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वेदांता एल्युमीनियम ने एक नया मिश्र धातु (एलॉय) विकसित किया और उसका पेटेंट कराया, जो टिकाऊ धातु विज्ञान में नवाचार को आगे बढ़ाता है

सर्वप्रथम सीसा और टिन रहित बिस्मथ-एल्युमीनियम एलॉय, वेदांता एल्युमीनियम की नेट जीरो 2050 विज़न के प्रति स्थायी और घरेलू तकनीक के माध्यम से प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

लैब टेस्ट में पारंपरिक एलॉय की तुलना में 30% अधिक चिकनी सतह, 8% अधिक तन्यता शक्ति, 21% अधिक यील्ड स्ट्रेंथ और 17% अधिक कठोरता दिखाई गई।

यह एलॉय ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए तैयार किया गया है।

रायपुर, अक्टूबर 2025: भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम निर्माता, वेदांता एल्युमीनियम ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। कंपनी को अपने पहले नए उत्पाद विकास का पेटेंट मिला है, जो सीसा और टिन से मुक्त बिस्मथ-एल्युमीनियम एलॉय के लिए है। यह नवाचार दुनिया भर में खतरनाक तत्वों, जैसे- सीसा और टिन के चरणबद्ध निष्कासन का समाधान पेश करता है और महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए सतत और आसानी से मशीनिंग योग्य समाधान उपलब्ध कराता है।

यह पेटेंट सतत सामग्री नवाचार में एक महत्वपूर्ण सफलता है, जो इंजीनियरिंग कौशल को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ जोड़ता है। वेदांता एल्युमीनियम की इन-हाउस अनुसंधान एवं विकास टीम द्वारा विकसित यह एलॉय टिकाऊ धातु विज्ञान में एक बड़ा कदम है। इसमें खतरनाक तत्वों जैसे सीसा और टिन को बिस्मथ से बदला गया है, जिससे यह एलॉय न केवल वैश्विक पर्यावरण मानकों को पूरा करता है बल्कि बेहतर मशीनिंग क्षमता और मजबूत यांत्रिक शक्ति भी प्रदान करता है।

यह एलॉय ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स के लिए बनाया गया है, जहाँ मशीनिंग (कटिंग और शेपिंग) मुख्य उत्पादन प्रक्रिया होती है। इसका उपयोग ऑटोमोबाइल पार्ट्स, जैसे- एबीएस मैनिफोल्ड, हाइड्रोलिक मैनिफोल्ड, वाल्व ब्लॉक, ट्रांसमिशन स्लीव, एयर कंडीशनिंग के पुर्जे, स्टीयरिंग योग, ड्राइव शाफ्ट और इलेक्ट्रिकल कनेक्टर में किया जा सकता है। इसके अलावा, यह इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स जैसे कैमरा और घड़ी के पुर्जे और मोबाइल फोन के हाउसिंग में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ, राजीव कुमार ने कहा, “नवाचार और स्थिरता वेदांता एल्युमीनियम के अनुसंधान एवं विकास प्रयासों का मुख्य हिस्सा हैं। ये हमें ऐसे समाधान बनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो हमारे पर्यावरणीय लक्ष्य आगे बढ़ाएँ और विश्व-स्तरीय नई उत्पाद उपलब्ध कराएँ। यह पेटेंट हमारे प्रयासों को मान्यता देता है कि हम सामग्री विज्ञान में नई सीमाएँ तय कर रहे हैं और हर स्टेज पर स्थिरता को शामिल कर रहे हैं। बिस्मथ-एल्युमीनियम एलॉय जिम्मेदार निर्माण का भविष्य दर्शाता है।”

इस नवाचार की प्रेरणा ग्राहकों की बढ़ती माँग से मिली, जो सीसा और टिन वाले पारंपरिक मशीन करने योग्य एलॉय जैसे एए6262 और एए6020 के लिए टिकाऊ और उच्च-प्रदर्शन विकल्प चाहते थे। इन एलॉय पर नियामक ध्यान होने के कारण, उद्योग अब एए6061 और एए6082 जैसे सामान्य ग्रेड का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें खराब सतह गुणवत्ता, उपकरण की कम उम्र, अधिक कटाई भार और लंबा संचालन समय जैसी सीमाएँ हैं। 

वेदांता एल्युमीनियम द्वारा नया विकसित बिस्मथ-एल्युमीनियम एलॉय इन चुनौतियों का समाधान करता है। यह स्थिरता और प्रदर्शन को जोड़ता है, जिससे उद्योग पारदर्शी और अधिक प्रभावी सामग्री की ओर बिना किसी समझौते के बदल सकते हैं।

नए एलॉय के लैब परीक्षणों में असाधारण प्रदर्शन दिखा:

अधिक ताकत और टिकाऊपन: पारंपरिक ग्रेड की तुलना में 8% अधिक तन्यता शक्ति, 21% अधिक यील्ड स्ट्रेंथ और 17% अधिक कठोरता। 

बेहतर मशीनिंग क्षमता: छोटे और आसानी से टूटने वाले चिप्स काटने की दक्षता बढ़ाते हैं और संचालन समय कम करते हैं। 

उपकरण की लंबी उम्र और बेहतर सतह गुणवत्ता: उच्च गति मशीनिंग के दौरान भी 30% तक चिकनी सतह और उपकरण की जीवन अवधि में महत्वपूर्ण वृद्धि। 

यह पेटेंटेड एलॉय वेदांता एल्युमीनियम की सतत उत्पाद विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और ‘मेक इन इंडिया' और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी राष्ट्रीय पहलों का समर्थन करता है, साथ ही घरेलू तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देता है। यह कंपनी की 2050 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन की दीर्घकालिक योजना में भी योगदान देता है। 

ऐसे नवाचारों के माध्यम से, वेदांता एल्युमीनियम भारत में टिकाऊ औद्योगिक विकास की ओर बदलाव में नेतृत्व करता है और पर्यावरण के प्रति जागरूक धातु विज्ञान और उन्नत निर्माण में नए मानक स्थापित करता है।

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