छत्तीसगढ़ / गरियाबंद
बालीवुड पार्श्व गायक असीत त्रिपाठी की होगी झमाझम प्रस्तुति
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प के छठवें दिन छत्तीसगढ के सबसे बडे मंच पर बालीवुड पार्श्व गायक असीत त्रिपाठी की झमाझम प्रस्तुति होगी। इसी मंच पर छत्तीसगढ की प्रसिध्द मानसगायन पिंकी वर्मा की टीम अपनी कला का प्रदर्शन करेंगें। किरण शर्मा लोक कलामंच द्वारा छत्तीसगढ की लोककलाओ की झांकी द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुती दी जाएगी।
वही स्थानीय कलाकारो द्वारा दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक मुख्य मंच के सामने बने डोम में पुनाराम यादव की टीम राउतनाचा, चेतनलाल यादव ग्रुप अखाडा के माध्यम से विभिन्न करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन करेगें। पार्वती साहू पंडवानीगायन, बंटी खत्री ‘कबीर’ कत्थक नृत्य की प्रस्तुति देगें। लीला देवी साहू की टीम मानस गायन, श्याम बाबू लाकी लोक कलामंच की बेहतरीन प्रस्तुति होगी। बाहरू राम धीवर भजन की सुमधुर प्रस्तुति देंगे। लोकेश ध्रुव माता के जगराता की बेहतरीन प्रस्तुति होगी। वर्षा देवांगन शास्त्रीय नृत्य, प्रांजल सिंह भरथरी गायन और अभिषेक सोनकर लोक कलामंच की एक से बढकर एक प्रस्तुति देगें।
नागा साधु-संतों ने लोमश ऋषि आश्रम में फहराया धर्मध्वजा, इष्टदेवों को किया आमंत्रित
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प में पधारे नागा साधुओं ने अपनी संत परम्परा के अनुसार अपने इष्ट और शस्त्रों की पूजा, अर्चना कर धर्म ध्वजा फहराकर उसकी स्थापना की। संत परम्परा में ऐसी मान्यता है कि जिस तीर्थ स्थान में कुंभ, अर्ध कुंभ या कल्प कुंभ होता है वहां नागा साधुओं की उपस्थिति से कुंभ की सार्थकता होती है। नागा साधु अपने अपने अखाड़ों और संत परम्परा के अनुसार ध्वजारोहण कर धर्म ध्वजा की स्थापना करते हैं। उसी के बाद नागा सम्प्रदाय के साधु कुंभ मे आकर पर्व स्नान, शाही यात्रा जैसे आयोजनों का हिस्सा बनकर कुंभ के महत्व को पूर्ण करते हैं।
रविवार संध्या 4 बजे नागा साधुओं ने अपने ईष्ट दत्तात्रेय भगवान की पूजा-आरती कर अपनी धर्मध्वजा की स्थापना कर इष्ट देवताओं का आह्वान किया। साधुओं ने बताया कि धर्म की रक्षा के लिए यह ध्वजा खड़ी की जाती है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी संत समागम के आयोजन में विभिन्न अखाड़ों के नागा साधुओं सहित कई मठों के मठाधीश, शंकराचार्य एवं अनेक संत सम्प्रदाय के साधु संत राजिम में आयोजित कल्प कुंभ मे पंहुचकर होने वाले पर्व स्नान के अवसर पर राजिम की त्रिवेणी संगम मे डूबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाते है। राजिम कुंभ कल्प में आए साधु संत यहां आने वाले श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केन्द्र होते हैं। आने वाले श्रध्दालु दर्शनार्थी इन संतों का अमृत वचन सुन आशीर्वाद लेने का कोई भी अवसर नही छोडते।
नागा साधु संतो द्वारा धर्म ध्वजा की स्थापना कर अपने इष्ट का आह्वान कर कुंभ की शुरुआत करते हैं। धर्म ध्वजा की स्थापना के बाद संतो का कुंभ में आना शुरु हो जाता है। रविवार को राजिम के संत समागम स्थल पर गोपाल गिरी, संतोष गिरी, कमलेषानंद सरस्वती, गोकुल गिरी, चाणक्यपुरी, उमेशानंद गिरी, राजेन्द्र गिरी, पद्मणी पुरी सहित अनेक संत सम्प्रदाय, संत समाज के साधु संतों के सानिध्य में धर्म ध्वजा स्थापित कर अपने-अपने इष्ट का आह्वान कर कुंभ की अगुवाई कर संत परम्परा का निर्वाहन किया। इस दौरान प्रबंध संचालक पर्यटन विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल, सदस्य सचिव मेला आयोजन समिति प्रताप पारख, अनुविभागीय अधिकारी राजिम विशाल महाराणा उपस्थित थे।
राजिम कुंभ कल्प; रविवार को श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़
राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव में उमड़ी भीड़
गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प के पांचवे दिन अन्य दिनों की अपेक्षा आज रविवार को भारी भीड़ रही। त्रिवेणी संगम के बीच नदी में भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव और राजीव लोचन मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तो का तांता देर शाम तक लगा रहा। राजिम एक ऐसा स्थान हैं, जहां पर हरी और हर दोनों का दर्शन एक साथ होता है। इसी भावना और श्रध्दा के वशीभूत श्रद्धालुओं की भीड़ राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ पड़ती है। भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस प्रशासन के जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे है ताकि दर्शनार्थीयों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
फूल प्रसाद बेचने वालों के खिले चेहरे
रविवार को राजिम कुंभ में उमड़ी भीड़ से फूल प्रसाद बेचने वालो की बल्ले-बल्ले हो गई। उनके चेहरे खिल गए है। भीड़ के कारण हुई बिक्री से ये लोग काफी प्रसन्न नजर आए। यह भीड़ देर रात तक लगातार बढ़ती रही। भगवान कुलेश्वर महादेव और भगवान राजीव लोचन के मंदिर मे देर रात तक दर्शन के लिए भक्त लाइन लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसके बाद लोग नये मेला मैदान की ओर बढ़ने लगे जहां लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और मीना बाजार का आनंद लिया।
राजीव लोचन मंदिर में मिलता है पीडिया का प्रसाद
भगवान राजीव लोचन को चढ़ने वाला पीडिया प्रसाद की बिक्री भी भीड़ के कारण काफी हो रही है। राजीव लोचन मंदिर आने वाले हर भक्त पीडिया का यह प्रसाद लेना नही भूल रहे। पीडिया प्रसाद ऐसा प्रसाद है। जो सिर्फ राजिम के राजीव लोचन मे ही मिलता है और किसी मंदिर या तीर्थ में नही मिलने के कारण इस पीडिया प्रसाद की भक्तों में काफी मांग रहती है।
पंचायत चुनाव: गरियाबंद-मैनपुर विकासखण्ड में 17 को मतदान
मतदान केन्द्रों के लिए दल रवाना, कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं
गरियाबंद । त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिले के गरियाबंद एवं मैनपुर विकासखण्ड में प्रथम चरण का मतदान 17 फरवरी को संपन्न होगा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत 17 फरवरी को संपन्न होने वाले मतदान एवं मतगणना कार्य को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
मतदान एवं मतगणना में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित रूप से प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा मतदान केन्द्रों में बिना किसी अवरोध के शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने हेतु सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। इसके लिए पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वय सेे सभी मतदान केन्द्रों में आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों की तैनातगी की गई है। सोमवार 17 फरवरी को होने वाले प्रथम चरण के मतदान के लिए मतदान अधिकारियों को रविवार 16 फरवरी को सुबह सामग्री वितरण केन्द्रों से मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड मुख्यालय जनपद पंचायत गरियाबंद एवं जनपद पंचायत मैनपुर परिसर में सामग्री वितरण एवं वापसी केन्द्र बनाया गया है।
निर्वाचन कार्य को सफल बनाने गरियाबंद विकासखंड के 62 ग्राम पंचायत हेतु 129 मतदान केन्द्रों के लिए 141 मतदान दल बनाए गए हैं। इसी प्रकार मैनपुर विकासखण्ड के 74 ग्राम पंचायत हेतु 186 मतदान केन्द्रों के लिए 210 मतदान दल बनाए गए हैं। जिसमें गरियाबंद विकासखण्ड में 64 हजार 632 मतदाता तथा मैनपुर विकासखण्ड में 93 हजार 999 मतदाता अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के प्रथम चरण के अंतर्गत 17 फरवरी को संपन्न होने वाले मतदान के तहत मतों की गणना मतदान समाप्ति के पश्चात् संबंधित मतदान केन्द्रों में ही की जाएगी।
पंचायत चुनाव: गरियाबंद-मैनपुर विकासखण्ड में 17 को मतदान
मतदान केन्द्रों के लिए दल रवाना, कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं
गरियाबंद । त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिले के गरियाबंद एवं मैनपुर विकासखण्ड में प्रथम चरण का मतदान 17 फरवरी को संपन्न होगा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत 17 फरवरी को संपन्न होने वाले मतदान एवं मतगणना कार्य को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
मतदान एवं मतगणना में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित रूप से प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा मतदान केन्द्रों में बिना किसी अवरोध के शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने हेतु सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। इसके लिए पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वय सेे सभी मतदान केन्द्रों में आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों की तैनातगी की गई है। सोमवार 17 फरवरी को होने वाले प्रथम चरण के मतदान के लिए मतदान अधिकारियों को रविवार 16 फरवरी को सुबह सामग्री वितरण केन्द्रों से मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड मुख्यालय जनपद पंचायत गरियाबंद एवं जनपद पंचायत मैनपुर परिसर में सामग्री वितरण एवं वापसी केन्द्र बनाया गया है।
निर्वाचन कार्य को सफल बनाने गरियाबंद विकासखंड के 62 ग्राम पंचायत हेतु 129 मतदान केन्द्रों के लिए 141 मतदान दल बनाए गए हैं। इसी प्रकार मैनपुर विकासखण्ड के 74 ग्राम पंचायत हेतु 186 मतदान केन्द्रों के लिए 210 मतदान दल बनाए गए हैं। जिसमें गरियाबंद विकासखण्ड में 64 हजार 632 मतदाता तथा मैनपुर विकासखण्ड में 93 हजार 999 मतदाता अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के प्रथम चरण के अंतर्गत 17 फरवरी को संपन्न होने वाले मतदान के तहत मतों की गणना मतदान समाप्ति के पश्चात् संबंधित मतदान केन्द्रों में ही की जाएगी।
राजिम कुंभ मेला पहुंचने निशुल्क बस सेवा का लाभ ले रहे लोग
गरियाबंद । 12 फरवरी माघ पूर्णिमा से राजिम कुंभ कल्प मेला का शुभारंभ हो गया है। राजिम मेला में पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसे लेकर प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था रखी है। राजिम बस स्टैंड से मेला मैदान पहुंचने के लिए निशुल्क बस चलाया जा रहा है। इस बस सेवा का लाभ लेते हुए प्रतिदिन सैकड़ों लोग मेला मैदान पहुंच रहे हैं। साथ ही बस से ही वापिस लौट रहे हैं।
बता दें कि इस बार राजिम कुंभ कल्प नवीन मेला मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जहां मुख्य मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभागीय स्टाल, फूड जोन, पंचकोशी धाम पर आधारित झांकी, मीना बाजार, मधेश्वर पहाड़ की झांकी आदि की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई है। वहीं पुराने मेला मैदान में संत समागम, महानदी आरती, टेंट सिटी, मनोरंजन झांकी और विभागीय स्टॉल आदि देखने को मिलेगा। परिवहन विभाग के रविंद्र ठाकुर ने बताया कि राजिम बस स्टैण्ड में परिवहन विभाग द्वारा कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां किसी प्रकार की समस्या होने पर समाधान दिया जाएगा। श्री ठाकुर ने बताया कि राजिम बस स्टैंड से नवीन मेला मैदान पहुंचाने के लिए 2 बस की श्रद्धालुओं की सेवा में उपलब्ध रहेगी।
राजिम कुंभ कल्प मेला : प्रतिदिन हो रही महानदी की महाआरती, शामिल हो रहे हजारों श्रद्धालु
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प मेला के नदी क्षेत्र पुराने मेला मैदान में प्रतिदिन साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में महानदी की महाआरती की जा रही है। आचार्य-पुरोहित द्वारा मां गंगा का आह्वान कर पूरी श्रद्धा के साथ वैदिक रीति से आरती उतारी जाती है। आचार्य तट पर बने 11 मंचों से बैठकर-खड़े होकर फिर चारों दिशाओं में घूमकर मां गंगा के स्वरूप की आरती की जाती है। आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु शाम से ही अपना स्थान सुरक्षित कर लेते हैं। महाआरती में 11 पंड़ितों द्वारा लयबद्ध तरीके से क्रमवार मां गंगा की आराधना करते हुए आरती करते हैं। तत्पश्चात शिव स्त्रोत और शिव तांडव का सस्वर पाठ पूरे वातावरण में ऊर्जा का संचार करते हुए धर्म, आस्था और श्रद्धा की खुशबू से क्षेत्र का कण-कण आतुर हो राममय हो जाता है।
महाआरती में प्रतिदिन साधु-संतों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और मेला में पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने महाआरती में शामिल होने के बाद कहा कि आज प्रकृति के पांच तत्व प्रदूषित हो गए है। उन्हें राजयोग के माध्यम से पुनः पवित्र सत्तो प्रधान बनाने का पावन कर्तव्य करना है। प्रकृति के ही हम स्वामी हैं। मालिक का फर्ज होता है अपने साथियों की सेवा करना। आज जल प्रदूषण से ज्यादा मन प्रदूषित हो गया है। इसे ही सारे तत्व प्रदूषित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन में इतनी शक्ति है कि संपूर्ण प्रकृति को सतो प्रधान बना सकते हैं इसलिए परमात्मा को सर्वशक्तिमान कहा जाता है।
राजिम कुंभ कल्प मेला : बनाया गया 10 बिस्तर अस्थाई अस्पताल
पैथोलॉजी लैब सहित ऑक्सीजन सिलेंडर, ईसीजी का किया गया है इंतजाम
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प मेला में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं के उत्तम स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नवीन मेला स्थल एवं पुराने मेला मैदान में गरियाबंद, रायपुर और धमतरी जिले द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य कैंप लगाया गया है। नवीन मेला स्थल में 10 बिस्तरों का अस्थायी अस्पताल भी बनाया गया है। अस्पताल में 24 घंटे तीन शिफ्टों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ और लैब टेक्नीशियन पदस्थ किए गए हैं। जिसमें लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएं मिल रही है। साथ ही जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार दवाइयों का भी वितरण किया जा रहा है। कैंप में पहुंचने वाले मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार पर्याप्त इलाज देने की संपूर्ण व्यवस्था है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक अस्थायी अस्पताल में पैथोलॉजी लैब सहित ऑक्सीजन सिलेंडर, ईसीजी की व्यवस्था की गई है।
ताकि आपातकालीन स्थिति में भी मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके। यहां ओपीडी और आईपीडी की व्यवस्था है। अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर रूपसिंह नागेश (मेडिकल ऑफिसर) ने बताया कि अभी तक कोई भी इमरजेंसी मामले नहीं आए हैं। अगर कोई इमरजेंसी आती है, तो हम उसके लिए तैयार हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल मरीज की स्थिति को देखते हुए निकटतम अस्पताल में एंबुलेंस द्वारा पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई है। अभी सिर्फ मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या दर्ज हुई है।
उन्हें उनके मर्ज के हिसाब से निःशुल्क दवाइयां दी जा रही है। अस्थायी अस्पताल में पैथोलॉजी लैब की पर्याप्त व्यवस्था है, जिसमें रक्त परीक्षण सहित ईसीजी, बीपी, शुगर, हिमोग्लोबिन आदि की निःशुल्क जांच की जा रही है। अभी तक लगभग हजारों मरीज यहां से स्वास्थ्य लाभ ले चुके है। वहीं श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। जहां से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या का समाधान किया जा रहा है। वहीं आपातकाल के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था है। बैकअप में पांच एंबुलेंस की और व्यवस्था रखी गई है। प्रत्येक कैंप में प्रतिदिन 200 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य चेकअप किया जा रहा है।
राजिम कुंभ कल्प : निर्मला ठाकुर एवं चंपा निषाद के छत्तीसगढ़ी लोक गीत में झूमने लगे दर्शक
मुख्य मंच पर हो रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प 2025 के दूसरे दिन नवीन मेला मैदान राजिम चौबेबांधा में रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य मंच में पायल साहू और आकाश चंद्राकर की प्रस्तुति ने धूम मचा दिया। शिव उपासना, गणेश वंदना, राजकीय गीत अरपा पैरी के धार के अलावा छत्तीसगढ़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर अंत तक दर्शको को बांधे रखा। तरिया तीर के पटवा भाजी...., बही बना दिए रे बुंदेला...., जिंदगी के नई हे ठिकाना..., लहर गंगा ले लेते न... जैसे गीतों को सुनकर दर्शक झूमने लगे।
छत्तीसगढ़ की लोक गायिका निर्मला ठाकुर एवं चंपा निषाद ने भी अपने आवाज के जादू से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। चुटुक अंजोरी निर्मल छाईयां....., तोरेच नाव के मया दिवाना....., थैया-थैया नाचे मोरे अंगना वो...., जय हो दुर्गा....., महामाया पांचो रंग करे है श्रृंगार हो मा....., का जादू डारे मोला वो....., परदेशी पिया आ जाना चंदा बनके वो...., जय गंगान जैसे सुपर हीट छत्तीसगढ़ी लोक गीत को सुनकर दर्शक भी उसे गुनगुना कर झूमने लगे। कलाकारों का सम्मान मेला समिति द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
पंचकोशी यात्रा की थीम पर आधारित राजिम कुंभ कल्प मेला
नवीन मेला मैदान में बनी पंचकोशी यात्रा की झांकी, श्रद्धालुओं को कर रही आकर्षित
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प 2025 का आयोजन नए स्वरूप में पहले से अधिक आकर्षक और भव्य रूप में दिखाई दे रहा है। कुंभ मेले की साज-सजावट और आकार मेलार्थियो को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। राजिम कुंभ में आस्था, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत समन्वय किया गया है। जहां दिन भर भजन कीर्तन के साथ ही देश के कोने-कोने से आए हुए प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विशाल मंच में प्रस्तुति देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे है। इस बार राजिम कुंभ पंचकोशी यात्रा की थीम पर बनाया गया है। पंचकोशी यात्रा की महत्ता को लोगों तक पहुंचाने चौबेबाँधा के नये मेला मैदान में इसकी झांकी का निर्माण किया गया है। राजिम मेला में सबसे ज्यादा मेलार्थी पंचकोशी यात्रा की झांकी देखकर श्रद्धाभाव से शीश झुका रहे है।
मेलार्थियो को मनोरंजन के साथ ही पंचकोशी यात्रा का लाभ एक ही स्थान पर मिल रहा है। यहां पंचकोशी यात्रा के पांचों महादेव, स्थल पहुंचने का मार्ग और दूरी से लोग अवगत हो रहे हैं। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में मेला के एक माह पहले पंचकोशी यात्रा निकाली जाती है। जिसमें हजारों श्रद्धालु क्षेत्र के श्री कुलेश्वर महादेव, पटेश्वर महादेव, चंपेश्वर महादेव, ब्रम्हनेश्वर महादेव, फणीकेश्वर महादेव और कोपेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर अपने आप को धन्य करते हैं। पंचकोशी पदयात्रा की शुरुवात राजिम त्रिवेणी संगम के बीचों बीच स्थित कुलेश्वर महादेव में पूजा पाठ कर की जाती है। जिसका समापन भी कुलेश्वर मंदिर में पूजा पाठ से होता है। श्रद्धालु पैदल चलकर 5 पड़ाव में 5 शिवलिंगों का दर्शन करते हैं।
पटेश्वर महादेव से शुरू होती है यात्रा - पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पहला पड़ाव पटेवा के पटेश्वरनाथ मंदिर में होता है। इसके बाद चंपेश्वरनाथ, बम्हनेश्वरनाथ, फणेश्वरनाथ और कोपेश्वरनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालु कुलेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते हैं। राजिम से पांच किलोमीटर दूर ग्राम पटेवा में स्थित पटेश्वर महादेव अन्नब्रम्हा के रूप में पूजे जाते है। सुबह पूजा अर्चना पश्चात श्रद्धालु अगले पड़ाव में चंपेश्वर महादेव के लिए निकल जाते हैं। चंपारण में स्थित चंपेश्वर महादेव राजिम से उत्तर दिशा में 14 किलोमीटर दूर स्थित है। चंपेश्वर महादेव में स्वयं भू-शिवलिंग है। यहां से तीसरा पड़ाव ब्रम्हनेश्वर होता है, जो चम्पारण से 9 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर-पूर्व की ओर महासमुंद जिले के बम्हनी गांव में स्थित है। जहां बम्हनेश्वर शिवलिंग पर शंभू का अघोररूप उकेरा हुआ है। माता उमा देवी इनकी शक्ति है।
भक्त ऐसा विश्वास करते है कि इस स्वरूप का जो एक बार दर्शन कर लेते है वे कभी भयभीत नहीं होते। यहां से चौथा पड़ाव गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में स्थित फणीकेश्वर महादेव है। यहाँ शिवलिंग की इशानरूप में पूजा की जाती है इनकी अर्धागिंनी माता अंबिका है। मान्यता है कि वे भक्तों को शुभ गति देते है। यहां से अगले पड़ाव में कोपेश्वर महादेव मंदिर पड़ता है। गरियाबंद जिले के ग्राम कोपरा में कोपेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। यहां महादेव की पूजा वामदेव के रूप में की जाती है। इनकी पत्नी माता भवानी है, जो आनंद का प्रतीक है। कोपेश्वर दर्शन के बाद श्रद्धालु त्रिवेणी संगम बीच स्थित भगवान कुलेश्वर महादेव के दर्शन कर यात्रा का समापन करते हैं।
पंचकोशी यात्रा मनोवांछित फल की होती है प्राप्ति - पंचकोशी यात्रा में पहुंचे श्रद्धालुगण सिर में अपने रोजमर्रा के सामान को लादकर महादेव तथा राम सिया-राम नाम का उच्चारण करते हुए निकलते हैं। रास्ते भर कहीं पर पथरीले तो कहीं पर ऊबड़खाबड़ सडक़ को पार करते हुए आगे बढ़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस यात्रा से सभी दुख और दरिद्रता दूर हो जाती है। यात्रा से अध्यात्मिक शांति मिलती है। सभी तीर्थों के दर्शन का लाभ मिलता है। मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह यात्रा पांच विकारो काम, क्रोध, मोह, लोभ और मद से मुक्ति दिलाने में सहायक है।
श्रद्धालु लेते हैं सूखा लहर - पंचकोशी यात्री जैसे ही हथखोज स्थित शक्ति लहरी माता के दरबार में पहुंचती है यहाँ परसा पान चढ़ाकर नारियल, अगरबत्ती, धूप समर्पित किया जाता है। मकर संक्रांति के दिन नदी में सूखा लहरा लिया जाता है। इससे पहले रेत से शिवलिंग बना कर आराधना की जाती है फिर दोनों हाथ जोडक़र नदी में सूखा लहरा लिया जाता है।
राजिम कुंभ कल्प मेला : प्रयागराज की तर्ज पर बनाया गया टेंट सिटी
श्रद्धालुओं के ठहरने लिए सर्वसुविधा युक्त स्विस कॉटेज
गरियाबंद । 12 फरवरी से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इस बार मेला के स्वरूप में काफी बदलाव किया गया है। राजिम चौबेबांधा के 54 एकड़ क्षेत्र में इस बार मेले का संचालन किया जा रहा है। वहीं पुराने मेला मैदान संगम क्षेत्र में महानदी आरती तथा संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। राजिम कुंभ में इस बार नया प्रयोग करते हुए प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर त्रिवेणी संगम में टेंट सिटी बनाई गई है। जिसमें मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की उत्तम व्यवस्था के रूप में राजस्थानी पैटर्न में स्विस कॉटेज बनाया गया है। इस कॉटेज में लोगों को होटल जैसी सुविधा मिलेगी।
स्विस कॉटेज में मिलेगी ये सुविधाएं - पुराने मेला मैदान त्रिवेणी संगम में लगभग 30 हजार (150 बाई 200) वर्ग फुट में सर्वसुविधा युक्त 10 स्विस कॉटेज बनाए गए है। प्रति कॉटेज का साइज 1125 (25 बाई 45) वर्गफीट में मौसम अनुकूल बनाया गया है। कॉटेज में दो सिंगल बेड, अटैच लेट बॉथ, 24 घंटे पानी की सुविधा, कूलर उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा एक एसी कॉटेज भी उपलब्ध है। इसके अलावा एक बड़ा कम्पाउंड एरिया बनाया गया है, जहां सोफा आदि की सुविधा दी गई है जहां आराम करते हुए मेले का लुत्फ उठाया जा सकता है।
कैसे करें बुकिंग - स्विस कॉटेज केयर टेकर अफजल ने बताया कि प्रतिदिन का किराया दो हजार रुपए प्रत्येक स्विस कॉटेज के लिए निर्धारित है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां आकर लोगों को रेत में महल का अहसास होगा। यह उनके लिए एक अद्भुत अनुभव होगा। बुकिंग के बाद अगले दिन 11 बजे तक चेक आउट का समय रहेगा। बुकिंग के लिए श्रद्धालु 9981559342 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर असीमित सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
राजिम कुंभ कल्प मेला : मुख्य मंच पर 15 फरवरी को बॉलीवुड पार्श्व गायिका तृप्ति शाक्या देंगी परफॉर्मेंस
सांस्कृतिक मंच के मुख्य आकर्षण
गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प मेला के मुख्य मंच में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुति हो रही है। 15 फरवरी शनिवार को मुख्य मंच पर बॉलीवुड पार्श्व गायिका तृप्ति शाक्या सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगी। वहीं 7 से 9 बजे प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकार खिलेश्वरी साहू द्वारा मानस गान की प्रस्तुति और विष्णु कश्यप व उनके टीम द्वारा लोककला मंच का शानदार कार्यक्रम होगा। इसी तरह विशाल डोम में बने सांस्कृतिक मंच पर 11 बजे से शाम 5 बजे तक छत्तीसगढ़ी सुवा, कर्मा, ददरिया, राउत नाचा, पंडवानी गायन, मानस गान, फाग गीत, जस गीत के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति की महक को मंच के माध्यम से दूर-दूर तक पहुचाएगें।
मंच पर पंड़ित परितोष पोहनकर शास्त्रीय संगीत से दर्शको का मनोरंजन करेंगे। प्रतिमा बारले की टीम पंथी गाथा की प्रस्तुति देंगें। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका दुर्गा साहू पंडवानी गायन से महाभारत के प्रसंगों को बताएगी। रूपेंद्र कुमार साहू, लोकगीत योगिता साहू द्वारा मानस गायन, सदाराम साहू की टीम द्वारा लोक कलामंच, महेंद्र चौहान सुगम संगीत, विशाखा ध्रुव भरथरी गाथा, सरिता सेन की टीम द्वारा लोक कला मंच, माधव राम साहू की टीम जगराता कार्यक्रम, राम कुमार की टीम निर्मलकर द्वारा लोककला मंच की शानदार प्रस्तुति होगी।
नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतगणना 15 फरवरी को
सभी नगरीय निकाय के लिए 15-15 टेबल में ईवीएम की गणना की जायेगी
गरियाबंद । नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के तहत जिले के 6 नगरीय निकायों जिसमें एक नगर पालिका परिषद और पांच नगर पंचायत में 11 फरवरी को मतदान सफलतापूर्वक संपादित किया गया। नगरीय निर्वाचन के तहत वोटिंग के पश्चात शनिवार 15 फरवरी को मतगणना कार्य किया जाएगा। इसके लिए मतगणना पर्यवेक्षण एवं मतगणना सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक कुमार अग्रवाल ने अधिकारी-कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत पूरी निष्पक्षता, सतर्कता एवं त्रुटि रहित कार्य करने के निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका निर्वाचन 2025 के अंतर्गत सभी निकायों में सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू होगी। इनमें नगर पालिका परिषद गरियाबंद के गांधी मैदान स्थित मंगल भवन, नगर पंचायत देवभोग में शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल, नगर पंचायत कोपरा में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कोपरा, नगर पंचायत छुरा में सांस्कृतिक भवन छुरा, फिंगेश्वर में आईटीआई भवन एवं नगर पंचायत राजिम में ग्रंथालय राजीव लोचन कॉलेज में मतगणना कार्य सम्पन्न कराया जायेगा। मतगणना कार्य एक राउंड में समाप्त होगी।
सभी नगरीय निकाय के लिए 16-16 टेबल लगाये गये है। जिसमें 15-15 टेबल में ईवीएम की गणना की जायेगी तथा एक टेबल में रिटर्निंग ऑफिसर, गणना पर्यवेक्षक एवं गणना सहायक उपस्थित रहेंगे। इस प्रकार जिले में कुल 90 वार्डों की मतगणना एक साथ की जायेगी। प्रत्येक वार्ड के लिए एक-एक टेबल की व्यवस्था की गई है। नगर पालिका परिषद गरियाबंद एवं नगर पंचायत कोपरा में एक टेबल में निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र की गणना की जायेगी। मतगणना के लिए कुल 270 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
राजिम कुंभ के सांस्कृतिक मंच पर लोक कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
गरियाबंद । 12 फरवरी से राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ हो गया है। कुंभ मेला के सांस्कृतिक मंच में प्रतिदिन कलाकारों की शानदार प्रस्तुति होगी।
मेला के प्रथम दिवस सांस्कृतिक मंच में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को सहेजते हुए कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक सुवा, कर्मा, ददरिया, मानस प्रसंग राउत नाचा को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। नवजोती मानस परिवार भैसमुंडी के द्वारा मानस प्रसंग के द्वारा राम की महिमा को बताया गया।
जिसमें कहा गया कि राम नाम ही इस जगत में सत्य है जिसके सुमिरन मात्र से ही मन को शांति मिलती है। अनगिनत कष्टों को भोगते हुए वियोग में रहते हुए भी अपने चंहुओर सुख का प्रकाश जो
श्रीराम मनुष्य को हमेशा अपने मन, वचन और कर्म से सत्य का पालन करते हुए शुद्ध भाव रखना चाहिए और काम, क्रोध, लोभ, माया से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में सुमधुर राम भजनो ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अगली कड़ी मोहन लाल साहू मगरलोड ने हरी कीर्तन कर जीवन मे भक्ति भजन के महत्व को बताया। भोजबाई ने फाग गीत में होली का माहौल बनाया। शिवराज धीवर ने नाचा के माध्यम से भुईया के गोठ की शानदार प्रस्तुति दी।
गरिमा शर्मा की टीम ने पैरी की धार में लोक नृत्य की प्रस्तुति से धुम मचा दिया। कुवर दास डहरिया की टीम ने पंथी संत-पंथ भजन से गुरु घासीदास के संदेश को दर्शकों तक बहुत ही सुंदर आवाज में दर्शकों तक पहुंचाया। मीना साहू ने पंडवानी के माध्यम से महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को गायन और अपने सुंदर हाव-भाव के साथ वीर रस में बताया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
निकाय चुनाव : 84.66 प्रतिशत मतदान के साथ गरियाबंद जिला राज्य में दूसर स्थान पर
15 फरवरी को होगी मतगणना
गरियाबंद । नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के तहत गरियाबंद जिले के 6 नगरीय निकायों में मंगलवार को हुए मतदान के लिए मतदाताओं में अभूतपूर्व उल्लास एवं उत्साह रहा। इसके परिणाम स्वरूप जिले में कुल 84.66 प्रतिशत मतदान हुआ। गरियाबंद जिला सर्वाधिक मतदान के मामले में प्रदेष में द्वितीय स्थान पर रहे। जिले के नगरीय निकायों के कुल 34 हजार 885 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया।
पहली बार नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में आए नगर पंचायत कोपरा के मतदान केंद्रों में सर्वाधिक 88.87 प्रतिशत मतदान हुआ। नागरिकों ने बढ़-चढकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसी प्रकार देवभोग अंतर्गत 88.69 प्रतिशत, फिंगेश्वर में 86.08, राजिम में 84.53, गरियाबंद में 82.28 एवं नगर पंचायत छुरा में 79.53 प्रतिशत मतदान हुआ। सभी निकायों की मतगणना 15 फरवरी को होगी। मतदान दिवस में सुबह से ही लोगों में मतदान के लिए अच्छा खासा उत्साह रहा, जो मतदान समाप्ति तक बना रहा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में मतदान कार्य शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न संपन्न हुआ। मतदान में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, दिव्यांजनों सहित सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही। जिस स्थान से मतदान सामग्री का वितरण किया गया था, उसी स्थान पर मतदान सामग्री को जमा किया गया। स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखकर सील कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है की कलेक्टर अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में सफलतापूर्वक निर्वाचन संपादन के लिए मतदान केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। केंद्रों में पानी, छाया, बैठक व्यवस्था, मतदाता मित्र, व्हीलचेयर सहित आदर्श मतदान केन्द्र आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके फलस्वरूप मंगलवार को मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदान के लिए मतदाताओं की लम्बी लाईन लग गई थी। सभी मतदाताओं ने कतार में लगकर बारी-बारी से अपने मताधिकार का प्रयोग किया और यह सिलसिला मतदान समाप्ति तक चलता रहा। महिलाओं के साथ ही बुजुर्ग, दिव्यांग एवं युवा मतदाताओं के अलावा पहले वोट डालने के लिए भी लोग काफी उत्साहित रहे।
जिले के सभी वर्गाे के लोगों ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। मतदान केन्द्रों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। बुजुर्ग एवं दिव्यांगजनों के लिए स्कॉउट गाईड के बच्चों ने मतदान मित्र के रूप में तो कहीं पुलिस के जवानों ने सेवा भावना के साथ मदद की। उनके लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। सेल्फी जोन में फोटो खींचाकर मतदाताओं ने अपनी खुशी जाहिर की। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मतदान केन्द्रों का लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। जिले में निर्वाचन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
गायिका मैथिली ठाकुर आज राजिम में
राजिम । छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ त्रिवेणी संगम राजिम में आज राजिम कुंभ कल्प 2025 का शुभारंभ होने जा रहा है. वहीं माघ पूर्णिमा के अवसर पर सुबह त्रिवेणी संगम में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. महानदी में स्नान कर श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और कुलेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। आज शाम राज्यपाल रमेन डेका कुंभ का शुभारंभ करेंगे, जो 26 फवरी तक चलेगा. उद्घाटन कार्यक्रम में बॉलीवुड पार्श्व गायिका मैथिली ठाकुर विशेष प्रस्तुति देंगी. बता दें कि 20 साल बाद मेला स्थल को बदला गया है.
मेला अब संगम स्थल में नहीं, बल्कि वहां से 750 मीटर दूर लक्ष्मण झूला और चौबे बांधा के बीच लग रहा, जहां 54 एकड़ भूमि पर भव्य मंच तैयार किया गया है. इस बार देशभर से प्रख्यात संत-महापुरुषों की उपस्थिति इस महाकुंभ को दिव्यता प्रदान करेगी। इस वर्ष मेले की थीम “पंचकोशी धाम” पर आधारित होगी, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और संस्कृति का भव्य अनुभव प्रदान करेगी। इस आयोजन के तहत धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा.
12 फरवरी माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाले राजिम कुंभ कल्प मेला का समापन 26 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा. इसके साथ ही 21 फरवरी से 26 फरवरी तक विराट संत समागम होगा. इस दौरान 12 फरवरी माघ पूर्णिमा, 21 फरवरी जानकी जयंती और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को पर्व स्नान भी होंगे, जिसमें शाही जुलूस भी निकाली जाएगी. 12 फरवरी सुबह माघ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु पुण्य स्नान करेंगे. पुण्य स्नान पश्चात भगवान श्री राजीव लोचन एवं श्री कुलेश्वर महादेव, दानदानेश्वर, बाबा गरीबनाथ, लोमष ऋषि आश्रम दर्शन कर पुण्य लाभ लेंगे।
एक ही मशीन में होगा अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए मतदान
ईवीएम मशीन के सफेद भाग में अध्यक्ष और गुलाबी भाग में पार्षद के होंगे नाम
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकाय निवार्चन में ईवीएम मशीन के माध्यम से मतदान होगा। मतदातागण एक ही ईवीएम मशीन में अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए मतदान कर सकेंगे। ईवीएम मशीन के ऊपरी सफेद भाग में अध्यक्ष और उसके नीचे गुलाबी भाग में पार्षद के नाम अंकित होंगे। मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के सामने बटन को दबाकर मतदान कर सकेंगे। पहले अध्यक्ष पद के लिए सफेद लेबल में अपनी पसंद के अभ्यर्थी के सामने खुले बटन को दबाने के पश्चात बीप की छोटी आवाज आएगी। फिर पार्षद पद के लिए गुलाबी लेबल में अपनी पंसद के अभ्यर्थी के सामने के खुले बटन को दबाने पर मतदान करने पर बीप की लंबी आवाज आएगी। एक मतदान यूनिट में अधिकतम सोलह बटन की व्यवस्था होती है।
मतदान के लिए ईवीएम मशीन की डिजाइन इस प्रकार से तैयार की गई है कि मतदाता बहुपद अर्थात् अध्यक्ष तथा पार्षद पद के लिए अपनी इच्छानुसार अपने पसंद के अभ्यर्थी को उसके नाम, फोटो एवं प्रतीक के सामने एक नीला बटन है इस नीले बटन को दबाकर इच्छित अभ्यर्थी के लिए बटन दबाकर अलग-अलग मतदान कर सकता है। मतदान मशीन ई.सी.आई.एल. द्वारा निर्मित एक बैटरी द्वारा संचालित मशीन होती है इसका संचालन सुगम है तथा यह त्रुटिरहित है। प्रत्येक अभ्यर्थी के नाम के समक्ष मतदान यूनिट के बटन को दबाकर मतदाता अपनी पसंद के अभ्यर्थी के पक्ष में मतदान कर सकता है।