छत्तीसगढ़ / जांजगीर-चाम्पा
घर-घर कचरा संग्रहण से गांवों में जाग रही स्वच्छता की अलख
15 अगस्त तक जिले की हर जनपद पंचायत का एक गांव बनेगा स्वच्छता मॉडल
घर-घर होगा चार प्रकार के कचरे का संग्रहण, यूजर चार्ज से लेकर निगरानी समिति तक होंगे पुख्ता इंतजाम
30 अक्टूबर तक 68 ग्राम पंचायतों को किया जाएगा कवर
जांजगीर-चांपा, 10 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के गांवों में स्वच्छता को केवल साफ-सफाई तक सीमित न रखते हुए कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के सभी जनपद पंचायतों से एक-एक ग्राम पंचायत का चयन कर 15 अगस्त 2026 तक उसे 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता गतिविधियों से कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद चरणबद्ध रूप से जिले की 68 ग्राम पंचायतों को 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह कवर करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य ऐसे स्वच्छ एवं व्यवस्थित ग्राम विकसित करना है, जहां घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर उसके पृथक्करण, परिवहन एवं उचित निपटान तक की पूरी व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित हो।
15 अगस्त तक 100 प्रतिशत कवरेज के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत को प्राथमिकता दी गई है। इनमें करमंदी नवागढ़, जुनाडीह बलौदा, भागोडीह बम्हनीडीह, अमलीपाली अकलतरा, जोगीडीपा पामगढ़ इन ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए इन्हें स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। 15 अगस्त तक प्रत्येक जनपद पंचायत के एक चयनित ग्राम को 100 प्रतिशत कवर करने के बाद 30 अक्टूबर तक जिले की 68 ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। समिति द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण, नियमित कचरा उठाव, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग पर रोक जैसी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाएगी। इस व्यवस्था में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिव, स्वच्छाग्रही दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि स्वच्छता व्यवस्था निरंतर बनी रहे और ग्रामीण स्वयं इसकी जिम्मेदारी संभालें।
अभियान के तहत प्रत्येक घर में कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग रखने और संग्रहण के लिए जागरूक किया जाएगा। गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष/खतरनाक कचरे को अलग-अलग संग्रहित कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटारा किया जाएगा। ग्रामीणों को चार रंग के डिब्बों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। हरा डिब्बा गीले कचरे, नीला सूखे कचरे, लाल सेनेटरी कचरे तथा काला विशेष/खतरनाक कचरे के लिए निर्धारित किया गया है। इससे कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग करने और रिसाइक्लिंग एवं कम्पोस्टिंग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
चयनित ग्राम पंचायतों में हर घर से नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छाग्रही दीदियों एवं कचरा संग्रहण दल द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जाएगा। कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन व्यवस्था को सतत बनाए रखने के लिए घर-घर यूजर चार्ज की व्यवस्था को भी प्रभावी किया जाएगा। ग्रामीणों को समझाया जाएगा कि यूजर चार्ज स्वच्छता व्यवस्था को नियमित एवं आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गांवों में सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, नालियों एवं खाली स्थानों पर कचरा फेंकने पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाया जाएगा। ग्रामीणों को निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था में ही कचरा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसी तरह कचरा जलाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक ग्रामीणों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करना है।
अभियान के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक फ्री ग्राम पंचायत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, कपड़े एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने तथा प्लास्टिक कचरे को अलग संग्रहित कर उचित निपटान के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के गांवों में स्वच्छाग्रही दीदियां घर-घर जाकर कचरा संग्रहण के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। वे ग्रामीणों को खुले में कचरा न फेंकने, कचरा अलग-अलग रखने, नियमित रूप से कचरा देने और अपने गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह पहल गांवों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी की मिसाल बन रही है। कचरा संग्रहण के साथ स्वच्छाग्रही दीदियां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को घर-घर पहुंचाने का कार्य भी कर रही हैं।
विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना 2025 पर सरपंचों को दिया गया प्रशिक्षण
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायतों की क्षमता संवर्धन और सहभागी ग्रामीण विकास के संबंध में दी गई जानकारी
जांजगीर-चांपा, 10 अगस्त 2026
विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से आज जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। प्रथम सत्र में बलौदा, अकलतरा एवं बम्हनीडीह तथा द्वितीय सत्र में नवागढ़ एवं पामगढ़ जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना 2025 के उद्देश्यों, प्रावधानों एवं प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, विभिन्न शासकीय योजनाओं के अभिसरण, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सहित ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री गौरव शुक्ला, श्री लक्ष्मी प्रसाद राठौर, श्री विवेक अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण में सरपंचों को योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यवहारिक जानकारी भी दी गई। ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की बेहतर योजना तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने कहा गया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों के सृजन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्राम पंचायतों की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
पंचायत प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे स्थानीय समुदाय की सहभागिता से ग्राम विकास की योजनाएं तैयार करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित भारत जी-राम योजना के प्रावधानों से परिचित कराने के साथ उनकी कार्यक्षमता एवं निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना रहा, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर सुनियोजित, पारदर्शी, सहभागी एवं परिणाम मूलक ग्रामीण विकास को गति मिल सके। इस दौरान सरपंचो की जिज्ञासाओं को भी दूर किया गया।
जांजगीर-चांपा : कलेक्टर श्री महोबे ने ली लखपति दीदी पहल एवं ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक
लखपति दीदियों ने साझा की सफलता की कहानी, कलेक्टर ने अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित
विभागीय योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत लखपति दीदी पहल एवं ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक ली। बैठक में लखपति दीदी पहल की प्रगति, ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना के क्रियान्वयन, विभागीय अभिसरण तथा ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
बैठक में लखपति दीदियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेते हुए किस तरह उनकी आजीविका में वृद्धि हुई और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं।
कलेक्टर श्री महोबे ने लखपति दीदियों की सफलता की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी अपनी गतिविधियों का विस्तार करने तथा अन्य महिलाओं को भी समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा कि सफल महिलाओं के अनुभव और उनकी कहानियां गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं। कलेक्टर ने कहा कि लखपति दीदी पहल का उद्देश्य केवल महिलाओं की आय बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण, ऋण, आजीविका गतिविधियों एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा ग्राम सभाओं में ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना के प्लान को शामिल कराने के संबंध में भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने समूह स्तर पर उपलब्ध राशि के उपयोग एवं आवश्यक गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनपद एवं विभाग स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। साथ ही ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आजीविका के नए एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर श्री ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री आर के तम्बोली, अपर कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
जांजगीर-चांपा : कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक
स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश
सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार कर नागरिकों को दिलाएं अधिक से अधिक ऑनलाइन सेवाओं का लाभ
हर घर तिरंगा अभियान की गतिविधियों की समीक्षा
निर्माण एवं मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों, शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय आयोजन की तैयारियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने तथा आयोजन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ध्वजारोहण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शहीद परिवारों के सम्मान आदि के संबंध में निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को समारोह स्थल की साफ-सफाई, सुरक्षा, मंच, यातायात, विद्युत व्यवस्था, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री महोबे ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल शिकायतों का निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित हितग्राही की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। उन्होंने निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने के साथ ही हितग्राहियों से संपर्क कर निराकरण के संबंध में फीडबैक लेने तथा सकारात्मक फीडबैक बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सेवा सेतु की समीक्षा करते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं तथा अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। पोर्टल पर आय, निवास, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी सेवाओं सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सेवा सेतु के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और यदि किसी आवेदन में कमी हो तो आवेदक को आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को सेवा सेतु की सुविधाओं की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री महोबे ने जिले के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका एवं किचन गार्डन तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में संचालित हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने, तिरंगे के प्रति सम्मान एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देने तथा निर्धारित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सभी निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी जांजगीर-चांपा पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों, विभागीय योजनाओं एवं विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर श्री ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री आर के तम्बोली, अपर कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर श्री संदीप सिंह ठाकुर सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन
जांजगीर-चांपा, । राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी, फैशन शो, निबंध प्रतियोगिता, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही संस्थान के प्रथम, द्वितीय एवं अंतिम वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी शिल्पकारों एवं बुनकरों को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन देश के बुनकरों, शिल्पकारों और उनकी समृद्ध परंपरा को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस का संबंध स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन से है, जिसने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संदेश दिया। कलेक्टर ने कहा कि चांपा का कोसा पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बुनकरों द्वारा निर्मित कम से कम एक कोसा या हाथकरघा उत्पाद का उपयोग अवश्य करें। इससे स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहन मिलेगा, उनकी आजीविका सशक्त होगी तथा “वोकल फॉर लोकल” अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि चांपा के बुनकरों के अथक परिश्रम और उत्कृष्ट कौशल के कारण यहां के कोसा वस्त्रों को देश-विदेश में विशेष पहचान मिली है। वर्तमान समय में बाजार एवं उपभोक्ताओं की बदलती मांग के अनुरूप पारंपरिक शिल्प और आधुनिक तकनीक का समन्वय आवश्यक है। इसी दिशा में संस्थान द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा को पुनर्जीवित एवं सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे तथा आगामी तीन वर्षों में 900 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। इस अवसर पर श्रीमती मंजुषा पाटले, श्रीमती संगीता पांडेय, शिशुपाल, गेंदराम कुर्रे, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय बुनकर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
चांपा में विशेष कार्यक्रम का किया गया आयोजन
इसके साथ ही चांपा में कोसा सेवा केन्द्र, रायगढ़ द्वारा राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक जांजगीर ब्यास कश्यप, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, कोसा सेवा केन्द्र रायगढ़ की सहायक संचालक श्रीमती अनिता धार्मिक, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बुनकर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रदर्शित उत्पादों की प्रशंसा की।
विधायक ब्यास कश्यप ने कोसा बुनकरों एवं शिल्पकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम और हुनर ने चांपा के कोसा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की समृद्ध परंपरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्थानीय हाथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया।
पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने सभी को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चांपा का कोसा अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और बुनकरों के अद्भुत कौशल के कारण देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन द्वारा बुनकरों एवं शिल्पकारों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक बुनकर इनका लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि हाथकरघा उद्योग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन
जांजगीर-चांपा, 06 अगस्त 2026
एकीकृत बाल विकास परियोजना बम्हनीडीह के सेक्टर झरना अंतर्गत ग्राम दर्रीबंजर में आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
परियोजना अधिकारी एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि कार्यक्रम में बताया गया कि जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध ही शिशु के संपूर्ण पोषण के लिए पर्याप्त होता है, जिससे शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है तथा विभिन्न बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। स्तनपान से माताओं को होने वाले स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। साथ ही उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को वृक्षारोपण कर पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री माताओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण तथा आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने की सलाह दी। कार्यक्रम में कहा कि स्तनपान शिशु के स्वस्थ जीवन की नींव है और वृक्षारोपण हमारी धरती को हरा-भरा व सुरक्षित रखता है। दोनों ही स्वस्थ भविष्य, पोषण और जीवन के संरक्षण के प्रतीक हैं। एक शिशु को माँ का दूध संबल देता है, तो वहीं पौधे हमारी प्रकृति को जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत हुआ जागरूकता कार्यक्रम
जांजगीर-चांपा । एकीकृत बाल विकास परियोजना बम्हनीडीह के सेक्टर झरना अंतर्गत ग्राम दर्रीबंजर में आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
परियोजना अधिकारी एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि कार्यक्रम में बताया गया कि जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध ही शिशु के संपूर्ण पोषण के लिए पर्याप्त होता है, जिससे शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है तथा विभिन्न बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। स्तनपान से माताओं को होने वाले स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। साथ ही उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को वृक्षारोपण कर पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री माताओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण तथा आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने की सलाह दी। कार्यक्रम में कहा कि स्तनपान शिशु के स्वस्थ जीवन की नींव है और वृक्षारोपण हमारी धरती को हरा-भरा व सुरक्षित रखता है। दोनों ही स्वस्थ भविष्य, पोषण और जीवन के संरक्षण के प्रतीक हैं। एक शिशु को माँ का दूध संबल देता है, तो वहीं पौधे हमारी प्रकृति को जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में शामिल हुए
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं अंतर्गत आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास तथा भविष्य की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री महोबे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बालिकाओं को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन तथा अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्राएं पूरे उत्साह के साथ काउंसलिंग में भाग लें और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है तथा उनके सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।
कलेक्टर ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना आवश्यक है। अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप विषय एवं कैरियर का चयन करें। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मजबूत बुनियादी शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यदि भाषा, गणित और सीखने की क्षमता मजबूत होगी तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बालिकाओं का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है, इसलिए उन्हें अपने भविष्य को लेकर किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। जो लक्ष्य प्राप्त करना चाहती हैं, उसे लिखें और उसे पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करें।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि गणित, विज्ञान, कॉमर्स, कला सहित सभी विषय समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। छात्राएं स्वयं का आकलन करें कि उनकी रुचि और क्षमता किस क्षेत्र में है तथा उसी के अनुरूप अपने कैरियर का चयन करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि व्यवसाय, विधि (लॉ), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा अनेक उभरते क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कम से कम एक कौशल अवश्य विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और बदलते समय में यह सफलता की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार के कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम केवल जिला स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें विकासखंड स्तर पर भी नियमित रूप से आयोजित किया जाए, ताकि जिले की अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, मास्टर काउंसलर संदीप सिंह, सुश्री अंकिता तिवारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।
मोर गांव-मोर पानी अभियान से ग्रामीण आजीविका को मिली नई उड़ान
विकसित भारत जी राम जी योजना से मत्स्य पालन, कृषि और जल संरक्षण से बढ़ेगी आय, सिंचाई सुविधाओं को मिलेगा नया आधार
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले में संचालित मोर गांव-मोर पानी अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। अभियान के तहत जिले में 47 आजीविका डबरियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 35 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों में वर्षा जल का भराव होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
आजीविका डबरियों के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं। वर्तमान में 14 डबरियों में मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डबरियों की मेड़ों पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती से उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। जिले में 4 डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इससे किसान अब वर्षभर कृषि एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में बढ़ोतरी कर रहे हैं। मोर गांव मोर पानी अभियान जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जिले की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
ईएलसी: न्यू वोटर्स के नोडल अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन 7 अगस्त को
जांजगीर-चांपा । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य के समस्त विद्यालयों महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, मतदान केन्द्रों तथा शासकीय/अशासकीय संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के गठन एवं संबंधित संस्थान के किसी अधिकारी को ईएलसी के नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि महाविद्यालयों में नियुक्त ईएलसी न्यू वोटर्स के नोडल अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 7 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। उन्होंने सर्व संबंधित को उक्त प्रशिक्षण में सम्मिलित होने कहा गया है।
मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में संविदा भर्ती हेतु आवेदन
जांजगीर-चांपा । भारत शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वीकृत मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों एवं स्वीकृति अनुसार योजना के क्रियान्वयन हेतु शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए पात्र आवेदकों से तक आवेदन आमंत्रित किये गये थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि उक्त में 02 पदों पर भर्ती के लिये पात्र आवेदन न मिलने के कारण पुनः पात्र आवेदकों से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग जिला-जांजगीर-चांपा के पते पर आवेदन स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक, कोरियर के माध्यम से आमंत्रित किया गया है। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in व कार्यालय के सूचना पटल पर देखी जा सकती है।
छात्रवृत्ति हेतु करायें बैंक खाता आधार से सीडिंग एवं त्रुटिपूर्ण बैंक खाता क्रमांक में सुधार
जांजगीर-चांपा । पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) में छात्रवृत्ति भुगतान आधार सीडिंग बैंक खाता में किया जा रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के ऐसे विद्यार्थी जिनका आधार सीडिंग इनएक्टिव होने के कारण (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग) अथवा बैंक खाता गलत होने/बैंक खाता बंद होने के कारण छात्रवृत्ति भुगतान असफल हुआ हो तो वे विद्यार्थी अपने छात्रवृत्ति आई.डी. से बैंक खाता में त्रुटि सुधार करते हुए (अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु) सही बैंक खाता की इंट्री 07 दिवस में करना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि में त्रुटि सुधार नही किये जाने पर छात्रवृत्ति नही मिलने की स्थिति में समस्त जवाबदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी। किसी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर संबंधित विद्यार्थी अपनी अध्ययनरत् संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी अथवा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जांजगीर, पुराना कलेक्टर परिसर विवेकानंद मार्ग, जांजगीर (छात्रवृत्ति शाखा) से कार्यालयीन समयावधि में संपर्क कर सकते है।
शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा डोंगाकोहरौद के प्रधान पाठक निलंबित
रायपुर । जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा डोंगाकोहरौद से संबंधित वायरल वीडियो को कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पामगढ़ द्वारा की गई जांच एवं प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक श्री भुवनेश्वर कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वायरल वीडियो तथा जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया संबंधित प्रधान पाठक का आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया। उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री कौशिक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नवागढ़ निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: अब 14 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा पंजीयन
जांजगीर-चांपा,। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 की अधिसूचित फसलों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर अब ’’14 अगस्त 2026’’ कर दी गई है। इससे वे किसान, जो निर्धारित समय-सीमा तक फसल बीमा नहीं करा सके थे, अब अतिरिक्त समय का लाभ लेकर अपना बीमा पंजीयन करा सकेंगे।
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित) फसल अधिसूचित है। योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। जिले में धान (सिंचित) के लिए प्रति हेक्टेयर कृषक प्रीमियम 1,320 रुपये तथा धान (असिंचित) के लिए 946 रुपये निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्र में बुवाई नहीं हो पाने, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति, फसल कटाई प्रयोग के आधार पर उपज में कमी तथा फसल कटाई के बाद निर्धारित 14 दिवस की अवधि में ओलावृष्टि, चक्रवात एवं बेमौसम वर्षा जैसी प्राकृतिक घटनाओं से हुई क्षति पर बीमा एवं क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। प्राकृतिक आपदा अथवा फसल कटाई उपरांत नुकसान की स्थिति में किसान ’’72 घंटे के भीतर बैंक, लोक सेवा केंद्र (सीएससी), कृषि विभाग, राजस्व विभाग, कृषि रक्षक पोर्टल’’, हेल्पलाइन 14447 अथवा व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 70655-14447 के माध्यम से सूचना दर्ज करा सकते हैं।
योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। अऋणी किसानों को आवेदन के साथ आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका (बी-1), बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाण पत्र अथवा स्वघोषणा पत्र तथा मोबाइल नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। वहीं बटाईदार, काश्तकार एवं साझेदार किसानों को फसल साझा अथवा काश्तकार घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। किसान अपने निकटतम राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र (सीएससी) अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से 14 अगस्त 2026 तक फसल बीमा पंजीयन करा सकते हैं। उप संचालक कृषि ’’ राकेश शर्मा’’ ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खेती में जोखिम कम करने, किसानों की आय को सुरक्षित रखने तथा कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने सभी किसान भाई-बहनों से अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते फसल बीमा पंजीयन कराने का आग्रह किया है।
भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान चांपा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम हेतु 30 जुलाई तक आवेदन
जांजगीर-चांपा । छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग संचालनालय (हाथकरघा), रायपुर के अंतर्गत संचालित भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चाम्पा एवं बरगढ़ (उड़ीसा) में जुलाई 2026 सत्र से प्रारंभ होने वाले डिप्लोमा इन हैण्डलूम एंड टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
प्राचार्य भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान ने बताया कि संस्थान में प्रथम सेमेस्टर में 30 सीटों तथा लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे तृतीय सेमेस्टर में 27 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का 10वीं अथवा समकक्ष परीक्षा अंग्रेजी विषय सहित उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 1 जुलाई 2026 को 15 से 23 वर्ष तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 17 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। लेटरल एंट्री के तहत सीधे तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश के लिए गणित, भौतिकी एवं रसायन विषय सहित 12वीं उत्तीर्ण, अथवा वस्त्र प्रौद्योगिकी विषय सहित 12वीं, अथवा 10वीं के साथ 2 वर्षीय आईटीआई प्रशिक्षण, अथवा 12वीं के साथ 2 वर्षीय आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी पात्र होंगे। इसके लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 17 से 25 वर्ष तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 17 से 27 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। आवेदन पत्र संस्थान की वेबसाइट www.iihtchampa.org.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं। अभ्यर्थी स्वप्रमाणित आवेदन पत्र डाक, ई-मेल iihtchampacg@gmail.com अथवा स्वयं उपस्थित होकर 30 जुलाई 2026 को सायं 5 बजे तक प्राचार्य, भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, मड़वा प्लांट रोड, लछनपुर चौक, चाम्पा, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) पिन-495669 के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
आजीविका डबरी बना किसान पिताम्बर बरेठ के लिए समृद्धि का आधार
विकसित भारत जी राम जी योजना से मिला सिंचाई का स्थायी साधन, अब खेती के साथ मत्स्य पालन से भी बढ़ेगी आय
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले में संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसी अभियान के तहत विकासखंड नवागढ़ की ग्राम पंचायत पचेड़ा के लघु कृषक पिताम्बर बरेठ को विकसित भारत जी राम जी योजना के माध्यम से कृषि एवं आजीविका डबरी की सौगात मिली है, जिससे उनकी खेती और आजीविका को नई दिशा मिली है।
वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 0.907 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह आजीविका डबरी पूर्ण हुआ। निर्माण कार्य के दौरान 299 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार प्राप्त हुआ। डबरी बनने के बाद वर्षा जल का प्रभावी संचयन होने लगा है, जिससे किसान को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। डबरी के निर्माण से अब पिताम्बर बरेठ वर्षभर खेती करने के साथ-साथ मत्स्य पालन की भी योजना बना रहे हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। साथ ही भू-जल संरक्षण एवं जल उपलब्धता में सुधार से आसपास के खेतों को भी लाभ मिलेगा। पिताम्बर बरेठ ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित होती थी, लेकिन अब आजीविका डबरी बनने से पानी की चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवार का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
कलेक्टर ने जिले में आयोजित एग्रीस्टैक कृषक पंजीयन एवं बकेट क्लेम विशेष शिविरों का किया औचक निरीक्षण
पेंड्री एवं तिलई समितियों का किया दौरा, शत-प्रतिशत कृषक पंजीयन एवं लंबित बकेट क्लेम के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश
एग्रीस्टैक पंजीयन के बिना धान विक्रय से वंचित हो जाएंगे कृषक, कलेक्टर ने जिले के सभी कृषकों से पंजीयन कराने की अपील की
जांजगीर-चांपा । खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी को अनिवार्य किए जाने के मद्देनजर कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों एवं सहकारी समितियों में एग्रीस्टैक कृषक पंजीयन एवं बकेट क्लेम के निराकरण हेतु विशेष शिविर आयोजित किए गए। कलेक्टर महोबे ने आज जिले के पेंड्री एवं तिलई सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषक पंजीयन एवं लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान विक्रय के लिए प्रत्येक किसान का एग्रीस्टैक फार्मर आईडी पंजीयन अनिवार्य है। उन्होंने शिविरों में अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कोटवारों के माध्यम से किसानों को सूचना देने, गांव में मुनादी कराने के निर्देश दिए। जिन किसानों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं हैं, उनके प्रकरणों का चॉइस सेंटर के माध्यम से निराकरण कराने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सहकारी समितियों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने, किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता एवं सुचारु वितरण सुनिश्चित करने तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने समिति में उपलब्ध उर्वरकों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण पर विशेष ध्यान देने तथा नैनो यूरिया के उपयोग एवं लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक अमित साहू, अधीक्षक भू-अभिलेख विनय पटेल सहित कृषि, राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।