देश-विदेश
सोने-चांदी की सजावट, इटालियन मार्बल और 500 करोड़ में बना 'साउथ का शीशमहल', क्यों जांच के घेरे में आया रुशिकोंडा पैलेस?
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू से पहले वाईएसआरसीपी पार्टी के मुखिया जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी। उस दौरान रुशिकोंडा पहाड़ी पर एक भव्य इमारत बनाया गया था, जिसे जगन रेड्डी का कार्यालय सह निवास स्थान बताया जाता था। अब ये जगह जांच के घेरे में हैं।
यह आलीशान संपत्ति, जिसकी अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये है, अब पर्यावरण उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रही है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, परिसर के अंदर सोने की सजावट, इटालियन मार्बल के फर्श और आलीशान साज-सज्जा सहित कई भव्य चीजें हैं।
यह महल सुरम्य रुशिकोंडा क्षेत्र में 10 एकड़ में फैले चार विशाल ब्लॉकों से बना हुआ है, जो एक प्रमुख तटीय पर्यटन केंद्र है। इस परिसर में व्यापक बुनियादी ढांचा जैसे की पक्की सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, थोक जल आपूर्ति और 100 केवी बिजली सब-स्टेशन शामिल हैं।
पर्यावरण उल्लंघन का आरोप
इस भव्य इमारत का निर्माण विवादों में घिरा हुआ है, जिसमें तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) मानदंडों के घोर उल्लंघन के आरोप हैं। आलोचकों का दावा है कि एस्टेट के निर्माण के लिए सुंदर रुशिकोंडा पहाड़ी के लगभग आधे हिस्से की खुदाई की गई थी, जिससे पर्यावरण संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (एमओईएफ) ने 19 मई, 2021 को पर्यटन विकास परियोजना के रूप में मंजूरी दी थी। हालांकि, टीडीपी का आरोप है कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने कानूनी दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए महल को जगन मोहन रेड्डी के निजी इस्तेमाल के लिए बनाया था।
टीडीपी सरकार ने फिर से इस्तेमाल के विकल्प तलाशे
वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अब इस आलीशान संपत्ति को फिर से इस्तेमाल करने की चुनौती से जूझ रही है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के प्रशासन ने जगन मोहन रेड्डी पर सार्वजनिक धन के घोर दुरुपयोग का आरोप लगाया है, कुछ अनुमानों के अनुसार कुल खर्च 600 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
हालांकि, वाईएसआरसीपी के पूर्व मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ ने पिछली सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह परियोजना कानूनी मापदंडों के भीतर है।
इस बीच, भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस सरमा ने अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने का आह्वान किया है और अधिकारियों से रुशिकोंडा के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने का आग्रह किया है।
AI और महिला सशक्तिकरण: डिजिटल युग में समानता की ओर बढ़ते कदम
सावित्री ठाकुर (महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार)
आज के इस तेज गति वाली 21वीं सदी में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नित नई संभावनाएँ उभर रही हैं, विशेष रूप से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों के माध्यम से। एआई न केवल महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सकता है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी समान भागीदार बनाने में मदद कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने G20 समिट से लेकर वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम तक, हर मंच पर ‘वूमेन-लेड डेवलपमेंट’ को बढ़ावा देने की बात कही है। इसके तहत महिलाओं को केवल विकास का लाभार्थी ही नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता भी माना जा रहा है। एआई इस दृष्टि से कई प्रकार से देश की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा सकता है। चाहे रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना हो या शिक्षा एवं कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाना, एआई हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकता है।
डेटा एनालिटिक्स की मदद से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। एआई संचालित डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए फ़र्जी लाभार्थियों की पहचान कर जरूरतमन्द लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।
एआई के उपयोग को लेकर 2018 में, भारत सरकार ने ‘नेशनल स्ट्रैटेजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की शुरुआत की, जिसका मकसद कुछ खास क्षेत्रों में एआई के विकास को बढ़ावा देना था। वर्ष 2021 में, ‘रिस्पॉन्सिबल एआई’ पर एक ड्राफ्ट पेश किया गया, जिसमें नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दिया गया। इस नेशनल स्ट्रैटेजी को ‘एआइ फॉर ऑल’ की थीम पर तैयार किया गया है।
विगत वर्ष, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ‘मेकिंग एआई इन इंडिया’ और ‘मेकिंग एआई वर्क इन इंडिया’ के विज़न पर चलते हुए 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ राष्ट्रीय स्तर के इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। ये मिशन, सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में रणनीतिक कार्यक्रमों और साझेदारियों के माध्यम से एआई नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक वृहद इकोसिस्टम स्थापित करेगा।
हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ़्रांस की सह-अध्यक्षता में आयोजित पेरिस एआई शिखर सम्मेलन 2025 में एआई को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया था, ताकि यह सभी वर्गों के लिए उपयोगी साबित हो सके। इसी संदर्भ में, एआई महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक हिंसा की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभा सकता है। एआई-आधारित निगरानी प्रणाली सार्वजनिक स्थलों पर लड़कियों के साथ होने वाले छेड़छाड़ की घटनाओं की पहचान कर अपराधी को चिन्हित करने में मदद कर सकती है। साइबर सुरक्षा में एआई का उपयोग ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर बुलिंग जैसी समस्याओं से निपटने में किया जा सकता है। इसके अलावा, एआई-आधारित आपातकालीन अलर्ट सिस्टम महिलाओं को तुरंत सहायता प्रदान करने में मदद कर सकता हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और भी सुदृढ़ होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग भी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकता है। हाल ही में स्वीडन में हुई एक क्लीनिकल स्टडी में पाया गया कि एआई आधारित मैमोग्राफी सिस्टम 29% अधिक स्तन कैंसर के मामलों की पहचान कर सकता है। इसके अलावा, एआई-आधारित प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स डॉक्टरों को जटिल बीमारियों की पहचान करने और उनके उपचार में मदद कर सकता है। खासकर, यह तकनीक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान कर सकती है और संभावित जटिलताओं को रोकने में सहायक हो सकती है।
‘विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत, भारत को एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। एआई न केवल महिलाओं के लिए नए अवसरों का सृजन कर सकता है, बल्कि उन्हें समाज में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए सक्षम भी बना सकता है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एआई केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। यह तकनीक एक समावेशी और प्रगतिशील समाज की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका उपयोग केवल आर्थिक या तकनीकी उन्नति तक सीमित न रहें, बल्कि इसे महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भी उपयोग किया जाए।
संसद में आज भी हंगामे के आसार
नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा काफी हंगामेदार रहा है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है, जिसकी वजह से संसद की कार्रवाई सुचारू रूप से नहीं हो रही है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के कारण चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे संदेहों को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की थी और राहुल गांधी ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें
भारत सरकार 266 और नागरिकों लाई वापस, विदेश में नौकरी करने के चक्कर बुरे फंसे
नई दिल्ली। विदेश में नौकरी करने की लालच में फंसे 266 भारतीय नागरिकों को मंगलवार को सरकार वापस लाई है, जिन्हें दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा कराया गया था। सोमवार को इसी तरह 283 भारतीयों को वापस लाया गया। भारतीय दूतावासों ने म्यांमार और थाईलैंड सरकारों के साथ मिलकर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और उनके स्वदेश वापसी में मदद की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने लगातार प्रयास किए हैं कि उन भारतीयों को रिहा किया जा सके, जो म्यांमार सहित दक्षित-पूर्व एशियाई देशों में फर्जी नौकरी के वादों से ठगे गए थे। इन नागरिकों को साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल किया गया था, जो म्यामांर-थाईलैंड सीमा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि कि वे विदेश में स्थित मिशनों के जरिए विदेशी नियोक्ताओं की साख की पुष्टि करें और नौकरी की पेशकश मंजूर करने से पहले भर्ती एजेंटों और कंपनियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करें। इससे पहले दिसंबर में भी भारतीय दूतावास ने म्यांमार के म्यावाडी में नौकरी घोटाले के परिसर में फंसे छह भारतीय नागरिकों को रिहा करने का ऐलान किया था।
दक्षिण-पूर्व एशिया का गोल्डन ट्राइंगल क्षेत्र साइबर अपराध का केंद्र है, जहां थाईलैंड, लाओस और म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं मिलती हैं। यहां से साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी कॉल सेंटर संचालित होते हैं। पीड़ितों में देश के अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हैं। म्यांमार सरकार ने बंधकों को छुड़ाने और उन्हें थाईलैंड शिफ्ट करने के लिए अपनी सेना को तैनात किया, जहां से उन्हें अब भारत वापस लाया गया।
पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक, BLA ने 100 से ज्यादा यात्रियों को बनाया बंधक...
इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने बोलन में जाफर एक्सप्रेस को अपने कब्जे में लेकर 120 यात्रियों को बंधक बना लिया है।
सैन्यकर्मियों को बनाया गया निशाना
बीएलए ने चेतावनी दी है कि अगर उनके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 6 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं। ट्रेन में सवार यात्रियों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, आतंकवाद निरोधक बल (ATF) और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के अधिकारी शामिल हैं, जो छुट्टी पर पंजाब जा रहे थे।
महिलाओं और बच्चों को छोड़ा
ऑपरेशन के दौरान बीएलए आतंकियों ने महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को रिहा कर दिया। बताया जा रहा है कि बीएलए की फिदायीन यूनिट, मजीद ब्रिगेड इस मिशन का नेतृत्व कर रही है। इसमें फतेह स्क्वाड, एसटीओएस और खुफिया शाखा जिराब शामिल हैं।
पाकिस्तानी सेना और प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए आपातकालीन कदम उठा रहे हैं। अभी तक हाईजैक की इस घटना पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हंपी दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की छापेमारी, कई इलाकों के होमस्टे-रिसॉर्ट में दबिश
कर्नाटक। हंपी दुष्कर्म-हत्याकांड के मद्देनजर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए कोप्पल पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान कई अहम दस्तावेजों की भी जांच की गई। जानकारी के मुताबिक, एसपी डॉ. राम एल. अरसिद्दी के नेतृत्व में पुलिस ने यह कार्रवाई की। छापेमारी बासपुरा, अनेगुंडी और सनापुर इलाकों में की गई। इस दौरान होमस्टे और रिसॉर्ट पर छापेमारी की गई और दस्तावेजों की जांच की गई।
क्या है मामला?
दरअसल, कोप्पल जिले में एक विदेशी नागरिक समेत दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने महिला के पुरुष मित्र को नहर में धकेलकर उसकी हत्या कर दी थी।
इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विदेशी नागरिक समेत दो महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म मामले की निंदा की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सरकार राज्य में आने वाले पर्यटकों समेत सभी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कोप्पल जिले के सनापुर में इस्राइली नागरिक और ‘होमस्टे’ मालकिन पर हमले और दुष्कर्म को सबसे जघन्य कृत्य करार दिया। सिद्धरमैया ने कहा, 'जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, मैंने संबंधित पुलिस से जानकारी प्राप्त की, गहन जांच की और उन्हें अपराधियों की शीघ्र पहचान करने के निर्देश दिए।'
क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, 6 मार्च यानी गुरुवार की रात हंपी के पास 27 साल की इस्राइली पर्यटक समेत दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उन पर हमला किया गया। महिलाओं के साथ मौजूद तीन पुरुष पर्यटकों पर भी हमला किया गया और उन्हें नहर में धकेल दिया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई। पुलिस ने तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। एक संदिग्ध को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
पिता की दूसरी शादी की बात सुन बच्चों ने कर ली खुदकुशी
ओडिशा। जिले के धनचंगड़ा गांव में सोमवार को दो बच्चों की कथित रूप से सुसाइड की घटना से सनसनी फैल गई है। कहा जा रहा है कि दो नाबालिग भाइयों ने तब जान दे दी जब उन्होंने अपने पिता की दूसरी शादी की बात सुनी। दोनों बच्चों का शव संदिग्ध हालत में बरामद किया गया है। यह घटना तब हुई जब उनके पिता को दूसरी शादी का प्रस्ताव मिला और प्रस्ताव मिलने के ठीक एक दिन बाद दोनों बच्चे मृत पाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों ने सुसाइड नही ंकिया है उनकी हत्या की गई है।
मृतक बच्चों के पिता का नाम प्रकाश मोहंती है, बच्चों की मां यानी मोहंती की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे थे, जिनकी उम्र 14 और 11 साल थी। रविवार को प्रकाश को दूसरी शादी का प्रस्ताव मिला था लेकिन आज उनके दोनों बच्चे मृत पाए गए हैं। प्रकाश के पिता, अच्युत मोहंती ने पुलिस को बताया कि उनके पोते पिता की दूसरी शादी की खबर से आहत थे और उन्होंने खुदकुशी कर ली। लेकिन गांव के कुछ लोग इस पर संदेह जता रहे हैं और उनका मानना है कि बच्चों की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही फतेगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लिया और प्रकाश मोहंती को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। नयागढ़ की पुलिस अधीक्षक ने कहा,"हमें सूचना मिली कि दो नाबालिग लड़कों के शव धनचंगड़ा गांव में बरामद हुए हैं। हमारी पुलिस टीम और वैज्ञानिक टीम मौके पर मौजूद हैं।
पुलिस ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्रकाश मोहंती पर शक है, इसलिए हमने उन्हें हिरासत में लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या फिर किसी ने इन मासूमों की हत्या कर दी है।
संसद के बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच नोकझोंक जारी
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग सोमवार 10 मार्च से शुरू हो चुका है। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष की ओर से काफी हंगामा देखने को मिला।
लोकसभा में विपक्षी दलों और सरकार के बीच NEP और त्रिभाषा नीति को लेकर नोकझोंक देखने को मिली थी।
इसके अलावा लोकसभा सीटों के परिसीमन, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटर टर्न आउट के मुद्दे पर भी बहस हुई। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है।
देश का लोकतंत्र धमकी से नहीं, जनसहमति से चलेगा : जगदंबिका पाल
नई दिल्ली। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार से हो गई। पहले दिन सदन में काफी हंगामा देखने को मिला। वक्फ पर विपक्ष के विरोध को लेकर वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि देश का लोकतंत्र धमकी से नहीं बल्कि प्रजातंत्र से चलेगा।
वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्ष के रुख पर वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जो वक्फ बिल के खिलाफ हैं, वो सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। लेकिन वो एक तरफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ धमकी दे रहे हैं। लोकतंत्र धमकी से नहीं बल्कि प्रजातंत्र और जनतंत्र से चलेगा। देश के अंदर जनता के चुने गए जनप्रतिनिधियों द्वारा कानून बनाया जाएगा, या फिर धमकी से बनेगा।
उन्होंने आगे कहा, सरकार ने वक्फ बिल खुद जेपीसी में भेजा, इस पर छह महीने तक एक्सरसाइज किया। आज हमने 428 पेज का संशोधन किया है। देश का मुसलमान वर्ग इस बात से संतुष्ट है कि वक्फ का लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के फेक वोटर के मुद्दे उठाने को लेकर मनोज तिवारी ने तंज कसा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर थोड़ा स्टडी करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग दो ऐसे संस्थान है, जिन पर आप कभी भी संसद में चर्चा नहीं कर सकते। उनके किसी निर्णय पर चर्चा नहीं किया जा सकता है।
राहुल गांधी ने जो बात उठाया, उन्हें पता नहीं है कि चुनाव आयोग ने इस पर पहले से तीन महीने का समय लिया है। ऐसे में चुनाव आयोग जब इस मुद्दे को खुद देख रहा है, तो इस पर संसद में चर्चा नहीं किया जा सकता है। चर्चा तभी किया जा सकता है, जब आयोग कोई रिजल्ट देगा।
इससे पहले राज्यसभा सांसद एवं भाजपा नेता दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर समाज में भ्रांतियां फैलाने और अल्पसंख्यक समाज में डर पैदा करने आरोप लगाया।
माॅरीशस यात्रा आपसी प्रगति व समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी माॅरीशस की यात्रा को आपसी प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। श्री मोदी ने माॅरीशस की यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा,“मेरे मित्र प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के निमंत्रण पर, मैं मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए मॉरीशस की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जा रहा हूँ।
उन्होंने कहा, मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, हिंद महासागर में एक प्रमुख साझीदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से जुड़े हुए हैं। प्रगाढ आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा भरोसा और हमारी विविधता का उत्सव मनाना हमारी शक्ति हैं। लोगों के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक जुड़ाव साझा गौरव का स्रोत है। हमने पिछले दस वर्षों में लोगों को ध्यान में रखकर पहल करते हुए महत्वपूर्ण प्रगति की है।
उन्होंने कहा, मैं अपने सागर विजन के हिस्से के रूप में, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझीदारी को बढ़ाने के लिए मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूँ।
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि यह यात्रा अतीत की नींव पर आधारित होगी तथा भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों में एक नया एवं उज्ज्वल अध्याय जोड़ेगी।
सीधी में बड़ा हादसा: बल्कर से टकराई तूफान, 8 की मौत, 7 घायल
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी में सिटी कोतवाली इलाके में सोमवार सुबह एक जबरदस्त हादसा हो गया। एक बल्कर और तूफान गाड़ी के बीच जोरदार टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं सात लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उपाधीक्षक गायत्री तिवारी ने बताया कि यह घटना सीधी-बहरी रोड पर उपनी पेट्रोल पंप के पास सुबह करीब 2.30 बजे हुई।
जानकारी के मुताबिक हादसे में मारे गए लोग साहू परिवार, देवरी और पंडरिया बहरी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मृतकों में पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। तूफान वाहन में कुल 21 लोग सवार थे, जो मटिहानी से मुण्डन संस्कार के लिए निकले थे। इस भीषण दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
स्थानीय प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण बताया जा रहा है। पुलिस अब दुर्घटना के असल कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
मुंबई-न्यूयॉर्क एअर इंडिया फ्लाइट में बम की धमकी, विमान वापस लौटा
मुंबई। मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही एअर इंडिया की उड़ान में बम की धमकी मिलने के बाद विमान को तुरंत मुंबई वापस लाया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विमान में 320 से अधिक यात्री सवार थे और वह सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतर गया। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं।
एअर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में बताया गया, "आज, 10 मार्च 2025 को, मुंबई-न्यूयॉर्क (जेएफके) उड़ान एआई 119 में संभावित सुरक्षा खतरे का संकेत मिला। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, विमान को मुंबई वापस लाया गया।" सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के शौचालय में एक पत्र मिला, जिसमें बम रखे होने की धमकी दी गई थी।
सूत्रों ने बताया कि बोइंग 777-300 ईआर विमान में चालक दल के 19 सदस्यों सहित कुल 322 लोग सवार थे। एयरलाइन के अनुसार, विमान सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतरा। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं और एयरलाइन इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रही है। इस उड़ान को अब पुनर्निर्धारित कर 11 मार्च को सुबह 5 बजे प्रस्थान करने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों के लिए होटल में ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
पिछले सप्ताह भी एयर इंडिया की उड़ान में आई थी परेशानी
इससे पहले, एयर इंडिया की शिकागो-दिल्ली उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण वापस शिकागो लौटना पड़ा था। एयर इंडिया की उड़ान AI126 ने 6 मार्च 2025 को शिकागो से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन लगभग 10 घंटे बाद विमान को शिकागो लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान के शौचालय जाम हो गए थे, जिससे परिचालन संबंधी बाधाएं उत्पन्न हुईं।
एयर इंडिया ने यात्रियों से मांगी माफी
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस असुविधा पर खेद व्यक्त करते हुए कहा, "शिकागो-दिल्ली उड़ान तकनीकी समस्या के कारण वापस लौट आई। सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित रूप से उतर गए और उन्हें हरसंभव सुविधा प्रदान की गई। इसके अलावा, यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की गई और जिनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ, उन्हें टिकट रिफंड किया गया। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा एयर इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
ज्वेलरी शोरूम में करोड़ों की लूट, 2 घंटे बाद लुटेरों की पुलिस के साथ मुठभेड़...
आरा। भोजपुर के आरा में शुक्रवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब दिन के करीब 12 बजे हथियारों से लैस चार से छह की संख्या में अपराधियों ने शहर के प्रमुख तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में करोड़ों की लूट को अंजाम दिया। घटना ने पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लूट कांड के करीब दो घंटे बाद ही दो अपराधियों को पुलिस ने घेर लिया। घिरते देख अपराधियों ने फायरिंग की तो मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीन झोले में ज्वेलरी बरामद हुई है।
चश्मदीदों के मुताबिक, अपराधियों ने हथियार के बल पर शोरूम के कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाया और फिर व्यवस्थित तरीके से शोरूम में रखे सभी कीमती गहनों को बैग में भरकर फरार हो गए। पुलिस शुरू में लूट की राशि दो से तीन करोड़ रुपये बता रही है, लेकिन शोरूम कर्मचारियों का दावा है कि करीब 20 करोड़ रुपये के जेवरात लूटे गए हैं।
फरार होते वक्त गिरी पिस्तौल, बाइक से गिरा अपराधी
भागने के दौरान एक अपराधी की बाइक असंतुलित होकर फिसल गई, जिससे वह सड़क पर गिर गया, लेकिन वह तुरंत उठकर फरार हो गया। इस अफरा-तफरी के बीच उसकी पिस्तौल सड़क पर गिर गई, जिसे एक ई-रिक्शा चालक मौके से उठा कर ले गया, जिससे मामले में एक नया मोड़ आ गया है।
अपराधियों से भोजपुर में मुठभेड़
घटना के बाद जब अपराधी डोरीगंज के रास्ते से छपरा की ओर भाग रहे थे, तब भोजपुर पुलिस को इसकी सूचना मिली। बड़हरा थाना की पुलिस ने बबुरा छोटी पुल के पास अपराधियों को रोकने की कोशिश की। जहां तीन बाइक पर सवार छह अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दो अपराधी घायल हो गए। घायल अपराधियों की पहचान सारण जिले के दिघवारा निवासी विशाल गुप्ता (पिता भुनेश्वर प्रसाद) और सोनोर के सेमरा गांव निवासी प्रदीप कुमार (पुत्र कुणाल कुमार) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से हथियार और कुछ लूटी गई ज्वेलरी भी बरामद की है।
‘वैकेंसी तो निकली नहीं लेकिन…’,युवाओं के बाइक खर्च निकालने वाले बयान पर अखिलेश यादव का CM योगी पर हमला
लखनऊ. सीएम योगी ने बयान दिया था कि प्रयागराज में करीब 4 लाख युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रहते हैं. महाकुंभ के दौरान इन युवाओं ने अपने बाइक का खर्चा निकाल लिया होगा. इस बयान को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर करारा हमला बोला है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जो युवा प्रयागराज में सरकारी नौकरी की उम्मीद लेकर आए, उनके लिए तो वैकेंसी निकली नहीं. लेकिन उनकी बाइक की सीट की वैकेंसी ज़रूर निकल गई. इसे उपलब्धि मानना कहां की बुद्धिमानी है. वैसे पर्सनल बाइक का कमर्शियल इस्तेमाल कैसे किया गया है.
दरअसल, महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया. महाकुंभ में पहुंचे लोगों को पार्किंग से संगम तक पहुंचाने के लिए छात्र अपनी बाइक का प्रयोग कर रहे थे. जिसके लिए वे लोगों से पैसे ले रहे थे. इसी बात को सीएम योगी ने कही. जिस पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया है.
महाकुंभ के समापन के बाद पीएम मोदी से मिले सीएम योगी, मंत्रिमंडल विस्तार समेत अहम मुद्दों पर हुई चर्चा!
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. महाकुंभ के समापन के बाद दोनों के बीच ये पहली औपचारिक मुलाकात है. इस बीच दोनों नेताओं ने प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा हुई. संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी सीएम योगी ने चर्चा की है. गौरतलब है कि यूपी मंत्रिमंडल में अभी 6 पद खाली हैं.
इसके अलावा प्रदेश में संगठन स्तर पर बदलाव और नियुक्तियों को लेकर भी सीएम योगी ने पीएम से चर्चा की है. साथ ही कुंभ के सफल आयोजन को लेकर पीएम ने सीएम योगी को बधाई दी. बता दें कि महाकुंभ का समापन महाशिवरात्रि को हो चुका है. इस 45 दिनों के आयोजन में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. जिसमें देश-विदेश के दिग्गज लोगों के अलावा आम जन ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया.
होली से पहले विस्तार संभव
बता दें कि यूपी में योगी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं. संभवत: होली से पहले कैबिनेट में नए सदस्य जुड़ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक हाईकमान ने अपना ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कैबिनेट में 3 से 4 नए चेहरों को जगह मिल सकती है. तो वहीं 2 से 3 मंत्रियों से कुर्सी छिन सकती है. इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है. माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार ना रोक पाने और खराब परफॉर्मेंस वाले मिनिस्टर्स की छुट्टी हो सकती है. इस बीच चर्चा है कि पश्चिम यूपी से 2 नए चेहरों को मौका मिल सकता है. संभव है कि होली (Holi 2025) से पहले कैबिनेट विस्तार हो जाए.
संभल CO के समर्थन में संत समाज : बोले- सपा सरकार में नमाज के वक्त मंदिरों के घंटे बंद कर दिए जाते थे, सांसद वीरेंद्र ने कहा- सीओ को इसी तरह का बयान देने भेजा है
वाराणसी. संभल के CO अनुज चौधरी के समर्थन में संत समाज उतर आया है. अखिल भारतीय संत समिति ने CO के समर्थन में आवाज उठाई है. समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि देश के संत अनुज के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं. उन्होंने आगे कहा कि सपा सरकार में मंदिरों के घंटों को रोक दिया जाता था, नमाज के वक्त मंदिरों के घंटे बंद कर दिए जाते थे. संत समाज ने यह भी कहा कि जिन लोगों को आपत्ति है, वे अपने घर में रहें.
वहीं दूसरी ओर चंदौली से सपा के सांसद वीरेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि हमारे दल में भी 90 फीसदी पहलवान हैं. उन्होंने कहा कि उसे (सीओ) इसी तरह के बयान देने के लिए भेजा गया था. दयाशंकर सिंह के धमकी वाले बयान पर वीरेंद्र ने कहा कि इस विषय पर ओपी राजभर को गंभीरता से सोचना चाहिए. साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि ओपी राजभर गठबंधन में हैं या चाकरी कर रहे हैं? अगर नैतिकता बची है तो सरकार से हट जाएं.
जुमा साल में 52 बार आता है- सीओ
बता दें कि कि संभल सीओ अनुज चौधरी ने होली और जुमे को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि ‘जुमा साल में 52 बार आता है, होली साल में एक बार आती है. किसी को लगता है कि होली के रंग से आपका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा तो वो उस दिन घर से ना निकले’.
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ FIR दर्ज, पत्नी भानवी सिंह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, बोलीं- ‘मैंने सालों तक प्रताड़ना…’
प्रतापगढ़ की कुंदा रियासत के युवराज और उत्तर प्रदेश के विधायक बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। ये एफआईआर राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने दर्ज कराया गया है। भानवी सिंह ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
भानवी कुमारी सिंह ने अपने पति विधायक रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ शारीरिक और मानसिक क्रूरता का आरोप लगाते हुए धारा 498A के तहत एफआईआर दर्ज करवाया है। धारा 498ए के तहत पति और ससुराल पक्ष पर विवाहिता के साथ क्रूरता या अत्याचार के मामलों में कानूनी संरक्षण का प्रावधान है। भानवी सिंह ने शिकायत में कहा है कि उनके पति ने उन्हें वर्षों तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
भानवी सिंह का आरोप है कि लगातार मारपीट के कारण उनके शरीर के अंग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्हें अपने जीवन पर खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पहले भी राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन परिवार की शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उसे आगे नहीं बढ़ाया। अपनी शिकायत में ससुराल पक्ष और सास पर भी कई गंभीर आरोप उन्होंने लगाए हैं।
नहीं आया है राजा भैया का बयान
एफआईआर दर्ज होने के बाद राजा भैया की ओर अब तक कोई बयान नहीं आया है। वहीं, भानवी सिंह के आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं और जल्द ही दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी।
तलाक का केस अभी कोर्ट में चल रहा
बता दें कि राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह का तलाक का केस अभी कोर्ट में चल रहा है। बीते दिनों भानवी ने तलाक मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने पति (राजा भैया) पर शारीरिक और मानसिक शोषण करने के साथ ही एक महिला पत्रकार से अफेयर का भी आरोप लगाया था।
राजा भैया पर क्या-क्या आरोप लगाए
पत्नी भानवी ने राजा भैया पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भानवी ने दावा किया है कि उन्हें टॉर्चर किया जाता रहा। वो विरोध करती हैं तो राजा भैया हिंसा पर उतारू हो जाते हैं। 23 अप्रैल 2015 को इस कदर मारपीट की अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। भानवी का यह भी दावा है कि राजा भैया के कई महिलाओं से अवैध संबंध हैं. विरोध करने एक बार उन्होंने फायरिंग कर मारने की कोशिश भी की थी। वो (राजा भैया) बच्चों की भी उपेक्षा कर रहे हैं। नतीजतन बच्चों का पूरा खर्च वही उठा रही हैं। वहीं, राजा भैया का दावा है कि भानवी उनकी संपत्ति हड़पना चाहती हैं। उनकी अर्जी पर कोर्ट ने नोटिस भेजकर भानवी से जवाब मांगा है।