छत्तीसगढ़ / बालोद
सुशासन तिहार में गनेश्वरी और नूतन बाई की समस्या का हुआ त्वरित समाधान, मिला जाॅबकार्ड
शासन की योजनाओं और सुशासन तिहार के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
बालोद । सुशासन तिहार 2025 बालोद जिले के ग्राम जुंगेरा की श्रीमती गनेश्वरी बाई और नूतन बाई के जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आया है। क्योंकि आज उनकी एक समस्या का त्वरित समाधान हो चुका है। गनेश्वरी और नूतन ने सुशासन तिहार के प्रथम चरण में ग्राम पंचायत जुंगेरा में मनरेगा जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया था। उनके इस आवेदन पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका मनरेगा जाॅब कार्ड बना दिया। जिसे आज ग्र्राम जुंगेरा में आयोजित समाधान शिविर में उन्हें प्रदान कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वे गृहिणी है और अब तक वह अपने घर के कामकाज तथा खेती कार्य में मजदूरी करती थी। लेकिन मनरेगा जॉब कार्ड मिलने के बाद अब उसके पास बाहर काम करने का अवसर होगा। इस जॉब कार्ड के जरिए वे मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में हिस्सा ले सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यह आय का एक नया स्रोत उसके परिवार को मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि उन्हें शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसके तहत उन्हें प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इस योजना ने उनके परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद की है, और अब मनरेगा जॉब कार्ड के साथ वह अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ रही हैं। अपने आवेदन का त्वरित समाधान होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
सुशासन तिहार में किसान पुनुराम को मिला किसान किताब की द्वितीय प्रति
सुशासन तिहार में शीघ्रता से काम होने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
बालोद। सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर में किसान किताब की द्वितीय प्रति मिलने पर किसान पुनुराम ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा में आयोजित समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में पहुंचे ग्राम दैहान के किसान पुनुराम ने बताया कि उनका पहले जो किसान किताब था, वह बहुत पुराना होने के कारण उसे उपयोग में नहीं ला पा रहे थे, जिससे बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। नया किसान किताब बनाने के लिए काफी समय से सोंच रहे थे, लेकिन नहीं बनवा पा रहा था। पुनुराम ने बताया कि सुशासन तिहार की जानकारी गांव में मुनादी द्वारा मिलने पर उन्होने पंचायत में जाकर नया किसान किताब बनाने के लिए आवेदन किया और आज उन्हें समाधान शिविर में निःशुल्क नया किसान किताब मिल गया। नया किसान किताब के लिए किसी प्रकार की राशि भी नहीं लगा है। पुनुराम ने कहा कि सुशासन तिहार बहुत मददगार साबित हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार आयोजन करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। किसान पुनुराम ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर सभी किसानों के लिए बहुत अच्छा है। उनके आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से बहुत सारी योजनाओं की जानकारी मिली है।
सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का किया जाएगा समुचित निराकरण : राठौर
बालोद जिले में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति का किया सराहना
बालोद । संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त प्रत्येक आवेदनों का गुणवत्तायुक्त एवं समुचित निराकरण किया जाएगा। श्री राठौर आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम जुंगेरा में सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर के अवसर पर अपना उदगार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल कर समयबद्ध तरीके से उनका निराकरण सुनिश्चित करने हेतु राज्य शासन का अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं अभिनव कार्य है। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों के समुचित निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई की भी भूरी-भूरी सराहना की।
बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा में आयोजित समाधान शिविर के अवसर पर विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया सहित राकेश यादव छोटू, पे्रम साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा एसडीएम सुरेश साहू, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। इस अवसर पर संभाग आयुक्त श्री राठौर ने शिविर स्थल में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टाॅलों का निरीक्षण कर वहाँ उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से प्राप्त आवेदनों एवं इसके निराकरण हेतु की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान संभाग आयुक्त ने समाज कल्याण विभाग के स्टाॅल में ग्राम तरौद के दिव्यांग बुजुर्ग दिलीप कुमार को बैसाखी एवं श्रवणबाधित सम्पत लाल को श्रवण यंत्र प्रदान किया। इसके अलावा उन्होंने मछली पालन विभाग के स्टाॅल में ग्राम खैरतराई के दो मत्स्य पालक कृषक मुकेश ढीमर एवं राकेश ढीमर को मछली जाल प्रदान किया। इसके अलावा शिविर में आज अतिथियों के द्वारा ग्राम पाररास के कृषक श्रीमती चंद्रिका बाई को किसान क्रेडीट कार्ड एवं नैनो युरिया लिक्विड खाद, ग्राम जंुगेरा की बिमला बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र एवं श्रीमती महेश्वरी को नया राशन कार्ड, मनीषा, नूतन बाई एवं गंगेश्वरी को को मनरेगा जाॅब कार्ड प्रदान किया गया। इसी तरह राजस्व विभाग के अंतर्गत ग्र्राम अमलीडीह के शत्रुघन को जाति प्रमाण पत्र एवं दैहान के पुनुराम को किसान किताब प्रदान किया गया। इसके अलावा श्रीमती रेखा शर्मा, गोपी चंद, रेखा बाई सहित 10 हितग्राहियों को किसान क्रेडीट कार्ड के अलावा खाद वितरण सहित हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को शासन के अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के पहले चरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत जुंगेरा सहित जुंगेरा कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायत जुंगेरा के अलावा ग्राम परसदा, सांकरा (ज), दरबारी नवागांव, जगन्नाथपुर, घुमका, कोहंगाटोला, तरौद, मनौद, खेरथाडीह, भोथली, ओरमा, बघमरा, डेंगरापार, खैरतराई सहित कुल 16 ग्राम पंचायतों के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए 4714 आवेदनों का परीक्षण के उपरांत संबंधित विभागों के द्वारा सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकार उनका अन्नप्राशन कराने के साथ-साथ गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुमधुर प्रस्तुति के माध्यम से सुशासन तिहार एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संभाग आयुक्त श्री राठौर ने राज्य में सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए इसे आम जनता के वाजिब मांगों एवं समस्याओं के पड़ताल करने का अत्यंत कारगर माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आने के साथ-साथ समाज के अंतिम पंक्ति एवं जरूरतमंद लोगों तक शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। श्री राठौर ने जिले में चलाए जा रहे जल संरक्षण के अभियान की सराहना करते हुए जिले वासियों से इस कार्य में अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने राज्य शासन के सुशासन तिहार के इस आयोजन को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं लोक हितैषी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सही मायने में प्रशासन को जनता तक ले जाने का एक अभिनव प्रयास है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सुशासन तिहार में उपस्थित संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार को शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं समयबद्ध तरीके से आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का निराकरण करने का अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान जिले में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 01 लाख 33 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों का समुचित परीक्षण कर गुणवत्तायुक्त निराकरण सुनिश्चित किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने पूरे देश और दुनिया की तरह बालोद जिले में भी जल संकट एवं लगातार घटते भूजल स्तर पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आने वाले समय में पानी की इस भीषण संकट से निपटने हेतु समय रहते जल के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने बालोद जिले के सभी नागरिकों से जल संरक्षण के कार्य में अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत अनिवार्य रूप से पौधरोपण कर उनकी देखभाल की समुचित व्यवस्था करने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने सुशासन तिहार के आयोजन को राज्य शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी, जनहितैषी एवं दूरगामी कार्य बताते हुए इसकी सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने आम नागरिकों को साईबर फ्राॅड से बचाव के उपाय के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने शिविर में उपस्थित आम नागरिकों को आश्वास्त करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन सदैव आम जनता के सेवा एवं सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री पटेल ने सुशासन तिहार के अंतर्गत पुलिस विभाग को प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने की भी बात कही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू सुशासन तिहार के आयोजन को आम जनता के समस्याओं को सरल कर निर्धारित समयावधि में उनका निराकरण सुनिश्चित करने का राज्य शासन का महत्वपूर्ण अभियान बताया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का प्रतिवेदन वाचन करते हुए एसडीएम सुरेश साहू ने सुशासन तिहार के प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जल संरक्षण के अभियान में अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।
शिविर में आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान जुंगेरा कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों के आवेदकों के द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों एवं निराकरण के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत जुंगेरा कलस्टर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 3041, राजस्व विभाग को 253, महिला एवं बाल विकास विभाग को 221, विद्युत विभाग को 130, श्रम विभाग को 48, शिक्षा विभाग को 88, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 40, परिवहन विभाग को 20, लोक निर्माण विभाग को 26, जल संसाधन विभाग को 26, पशुपालन विभाग को 12, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र 07 सहित विभिन्न विभागों से प्राप्त 4714 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर विधायक, संभाग आयुक्त, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अतिथियों द्वारा स्थल में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया।
दल्ली राजहरा में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन : 626 प्रकरणों का हुआ समाधान
सुशासन तिहार : तत्काल राशन कार्ड मिलने से अभिभूत हुई बुजुर्ग महिला ढेला बाई
शासन के इस लोक कल्याणकारी आयोजन की सराहना करते हुए जताया विनम्र आभार
बालोद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप आम जनता के वास्तविक जरूरतों तथा उनके मांगों एवं समस्याओं से वाकिफ होकर उनका समयबद्ध तरीक से निराकरण सुनिश्चित कर राज्य में सुशासन को आम जनता के द्वार तक ले जाने के पूनीत उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार सही मायने में सुशासन के परिकल्पना को साकार कर रहा है। राज्य शासन के सुशासन तिहार के लोक कल्याणकारी एवं जनहितैषी पहल कई जरूरतमंद लोगों को तत्काल मदद पहुँचाकर उनके लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गया है। इसी कड़ी में जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम गणेश खपरी निवासी 85 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग महिला ढेला बाई के लिए राज्य शासन द्वारा आयोजित यह सुशासन तिहार किसी फरिश्ता से कम साबित नही हुआ है। ढेला बाई ने बताया कि वर्तमान में उनका देखरेख करने वाले कोई नही होने के कारण वे अपने निकटतम परिजनों के पास निवास कर रही थी। लेकिन विगत कुछ दिनों से अपने परिजनों ने उन्हें अपने पास रखने के लिए मना कर दिया था। जिसके चलते वर्तमान में वे अपनी भांजी सुनीता बाई के पास निवास कर रही हैं। लेकिन इसके बावजूद उसके सामने दो जून की भोजन प्रबंध करने की विकट समस्या उत्पन्न हो गया था। उन्होने बताया कि सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान ग्रामीणों के द्वारा राशन कार्ड हेतु आवेदन करने की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने अपनी भांजी एवं परिजनों के साथ ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुँचकर अपने लिए अलग से राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन जमा किया। इसके बाद अधिकारियों के द्वारा उनके आवेदनों के परीक्षण के उपरांत उनका नया राशन कार्ड बनाया गया। आज उन्हें अतिथियों के द्वारा ग्राम नाहंदा में आयोजित समाधान शिविर में नया राशन कार्ड प्रदान किया जा रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से बहुत ही कम समय में नया राशन कार्ड मिलने से बुजुर्ग दिव्यांग महिला ढेला बाई बहुत ही अभिभूत नजर आ रही थी।
बुजुर्ग ढेला बाई ने राज्य सरकार के इस सुशासन तिहार के आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह सुशासन तिहार उनके लिए किसी संकट मोचक से कम नही है। सुशासन तिहार के इस आयोजन के दौरान शासन-प्रशासन के संवेदनशीलता के साथ बहुत ही कम समय में उनका राशन कार्ड बनाकर उन्हें सम्मान के साथ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि अब उनका राशन कार्ड बन जाने से अपने लिए दो जून की रोटी की प्रबंध करने की बहुत बड़ी समस्या का निराकरण हुआ है। अब वे अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर पाएंगी। उन्होंने अपने जैसे अनेक जरूरतमंद लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण सुनिश्चित करने हेतु राज्य में सुशासन तिहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार जताया है।
सुरक्षा गार्ड पंजीयन हेतु विशेष शिविर का आयोजन
बालोद। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने बताया कि कमाण्डेंट प्रशिक्षण केन्द्र आर्य नगर कोहका भिलाई द्वारा प्रायवेट सिक्यूरिटी एजेंसी एसआईएसएस लिमिटेड की ओर से आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत कर प्रशिक्षणोपरांत सुरक्षा गार्ड में स्थाई रोजगार देने जिले के विभिन्न स्थानों पर मई माह में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पंजीयन शिविर का आयोजन थाना परिसर डौण्डीलोहारा में 13 मई, थाना परिसर मंगुचवा में 14 मई, थाना गुण्डरदेही में 15 मई, थाना परिसर अर्जुंदा में 16 मई, थाना परिसर डौण्डी में 17 मई, थाना परिसर दल्लीराजहरा में 19 मई, कैंप में मंगलतराई में 20 मई तथा थाना परिसर बालोद में 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को भर्ती से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
नेशनल लोक अदालत आज
बालोद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार बालोद जिले के जिला न्यायालय, तालुका न्यायालय गुण्डरदेही, डौण्डीलोहारा एवं दल्लीराजहरा सहित समस्त राजस्व न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 10 मई 2025 को किया जाना है। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य, आपराधिक एवं सिविल प्रकरण, चेक बाउंस के प्रकरण, धन वसूली के मामलें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरण, बिजली, जलकर, टेलीफोन बिल, वैवाहिक, परिवारिक मामले. श्रम विवाद एवं राजस्व मामलों का निराकरण किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से व्यक्ति अपने न्यायालयीन मामले एवं विवाद पूर्व पंजीकृत होने वाले प्री लिटिगेशन मामलों का निराकरण करा सकते है। लोक अदालत में निराकृत होने वाले सिविल मामलों में पूर्व में लगी हुई न्यायालयीन फीस वापस होती है। इस नेशनल लोक अदालत के तैयारी के संबंध में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्यामलाल नवरत्न के द्वारा जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं जिला अधिवक्ता संघ समस्त बैंक, फायनेंस कंपनी, विद्युत विभाग, एवं नगर पालिका के अधिकारियों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर अधिक से अधिक एक राजीनामा योग्य प्रकरणों के निराकरण किये जाने की अपील की गई। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्यामलाल नवरत्न ने बताया कि जिस किसी भी पक्षकार का जिला न्यायालय बालोद, व्यवहार न्यायालय गुण्डरदेही, दल्लीराजहरा एवं डौण्डीलोहारा में तथा बालोद जिले के किसी भी राजस्व न्यायालय में मामला लंबित हो तो संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में अपने मामलों का निराकरण करवा सकते हंै। इसके अलावा इस प्राधिकरण के अधिकार मित्र के द्वारा भी बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों के हाट बाजारों-चैक चैराहों, बैंक एवं अन्य स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर पाम्पलेट वितरण के माध्यम से नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
जुंगेरा एवं नगर पंचायत चिखलाकसा में समाधान शिविर
बालोद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाने शुरू की गई ’सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान जुंगेरा एवं डौण्डी विकासखण्ड के कार्यालय भवन नगर पंचायत चिखलाकसा में 10 मई 2025 को ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि बालोद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान जुंगेरा में 10 मई को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के ग्राम परसदा, सांकरा (ज), दरबारी नवागांव, जगन्नाथपुर, घुमका, कोहंगाटोला, तरौद, मनौद, खेरथाडीह, जुंगेरा, भोथली, ओरमा, बघमरा, डेंगरापार, खैरतराई के निवासी समाधान शिविर में शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत चिखलाकसा में कार्यालय भवन नगर पंचायत चिखलाकसा में नगर पंचायत के समस्त वार्डों के लिए समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर का आयोजन निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक किया जाएगा।
नाहंदा समाधान शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को मिला सौगात
2928 आवेदनों का किया गया निराकरण
बालोद। सुशासन तिहार के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतर्गत आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम नाहंदा में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को अनेक सौगात मिला। इस दौरान सुशासन तिहार के पहले चरण के अंतर्गत नाहंदा कलस्टर में शामिल नाहंदा के अलावा ग्राम महाराजुपर, गिधवा, पिनकापार, मुजगहन, चे.ब. नवागांव, जेवरतला, रानीतराई, भरदा, हरदी, औंरी, टटेंगा, नाहंदा, पीपरखार ना, संबलपुर क, खामतराई, देवरी, खपराभाठ, सुरसुली, कुआगांव, मार्री, बेहराभाठा, फुलसुन्दरी, रीवागहन सहित कुल 24 ग्राम पंचायतों के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए 2928 आवेदनों का परीक्षण के उपरांत संबंधित विभागों के द्वारा सभी आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्राम नाहंदा के शासकीय हाई स्कूल मैदान में आयोजित समाधान शिविर में आज अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख सहित जनपद अध्यक्ष श्रीमती शांति सोनबरसा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर एवं श्रीमती प्रभा नायक, वरिष्ठ जन प्रतिनिधि अभिषेक शुक्ला एवं विवेक वैष्णव के अलावा जनपद सदस्य टूमन लाल साहू, ग्राम पंचायत नाहंदा के सरपंच रूपेश कुमार सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा एसडीएम शिवनाथ बघेल, तहसीलदार हेमंत पैकरा और हिंसाराम नायक एवं अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
ग्राम नाहंदा में आयोजित समाधान शिविर में सुशासन तिहार के प्रथम चरण में आवेदन करने वाले आवेदकों को मछली जाल, मनरेगा जाॅब कार्ड, नया राशन कार्ड के अलावा दिव्यांगों को सहायक उपकरण, श्रवण बाधितों को श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में ग्रामीणों को बी-1 नवीन ऋण पुस्तिका आदि का भी वितरण किया गया। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति एवं पूर्णता प्रमाण पत्र, विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र आदि का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा नन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर-पुड़ी खिलाकार उनका अन्नप्राशन कराने के साथ-साथ गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुमधुर प्रस्तुति के माध्यम से सुशासन तिहार एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित लोगों को जनसंपर्क विभाग के मासिक पत्रिका जनमन का भी वितरण किया गया।
इस अवसर पर सुशासन तिहार के पहले चरण के अंतर्गत शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत करने वाले ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इसके अंतर्गत शिविर में आज अतिथियों के द्वारा ग्राम गणेश खपरी निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती ढेला बाई सहित ग्राम महराजपुर निवासी श्रीमती नेमीन बाई, ग्राम मुड़खुसरा निवासी श्रीमती आशा बाई एवं श्रीमती अरीना बाई एवं श्रीमती सूनीता बाई सहित 10 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड प्रदान किया गया। इसी तरह ग्राम नाहंदा के 83 वर्षीय बुजुर्ग दिव्यांग बिहारीलाल को बैसाखी का भी वितरण किया गया। इसी तरह ग्राम बोईरडीह निवासी कृषक अंकालू राम, गौतम प्रसाद, संतोष कुमार, योगेश कुमार, तुमेश्वर, मनकुराम सहित 10 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का भी वितरण किया गया। इसी तरह संतराम, चिंताराम एवं दिनेश्वरी सहित 03 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति पत्र एवं ग्राम नाहंदा निवासी उदय राम को प्रधानमंत्री आवास योजना का पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा ग्राम नाहंदा निवासी श्रीमती गायत्री, माकेश्वर एवं चंद्रिका सहित अन्य ग्रामीणों को मनरेगा जाॅब कार्ड प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शुरू किए गए सुशासन तिहार की अभिनव पहल की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आम जनता की वास्तविक जरूरतों के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल कर समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने हेतु राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। वह हर दृष्टि से जनहितैषी एवं लोक कल्याणकारी कार्य है। राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एवं सुशासन के अवधारणा को समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुँचाने का कारगर एवं सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य के पहलगाम में आंतकवादियों के द्वारा हमारे देश के निर्दोष नागरिकों का निर्मम हत्या एवं आतंकवादियों के कायराना हरकत के बदले में भारतीय सैनिकों द्वारा अभी हाल में ही किए गए जवाबी कार्रवाई की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे वीर, जाबाज सैनिकों के द्वारा पाकिस्तान में घूसकर आतंकवादियों के ठीकाने को नेस्तानाबूत कर जो उन्हें जवाब दिया गया है। उससे हर भारतवासी हर तरह से गौरवान्वित होकर हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस एवं वीरता की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती शांति सोनबरसा ने कहा कि सुशासन तिहार के आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल कर समयबद्ध तरीके से उनका समुचित निराकरण करने का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि आने वाले समय में हम सभी को इस सुशासन तिहार का दूरगामी असर देखने को मिलेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रभा नायक ने कहा कि सुशासन तिहार के आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा सुशासन को जनता के द्वार तक लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। जो कि हर तरह से सराहनीय है। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इसके आयोजन से आम जनता को अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु शासकीय कार्यालयों के अलावा जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालय तक आवागमन के समस्याओं से भी मुक्ति मिली है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सुशासन तिहार हर दृष्टि से आम जनता के लिए लाभप्रद एवं महत्वाकांक्षी सिद्ध होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अभिषेक शुक्ला ने भी राज्य में आयोजित सुशासन तिहार के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य व केन्द्र सरकार के विभिन्न जनकल्याण्कारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सरपंच रूपेश सिन्हा ने किया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा शासकीय हाई स्कूल परिसर नाहंदा में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौध रोपण भी किया गया।
समाधान शिविर में आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के नाहंदा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम पंचायत के आवेदकों के द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों के निराकरण के संबंध में बारी-बारी से जानकारी ली गई। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत नाहंदा कलस्टर में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से संबंधित कुल 649, खाद्य विभाग के कुल 186, मनरेगा के 261, विद्युत के 205, राजस्व के 361, समाज कल्याण के 133, स्वच्छ भारत मिशन के 177, महिला एवं बाल विकास विभाग के 135, स्वास्थ्य विभाग के 33, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 65, शिक्षा 71, खनिज विभाग के 18, क्रेडा विभाग के 13, जल संसाधन के 16, श्रम विभाग 19, पशुपालन विभाग के 24, मछली पालन 08, परिवहन विभाग के 11, लोक निर्माण विभाग के 32 सहित नाहंदा कलस्टर में प्राप्त कुल 2928 आवेदनों का निराकरण किया गया।
कलेक्टर ने दिव्यांग विद्यार्थी राहुल को प्रदान किया व्हीलचेयर
ग्राम जगतरा में आयोजित अंगना म शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत अधिकारियों को दिए गए निर्देश के परिपालन में की गई कार्रवाई
बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला जगतरा के कक्षा पहली के दिव्यांग विद्यार्थी राहुल को व्हीलचेयर प्रदान कर अपनी शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि 25 अपै्रल को जिला के बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला जगतरा में आयोजित ’अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कक्षा पहली में प्रवेश लेने पहुँचे दिव्यांग विद्यार्थी राहुल से मुलाकात कर उनके परिजनों से उनका हाल-चाल पूछा था। परिजनों द्वारा दिव्यांग बालक राहुल के चलने-फिरने एवं अन्य दैनिक क्रियाकलापों को पूरा कर पाने में असमर्थ होने की जानकारी दी गई थी। इसे त्वरित संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी एवं समग्र शिक्षा के परियोजना अधिकारी को दिव्यांग बालक राहुल का तत्काल समुचित इलाज कराने तथा उन्हें शीघ्र व्हीलचेयर प्रदान करने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों के द्वारा दिव्यांग बालक राहुल को कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के हाथों व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राधेश्याम साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का समय में निराकरण करें: कलेक्टर
समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि सभी विभाग प्रमुख सुशासन तिहार के अंतर्गत अपने-अपने विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त निराकरण कराना सुनिश्चित करें। श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों की समीक्षा करते हुए सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होेंने विभागवार प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री, मंत्री गणों एवं अन्य गणमान्य जनों के प्रवास के लिए चयनित स्थानों पर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने समाधान शिविरों के आयोजन के तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के सफल आयोजन हेतु समस्त राजस्व अनुविभागों के नोडल अधिकारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व होंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को एवं शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का गुणवत्तायुक्त निराकरण सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी कार्यालय एवं विभाग प्रमुखों से अपने-अपने विभागों एवं कार्यालयों में प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने समाधान शिविरों के आयोजनों का गंभीरता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा आयोजन की जानकारी संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
तांदुला में अवैध रेत उत्खनन : विभागीय लापरवाही से पुल की नींव पर गंभीर संकट मंडरा रहा
फिरोज अहमद खान
बालोद। बालोद जिले के ग्राम घोटिया में तांदुला नदी के नीचे हो रहे अवैध रेत उत्खनन ने प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय निष्क्रियता की पोल खोल दी है। वहीं जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू और खनिज इंस्पेक्टर शशांक सोनी कोई कार्यवाही ही नहीं करते। अवैध रेत उत्खनन करने वालों के हौंसले इतने बुलंद है कि वे यह भी नहीं देख रहे है कि पुल के ठीक नीचे रेत उत्खनन करने से पुल की नींव कमजोर हो सकती है। जिससे भविष्य में कभी भी अचानक करोड़ों की लागत से बना पूरा पुल भरभरा कर गिर सकता है जिससे पुल के ऊपर से गुजर रहे यात्रियों की मौत तक हो सकती है। वहीं अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े लोग चांदी काट रहे है।
आपको बता दें कि अवैध रेत उत्खनन के प्रयोग में लिए जा रहे ट्रैक्टर वाहन, जो सरकार द्वारा स्थानीय कृषकों को कृषि कार्य के लिए सस्ते ऋण पर उपलब्ध करवाए जाते है। जो सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं पर कालिख पोत रहे है, वही जिम्मेदार कृषि विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए है। एक शर्मनाक बात यह है कि अचानक किसी कार्यवाही में अवैध रेत परिवहन करते पकड़े जाने पर खनिज विभाग/राजस्व विभाग/पुलिस विभाग द्वारा सामान्य दंड वसूलकर छोड़ दिया जाता है जबकि इन ट्रैक्टर वाहन मालिकों पर कृषि विभाग से कृषि कार्य हेतु ऋण पर वाहन लेने के अलावा अवैध कार्यों में लगाए जाने पर विभाग से धोखाधड़ी की धाराओं में कड़ी कार्यवाही की नितांत आवश्यकता है जिससे ऐसे भ्रष्टाचारियों को सबक मिल सके।
ग्राम घोटिया स्थित तांदुला नदी में पुल के ठीक नीचे अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला कई वर्षों से जारी है, जिससे करोड़ों की लागत से बने पुल की नींव कमजोर हो रही है। तांदुला नदी में पुलिया के ठीक नीचे अवैध रेत खनन से पुल की संरचना कमजोर हो रही है, जिससे भविष्य में पुल के ढहने की आशंका बढ़ गई है। यह स्थिति यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। स्थानीय प्रशासन, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की निष्क्रियता के चलते यह अवैध गतिविधि बेरोकटोक चल रही है, जिससे भविष्य में पुल के ध्वस्त होने की आशंका बढ़ गई है। इन विभागों की उदासीनता से रेत माफिया बेखौफ होकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
सरकार द्वारा किसानों को सस्ते ऋण पर उपलब्ध कराए गए ट्रैक्टरों का उपयोग कृषि कार्यों के बजाय अवैध रेत परिवहन में किया जा रहा है। यह न केवल सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग है, बल्कि कृषि विभाग की लापरवाही को भी उजागर करता है। ऐसे मामलों में संबंधित ट्रैक्टर मालिकों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं नाम न छापने की शर्त पर प्रदेश के खनिज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि खनिज इंस्पेक्टर शशांक सोनी और जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू की बारीकी से जांच की जाए तो अकूत संपत्ति का खुलासा हो सकता है।
खनिज विभाग के अधिकारी, जैसे कि जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू और खनिज निरीक्षक शशांक सोनी, अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। यह विभागीय लापरवाही न केवल सरकारी राजस्व की हानि का कारण बन रही है, बल्कि पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रही है। वहीं ग्रामीणों और ट्रेक्टर चालक से पूछने पर उन्होंने घोटिया निवासी किसी प्रकाश साहू का नाम बताया। वहीं यह व्यक्ति पिछले कई सालों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य कर रहा है। अब आगे देखते है कि जिले की नई कलेक्टर साहिबा ऐसे अवैध रेत कारोबारियों और तस्करों पर क्या कड़ी कार्यवाही करती है वहीं जिले की खनिज अधिकारी और खनिज इंस्पेक्टर पर अपनी जिम्मेदारियों में लापरवाही पर क्या विभागीय कार्यवाही की जाती है।
राजस्व विभाग और पुलिस की निष्क्रियता के कारण अवैध रेत उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। इन विभागों की मिलीभगत या उदासीनता से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे सरकारी संपत्तियों और आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। अवैध रेत उत्खनन में लगे ट्रैक्टरों को जब्त कर, उन्हें सरकारी संपत्ति घोषित किया जाना चाहिए, जैसा कि अन्य राज्यों में किया जा रहा है। इसके अलावा, दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
बालोद जिले में अवैध रेत उत्खनन की समस्या गंभीर होती जा रही है। यदि संबंधित विभागों ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह न केवल पर्यावरणीय संकट को जन्म देगा, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन जाएगा। खनिज विभाग की अधिकारी मीनाक्षी साहू और खनिज निरीक्षक शशांक सोनी की निष्क्रियता कहे या मिलीभगत जिससे रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि वे अवैध खनन पर निगरानी रख रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
पुल की संरचना और उसकी दीर्घायु इंजीनियरिंग के कुछ महत्वपूर्ण मानकों पर निर्भर करती है, जिनमें सबसे अहम है फाउंडेशन (नींव) की स्थिरता। जब पुल के ठीक नीचे से अवैध रेत खनन किया जाता है, तो इससे निम्नलिखित गंभीर इंजीनियरिंग खतरे उत्पन्न होते हैं। नदी के भीतर या आसपास रेत खनन करने से पुल की नींव की मिट्टी और रेत बह जाती है। यह "स्कॉरिंग" कहलाता है, जो पुल के पायों के नीचे की मिट्टी को हटा देता है। इससे पिल्लर धीरे-धीरे खोखले हो सकते हैं और उनका वजन सहन करने की क्षमता घट जाती है।
पुल का डिज़ाइन इस आधार पर होता है कि नीचे की ज़मीन एक निश्चित घनत्व और स्थिरता की होगी। जब वह आधार कमजोर हो जाता है, तो पुल पर ट्रैफिक का भार असंतुलित रूप से पड़ता है और संरचना दरक सकती है। इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार, यदि नींव के आसपास 1 मीटर से अधिक गहराई तक खनन किया गया है, तो वह पुल के ढहने की स्थिति में ला सकता है। खासकर मानसून के समय पानी के तेज प्रवाह से नींव और ज्यादा क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसे रोकने के लिए तकनीकी समाधान स्कॉर प्रोटेक्शन हो सकता है जिसमें रॉक फिलिंग, कंक्रीट ब्लॉक व जियोसिंथेटिक बैग्स का उपयोग किया जाता है।
कलेक्टर ने दिव्यांग विद्यार्थी राहुल को प्रदान किया व्हीलचेयर
ग्राम जगतरा में आयोजित अंगना म शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत अधिकारियों को दिए गए निर्देश के परिपालन में की गई कार्यवाही
बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला जगतरा के कक्षा पहली के दिव्यांग विद्यार्थी राहुल को व्हीलचेयर प्रदान कर अपनी शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को जिला के बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक शाला जगतरा में आयोजित ’अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कक्षा पहली में प्रवेश लेने पहुँचे दिव्यांग विद्यार्थी राहुल से मुलाकात कर उनके परिजनों से उनका हाल-चाल पूछा था। परिजनों द्वारा दिव्यांग बालक राहुल के चलने-फिरने एवं अन्य दैनिक क्रियाकलापों को पूरा कर पाने में असमर्थ होने की जानकारी दी गई थी।
इसे त्वरित संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी एवं समग्र शिक्षा के परियोजना अधिकारी को दिव्यांग बालक राहुल का तत्काल समुचित इलाज कराने तथा उन्हें शीघ्र व्हीलचेयर प्रदान करने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों के द्वारा दिव्यांग बालक राहुल को कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के हाथों व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राधेश्याम साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार : प्रणिता साहू को एक आवेदन पर मिला मनरेगा जॉब कार्ड
आवेदन पर त्वरित कार्रवाई होेने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
बालोद । सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत बालोद जिले के ग्राम कुरदी की ग्रामीण महिला प्रणिता साहू ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया था। उनके आवेदन पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे जॉब कार्ड बनाकर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के लिए प्रणिता साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025, राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इस अभियान के तहत ग्राम कुरदी में आयोजित शिविर में प्रणिता साहू ने मनरेगा जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया था। मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को रोजगार प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। प्रणिता साहू ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, और मनरेगा जॉब कार्ड उनके लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा। उन्होंने कहा कि ’सुशासन तिहार’ के माध्यम से मेरा आवेदन तुरंत स्वीकार किया गया और मुझे जॉब कार्ड प्रदान किया गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रशासन की आभारी हूँ। यह जॉब कार्ड मेरे परिवार की आजीविका को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
सुशासन तिहार 2025 के तहत बालोद जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक पात्र व्यक्तियों को मनरेगा जॉब कार्ड, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ, और आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए जा रहे हैं। ग्राम कुरदी में आयोजित शिविर में भी सैकड़ों ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन किए। आवेदन पश्चात् निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर सुशासन तिहार के के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से प्रदान करने कार्य किया जा रहा है। प्रणिता साहू जैसे अनेक ग्रामीणों के लिए मनरेगा जॉब कार्ड न केवल रोजगार का एक साधन है बल्कि यह उनकी आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। सुशासन तिहार 2025 के तहत इस तरह की पहल से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और समृद्धि की नई उम्मीद जाग रही है।
सुशासन तिहार : आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए समीक्षा बैठक
अपर कलेक्टर ने विभागवार समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के दिए निर्देश
बालोद । जिले में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने हेतु आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत कुल प्राप्त आवेदन, निराकृत आवेदन और लंबित आवेदनों की जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक विभाग द्वारा आवेदनों पर किए गए निराकरण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का निराकरण नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। श्री कौशिक ने कहा कि आवेदकों की समस्याओं का समाधान उनकी संतुष्टि को ध्यान में रखकर किया जाए ताकि सुशासन तिहार का उद्देश्य सार्थक हो सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन आवेदनों का निराकरण जिला स्तर पर संभव नहीं है उन्हें वर्गीकृत कर शासन स्तर पर भेजा जाए और इसकी जानकारी आवेदकों को दी जाए। इसके अतिरिक्त सभी आवेदनों के निराकरण की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देेश दिए।
बैठक में राजस्व, पंचायत, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, जल संसाधन, आदिवासी विकास, कृषि, शिक्षा आदि विभागों से संबंधित आवेदनों की प्रगति पर चर्चा हुई। अपर कलेक्टर श्री कौशिक ने लंबित आवेदनों के कारणों का विश्लेषण कर उसका समय पर कार्रवाई करते हेतु निराकरण करने की बात कही। श्री कौशिक ने कहा कि ’सुशासन तिहार 2025’ शासन की जनता के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक आवेदन का निराकरण न केवल समयबद्ध हो बल्कि यह आवेदकों के लिए संतोषजनक भी हो। सभी विभाग इस दिशा में समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आगामी समाधान शिविरों में अधिक से अधिक आवेदनों के निराकरण की जानकारी लोगों को प्रदान की जाए। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी समीक्षाएं और जनसंवाद को सशक्त करना है। इस अभियान के पहले चरण में 08 से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायतों नगरीय निकायों और जिला मुख्यालयों में समाधान पेटियों के माध्यम से नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए गए। दूसरे चरण में इन आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है जबकि तीसरे चरण में 05 मई से 31 मई 2025 तक समाधान शिविरों का आयोजन होगा।
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक : विभागीय योजनाओं और कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिए दिशा-निर्देश
सुशासन तिहार के आवेदनों का निराकरण समयावधि में सुनिश्चित करने कहा
बालोद, । कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में सहकारिता, खाद्य सहित अन्य संबद्ध विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली, सहकारी संस्थाओं के कार्यों को बेहतर बनाने और विपणन कार्यालय की गतिविधियों को गति प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को जनहित में योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं और कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार 2025 में विभागों को प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक एवं अजय किशोर लकरा, उप आयुक्त सहकारिता राजेन्द्र राठिया, जिला विपणन अधिकारी सौरभ भारद्वाज, जिला खाद्य अधिकारी तुलसी राम ठाकुर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी चिंताराम रावटे, कारखाना प्रबंध संचालक बंसत कुमार सहित सहकारिता, खाद्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बैठक में सहकाारिता विभाग अंतर्गत उप पंजीयक सहकारी संस्था, जिला विपणन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना के कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उप आयुक्त सहकारिता श्री राजेन्द्र राठिया ने बैठक में सहकारी समितियों के पंजीयन, जिले में समितियों के वर्गीकरण, पंजीकृत समितियों, की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 568 पंजीकृत सहकारी समितियां है। इस दौरान उन्होंने सहकारी समितिय के निर्वाचन की प्रक्रिया, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्य, शून्य प्रतिशत ब्याज दर अल्पकालिन कृषि ऋण वितरण, खरीफ सीजन में प्रदान किए जाने वाले ऋण वितरण के लक्ष्य, समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन केन्द्रों की जानकारी दी। उन्होंने ’सहकार से समृद्धि’ के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र का विस्तार करने, सीएससी सेंटर के संचालन, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र एवं प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र तथा माइक्रों एटीएम के संचालन की जानकारी दी। उन्होंने एफपीओ के गठन, किसान उत्पादक संगठन, जिला सहकारी विकास समिति, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के कार्यांे के संबंध जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के ग्राम करकाभाट में संचालित दंतेश्वरी मईया शक्कर कारखानों के कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान कारखाना प्रबंध संचालक श्री बसंत कुमार ने कारखाना में कार्यरत कर्मचारियों, उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी देते हुए जिले में गन्ना उत्पादक किसान, गन्ना पेराई सत्र 2024-25 में की गई गन्ना खरीदी, शक्कर उत्पादन, शक्कर की औसत रिकवरी, गन्ना उत्पादन में किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में गन्ना क्षेत्र विस्तार को और अधिक बढ़ाने के लिए जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की संख्या, जिले में राशन कार्डधारियों की संख्या तथा खाद्य वितरण के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी राम ठाकुर ने बताया कि जिले में कुल 478 उचित मूल्य की दुकाने संचालित की जा रही है। जिसमें प्रतिमाह प्रचलित राशन कार्डधरियों को राशन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन वितरण हेतु प्राप्त लक्ष्य एवं वितरण की भी जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी विभागों से कहा कि वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। जिससे शासन की योजनाओं का लाभ आम जनों को समय पर मिल सके।
सुन्दर शहर की ओर एक और कदम : बेजान वन क्षेत्रों को पर्यटन स्थल में तब्दील करने का सुझाव
बालोद। शहर की खूबसूरती बढ़ाने और आमजन को बेहतर वातावरण देने के उद्देश्य से बालोद नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी एवं उपाध्यक्ष कमलेश सोनी ने बालोद जिला वन मंडल के अधिकारी (डीएफओ) बलभद्र सरोटे से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने शहर के उन वन क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित किया जो वर्तमान में बेजान और उपेक्षित हालत में पड़े हुए हैं।