नई दिल्ली। भारतीय टीम दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के प्रचंड आरंभ के लिए तैयार है। 12 वर्ष बाद भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को जीतने के लिए अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के विरुद्ध गुरुवार को करेगी।
क्रिकेट में हाल में उतार-चढ़ाव भरे अतीत ने भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करना अनिवार्य कर दिया है। बांग्लादेश के विरुद्ध यह मैच मौजूदा सवालों को दूर करने की दिशा में पहला कदम होगा।
ये सवाल बढ़ा रहे चिंता
भारत टूर्नामेंट से पहले प्रबल दावेदारों में शामिल है, लेकिन यह गेंदबाजी इकाई चोटिल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति से उबरकर अच्छा प्रदर्शन कर पाएगी? क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा अपने शानदार दिनों को वापस ला पाएंगे? क्या शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करके कई देशों की मौजूदगी वाली प्रतियोगिता के दबाव को झेल पाएंगे?
दिग्गजों पर रहेंगी नजरें
इस संदर्भ में आईसीसी का यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट वरदान की तरह है क्योंकि भारत के दिग्गज और युवा खिलाड़ी वनडे प्रारूप में सहज महसूस करते हैं और वे यहां अच्छे प्रदर्शन की आशा करेंगे। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि कोहली, रोहित और यहां तक कि मुख्य कोच गौतम गंभीर के पास अधिक समय नहीं है क्योंकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मिली असफलताओं से मिले झटके का असर कम नहीं हुआ है।
हालांकि कुछ अच्छे संकेत हैं। कप्तान रोहित ने कुछ दिन पहले इंग्लैंड के विरुद्ध शानदार शतक और कोहली ने अर्धशतक बनाया जबकि गंभीर के मार्गदर्शन में भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे अंतरराष्ट्रीय सीरीज में क्रमश: 4-1 और 3-0 की शानदार जीत दर्ज की।
गिल ने शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के विरुद्ध तीन वनडे मैच की सीरीज में एक शतक और दो अर्धशतक जड़कर सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने। चैंपियंस ट्रॉफी में हालांकि भारत के सामने चुनौती घरेलू सीरीज से काफी अलग है।
सुलझाना होगा बांग्लादेशी पहेली
ग्रुप ए में भारत के प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड हाल ही में उसका सामना करने वाले इंग्लैंड की तुलना में कहीं अधिक प्रेरित नजर आ रहे हैं और एक हार भी लीग चरण के पूरे समीकरण को बदल सकती है। हालांकि, भारत ने पिछले कुछ समय में 50 ओवर के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बांग्लादेश का सामना करने से पहले उन्हें चयन से जुड़ी कुछ पहेलियों को सुलझाना होगा।
राहुल का बल्लेबाजी क्रम बना सवाल
इसकी शुरुआत लोकेश राहुल के बल्लेबाजी क्रम से होती है। क्या वह अपने पसंदीदा पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे या फिर अक्षर पटेल उनसे ऊपर आएंगे और वह छठे नंबर पर उतरेंगे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने इंग्लैंड के विरुद्ध शुरुआती दो मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी, लेकिन अंतिम वनडे में वह पांचवें नंबर पर उतरे।
पूरी संभावना है कि टीम प्रबंधन लचीलापन अपनाएगा और मैच की स्थिति के अनुसार ही कोई निर्णय करेगा। हालांकि, गेंदबाजी में सही संतुलन हासिल करना बड़ी चुनौती है, विशेषकर चोट की वजह से बुमराह की अनुपस्थिति के कारण।
तेज गेंदबाजी है कमजोरी
मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नई गेंद के साझेदार के रूप में साथ निभाने के लिए अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा में से एक को चुना जाएगा। शमी को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। राणा ने अब तक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और वह सपाट पिचों पर भी अपनी गति और उछाल के साथ बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं।
अर्शदीप बाएं हाथ के कोण और अपनी गेंदबाजी में मौजूद विविधता के कारण नई गेंद की जिम्मेदारी साझा करने की दौड़ में सबसे आगे हैं। इसके अलावा भारत के तीन स्पिनरों को खिलाने की संभावना है जबकि हार्दिक पांड्या तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर होंगे, लेकिन यहां भी भारत को इस बात पर विचार करना होगा कि रवींद्र जडेजा और अक्षर के बाद एकादश में तीसरा स्पिनर कौन होगा।
कुलदीप-वरुण में किसे मिलेगा अवसर
भारत को बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती के बीच से किसी एक को चुनने का मुश्किल निर्णय करना होगा। अगर हालिया फॉर्म को पैमाना माना जाए तो 'रहस्यमयी स्पिनर' चक्रवर्ती को मौका मिलना चाहिए लेकिन कुलदीप ने मंगलवार को यहां नेट पर कुछ प्रतिष्ठित बल्लेबाजों को चकमा देकर अपनी क्षमता दिखाई।
बांग्लादेश कर चुका है परेशान
भारत इस बात से सांत्वना ले सकता है कि बांग्लादेश भी उथल-पुथल से गुजर रहा है और शाकिब अल हसन जैसे स्टार खिलाडि़यों की अनुपस्थिति से कमजोर हो गया है। हालांकि भारत कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहेगा क्योंकि बांग्लादेश ने अतीत में वैश्विक प्रतियोगिताओं में उसे परेशान कर चुका है।
टीमें
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, लोकेश राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, रवींद्र जड़ेजा और वरुण चक्रवर्ती।
बांग्लादेश: नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान), सौम्य सरकार, तंजीद हसन, तौहीद हृदय, मुशफिकुर रहीम, महमूदुल्लाह, जाकिर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, रिशाद हुसैन, तास्किन अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन इमोन, नासुम अहमद, तंजीम हसन साकिब और नाहिद राणा।