप्त करने के उद्देश्य से वकीलों के प्रयास यह संदेश देंगे कि वकील, विशेष रूप से श्रम और वैवाहिक मामलों में आपसी सहमति से समझौते में बाधा नहीं बन रहे हैं।
पीठ ने दी ये सलाह
पीठ ने कहा कि वे पक्षों को उनके विवादों को समाप्त करने की दिशा में भी प्रभावी रूप से अपनी भूमिका निभा सकते हैं। वे मध्यस्थता और सुलह जैसे वैकल्पिक विवाद तंत्रों में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
मामले का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि वकील संचार आनंद दो वर्षों में याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने के लिए इस अदालत के समक्ष 14 बार उपस्थित हुए। याचिकाकर्ता सीमित साधनों वाला व्यक्ति होने के कारण सेवाओं के लिए उन्हें एक पैसा भी नहीं दे पाया।
टोल टैक्स और फास्टैग से जुड़े नए नियम आज से लागू, अब लापरवाही पर लगेगा मोटा जुर्माना
नई दिल्ली। टोल भुगतान को सुव्यवस्थित करने, विवादों को कम करने और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआइ) और सड़क परिवहन मंत्रालय ने फास्टैग से जुड़े नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
आज से फास्टैग के नए नियम लागू
आज यानी सोमवार से लागू होने वाले नए फास्टैग नियमों के तहत कम बैलेंस, देरी से भुगतान या ब्लैकलिस्टेड टैग वाले यूजर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियम उन यूजर को प्रभावित करेंगे जो भुगतान में देरी करते हैं या जिनके टैग ब्लैकलिस्टेड हैं।
यदि वाहन टोल पार करने से पहले 60 मिनट से अधिक समय तक फास्टैग निष्क्रिय रहता है और वाहन के टोल पार करने के 10 मिनट बाद तक निष्क्रिय रहता है तो लेनदेन अस्वीकार कर दिया जाएगा। सिस्टम ऐसे भुगतानों को अस्वीकार कर देगा।
तो देना पड़ेगा अतिरिक्त शुल्क...
इसके अलावा, टोल भुगतान को सुव्यवस्थित करने और विवादों को कम करने के लिए चार्जबैक प्रक्रिया और कूलिंग पीरियड के साथ-साथ लेनदेन अस्वीकृति नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि वाहन के टोल रीडर से गुजरने के समय से 15 मिनट से अधिक समय के बाद टोल लेन-देन अपडेट होता है तो फास्टैग यूजर को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
इस मामले में यूजर 15 दिन बाद शिकायत दर्ज कर सकेगा
अपडेट किए गए राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक टोल संग्रह के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि लेनदेन में देरी होती है और यूजर के फास्टैग खाते में पर्याप्त शेष राशि नहीं है तो टोल ऑपरेटर को जिम्मेदार माना जाएगा। हालांकि, यदि राशि कट जाती है तो यूजर 15 दिन बाद शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे पहले, यूजर टोल बूथ पर अपने फास्टैग को रिचार्ज कर सकते थे और फिर आगे निकल सकते थे।
सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से हिला दिल्ली-NCR, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। सुबह-सुबह अभी लोगों की नींद भी नहीं खुली थी कि जोर-जोर से बेड और खिड़कियां हिलने लगी। लगातार दो झटकों से हर कोई सहम गया।
काफी तेज झटके महसूस हुए
सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर भूकंप के झटकों से लोग डर गए। लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की गहराई 5 किमी नीचे थी। भूकंप की तीव्रता 4.0 मैग्नीट्यूड मापी गई है, लेकिन झटके काफी तेज महसूस हुए। नोएडा से लेकर दिल्ली तक हर कोई कुछ मिनटों तक डर के साय में रहा।
घरों से बाहर निकले लोग
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। दरअसल, भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था, इसी कारण कम तीव्रता होने के बावजूद झटके काफी तेज महसूस हुए।
दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया
भूकंप के बाद दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। किसी भी सहायता के लिए 112 डायल करें।
हालांकि, भूकंप के झटके तेज थे, लेकिन अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
नेताओं ने भी किया पोस्ट
दिल्ली में भूकंप के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। नेताओं ने भी भूकंप को लेकर पोस्ट किए। भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने लिखा, "भूकंप?"। वहीं, कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी इसी तरह का पोस्ट किया।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी बताया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
दिल्ली में कब-कब आए तेज झटके
27 जुलाई 1960: दिल्ली में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, कई इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंचा
5 मार्च 2012: दिल्ली में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया
12 नवंबर 2022: दिल्ली में 5.4 तीव्रता का भूकंप
23 जनवरी 2023: दिल्ली में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया
21 मार्च 2023: दिल्ली में 6.6 तीव्रता का भूकंप
5 अगस्त 2023: दिल्ली में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया
भूकंप आए तो कैसे बचें
भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के लिए आप कई कदम उठा सकते हैं। नीचे बैठना, छिप और पकड़ना... जैसी विधि का पालन किया जा सकता है।
भूकंप के दौरान नीचे बैठना: अपने हाथों और घुटनों के बल जमीन पर लेट जाएं।
छिपना: किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिप जाएं।
पकड़ें: एक हाथ से वस्तु को पकड़ें और दूसरे हाथ से अपने सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें।
अगर आप घर के बाहर हैं तो जमीन पर लेट जाएं और खुली जगह की ओर रेंगते हुए जाएं। इमारतों, बिजली की लाइनों और पेड़ों से दूर रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो गाड़ी रोक दें और उसमें ही रहें। इमारतों, पेड़ों, ओवरपास और बिजली के तारों के पास रुकने से बचें।
अगर आप बिस्तर पर हैं तो वहीं रहें और अपने सिर और गर्दन को तकिये से ढक लें। अगर आप व्हीलचेयर पर हैं या वॉकर का इस्तेमाल करते हैं तो अपने पहियों को लॉक करें और कंपन बंद होने तक बैठे रहें।