खेल
ऑस्ट्रेलिया बना वर्ल्ड चैंपियन, फाइनल में टीम इंडिया की हार...
WPL 2024: 23 फरवरी से वुमेंस प्रीमियर लीग का आगाज
वुमेंस प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन की शुरुआत 23 फरवरी से बेंगलुरु में होने जा रही है। वुमेंस प्रीमियर लीग 2024 में पांच टीमों के बीच कुल 22 मैच खेले जाएंगे। लीग के मैच दो लेग में खेले जाएंगे। पहला लेग बेंगलुरु और दूसरा लेग दिल्ली में होगा। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स महिला टीमों के बीच खेला जाएगा। वहीं इस बार मुकाबलों का आयोजन बेंगलुरु और दिल्ली में किया जाएगा। इस लीग का पहला सीजन मुंबई की टीम ने अपने नाम किया था।
कब, कहां और कैसे फ्री में देखें WPL के Live मैच
डब्लयूपीएल के मुकाबले अरुण जेटली स्टेडियम और चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसमें 23 फरवरी से 4 मार्च तक बेंगलुरु के मुकाबले होंगे। इसके बाद दिल्ली इस लीग की मेजबानी करेगा। वुमेंस प्रीमियर लीग के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7:30 पर शुरू होंगे। इन मैचों का सीधा प्रसारण स्पोर्ट्स 18 नेटवर्क पर होगा। वहीं, इन मैचों में लाइव स्ट्रीमिंग जियो सिनेमा एप पर फ्री में दिखाई जाएगी।
कई मायनों में खास है WPL
विमेंस प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2023 में हुई थी। आईपीएल के तर्ज पर शुरू हुई ये लीग दुनिया की पहली लीग है जिसमें महिला खिलाड़ियों का ऑक्शन हुआ था। विमेंस प्रीमियर लीग की सबसे बड़ी खासियत यह रही थी कि इस लीग के पहले ही सीजन में दुनियाभर की कई बड़ी खिलाड़ी शामिल हुईं। मुंबई इंडियंस की टीम महिला आईपीएल के पहले सीजन का खिताब जीतने में कामयाब रही थी। फाइनल में उसने दिल्ली कैपिटल्स को 7 विकेट से हराया था।
यहां पर देखिए दूसरे सीजन का पूरा शेड्यूल
- 23 फरवरी - मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 24 फरवरी - रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम यूपी वॉरियर्ज, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 25 फरवरी - गुजरात जाएंट्स बनाम मुंबई इंडियंस, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 26 फरवरी - यूपी वॉरियर्ज बनाम दिल्ली कैपिटल्स, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 27 फरवरी - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम गुजरात जाएंट्स (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 28 फरवरी - मुंबई इंडियंस बनाम यूपी वॉरियर्ज, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 29 फरवरी - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम दिल्ली कैपिटल्स, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 1 मार्च - यूपी वॉरियर्ज बनाम गुजरात जाएंट्स, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 2 मार्च - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम मुंबई इंडियंस, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 3 मार्च - गुजरात जाएंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 4 मार्च - यूपी वारियर्ज बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, (बेंगलुरु, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)
- 5 मार्च - दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 6 मार्च - गुजरात जाएंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 7 मार्च - यूपी वॉरियर्ज बनाम मुंबई इंडियंस, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 8 मार्च - दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्ज, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 9 मार्च - मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जाएंट्स, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 10 मार्च - दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 11 मार्च - गुजरात जाएंट्स बनाम यूपी वॉरियर्ज, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 12 मार्च - मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 13 मार्च - दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जाएंट्स, (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 15 मार्च - एलिमिनेटर (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
- 17 मार्च - फाइनल (दिल्ली, अरुण जेटली स्टेडियम)
दुबई में खिलाड़ियों पर हुई पैसों की बारिश, जानिए 10 टीमों ने किस प्लेयर को कितने में खरीदा…
आईपीएल 2024 के लिए दुबई में खिलाड़ियों का मिनी ऑक्शन (Mini Auction) हुआ. जहां प्लेयर्स पर पैसों की जमकर बारिश हुई. मिनी ऑक्शन (Mini Auction) में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मिचेल स्टार्क को 24.75 करोड़ रुपए में कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा. जो आईपीएल इतिहास के सबसे मंहगे खिलाड़ी हैं. वहीं उन्हीं के साथी खिलाड़ी पैट कमिंस पर भी लंबी बोली लगाई गई. पैट कमिंस को 20.50 करोड़ में सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा. इसके अलावा कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन पर खूब पैसा लुटाया गया.
- रोवमैन पॉवेल (वेस्टइंडीज)- 7.40 करोड़, राजस्थान रॉयल्स
- हैरी ब्रूक (इंग्लैंड)- 4 करोड़, दिल्ली कैपिटल्स
- ट्रेविस हेड (ऑस्ट्रेलिया)- 6.80 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद
- वानिंदु हसारंगा (श्रीलंका)- 1.50 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद
- रचिन रवींद्र (न्यूजीलैंड)- 1.80 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स
- शार्दुल ठाकुर (भारत)- 4 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स
- अजमतुल्लाह उमरजई (अफगानिस्तान)- 50 लाख, गुजरात टाइटन्स
- पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया)- 20.50 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद
- गेराल्ड कोएत्जी (साउथ अफ्रीका)- 5 करोड़, मुंबई इंडियंस
- हर्षल पेटल (भारत)- 11.75 करोड़, पंजाब किंग्स
- डेरिल मिचेल (न्यूजीलैंड)- 14 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स
- क्रिस वोक्स (इंग्लैंड)- 4.20 करोड़, पंजाब किंग्स
- ट्रिस्टन स्टब्स (साउथ अफ्रीका)- 50 लाख, दिल्ली कैपिटल्स (बेस प्राइस- 50 लाख)
- केएस भरत (भारत)- 50 लाख, कोलकाता नाइट राइडर्स
- चेतन सकारिया (भारत)- 50 लाख, कोलकाता नाइट राइडर्स
- अल्जारी जोसेफ (वेस्टइंडीज)- 11.50 करोड़, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- उमेश यादव (भारत)- 5.80 करोड़, गुजरात टाइटन्स
- शिवम मावी (भारत)- 6.40 करोड़, लखनऊ सुपर जायंट्स
- मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया)- 24.75 करोड़, कोलकाता नाइट राइडर्स
- जयदेव उनादकट (भारत)- 1.6 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद
- दिलशान मदुशंका (श्रीलंका)- 4.60 करोड़, मुंबई इंडियंस
- शुभम दुबे (भारत)- 5.80 करोड़, राजस्थान रॉयल्स
- समीर रिजवी (भारत)- 8.40 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स
- अंगकृष रघुवंशी (भारत)- 20 लाख, कोलकाता नाइट राइडर्स
- अर्शिन कुलकर्णी (भारत)- 20 लाख, लखनऊ सुपर जायंट्स
- शाहरुख खान (भारत)- 7.40 करोड़, गुजरात टाइटन्स
- रमनदीप सिंह (भारत)- 20 लाख, कोलकाता नाइट राइडर्स
- टॉम कोहलर कैडमोर (इंग्लैंड)- 40 लाख, राजस्थान रॉयल्स
- रिकी भुई (भारत)- 20 लाख, दिल्ली कैपिटल्स
- कुमार कुशाग्र (भारत)- 7.20 करोड़, दिल्ली कैपिटल्स
- यश दयाल (भारत)- 5 करोड़, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- सुशांत मिश्रा (भारत)- 2.20 करोड़, गुजरात टाइटन्स
- आकाश सिंह (भारत)- 20 लाख, सनराइजर्स हैदराबाद
- कार्तिक त्यागी (भारत)- 60 लाख, गुजरात टाइटन्स
- रसिक सलाम डार (भारत)- 20 लाख, दिल्ली कैपिटल्स
- मानव सुथार (भारत)- 20 लाख, गुजरात टाइटन्स
- एम. सिद्धार्थ (भारत)- 2.4 करोड़, लखनऊ सुपर जायंट्स
- श्रेयस गोपाल (भारत)- 20 लाख, मुंबई इंडियंस
- शेरफेन रदरफोर्ड (वेस्टइंडीज)- 1.5 करोड़, कोलकाता नाइट राइडर्स
- एश्टन टर्नर (ऑस्ट्रेलिया)- 1 करोड़, लखनऊ सुपर जायंट्स
- टॉम करन (इंग्लैंड)- 1.5 करोड़, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- डेविड विली (इंग्लैंड)- 2 करोड़, लखनऊ सुपर जायंट्स
- स्पेंसर जॉनसन (ऑस्ट्रेलिया)- 10 करोड़, गुजरात टाइटन्स
- मुस्तफिजुर रहमान (बांग्लादेश)- 2 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स
- झाय रिचर्डसन (ऑस्ट्रेलिया)- 5 करोड़, दिल्ली कैपिटल्स
- नुवान तुषारा (श्रीलंका)- 4.8 करोड़, मुंबई इंडियंस
- नमन धीर (भारत)- 20 लाख, मुंबई इंडियंस
- अंशुल कंबोज (भारत)- 20 लाख, मुंबई इंडियंस
- सुमित कुमार (भारत)- 1 करोड़, दिल्ली कैपिटल्स
- आशुतोष शर्मा (भारत)- 20 लाख, पंजाब किंग्स
- विश्वनाथ प्रताप सिंह (भारत)- 20 लाख, पंजाब किंग्स
- शशांक सिंह (भारत)- 20 लाख, पंजाब किंग्स
- तनय त्यागराजन (भारत)- 20 लाख, पंजाब किंग्स
- रॉबिन मिंज (भारत)- 3.6 करोड़, गुजरात टाइटन्स
- प्रिंस चौधरी (भारत)- 20 लाख, पंजाब किंग्स
- झटवेध सुब्रमण्यन (भारत)- 20 लाख, सनराइजर्स हैदराबाद
विनेश प्रकरण : खेल नीति में व्यापक बदलाव की जरूरत
पेरिस ओलंपिक में छह अगस्त को भारतीय खिलाड़ी विनेश फोगाट ने जिस प्रकार एक के बाद एक तीन बाऊट जीती और खास तौर पर अजेय मानी जाने वाली जापानी सुसाकी को हराया, उससे देश में उत्साह और आह्लाद पैदा हुआ। उसने महिला कुश्ती में पहली बार कोई गोल्ड मेडल जीतने की आस जगाई थी। लेकिन सात अगस्त की सुबह सौ ग्राम ओवरवेट होने की वजह से विनेश के डिसक्वालीफाई होने की खबर आते ही देशवासियों का वह आह्लाद विनेश के प्रति भारी हमदर्दी में बदलने लगा। बहरहाल, इस प्रकरण से कुछ लोगों में खेल सिस्टम के खिलाफ अविश्वास भी गहराया। कई फिल्मी हस्तियों व खिलाड़ियों की बयानबाजी, ओलंपिक डेलिगेशन द्वारा सही समय पर अधिकृत बयान न देने, तथा खेल मंत्री द्वारा संसद में पूरे प्रकरण को सिर्फ विनेश की ट्रेनिंग पर खर्च के हिसाब तक सिकोड़ देने का अच्छा संकेत नहीं गया।
इसी प्रकार सेमीफाइनल के उपरांत एकदम विनेश के वेट में अचानक वृद्धि व अन्य कई सवालों का जवाब नहीं मिल रहा। इन निर्णायक क्षणों में आईओए, कुश्ती फेडरेशन, उसके कोच, फिजिशियन की भूमिका पर भी सवाल हैं। ऐसे में सरकारी तंत्र व खेल मंत्रालय को एक श्वेत पत्र के माध्यम से जनता से मुखातिब होना चाहिए। उतना ही जरूरी है हमारी खेल नीति में लिंग संवेदी बदलाव। पेरिस के वकीलों ने ओलंपिक अधिशासी कोर्ट के स्तर पर विनेश की ओर से उसकी कांस्य पदक साझा करने की अपील दर्ज करवा कर एक स्वागतयोग्य पहल की।
जनता को विश्वास में लेने के लिए सरकारी तंत्र द्वारा यथासंभव तत्काल समुचित प्रयास करना इसलिए भी अति आवश्यक है क्योंकि इस पूरे प्रकरण की अपनी एक त्रासदीपूर्ण पृष्ठभूमि है। जिसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती। पिछले दिनों चाहे वह हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री पर लगे यौनहिंसा के आरोप हों, कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष व भाजपा के शक्तिशाली पूर्व सांसद बृजभूषण पर विनेश समेत अन्य ओलंपियन खिलाड़ियों द्वारा यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ जंतर-मंतर पर लड़ा गया अभूतपूर्व संघर्ष हो, जनता की नजर में सरकार की डीलिंग चुनावी कंसीडरेशन से संचालित रही है। यह कवायद महिला खिलाड़ियों को न्याय देने वाली नहीं थी। जिसके नकारात्मक असर खेल जगत पर पड़े हैं।
यहां सवाल स्वाभाविक है कि न्याय के लिए आवाज उठाने वाली वह हरियाणा की ओलंपियन एथलीट जूनियर कोच हो या महिला ओलंपिक कुश्ती में देश के लिए पहली मेडल विजेता साक्षी मलिक और अब विनेश फोगाट। इन सभी को आखिर खेल ही क्यों छोड़ना पड़ा है? उनके मनोबल को पितृसत्तात्मक सिस्टम के ठेकेदार कब तक तोड़ते रहेंगे? सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बगैर तो एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई।
जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को क्या इस चीज का अंदाजा नहीं है कि उनके संवेदनहीन व भेदभाव पूर्ण व्यवहार ने इन खिलाड़ियों व राष्ट्रीय गरिमा को कितनी ठेस पहुंचाई है? इन निहित स्वार्थी तत्वों के क्रियाकलापों के कारण कितनी बेटियों को उनके माता-पिता द्वारा खेल से दूर किया गया है? इस आधुनिक युग में भी जिन असंख्य एकलव्यों के अंगूठे कलम किये जा रहे हैं, वक्त उनका हिसाब लेगा।
हकीकत में तो पूरे खेल जगत के प्रति ही सरकार का रवैया उपेक्षा पूर्ण नजर आता है। हाल का खेल बजट भी इसकी एक नजीर हो सकता है। इसमें खेलों के लिए बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जगती। जो खिलाड़ी इस बार पेरिस ओलंपिक में खेले हैं, उनकी अगर केस स्टडी की जाए तो पता लगेगा कि उनके संघर्ष के दौर में तो उनके परिवारों ने ही अपना बजट निचोड़ कर उनके खेल करियर निर्माण पर लगाया है। सरकारें तो मेडल जीतने के बाद ही जो पुरस्कृत करने की होड़ लगाती हैं उसकी आड़ में तो वे अपने ही राजनीतिक स्वार्थ साधते हैं। अपनी इमेज बिल्डिंग करते हैं। राजनीति को चमकाने के लिए इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भुनाने को लालायित रहते हैं। अभी भी जो लोग खेलों में अपना कैरियर बना रहे हैं, वे वही हैं जिनके परिवारों के पास उनके ऊपर खर्च करने के लिए कुछ सामर्थ्य है।
खास तौर पर महिला खिलाड़ी बनने की आकांक्षा रखने वाली साधारण परिवारों की बेटियों के सपने तो संसाधनों के अभाव में अभी भी आए दिन चूर-चूर हो रहे हैं। उस खेल प्रतिभा व ऊर्जा को हम उपयुक्त सुविधा देकर जब तक खेल दायरे में प्रवेश करवाने की स्थिति में नहीं लाते तब तक हमारी ओलंपिक में गोल्ड मेडल पाने की तृष्णा केवल मृगतृष्णा ही रहेगी। अतः एक समग्र श्वेत पत्र व हमारी खेल नीति में बदलाव समय की रणनीतिक जरूरत है। जनता में पैदा हुआ अविश्वास आगे तिरस्कार का रूप न ले जाए इसके लिए जिस आमूलचूल परिवर्तन की दरकार है, वह उन सभी संबंधित पक्षों के जन-अभियान छेड़ने से हो पाएगा जो व्यवस्था के भुगतभोगी हैं।
बांग्लादेश ने जीता टॉस, टीम इंडिया की पहले बल्लेबाजी
इंदौर।भारत और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत गुरुवार से होगी। पहला मुकाबला चेपॉक स्टेडियम पर सुबह 09.30 बजे से खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया 42 दिन बाद इंटरनेशनल क्रिकेट खेलती नजर आएगी।
इससे पहले आखिरी बार अगस्त में श्रीलंका दौरे पर वनडे सीरीज खेली थी। भारत का मार्च 2024 के बाद पहला टेस्ट होगा। रोहित ब्रिगेड आखिरी बार टेस्ट में इंग्लैंड से पांच मैचों की घरेलू श्रृंखला में भिड़ी थीं, जहां सीरीज में 4-1 से कब्जा जमाया था।
भारत की प्लेइंग 11
रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज।
बांग्लादेश की प्लेइंग 11
शादमान इस्लाम, जाकिर हसन, नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान), मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहमान, शाकिब अल हसन, लिटन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन मिराज, तस्कीन अहमद, हसन महमूद, नाहिद राणा।
ग्राउंड स्टैट्स और हेड टू हेड
चेन्नई में टीम इंडिया तीन साल बाद टेस्ट मैच खेलने जा रही है। इससे पहले इंग्लैंड ने फरवरी 2021 में यहां दो टेस्ट खेले थे, जिसमें एक भारत ने और एक इंग्लैंड ने जीता था।
चेपॉक स्टेडियम में भारतीय टीम ने कुल 34 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 15 जीते, 7 हारे, 11 ड्रॉ और 1 मैच टाई हुआ है। वहीं, भारत और बांग्लादेश के बीच 13 टेस्ट मैच हुए है। भारत ने 11 में जीत हासिल की है। दो मुकाबले ड्रॉ रहे।
टीम इंडिया बना सकती है रिकॉर्ड
चेन्नई में जीतकर भारतीय टीम हार और जीत के अंतर का रिकॉर्ड बना सकती है। टीम इंडिया ने अब तक 579 टेस्ट में 178 जीते और इतने ही हारे हैं। अगर भारत बांग्लादेश को हरा देती है तो उसकी 179 जीत हो जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर ने किया खिलाड़ियों के साथ खिलवाड़
खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस तरह के संगठनो के ख़िलाफ़ जाँच करके उनपर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए जिससे खिलाड़ियों के हितों का संरक्षण हो सके l
"दुती चंद पर नाडा द्वारा चार साल का प्रतिबंध: खिलाड़ी के मेडल जीतने की संभावना पर पड़ा आघात"
नई दिल्ली: भारत की स्टार महिला स्प्रिंटर दुती चंद पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने चार साल के लिए प्रतिबंधित लगा दिया है. प्रतियोगिता से बाहर प्रतिबंधित पदार्थ के लिए किए गए दो डोप परीक्षणों में विफल होने की वजह से दुती के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस कदम से भारत के आगामी एशिया गेम्स में मेडल जीतने की संभावना को आघात लगा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, दुती चंद पर प्रतिबंध तीन जनवरी 2023 से शुरू होगा. उनका सैंपलस पांच दिसंबर 2022 को लिया गया था और तब से उन्होंने जितने भी टूर्नामेंट्स में हिस्सा लिया, उनके रिजल्ट मान्य नहीं होंगे. एंडी डोपिंग डिसिपिनलरी पैनल के हवाले से बताया है कि दुती यह साबित नहीं कर पाईं कि उन्होंने नियमों का जानबूझ कर उल्लंघन नहीं किया था, बल्कि गलती से हो गया था.
2022 में हुआ था टेस्ट
दुती ने नेशनल डोपिंग एजेंसी नाडा के आर्टिकल 2.1 और 2.2 का उल्लंघन किया है. दुती का दिसंबर में 2022 में नाडा में दो बार टेस्ट हुआ था. उनके पहले सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ एनाबोलिक स्ट्रॉयड्स पाया गया. वहीं दूसरे सैंपल में एंडारिने और ओस्टारिने पाए गए थे. एडीडीपी के मुताबिक, दुती जो पदार्थ लिए उन्हें ड्रग्स कंटेंट को वाडा की प्रतिबंधित पदार्थ की लिस्ट से चैक नहीं किए थे.
सरकार और अधिकारियों से की अपील
नाडा के फैसले पर दुती चंद ने कहा कि यह मेरे लिए चौंकाने वाली खबर है. कभी नहीं सोचा था कि मुझ पर चार साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा. अपने 20 साल के खेल करियर में मैंने 300-400 डोप टेस्ट दिए हैं, लेकिन कभी असफल नहीं हुई. मैं खेल अधिकारियों, ओडिशा सरकार और केंद्र से अपील करता हूं कि मेरी मदद करें, जिससे मैं फिर से भारत का प्रतिनिधित्व कर सकूं.
एशियन गेम्स में जीते थे दो सिल्वर
बता दें कि दुती ने भारत को अपने खेल से कई पदक दिलाए हैं. उन्होंने जकार्ता में 2018 में खेले गए एशियन गेम्स में दो सिल्वर मेडर जीते थे. उन्होंने ये मेडल 100 और 200 मीटर में जीते थे. उनके नाम 100 मीटर में नेशनल रिकॉर्ड है, जो उन्होंने जून 2021 में इंडियन ग्रां प्री में बनाया था. इसी साल सितंबर में एशियाई खेलों का आयोजन किया जाना है और इससे पहले भारत के लिए ये खबर अच्छी नहीं है.
"विराट कोहली: इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 साल और 15 शानदार रिकॉर्ड"
भारतीय टीम के धाकड़ बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 साल पूरे कर लिया है. साल 2008 में विराट ने 19 साल की उम्र में 18 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया था. ओपनिंग करते हुए विराट ने 22 गेंदों पर 12 रन बनाए थे. वहीं, अब आज 15 साल बाद विराट कोहली (Virat Kohli) क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाजों में गिने जाते हैं.
विराट कोहली (Virat Kohli) ने इंटरनेशनल मैचों में 25582 रन बनाया है. वह सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा 76 शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं. आज विराट के इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 साल पूरे होने पर हम आपको उनके 15 ऐसे रिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका टूटना लगभग असंभव है. Read More – Aks फिल्म की शूटिंग के दौरान रखा फ्रेंच शेव, जानिए क्यों इसी स्टाइल में नजर आते हैं अमिताभ बच्चन …
- विराट कोहली के नाम टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन हैं. करीब 10 महीने से नहीं खेलने के बाद भी वह 4008 रन के साथ पहले नंबर पर हैं.
- वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 10 हजार रन बनाने का रिकॉर्ड कोहली के ही नाम है. उन्होंने 205 पारियों में ऐसा किया था. दूसरे नंबर के सचिन तेंदुलकर ने 259 पारियां लीं.
- विराट कोहली लगातार तीन कैलेंडर साल में 2500+ रन बनाने वाले विश्व क्रिकेट के एकमात्र खिलाड़ी हैं. 2016 से 2018 के बीच उन्होंने ऐसा किया था.
- किसी एक टीम के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी विराट के नाम है. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 10 शतक ठोके हैं.
- विराट कोहली के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 20 प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी है.
- किसी भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा 558 रन बनाने का रिकॉर्ड विराट के नाम है. उन्होंने 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 6 मैचों की सीरीज में ये रन बनाए थे.
- टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 38 अर्धशतक विराट कोहली ने लगाए हैं.
- विराट कोहली ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 15 मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते हैं.
- विराट कोहली Zeroth बॉल विकेट लेने वाले टी20 इंटरनेशनल के एकमात्र गेंदबाज हैं. उनके करियर की पहली गेंद वाइड थी और केविन पीटरसन उसपर स्टंप हो गए थे.
- विराट कोहली सबसे कम 348 पारी में 50 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं.
- विराट कोहली ने वनडे में लक्ष्य का पीछा करते हुए 26 शतक ठोके हैं. यह भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है. 17 शतक के साथ सचिन दूसरे नंबर पर हैं.
- विराट कोहली एक कैलेंडर साल सबसे तेज 11 पारियों में 1000 वनडे रन बनाने वाले क्रिकेट हैं. 15 पारियों में ऐसा कर हाशिम अमला दूसरे नंबर पर हैं.
- विराट टेस्ट में कप्तान के रूप में सबसे तेज 4,000 रन तक पहुंचने वाले बल्लेबाज हैं. वह सिर्फ 65 पारियों में इस मुकाम पर पहुंचे.
- एक कैलेंडर साल में 6 वनडे शतक लगाने वाले विराट दुनिया के एकमात्र कप्तान रहे.
- इंटरनेशनल क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सिर्फ विराट का औसत 50+ का है.
20 साल पुराने जख्मों होगा हिसाब-किताब, भारत और ऑस्ट्रेलिया फाइनल में
दिल्ली । वनडे विश्व कप 2023 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच गई है। दोनों टीमें 20 साल बाद फिर वर्ल्ड कप के फाइनल में एक-दूसरे का सामना करेगी। इससे पहले 2003 विश्व का फाइनल मैच खेला था। यह खिताबी जंग दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में हुई थी। जिसमें भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। तब टीम इंडिया की कमान सौरल गांगुली के कंधों पर थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग थे।
19 नवंबर को होगा विश्व कप फाइनल
20 साल बाद दोनों टीमें बदल चुकी है। अब रोहित शर्मा भारत के कप्तान हैं। जबकि कंगारू टीम की कप्तानी पैट कमिंस के हाथों में है। विश्व कप 2023 का खिताबी मुकाबला 19 नवंबर को खेला जाएगा।
2003 में हार गई थी टीम इंडिया
2003 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 359 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। एडम गिलक्रिस्ट (57 रन) और मैथ्यू हेडन (37 रन) पर आउट हुए थे। दोनों ओपनर बल्लेबाज को हरभजन सिंह ने पवेलियन भेजा था। कप्तान रिकी पोंटिंग (140 रन) और डेमियन मार्टिन (88 रन) नाबाद रहे थे।
360 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारतीय टीम 39.2 ओवर में 234 रनों पर आउट हो गई। सचिन तेंदुलकर (4), सौरव गांगुली (24), मोहम्मद कैफ (0), राहुल द्रविड़ (47), युवराज सिंह (24), दिनेश मोंगिया (12), हरभजन सिंह (7), जहीर खान (4) और जवागल श्रीनाथ (1) कुछ कमाल नहीं कर पाए थे। वीरेंद्र सहवाग ने दस चौके और 3 छक्कों की मदद से 82 रन बनाए थे।
रोहित शर्मा का वीडियो आया सामने, मैच से पहले जोड़े हाथ, कहा- ये बंद कर दो भाई, एक ऑडियो ने मेरा...
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की शुरुआत से पहले ही मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाने का फैसला लिया. गुजरात टाइटंस से ट्रेड के जरिए टीम में शामिल किए गए हार्दिक पंड्या को टीम की कमान सौंपी गई. इसको लेकर फैंस ने नाराजगी जाहिर की और शुरुआती मुकाबलों में काफी विवाद भी हुआ. टू्र्नामेंट का पहला मैच हारने वाली टीम को निराशाजनक हार के साथ ही अंत भी करना पड़ा. आखिरी लीग मैच से पहले का एक वीडियो सामने आया है जिसमें रोहित शर्मा किसी के सामने हाथ जोड़कर कुछ अपील करते नजर आ रहे हैं.
मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को अचानक पद से हटाए जाने के बाद काफी विवाद हुआ. फैंस ने इस सीजन के शुरुआती मुकाबलों में टीम के नए कप्तान हार्दिक पंड्या का जमकर विराध किया. उनके खिलाफ मैच के दौरान हूटिंग की आखिर में रोहित शर्मा को ही बीच बचाव करना पड़ा. उनके फैंस को हूटिंग करने के मना करने के बाद मामला संभला. 17 मई को मुंबई की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलने उतरी. यहां भी टीम को हार का सामना ही करना पड़ा. इस सीजन 14 में से टीम को महज 4 मैच में जीत मिली.
ऑस्ट्रेलिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से हाथ खींचे, आयोजन बजट दोगुना होने की वजह
मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया ने साल 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से अपने हाथ खींच लिया है. खेलों की आयोजक विक्टोरिया सरकार ने बताया गया कि इन गेम्स के आयोजन का बजट दुगना होने की वजह से हम इसकी मेजबानी करने में पूरी तरह से सक्षम नहीं हैं. कॉमनवेल्थ फेडरेशन ने ऑस्ट्रेलिया सरकार के फैसले पर निराशा जताई है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 20 से अधिक इवेंट का आयोजन किया जाना है, जिसमें 5 हजार से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे. विक्टोरिया प्रीमियर डेनियल एंड्रूज ने आयोजन से हाथ पीछे खींचने की जानकारी देते हुए बताया कि हमें पिछले साल कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने इसकी मेजबानी सौंपे जाने को लेकर संपर्क किया था.
प्रीमियर ने आगे कहा कि जब हमें इसकी मेजबानी पिछले साल मिली थी, उस समय आयोजन का अनुमानित खर्च लगभग 15 हजार करोड़ रुपए था, अब मौजूदा खर्च बढ़कर 34 हजार करोड़ रुपए पहुंच गया है. इसलिए हमने इसका आयोजन नहीं करने का फैसला लेते हुए फेडरेशन को अवगत करा दिया है. हम कई कठिन परिस्थितियों से गुजरे हैं. हम स्कूल और हॉस्पिटल के पैसे कम करके आयोजन नहीं कर सकते.
फेडरेशन ने व्यक्त की निराशा
कॉमनवेल्थ फेडरेशन ने ऑस्ट्रेलिया के इस तरह से अचानक आयोजन को लेकर असमर्थता व्यक्त करने पर निराशा व्यक्त की है. फेडरेशन ने कहा कि उन्होंने यह फैसला लेने से पहले हमें कोई जानकारी नहीं दी. जून में बैठक के दौरान बजट 15 हजार करोड़ रुपए था, जो अब दुगना बताया जा रहा है. हम सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए जल्द इस पर कोई फैसला लेंगे.
"राशिद लतीफ का बड़ा बयान: 'कोहली कप्तान होते तो भारत अब तक विश्व कप के लिए पूरी तरह से सेट हो गई होती'"
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप (ICC Cricket World Cup 2023) की शुरुआत में अब 49 दिन का समय बचा रह गया है. इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम (Indian Cricket Team) ने पिछले तीन वर्षों में न जाने कितने प्रयोग किए लेकिन सवाल अब भी वही है कि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कौन करेगा, विकेटकीपर कौन होगा आदि. कुल मिलकर कहे तो भारतीय टीम की क्रिकेट के महाकुंभ के लिए तैयारी अब तक अधूरी है जबकि इस बार विश्व कप का आयोजन भारत में पांच अक्टूबर से 19 सितंबर तक किया जा रहा है. ऐसे में पड़ोसी देश पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर (Former Cricketer of Pakistan) राशिद लतीफ (Rashid Latif) ने विराट कोहली (Virat Kohli) को लेकर बड़ा बयान दिया है.
लतीफ का मानना है कि, अगर कोहली भारतीय टीम के कप्तान होते तो भारतीय टीम अब तक विश्व कप की अपनी तैयारी पूरी कर चुकी होती. बता दें कि, भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) सहित टीम मैनेजमेंट अब भी 15 सदस्यीय टीम को लेकर किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं. इसके पीछे का मुख्य कारण केएल राहुल (KL Rahul) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का फिटनेस रिपोर्ट बताया जा रहा है.
दरअसल, द्रविड़ और भारतीय टीम मैनेजमेंट चाहते हैं कि राहुल और अय्यर में से कोई एक खिलाड़ी एशिया कप (Asia Cup 2023) तक टीम में आ जाए. इसलिए वे दोनों खिलाड़ियों के प्रोग्रेस को देखने के लिए थोड़ा और इंतजार कर रहे है, जिससे अब तक भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) आगामी एशिया कप और विश्वकप की संभावित टीम का ऐलान नहीं कर पाई है.
गौरतलब है कि एशिया कप की शुरुआत 30 अगस्त से हो रही है. इसे पाकिस्तान और श्रीलंका मिलकर होस्ट कर रहे हैं. एशिया कप और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों के लिए बीसीसीआई ने अब तक अपनी टीम घोषित नहीं की है. इसका मुख्य कारण टीम में खिलाड़ियों को लेकर सामंजस्य न बैठना है.
इस पर लतीफ ने कहा कि, भारतीय टीम के मैनेजमेंट ने मध्यक्रम में काफी प्रयोग किया है. हाल के दिनों में एक से लेकर सात नंबर तक कई बल्लेबाजी प्रयोग किए हैं, जिस कारण भारत के खिलाड़ी अभी तक सेट नहीं हो पाए. मुझे लगता है कि अगर इस समय भी कोहली कप्तान होते तो भारतीय टीम विश्व कप के लिए पूरी तरह से सेट हो गई होती. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि पिछले दो वर्षों में कई उम्मीदवारों को कप्तानी सौंपने के बाद भारत को कोई फायदा नहीं हुआ है. अगर उन्होंने कोहली को कप्तान बने रहने दिया होता तो भारत अभी तक विश्व कप के लिए शत प्रतिशत तैयार होता.
जिले को कुराश टीम ने जीते सर्वाधिक पदक
जिले को कुराश टीम ने जीते सर्वाधिक पदक
बलौदाबाजार भाटापारा जिले सब जूनियर , कैडेट एवम जूनियर कुराश टीम ने श्री रावतपुरा सरकार इंटरनेशनल स्कूल कुम्हारी में आयोजित छत्तीसगढ़ सबजूनियर ,कैडेट एवम जूनियर कुराश चैंपियनशिप में अपने उच्चतम खेल का प्रदर्शन करते हुए 16 गोल्ड मेडल , 6सिल्वर मेडल , 2 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया विजेता खिलाडियो मेँ कुणाल यदु , यश वलेचा ,तेज पटेल , कनिष्क श्रीवास्तव , अभिनव यादव , डिगेश्वर यादव , आयुश शर्मा , सागर साहू , युवराज वर्मा , राजकुमार ध्रुव , दीपक यादव , ज्ञानेंद धृतलहरे , तनिष्का ताम्रकार , रोशनी वैष्णव , भूमिका डोन्डे , राजेश्वरी बंजारे , ने अपने वजन वर्ग में गोल्ड मेडल जीता , वही तुषार वैष्णव , मधुकर बघेल , कल्पना ध्रुव , आयुष भारिया ,निशांत वर्मा , विनिशा वर्मा ने अपने वजन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता , वही देवेंद्र ध्रुव , समीर घृतेश ने अपने वजन वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता , पदक विजेता खिलाड़ियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनीष बंछोर ( ओ .एस .डी मा. मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़), के रवि कुमार उपाध्यक्ष नगर पालिका उपाध्यक्ष कुम्हारी , छत्तीसगढ़ प्रदेश कुराश एसोसिएशन के सचिव आदित्य सिंह , टेकनिकल सेक्रेटरी बैजनाथ गुप्ता , सदस्य आशीष यादव , राष्ट्रीय निर्णायक ओमप्रकाश मिश्रा ,बलौदाबाजार भाटापारा जिला सचिव वर्षा मिरी को कोच , शिव ध्रुव , रमा टण्डन , ने शुभकामनाये देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
IND Vs BAN Test Team: बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए तैयार 'रोहित की सेना', ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग 11
भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 19 सितंबर से खेला जाएगा। यह मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। रोहित शर्मा टीम की कप्तानी करेंगे। वहीं, बांग्लादेश की बागडोर नजमुल हुसैन शांतो के हाथों में होगी। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा।
चेपॉक में स्पिनर्स को मिलती है मदद
पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजी कॉम्बिनेशन क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी है। चिदंबरम स्टेडियम की लाल मिट्टी की पिच स्पिनरों को मदद देती है। इस लिए भारत के स्क्वाड में चार फिरकी गेंदबाज शामिल हैं। इनमें आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव शामिल है।
तीन स्पिनर्स के साथ उतरेगी टीम इंडिया
अगर टीम इंडिया चार स्पिनर्स को मौका देती है, तो शायद केएल राहुल या यश दयाल को बाहर बैठना पड़ सकता है। ऐसे में पूरी संभावना है कि भारतीय टीम 3 स्पिनर्स के साथ मैदान में उतरेगी। अश्विन, जडेजा और कुलदीप के प्लेइंग 11 में मौका मिलने की संभावना है।
रोहित के साथ कौन करेगा ओपनिंग
तेज गेंदबाजी का जिम्मा जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगा। भारतीय टीम दो फास्ट और तीन स्पिनर्स के साथ मुकाबले में उतर सकती है। ऋषभ पंत को बतौर विकेटकीपर मौका मिल सकता है। रोहित शर्मा के साथ विराट कोहली, शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल का खेलना तय है।
पहले टेस्ट में भारत की संभावित प्लेइंग 11
रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह।
ऑस्ट्रेलिया आठवीं बार फाइनल में पहुंचा, रविवार को भारत से होगी भिड़ंत
सेमीफइनल में साउथ अफ्रीका को तीन विकेट से हराया
कोलकाता । वनडे विश्व कप 2023 के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को तीन विकेट से हरा दिया है। कोलकाता के ईडन गार्डेन्स स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सभी विकेट खोकर 212 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अब रविवार को ऑस्ट्रेलिया का सामना भारत से होगा।
ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड आठवीं बार वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई। पांच बार की विश्व विजेता कंगारू टीम का सामना रविवार को अहमदाबाद के मैदान में मेजबान और दो बार के विश्व चैंपियन भारत से होगा। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 212 रन बनाए। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 47.2 ओवर में सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अफ्रीकी टीम पांचवीं बार विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हुई है।
दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 101 रन डेविड मिलर ने बनाए। क्लासेन ने 47 रन की पारी खेली। कोइत्जे ने 19 रन बनाए। मार्करम और रबाडा ने 10-10 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस ने तीन-तीन विकेट लिए। जोश हेजलवुड और ट्रेविस हेड ने दो-दो विकेट लिए। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा 62 रन ट्रेविस हेड ने बनाए। स्टीव स्मिथ ने 30 और डेविड वॉर्नर ने 29 रन का योगदान दिया। जोश इंग्लिस ने 28 रन बनाए। लाबुशेन ने 18 रन का योगदान दिया। अंत में मिचेल स्टार्क ने नाबाद 16 और पैट कमिंस ने नाबाद 14 रन की पारी खेल अपनी टीम को जीत दिलाई। दक्षिण अफ्रीका के लिए गेराल्ड कोइत्जे और तबरेज शम्सी ने दो-दो विकेट लिए। कगिसो रबाडा, एडेन मार्करम और केशव महाराज ने एक-एक विकेट लिया।
SRH vs GT, Highlights: बारिश के कारण रद्द हुआ मैच, प्लेऑफ में पहुंची सनराइजर्स, दिल्ली और लखनऊ का सफर अब खत्म
हैदराबाद: सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के बीच इंडियन प्रीमियर लीग 2024 का 66 वां मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना था। हालांकि, हैदराबाद में दोपहर से ही लगातार बारिश हो रही थी। शाम को 7 बजकर 30 मिनट के करीब बारिश रुकी भी। इस दौरान मैदान पर से कवर्स को हटा लिया गया और 8 बजे टॉस का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन जब तक टॉस हो पाता फिर से बारिश शुरू हो गई। ऐसे में लगातार हो रहे बारिश के कारण रात के 10 बजकर 10 मिनट पर दोनों कप्तानों की सहमति से मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया।
मैच रद्द होने के कारण दोनों टीमों के बीच एक-एक अंक बांट दिए गए। मैच में हुई बारिश के कारण सनराइजर्स हैदराबाद को फायदा मिला। सनराइजर्स के अब बेहतर रन रेट के साथ 15 अंक हो गए हैं। इसके साथ ही टीम ने प्लेऑफ में भी अपनी जगह बना ली। कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बाद प्लेऑफ में पहुंचने वाली सनराइजर्स तीसरी टीम बन गई है।
भारत सहित विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक बढ़ा रहे है अपने स्वर्ण भंडार
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी बैंकों में रखे भारत के 100 टन सोने को ब्रिटेन से वापिस भारत में ले आया गया है। यह सोना भारत ने ब्रिटेन के बैंक में रिजर्व के तौर पर रखा था और इस पर भारत प्रतिवर्ष कुछ फीस भी ब्रिटेन के बैंक को अदा करता रहा है।
समस्त देशों के केंद्रीय बैंक अपने यहां सोने के भंडार रखते हैं ताकि इस भंडार के विरुद्ध उस देश में मुद्रा जारी की जा सके (भारत में 308 टन सोने के विरुद्ध रुपए के रूप में मुद्रा जारी की गई है, यह सोने के भंडार भारतीय रिजर्व बैंक के पास जमा हैं) और यदि उस देश की अर्थव्यवस्था में कभी परेशानी खड़ी हो एवं उस देश की मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन होने लगे तो इस प्रकार की परेशानियों से बचने के लिए उस देश को अपने स्वर्ण भंडार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना पड़ सकता है। इस कारण से विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक अपने पास स्वर्ण के भंडार रखते हैं। पूरे विश्व में उपलब्ध स्वर्ण भंडार का 17 प्रतिशत हिस्सा विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के पास जमा है। भारतीय रिजर्व बैंक के पास भी 822 टन के स्वर्ण भंडार हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इसका 50 प्रतिशत से अधिक भाग, अर्थात लगभग 413.8 टन, भारत के बाहर अन्य केंद्रीय बैंकों विशेष रूप से बैंक आफ इंग्लैंड एवं बैंक आफ इंटर्नैशनल सेटल्मेंट के पास रखा गया है। उक्त वर्णित 308 टन के अतिरिक्त 100.3 टन स्वर्ण भंडार भी भारतीय रिजर्व बैंक के पास जमा है। वर्ष 1947 में भारत के राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व ही भारत ने अपने स्वर्ण के भंडार बैंक आफ इंग्लैड में रखे हुए हैं। इसके बाद 1990 के दशक में भी भारत ने अपनी आर्थिक परेशानियों के बीच अपने स्वर्ण भंडार को बैक आफ इंग्लैंड में गिरवी रखकर अमेरिकी डॉलर उधार लिए थे। विभिन्न देशों द्वारा लंदन में स्वर्ण भंडार इसलिए रखे जाते हैं क्योंकि लंदन पूरे विश्व का सबसे बड़ा स्वर्ण बाजार है और यहां स्वर्ण को सुरक्षित रखा जा सकता है। यहां के बैकों द्वारा विभिन्न देशों को स्वर्ण भंडार के विरुद्ध अमेरिकी डॉलर एवं ब्रिटिश पाउंड में आसानी से ऋण प्रदान किया जाता है बल्कि यहां पर स्वर्ण भंडार को आसानी से बेचा भी जा सकता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण के कई खरीदार यहां आसानी से उपलब्ध रहते हैं। कुल मिलाकर इंग्लैंड स्वर्ण का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ा बाजार हैं। लंदन के बाद न्यूयॉर्क को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण का एक बड़ा बाजार माना जाता है।
भारत को इस स्वर्ण भंडार को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिवर्ष फी के रूप में कुछ राशि बैंक आफ इंग्लैंड को अदा करनी होती थी अतः अब भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 100 टन स्वर्ण भंडार को भारत लाने के बाद इस फी की राशि को अदा करने से भी भारत बच जाएगा। दूसरे अपने यहां स्वर्ण भंडार रखने से भारत के पास सदैव तरलता बनी रहेगी। जब चाहे भारत इस स्वर्ण भंडार का इस्तेमाल स्थानीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने हित के लिए कर सकता है।
वर्ष 2009 में भारत ने 200 टन का स्वर्ण भंडार अंतरराष्ट्रीय बाजार में 670 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि अदा कर खरीदा था। 15 वर्ष वर्ष बाद पुनः भारत ने अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि करने का निश्चय किया है। स्वर्ण भंडार सहित आज भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 65,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर के उच्चत्तम स्तर पर पहुंच गए हैं और यह भारत के लगभग एक वर्ष के आयात के बराबर की राशि है। अतः अब भारत को अपने स्वर्ण भंडार बेचने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी इसलिए भी भारत ने ब्रिटेन में स्टोर किए गए अपने स्वर्ण भंडार को भारत में वापिस लाने का निर्णय किया है।
विश्व में आज विभिन्न देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के उद्देश्य से अपने पास स्वर्ण के भंडार भी बढ़ाते जा रहे हैं। आज पूरे विश्व में अमेरिका के पास सबसे अधिक 8133 मेट्रिक टन स्वर्ण के भंडार है, इस संदर्भ में जर्मनी, 3352 मेट्रिक टन स्वर्ण भंडार के साथ दूसरे स्थान पर एवं इटली 2451 मेट्रिक टन स्वर्ण भंडार के साथ तीसरे स्थान पर है। फ्रांस (2437 मेट्रिक टन), रूस (2329 मेट्रिक टन), चीन (2245 मेट्रिक टन), स्विजरलैंड (1040 मेट्रिक टन) एवं जापान (846 मेट्रिक टन) के बाद भारत, 812 मेट्रिक टन स्वर्ण भंडार के साथ विश्व में 9वें स्थान पर है। भारत ने हाल ही के समय में अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि करना प्रारम्भ किया है एवं यूनाइटेड अरब अमीरात से 200 मेट्रिक टन स्वर्ण भारतीय रुपए में खरीदा था। हाल ही के समय में चीन का केंद्रीय बैंक भारी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वर्ण की खरीद कर रहा है। कुछ अन्य देशों के केंद्रीय बैंक भी अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि करने में लगे हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वर्ण के दामों में बहुत अधिक वृद्धि देखने में आई है और यह 2400 अमेरिकी डॉलर प्रति आउंस तक पहुंच गई है।
कई देश संभवत: अपने विदेशी मुद्रा के भंडार में अमेरिकी डॉलर की तुलना में स्वर्ण भंडार को अधिक महत्व दे रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी डॉलर पर अधिक निर्भरता से कई देशों को आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ रहा है। यदि अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत हो रहा हो तो उस देश की मुद्रा का अवमूल्यन होने लगता है। इससे उस देश में वस्तुओं का आयात महंगा होने लगता है और उस देश में मुद्रा स्फीति के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इन विपरीत परिस्थितियों में घिरे देश के लिए स्वर्ण भंडार बचाव का काम करते हैं। इसलिए आज लगभग प्रत्येक देश के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाने के बारे में विचार करते हुए नजर आ रहे हैं।