क्या होती है नो-कॉस्ट EMI? फेस्टिव सीजन में कैसे उठाएं इसका लाभ
नई दिल्ली। प्लास्टिक मनी यानी क्रेडिट कार्ड अब पेमेंट के लिए ज्यादातर लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। इसकी कई वजहें हैं। पहली तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी सुविधाजनक है। इस पर रिवॉर्ड प्वाइंट भी मिलते हैं। साथ ही, फेस्टिव सीजन में क्रेडिट कार्ड से खरीद पर आकर्षक ऑफर मिलते हैं।
क्रेडिट कार्ड तीनों यानी खरीदार, शॉपिंग प्लेटफॉर्म और बैंक- के लिए फायदे का सौदा है। खरीदारों को अच्छी डील मिल जाती है। कंपनियों की बिक्री में इजाफा होता है। वहीं, क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान का ट्रांजैक्शन भी बढ़ जाता है। लेकिन, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करत वक्त कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए।
कैसे करें क्रेडिट कार्ड का यूज
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि बिल का भुगतान हमेशा समय पर हो। इससे आप भारी-भरकम ब्याज और लेट पेनल्टी चुकाने से बच जाएंगे। साथ ही, अगर आप फ्रिज या वॉशिंग मशीन लेना चाहते हैं और एकसाथ पैसे चुकाने की स्थिति में नहीं हैं, तो आपको नो-कॉस्ट EMI का इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या होती है नो-कॉस्ट EMI
नो-कॉस्ट EMI में आपको बिना ब्याज के EMI पर पैसे देने की सुविधा मिलती है। हालांकि, ब्याज अमूमन उस कीमत में ही शामिल होता है, जो ब्रांड ऑफर करता है। मिसाल के लिए, आप 30 हजार की वॉशिंग मशीन नो-कॉस्ट EMI पर खरीद रहे हैं। इसमें हो सकता है कि रिटेलर ने ब्याज की रकम पहले ही आपको दिए जाने वाले ऑफर में शामिल कर ली है। लेकिन, ब्याज अब भी लागू होगा, जिससे आपकी मासिक किस्तों में मामूली इजाफा होगा।
किन प्रोडक्ट पर नो-कॉस्ट EMI
नो-कॉस्ट EMI की सुविधा फाइनेंस कंपनियां ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और गैजेट जैसी महंगे वस्तुओं देती हैं। इसमें आपको अपने पेमेंट को 6-9 महीनों में चुकाने की सहूलियत मिलती है। इससे आप अपने बजट से बाहर जाए बगैर त्योहारी सीजन में पसंदीदा चीजों की खरीद कर सकते हैं। यह क्रेडिट कार्ड पर नो-कॉस्ट कंज्यूमर्स को बिना ब्याज बड़े खर्चों को छोटी किश्तों में बांटने का आसान तरीका है। पार्टनर मर्चेट यह विकल्प देते हैं।
नो-कॉस्ट EMI का यूज जिम्मेदारी से
आपको नो-कॉस्ट EMI का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए। नो-कॉस्ट EMI के लालच में आपको गैर-जरूरी चीजें खरीदने से बचना चाहिए। यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड से खर्च किया जाने वाला पैसा भी कर्ज ही है, जिसे आपको समय पर चुकाना पड़ता है। नहीं तो आपको क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है और भविष्य में आपको किसी भी वित्तीय संस्थान से कर्ज लेने में दिक्कत हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड को ऐसे करें मैनेज
नो-कॉस्ट EMI की सुविधा का लाभ लेने के लिए शर्तों को अच्छे से समझें।
प्रोडक्ट की कीमत में शामिल एक्स्ट्रा या हिडेन कॉस्ट को भी चेक करें।
अगर EMI आपके मासिक बजट में फिट हो, तभी शॉपिंग करनी चाहिए।
आपकी सारी EMI कभी भी इन-हैंड इनकम के 40 फीसदी से ज्यादा न हों।
क्रेडिट कार्ड ड्यू बढ़ जाए, तो उसे खत्म करने के लिए सेविंग इस्तेमाल करें।