छत्तीसगढ़ / दुर्ग
छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास के बताए मार्ग पर चलकर सभी समाज के हित में कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र
शादी और 45 लाख की ठगी: 4 शादियां छिपाने वाला आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग । दुर्ग जिले में मोहन नगर पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले शातिर आरोपी बीरेंद्र कुमार सोलंकी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पूर्व की तीन शादियों की जानकारी छिपाकर दुर्ग की एक अधेड़ महिला से शादी की और उससे करीब 45 लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गया था। बाद में आरोपी के गुजरात में चौथी शादी करने का भी खुलासा हुआ है।
पीड़िता पेशे से शिक्षिका है, जिसने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान वर्ष 2019 में एक मैट्रोमोनियल वेबसाइट के माध्यम से हुई थी। आरोपी अखबारों में भी शादी के विज्ञापन देता था और खुद को कुंवारा व पेशे से इंजीनियर बताता था।
लिव-इन से शादी तक रची साजिश
आरोपी ने पहले महिला को लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए राजी किया और करीब तीन वर्षों तक पति-पत्नी की तरह साथ रहा। इस दौरान वह गुजरात की एक निजी कंपनी में नौकरी करने का हवाला देकर दुर्ग और गुजरात के बीच आता-जाता रहा। वर्ष 2023 में दुर्ग के एक होटल में दोनों ने पूरे रीति-रिवाज से शादी भी की।
शादी के बाद आरोपी ने मकान खरीदने का झांसा देकर अलग-अलग समय पर पीड़िता से कुल 32 लाख रुपये नकद, 12 लाख रुपये नकद और करीब 1 लाख रुपये के जेवर ले लिए। पीड़िता ने यह रकम बैंक लोन और गोल्ड लोन लेकर दी थी। इसके बाद आरोपी अचानक फरार हो गया।
गुजरात में चौथी शादी और बच्चों का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने इसी अवधि में गुजरात में एक सरकारी डॉक्टर से शादी की और आईवीएफ के जरिए जुड़वां बच्चों का पिता भी बना। इससे पहले की दो शादियों से भी उसके बड़े बच्चे हैं। संदेह होने पर पीड़िता खुद गुजरात पहुंची और जांच के बाद आरोपी की तीन शादियों का सच सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी उम्रदराज महिलाओं को निशाना बनाकर शादी के नाम पर ठगी करता था। मोहन नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ित महिलाओं की भी जानकारी जुटा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भारती विवि के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा
86 पीएचडी, 9 स्वर्ण पदक और 146 डिग्रियां प्रदान की गई
दुर्ग । दुर्ग के भारती विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 146 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा ने सभी उपाधि प्राप्त शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचार की सदी है और शिक्षा को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाना होगा। विश्वविद्यालय द्वारा ज्ञान, संस्कार और नवाचार का जो प्रसार किया जा रहा है, वह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्राध्यापकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करें। प्रधानमंत्री मोदी के विजन–2047 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया तथा अपने करकमलों से शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उपाधियां, स्वर्ण पदक एवं डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन विश्वविद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती शालिनी चंद्राकर ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एल. तिवारी, मैनेजिंग डायरेक्टर जय चंद्राकर, कुल सचिव बी.के. सक्सेना, प्राध्यापकगण, नागरिक, शोधकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
दुर्ग कलेक्टर का राज्यपाल रमेन डेका ने किया सम्मान
दुर्ग । भारत सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास के लिए गठित सशस्त्र बल ध्वज दिवस कोष में दुर्ग जिले की जिला प्रशासन की सक्रियता और उच्च योगदान को देखते हुए जिले को सम्मानित किया गया।
दुर्ग जिला प्रशासन ने इस वर्ष कोष में अधिक राशि संग्रहण कर जमा की, जिससे शहीद जांबाज सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति नागरिक एकजुटता और सम्मान का प्रतीक प्रस्तुत हुआ।
इस सम्मान समारोह का आयोजन 7 दिसम्बर 2025 को किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह को गवर्नर ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर जिले की इस उपलब्धि को सम्मानित किया। इस अवसर पर सशस्त्र सेना झंडा दिवस के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया।
सशस्त्र बल ध्वज दिवस का मुख्य उद्देश्य सैनिकों, विशेषकर शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कोष में राशि संग्रहित करना और उनके सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है।
दुर्ग जिले की प्रशासनिक टीम ने इस वर्ष इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और कोष में अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक योगदान सुनिश्चित किया।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की कद्र करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के कार्यक्रम नागरिकों को शहीद सैनिकों के बलिदान और उनकी सेवाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि दुर्ग जिले की प्रशासनिक टीम और नागरिकों की सहभागिता से ही यह उपलब्धि संभव हुई। उन्होंने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सशस्त्र बल ध्वज दिवस कोष में योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में इस तरह के सामाजिक और राष्ट्रहित कार्यों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान में होने वाले इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में न सिर्फ एकजुटता का संदेश देते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत करते हैं।
दुर्ग जिले की इस उपलब्धि को अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। इस प्रकार के प्रयासों से केवल कोष में वित्तीय योगदान नहीं बढ़ता, बल्कि समाज में सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान और आदर की भावना भी जागृत होती है।
सरल और पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया से खुश किसान भूपेश सिंह ने व्यवस्था पर जताया आभार
दुर्ग, 04 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित धान खरीदी अभियान किसानों के लिए आशा और विश्वास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रति क्विंटल 3,100 रुपए की समर्थन मूल्य दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी सीमा ने किसानों के चेहरे पर संतोष और समृद्धि की नई चमक लाई है।
दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत गनियारी के रसमड़ा उपार्जन केंद्र में आज सिलोडा गांव के प्रगतिशील किसान श्री भूपेश सिंह ने अपने दूसरे टोकन के तहत 96 क्विंटल धान की बिक्री की। लगभग 5.19 हेक्टेयर रकबे वाले श्री सिंह पहला टोकन भी सफलतापूर्वक बेच चुके हैं। इस वर्ष उन्होंने अपने खेतों में कावेरी किस्म का धान लगाया था, जिसकी पैदावार उन्हें बेहद संतोषजनक मिली है। पिछले वर्ष भी उनकी उपज बेहतर रही थी, जिससे उन्हें खेती के प्रति और अधिक भरोसा मिला।
किसान भूपेश सिंह बताते हैं कि धान की फसल हमारे लिए केवल अनाज नहीं, बल्कि सालभर की मेहनत का प्रतिफल है। इसी से हमारा घर-परिवार चलता है, बच्चों की पढ़ाई होती है और जीवन व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ता है। यह हमारी रोज़ी-रोटी और जीवन का आधार है।
रसमड़ा उपार्जन केंद्र में खरीदी कार्यों के दौरान उत्साह और रौनक का माहौल देखने को मिला। बारदाने भरने, तौलने, सिलाई करने और धान को गुणवत्ता के आधार पर स्टैक में व्यवस्थित करने जैसे सभी कार्य समिति कर्मचारियों द्वारा सुचारू रूप से किए जा रहे थे। पूरी खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही है।
श्री भूपेश सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा किसानों के हित में की जा रही इन व्यवस्थाओं से न केवल उन्हें सुविधा मिल रही है, बल्कि खेती के प्रति उनका विश्वास भी और मजबूत हो रहा है। इसके लिए उन्होंने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रतिबंधित काष्ठों का अवैध परिवहन पकड़ा गया, वन विभाग ने की जप्ती
दुर्ग, 05 दिसम्बर 2025


वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्य अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दुर्ग जिले के धमधा एवं पाटन वनमंडल में विभागीय टीम द्वारा 04 दिसंबर 2025 को निर्धारित रोस्टर व रात्रि गश्त के दौरान प्रतिबंधित काष्ठों का अवैध परिवहन कर रहे 05 वाहनों को पकड़कर जब्त किया गया।

वन संरक्षण को मजबूत करने के लिए वनों की कटाई पर रोक, सघन वृक्षारोपण, अवैध व्यापार पर सख्ती, जन जागरूकता अभियान, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सख्त कानूनी ढाँचे (जैसे वन संरक्षण अधिनियम) का पालन जरूरी है । प्रतिबंधित काष्ठों का अवैध परिवहन करते पकड़े गए वाहनों पर वन अपराध क्रमांक 76/22, 76/23, 76/24, 76/25 एवं 53/24 दिनांक 05 दिसंबर 2025 को पंजीबद्ध किए गए हैं। इनमें से चार वाहन सीजी 04 जेसी 8048, सीजी 06 एम 0463, सीजी 07 सीए 1055 और सीजी 07 सी 7985 को जब्त कर पाटन डिपो में रखा गया है, जबकि सीजी 04 जेडी 7725 को कुम्हारी डिपो में सुरक्षित रखा गया है।
डीएफओ श्री दीपेश कपिल ने बताया कि नियमानुसार आरोपियों से मुआवजा अधिरोपित करते हुए प्रतिबंधित काष्ठों को राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण को मजबूत करने के लिए विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण, सघन गश्त और अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
आईआईटी भिलाई का नवाचार: औद्योगिक सल्फर वेस्ट से स्वच्छ जल का निर्माण
दुर्ग । सतत रसायन विज्ञान को भारत की स्वच्छ पेयजल की राष्ट्रीय आवश्यकता से जोड़ते हुए आईआईटी भिलाई के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी पॉलिमर तकनीक विकसित की है, जो औद्योगिक सल्फर कचरे का उपयोग जल प्रदूषण से निपटने में करती है। शोध टीम भनेन्द्र साहू, सुदीप्त पाल, प्रियंक सिन्हा और डॉ. संजीब बनर्जी ने एक धातु-रहित, पर्यावरण-अनुकूल पॉलिमराइजेशन प्रक्रिया विकसित की है, जो कम मूल्य वाले सल्फर वेस्ट को सल्फर-डॉट्स (एस-डॉट्स) में परिवर्तित करती है। ये एस-डॉट्स उन्नत स्मार्ट पॉलिमरों के निर्माण में हरित फोटोकैटलिस्ट के रूप में कार्य करते हैं। यह कार्य अनुप्रयुक्त रसायन अंतर्राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित हुआ है। यह नवाचार दो प्रमुख सामाजिक चुनौतियों का समाधान प्रदान करता है। औद्योगिक सल्फर वेस्ट का प्रबंधन और प्रदूषित जल से हानिकारक हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों को हटाना। पेट्रोलियम रिफाइनिंग, कोयला प्रसंस्करण और रासायनिक उद्योगों से निकलने वाला सल्फर वेस्ट अकसर निपटान और पर्यावरण संबंधी समस्याएँ पैदा करता है। इस वेस्ट को उच्च-मूल्य वाले एस-डॉट्स में बदलकर आईआईटी भिलाई की टीम ऐसे मल्टी-आर्म स्टार पॉलिमर्स का निर्माण करने में सक्षम हुई है, जिनमें जल शुद्धिकरण की उत्कृष्ट क्षमता है। ये स्टार पॉलिमर स्वतः नैनोस्केल गोलाकार संरचनाएँ बनाते हैं, जो सूक्ष्म स्पंज की तरह कार्य करते हुए हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों को फँसा लेते हैं। परीक्षणों में इन्होंने डाई, कीटनाशक और तेल अवशेष जैसे हानिकारक प्रदूषकों का 80ः से अधिक सफलतापूर्वक निष्कासन किया, जो नदियों और झीलों की सफाई के लिए इसकी मजबूत संभावनाएँ दर्शाता है। भारत में जल प्रदूषण विशेष रूप से औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में यह तकनीक अपशिष्ट जल शोधन और पर्यावरण पुनर्स्थापन प्रयासों को सशक्त बना सकती है। इस दोहरे लाभ पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बनर्जी ने कहा, “हम औद्योगिक कचरे को पहले स्वच्छ उत्प्रेरक में बदलते हैं और फिर उसी से ऐसे स्मार्ट पॉलिमर बनाते हैं जो प्रदूषित जल को शुद्ध करते हैं यह एक पूर्ण सर्कुलर समाधान है।” यह तकनीक जल जीवन मिशन, पर्यावरण पुनर्स्थापन कार्यक्रमों और सतत औद्योगिक प्रथाओं जैसे राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप है। हल्की यूव्हीए रोशनी में कार्य करने वाली यह धातु-रहित, वेस्ट-आधारित पॉलिमर तकनीक भारत के सुरक्षित, स्वच्छ और सभी के लिए सुलभ जल के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक शक्तिशाली साधन सिद्ध हो सकती है।
दिल्ली सरस मेला में दुर्ग जिले की भारती ने लगाया मिलेट्स उत्पादों का फ़ूड स्टॉल
दुर्ग । राजधानी दिल्ली में आयोजित दिल्ली सरस मेला में छत्तीसगढ़ के मिलेट्स आधारित उत्पादों ने लोगों का दिल जीत लिया। दुर्ग जिले के सत्यम महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य भारती ने यहां फ़ूड स्टॉल लगाकर कोदो, कुटकी और रागी से बने विविध व्यंजनों की प्रदर्शनी व बिक्री की। भारती द्वारा तैयार किए गए मिलेट्स लड्डू, चीला, बिस्कुट, नमकीन और हेल्दी स्नैक्स को दिल्लीवासियों ने खूब पसंद किया। भारती ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिलेटस उत्पादों को बढ़ावा देने से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। भारती ने कहा कि दिल्ली सरस मेला में हिस्सा लेना उनके लिए बहुत बड़ा अवसर है। मेले में आए लोगों ने मिलेट्स के उत्पादों की सराहना की। साथ ही बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है।
विधायक रिकेश सेन अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी बीएलओ के कार्य से हुए प्रसन्न
भिलाई । वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एफआईआर कार्य में लगे सभी बीएलओ से विधायक रिकेश सेन ने बात कर उनके प्रयासों को साधुवाद दिया है।
उन्होंने 293 बीएलओ से कार्य प्रगति की जानकारी ले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी चर्चा की है। श्री सेन ने कहा कि सभी बीएलओ पूरी जिम्मेदारी के साथ एसआईआर कार्य में लग कर मतदाताओं को सहयोग कर रहे हैं। कई मतदान केंद्र में 70 से 80 प्रतिशत फार्म जमा हो जाने पर विधायक ने बीएलओ को बधाई दी और कहा कि इस तरह पूरी निष्ठा से कर्तव्य निर्वहन में लगे वैशाली नगर विधानसभा के सभी 293 बीएलओ को मुख्यमंत्री से सम्मानित करवाने की पहल उनके द्वारा की जाएगी।
आपको बता दें कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के कुल 258 मतदान केन्द्र के लिए 293 बीएलओ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे हैं। इन सभी बीएलओ से विधायक रिकेश सेन ने टेलीफोन पर चर्चा कर कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें बधाई दी है।
श्री सेन ने बीएलओ से संबंधित क्षेत्र के गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य के विषय में जानकारी ली और कार्य में आ रही समस्याएं भी पूछी।
विधायक ने बताया कि वैशाली नगर विधानसभा में सभी बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र एकत्र कर रहे हैं, और भरे हुए प्रपत्रों को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के कार्य में जुटे हुए हैं। यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना है। इस अभियान में सभी बीएलओ के परिश्रम और मतदाताओं को सहयोग कार्य की श्री सेन ने सराहना की।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि 4 दिसंबर 2025 तक वो अपने गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ या सहायता केंद्रों पर जमा कर सकते हैं। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या कोई सुधार करवाना है, तो वे इस दौरान आवेदन भी कर सकते हैं। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी बूथ लेवल अधिकारियों की हौसला अफजाई करते हुए विधायक रिकेश सेन ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे सभी अधिकारियों का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सम्मान हो, इसके लिए वो पहल करेंगे।
साइबर ठगी के 2 आरोपी आंध्रप्रदेश से पकड़ाए
दुर्ग । साइबर थाना पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हुई ठगी के मामले में आंध्रप्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दुर्ग के एक व्यक्ति से 48 लाख 67 हजार 500 रुपए की ठगी की थी।
साइबर ठगों ने पीड़ित को इंस्टाग्राम पर निवेश का झांसा देकर लिंक भेजा था। इसके बाद बैंक खाते से लाखों रुपए निकाल लिए थे। पुलिस ने दोनों ही आरोपी को आंध्रप्रदेश के अनकापल्ली से पकड़ा है। दोनों को दुर्ग लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
9 अक्टूबर 2025 को पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा दिया गया था। एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने पर उनसे कई चरणों में बड़ी रकम जमा कराई गई। बाद में पता चला कि यह पूरा मामला ठगी का था। शिकायत मिलने पर साइबर थाना दुर्ग ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच में आरोपियों की लोकेशन आंध्रप्रदेश के अनकापल्ली जिले में पाई गई। इसके बाद एक विशेष टीम वहां भेजी गई। टीम ने वहां से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में पी. सत्यनागा मूर्ति, (25 साल) और बालाजी श्रीनू, (34 साल) शामिल है।
कलेक्टर ने निर्वाचक नामावलियों की विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की
बीएलओ घर-घर जाकर गणना पत्रक करें संग्रहण
दुर्ग । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने आज नगर निगम दुर्ग के सभाकक्ष में विधानसभा क्षेत्र दुर्ग शहर और नगर निगम भिलाई में विधानसभा क्षेत्र वैशाली नगर एवं भिलाई नगर में चल रहे निर्वाचक नामावलियों की विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की मतदान केन्द्रवार समीक्षा की। उन्होंने 55 प्रतिशत से कम वाले मतदान केन्द्र के बीएलओ से तथा 55 से 70 प्रतिशत वाले मतदान केन्द्र के बारे में सुपरवाइजर से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से समस्या की विस्तृत जानकारी ली। इसी प्रकार 70 से 90 प्रतिशत वाले केन्द्रों के संबंध में ईआरओ और एईआरओ से जानकारी ली। साथ ही शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के संबंध में रायशुमारी की गई।
कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को प्राथमिकता के साथ सभी को समय पर पूर्ण किया जाना है। गणना पत्रक जमा करने के अंतिम तिथि के इन्तजार किये बगैर बीएलओ को संबंधित क्षेत्र के घर-घर जाकर गणना पत्रक संग्रहण करना होगा। जो मतदाता गणना पत्रक वापस जमा नहीं कर रहे हैं ऐसी स्थिति में पंचनामा तैयार कर इस पर मतदाता का हस्ताक्षर करवा कर रखें। इसी प्रकार बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण हेतु तीन बार मतदाता के घर जाने पर भी यदि मतदाता नहीं मिले तो घर में नोटिस चस्पा कर, मौके पर पंचनामा तैयार कर, ऐसे मतदाताओं का शिफ्टेट फार्म भरा जाए। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति मतदान केन्द्र से संबंधित वार्ड में निवासरत् नहीं है। वर्तमान में अन्यत्र निवास कर रहा है, ऐसे मतदाताओं को गणना पत्रक उपलब्ध न कराएं।
कलेक्टर ने कहा कि सुपरवाइजर एवं बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि 30 नवम्बर की रात्रि तक सभी मतदान केन्द्रों से संबंधित वितरित गणना पत्रक बीएलओ को वापस जमा हो जाएं। मेपिंग पश्चात् चिन्हांकित एएसडी की एन्ट्री रात्रि तक पूर्ण कर ली जाए। गणना पत्रक एन्ट्री पश्चात् आगामी दो दिनों में डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान में सिंगल मल्टीपल लॉगिन चल रहा हैं। यदि निर्वाचन आयोग इसे बंद कर दिया तो गणना पत्रक एन्ट्री करना संभव नही हो पाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए गणना पत्रक संग्रहण हेतु सुपरवाइजर, बीएलओ एवं उनके सहायक कर्मचारी पूरा जोर लगाएं ताकि आगामी दो दिनों में संग्रहित पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा सकें।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, दुर्ग शहर ईआरओ एडीएम अभिषेक अग्रवाल, भिलाई नगर ईआरओ अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वैशाली नगर ईआरओ संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शिल्ली थामस, आयुक्त नगर निगम दुर्ग सुमीत अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम भिलाई राजीव पाण्डे, दुर्ग शहर एसडीएम उत्तम ध्रुव एवं एईआरओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला स्तरीय समितियों की बैठक संपन्न
कलेक्टर ने बैंक खातों को सक्रिय कराने दिए निर्देश
दुर्ग । जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक विगत दिवस कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में दुर्ग जिले की सभी बैंकों में संचालित विभिन्न सेवाओं व योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के शासकीय विभागों से संबंधित 1981 निष्क्रिय बैंक खातों (Inoperative Bank Accounts) जिनमें लगभग 9 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि लंबित है, तथा 1264 डीईएएफ (DEAF – दावा रहित जमा राशि) खातों जिनमें लगभग 2 करोड़ 62 लाख रुपये की राशि संचित है, उन सभी खातों को 30 नवंबर 2025 तक सक्रिय (Operative) कराने के लिए खाताधारकों से संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित आवेदनों को समयावधि में निराकृत कर लक्ष्य प्राप्ति हेतु सभी बैंक एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग दुबे, भारतीय रिज़र्व बैंक से दिग्विजय राउत, अग्रणी बैंक प्रबंधक संजय गर्ग सहित डीआईसी, मत्स्य पालन, कृषि विभाग, नगर निगम, एनआरएलएम विभाग के अधिकारी एवं सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे।
त्रुटि सुधार न करने पर 2742 समितियों के पंजीयन आवेदन निरस्त
सुंदर विहार कॉलोनी दुर्ग का पंजीयन रद्द
दुर्ग । रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।
इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।
इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी। रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
7 जुआरी और 4 सटोरिए गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस ने लिया एक्शन
दुर्ग । जिले में अवैध जुआ और सट्टा के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। थाना नंदिनी नगर और सिटी कोतवाली दुर्ग की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने दोनों मामलों में 2 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और सट्टा पट्टी शामिल है। पहली कार्रवाई 26 नवंबर की शाम थाना नंदिनी नगर पुलिस द्वारा की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अरसनारा श्मशान घाट के पास कुछ लोग "काट पत्ती" जुआ खेल रहे हैं और खुलेआम पैसों की बाजी लगाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल एक टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी की।
पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई, लेकिन जवानों ने मौके से 7 जुआरियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। उनके पास से और जुआ फड़ से कुल 17,020 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिल बरामद की गईं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 1,73,020 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शेष नारायण (26), बंशी लाल (59), प्रदीप कुमार मैत्रे (19), प्रवीण लांजेवार (28), धर्मेंद्र चौधरी (33), विरेंद्र ठाकुर (37) और मनीष कुमार साहू (43) शामिल हैं।
भिलाई में महिला शिक्षक का अपहरण, 5 घंटे में सुरक्षित बरामद
दुर्ग । भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र में 28 नवंबर की सुबह मूक-बधिर स्कूल की महिला शिक्षक के अपहरण का मामला सामने आया।
पत्नी के मोबाइल से आए कॉल के जरिए पति को अपहरण की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और सिर्फ 5 घंटे में महिला को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, हालांकि अपहरण की वजह का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
पुलिस के अनुसार, किडनैपर ने महिला के मोबाइल से उसके पति मुकेश कुमार साहू को फोन कर 5 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। कॉल पर आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि अगर पैसा नहीं दिया तो महिला को मार देगा और यह बात किसी को बताने से रोका। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसका टारगेट महिला का छोटा बेटा था।
फोन पर 1 मिनट 15 सेकंड की बातचीत के बाद नंबर बंद हो गया, जिससे पति घबरा गया। उसने तुरंत सेक्टर-8 स्थित स्नेह संपदा स्कूल पहुंचकर पत्नी की जानकारी ली, जहां पता चला कि वह स्कूल पहुंची ही नहीं थी।
इसके बाद मुकेश ने तुरंत छावनी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने टीम गठित कर जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर अपहरण की सच्चाई और इसके पीछे की पूरी कहानी जानने में जुटी है।
विगत 25 वर्षों में दुर्ग जिले में कृषि विभाग ने की अभूतपूर्व प्रगति
दुर्ग । दुर्ग जिले के कृषि विभाग ने विगत पच्चीस वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जिससे किसानों का जीवन स्तर और जिले की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। वर्ष 2025 में, विभाग ने खरीफ और रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। खरीफ फसल का क्षेत्राच्छादन 146276 हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 4 प्रतिशत (5046 हे.) अधिक है, जबकि रबी फसल का क्षेत्राच्छादन 53660 हेक्टेयर रहा, जिसमें 8 प्रतिशत (3700 हे.) की वृद्धि हुई है। उत्पादन के मोर्चे पर भी जिले का शानदार प्रदर्शन रहा। खरीफ फसल उत्पादन 720 हजार मीट्रिक टन (53 प्रतिशत अधिक) और रबी उत्पादन 84 हजार मीट्रिक टन (43 प्रतिशत अधिक) दर्ज की गयी। यह असाधारण उपलब्धि मुख्य रूप से उत्पादकता में सुधार के कारण संभव हुई है, जहाँ खरीफ उत्पादकता 4922 किग्रा/हेक्ट. (48ः अधिक) और रबी उत्पादकता 1565 किग्रा/हेक्ट. (34 प्रतिशत अधिक) रही है। विभाग की पहल से फसल सघनता भी बढ़कर 133 प्रतिशत हो गई है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है।
इस प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने किसानों को आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2025 में 50762 क्विंटल बीज वितरित किया गया, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है, और 89632 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया, जिसमें 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, विभाग ने बीज उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया है; खरीफ में 76764 क्विंटल और रबी में 9026 क्विंटल बीज का उत्पादन किया गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में क्रमशः 7075 क्विंटल और 1750 क्विंटल अधिक है। यह सुनिश्चित किया गया कि किसान भाइयों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलें। विभागीय योजनाओं के अंतर्गत, वर्ष 2025 में 106659 कृषकों को लाभान्वित किया गया, यह संख्या पिछले 25 वर्षों की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है, जिससे पता चलता है कि सरकारी सहायता की पहुँच अब व्यापक हो गई है। जिले के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं कृषक हितैषी योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत, जिले के 80230 कृषकों को 340.24 करोड़ रूपए की सम्मान निधि का भुगतान किया गया है। यह राशि शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण और भूमि सत्यापन के बाद सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से, 285995 कृषकों को 482.18 करोड़ रूपए का फसल क्षति दावा भुगतान किया गया है। यहाँ, बीमा इकाई ग्राम स्तर पर मोबाइल ऐप से फसल कटाई प्रयोग किए जाते हैं, जो दावा भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित और तेज बनाते हैं। इसके साथ ही, कृषक उन्नति योजना के तहत, वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 212430 कृषकों को 998.48 करोड़ रूपए की विशाल राशि आदान सहायता के रूप में प्रदान की गई है, जिसने किसानों को उनकी खेती के लिए मजबूत आर्थिक सहारा दिया है। यह समग्र और समन्वित प्रयास दुर्ग जिले के कृषि क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहा है।
विगत 25 वर्षों में दुर्ग जिले के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति
दुर्ग, 27 नवम्बर 2025
दुर्ग जिले के कृषि विभाग ने विगत 25 वर्षों में कृषि विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिनका सकारात्मक असर जिले की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025 के दौरान खरीफ और रबी फसलों के क्षेत्र एवं उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खरीफ फसल का क्षेत्राच्छादन 1,46,276 हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो पिछले 25 वर्षों की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है, वहीं रबी फसल का क्षेत्र 53,660 हेक्टेयर रहा, जिसमें 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उत्पादन के स्तर पर भी जिले का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। खरीफ फसल का कुल उत्पादन 7.20 लाख मीट्रिक टन रहा, जो 53 प्रतिशत अधिक है, जबकि रबी उत्पादन 84 हजार मीट्रिक टन तक पहुँच गया, जो 43 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है—खरीफ की उत्पादकता 4922 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर और रबी की उत्पादकता 1565 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही, जो क्रमशः 48 और 34 प्रतिशत अधिक है। फसल सघनता भी बढ़कर 133 प्रतिशत हो गई है, जो 25 वर्षों की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि है।
किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता रही है। वर्ष 2025 में 50,762 क्विंटल बीज वितरित किया गया, जो पिछले 25 वर्षों की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार उर्वरकों का वितरण भी बढ़कर 89,632 मीट्रिक टन तक पहुंचा, जिसमें 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बीज उत्पादन के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। खरीफ में 76,764 क्विंटल और रबी में 9,026 क्विंटल बीज का उत्पादन किया गया, जो पूर्व तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है। इन प्रयासों से किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होने लगे हैं, जिससे कृषि कार्यों की दक्षता और उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार हुआ है।
वर्ष 2025 में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से कुल 1,06,659 कृषकों को लाभान्वित किया गया है, जो पिछले 25 वर्षों की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि सरकारी सहायताएँ अब अधिक व्यापक और प्रभावी रूप से किसानों तक पहुँच रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिले के 80,230 किसानों को 340.24 करोड़ रुपये की राशि सीधे आधार-सत्यापित बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है, जिससे योजना में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2,85,995 किसानों को 482.18 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया है। इस प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर मोबाइल ऐप से फसल कटाई प्रयोग किए जाने से दावा भुगतान तेज और सटीक हुआ है।
इसी प्रकार कृषक उन्नति योजना के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 2,12,430 किसानों को 998.48 करोड़ रुपये की आदान सहायता प्रदान की गई है, जिसने किसानों को खेती के लिए मजबूत आर्थिक आधार प्रदान किया है। इन सभी समन्वित प्रयासों ने दुर्ग जिले के कृषि क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती दी है। विभागीय प्रबंधन, तकनीकी हस्तक्षेप और केंद्र व राज्य की कृषक हितैषी नीतियों का प्रभाव अब जिले के सतत कृषि विकास में साफ दिखाई दे रहा है, जो आने वाले वर्षों में भी कृषि क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।