भारत के बिमल पटेल ने आईटीएलओएस के जज के रूप में ली शपथ
संयुक्त राष्ट्र । भारत के बिमल पटेल ने गुरुवार को जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित ट्रिब्यूनल में इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (आईटीएलओएस) के जज के तौर पर शपथ ली। इस पद पर उनका कार्यकाल नौ साल का होगा। समुद्री कानून से जुड़े इस प्रमुख अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थान में उनकी नियुक्ति के साथ भारत की मौजूदगी भी जारी रहेगी। इससे पहले भारतीय जज नीरू चड्ढा का कार्यकाल बुधवार को पूरा हुआ। वह आईटीएलओएस की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार बिमल पटेल संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल लॉ कमीशन के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा वह गुजरात की राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रहे हैं। पिछले साल उन्हें उन देशों ने आईटीएलओएस का जज चुना था, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) पर हस्ताक्षर किए हैं।
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में हुए चुनाव में पटेल को 168 वैध वोटों में से 115 वोट मिले थे। यूएनसीएलओएस से 172 देश जुड़े हुए हैं। इसी समझौते के तहत आईटीएलओएस बनाया गया था, जो समुद्र और महासागरों से जुड़े विवादों पर फैसला करता है और समुद्री कानून की व्याख्या करता है।
आईटीएलओएस में कुल 21 जज होते हैं और इसमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है। सभी जजों का कार्यकाल एक ही समय पर खत्म नहीं होता। उनके साथ शपथ लेने वाले अन्य चार न्यायाधीश घाना की सिल्विया अमा अदुसु, ब्राजील के जॉर्ज रोड्रिगो बांदेइरा गैलिंडो, ट्यूनीशिया के स्लिम लघमानी और वियतनाम की लैन-अन्ह थी गुयेन हैं।
बिमल पटेल ने नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय कानून में पीएचडी की है। वह कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड की सदस्यता भी शामिल है।