नई दिल्ली, जनवरी, 2025: वेदांता एल्युमीनियम ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर 70 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एल्युमीनियम उद्योग में नवाचार को बढ़ावा दिया है। इन स्टार्टअप्स के द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकें और समाधान, उद्योग की चुनौतियों का हल प्रस्तुत करती हैं और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए रास्ता खोलती हैं। इन साझेदारियों के तहत 100 से अधिक प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए गए, जिनका उद्देश्य रोबोटिक्स, एआई, आईओटी और स्मार्ट सेफ्टी सॉल्यूशंस के माध्यम से प्रचालन दक्षता, लागत में कटौती, और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाना है।
इस अवसर पर वेदांता एल्युमीनियम के सीओओ श्री सुनील गुप्ता ने कहा, "हम इन स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एल्युमीनियम क्षेत्र में दक्षता और इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।"
इनफिनिट अपटाइम के सीईओ श्री रौनक भिंगे ने कहा, "वेदांता स्पार्क ने हमें मजबूत बिजनेस केस बनाने और खरीद प्रक्रियाओं को तेज करने में मदद की। इस साझेदारी से हमारे संचालन में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, और यह वेदांता की नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
कंपनी का उद्देश्य 2050 तक नेट जीरो उत्सर्जन तक पहुँचना है, और इसके लिए वे पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। इनफिनिट अपटाइम जैसे स्टार्टअप्स ने एआई-संचालित एनालिटिक्स का उपयोग कर प्रचालन में 2,000 घंटे की बचत की, जबकि ग्लोविजन टेक्नो सर्विसेज़ ने आईओटी समाधानों के जरिए 5 मिलियन डॉलर की बचत की।
वेदांता में कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल और स्पार्क के उपाध्यक्ष और प्रमुख श्री अमितेश सिन्हा ने कहा, "हम मानते हैं कि मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य स्टार्टअप्स के साथ इनोवेशन में है।"
कंपनी अब स्मार्ट पॉट सॉल्यूशंस और रेड मड से मैटल रिकवरी जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो उद्योग को नई दिशा देंगे। इसके साथ ही, 'इनोवेशन कैफे' जैसी पहल के माध्यम से वे अपने कर्मचारियों को सशक्त बना रही है।
वेदांता एल्युमीनियम, 2024 में भारत का आधे से अधिक एल्युमीनियम उत्पादन करने वाली कंपनी, सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से वैश्विक स्तर पर भी पहचानी जाती है।