गांधी-शास्त्री जयंती पर राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली । महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मुर्मु ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की, जबकि विजय घाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने गांधीजी को किया नमन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी के जीवन और आदर्शों का दुनिया भर में सम्मान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष का वातावरण है। ऐसे में गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
‘सर्वोदय’ के आदर्श पर दिया जोर
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में संवेदनशीलता और समावेश के मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास का लाभ किसी भी नागरिक से दूर न रहे।
उन्होंने इसे महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ के आदर्श से जोड़ते हुए नागरिकों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के जरिए आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विजय घाट पर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति मुर्मु ने विजय घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की। शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा को इस अवसर पर याद किया गया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भी अर्पित किए पुष्प
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उनके कार्यालय की ओर से जारी संदेश में गांधीजी के सत्य, अहिंसा, न्याय, करुणा और सेवा के मूल्यों को याद किया गया और इन आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने की बात कही गई।
इसके बाद उपराष्ट्रपति ने विजय घाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके कार्यालय ने शास्त्री जी को विनम्रता, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण बताया तथा उनके प्रसिद्ध आह्वान ‘जय जवान, जय किसान’ को याद किया।
गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय नेताओं ने भी राजघाट और विजय घाट पहुंचकर दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।