छत्तीसगढ़ / कांकेर
अतिशेष शालाओं-शिक्षकों का किया जाएगा युक्तियुक्तकरण
कलेक्टर ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए दिशानिर्देश
कांकेर । स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी तारतम्य में कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शासन के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए ब्लॉक स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।
कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आज दोपहर को आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि इसके प्रथम चरण में अतिशेष विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अतिशेष शिक्षकों का नियमानुसार युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि युक्तियुक्तकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही शासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशानुसार ही की जाएगी तथा किसी प्रकार के संशय की स्थिति में उच्चाधिकारी द्वारा मार्गदर्शन आवश्यक रूप से लेकर ही करें। साथ ही उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अतिशेष शालाओं एवं शिक्षकों की जानकारी बनाते समय पूरी तरह से सतर्कता एवं सावधानी बरतने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस दौरान विभिन्न अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में स्थित स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आगामी 20 अगस्त से 16 सितम्बर के बीच किया जाएगा। इसी तरह अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण आगामी 04 सितम्बर से 11 अक्टूबर के मध्य सम्पन्न होगा। उन्होंने इसके लिए ब्लॉक स्तर पर गठित समिति के सदस्यों को निर्धारित प्रपत्र में अतिशेष शालाओं एवं शिक्षकों का चिन्हांकन कर उनकी पूरी जानकारी समय सीमा में उपलब्ध कराने के लिए कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने अतिशेष स्कूलों और शिक्षकों के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी विस्तार से दी। इस अवसर पर सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के बीईओ, एबीईओ, बीआरसी तथा समग्र शिक्षा के अधिकारी मौजूद थे।
शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन
कांकेर । सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा जिले के आम ग्रामीणजनों को अपनी आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन माह जुलाई से माह जनवरी 2025 तक करने का आदेश जारी किया गया है, जिसमें जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी अपनी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
जारी निर्देशानुसार नरहरपुर विकासखण्ड के क्लस्टर सरोना के आश्रित ग्राम धनेसरा में गुरूवार 18 जुलाई, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बागोडार हाई स्कूल मैदान में शुक्रवार 26 जुलाई, चारामा विकासखण्ड के कोटतरा के आश्रित ग्राम लिलेझर में बुधवार 31 जुलाई, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम सेलेगांव हाई स्कूल प्रांगण में गुरूवार 01 अगस्त, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भवन कोलर में शनिवार 10 अगस्त, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के कोड़कुर्से के आश्रित ग्राम हामतवाही में शुक्रवार 16 अगस्त, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पानीडोबीर में बुधवार 21 अगस्त और नरहरपुर क्लस्टर उमरादाह के आश्रित गांव किशनपुरी में गुरूवार 29 अगस्त को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ब्यासकोंगेरा में गुरूवार 05 सितम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम आंवरी में शुक्रवार 13 सितम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम बारवी में बुधवार 18 सितम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत फुफगांव में शुक्रवार 27 सितम्बर, दुर्गूकोंदल क्लस्टर दमकसा के आश्रित ग्राम लोहत्तर में गुरूवार 03 अक्टूबर, कोयलीबेड़ा क्लस्टर ऐसेबेड़ा के ग्राम बारदा में बुधवार 09 अक्टूबर, नरहरपुर क्लस्टर के ग्राम देवगांव में शुक्रवार 18 अक्टूबर, कांकेर के ग्राम पंचायत बाबूदबेना में गुरूवार 24 अक्टूबर, चारामा क्लस्टर लखनपुरी के ग्राम पंचायत तारसगांव में शुक्रवार 08 नवम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम साल्हे में गुरूवार 14 नवम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत कढ़ईखोदरा में गुरूवार 14 नवम्बर तथा दुर्गूकोंदल क्लस्टर के ग्राम कोदापाखा में बुधवार 27 नवम्बर को शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा कोयलीबेड़ा क्लस्टर के ग्राम सावेर में शनिवार 07 दिसम्बर, नरहरपुर क्लस्टर दुधावा के ग्राम पंचायत मुसुरपुट्टा में बुधवार 11 दिसम्बर, कांकेर के ग्राम पंचायत आलबेड़ा में बुधवार 18 दिसम्बर, चारामा क्लस्टर हाराडुला के ग्राम पंचायत जेपरा में शनिवार 21 दिसम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत भीरागांव में शनिवार 28 दिसम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत बुलावण्ड में गुरूवार 02 जनवरी, दुर्गूकोंदल क्लस्टर हाटकांदल के ग्राम कलंगपुरी में शनिवार 11 जनवरी, कोयलीबेड़ा क्लस्टर छोटेकापसी के ग्राम पंचायत बड़ेकापसी में गुरूवार 16 जनवरी, अंतागढ़ के ग्राम पंचायम मातला ब’ में शनिवार 18 जुलाई और कोयलीबेड़ा क्लस्टर गोण्डाहूर के ग्राम पंचायत हांकेर में दिन बुधवार 22 जनवरी को आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
देशभर में एक जुलाई 2024 से देश में तीन नए कानून लागू हो गए हैं
कांकेर । देशभर में एक जुलाई 2024 से देश में तीन नए कानून लागू हो गए हैं। इनमे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 शामिल हैं। स्वतंत्रता से पूर्व ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1860 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) लागू हुई थी, में केन्द्र सरकार ने 16 दशक बाद 2023 में व्यापक बदलाव किए हैं, जिसमें सिर्फ धाराएं ही नहीं बदलीं, बल्कि सजा और जुर्माने के प्रावधान में भारी परिवर्तन किए गए हैं। पुराने कानून की बहुचर्चित धाराएं 302 हत्या अब 103, ठगी या धोखाधड़ी 420 अब 318 (4), चोरी 379 अब 303(2) व दुष्कर्म 376 आईपीसी अब 64 बीएनएस कहलाएंगी। आने वाले समय में अब इंडियन पीनल कोड 1860 (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 (बीएनएस), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस) और इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गई है। नवीन कानूनों के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराने एवं आमजनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आज पुलिस विभाग द्वारा कार्यशाला आयोजित कर कांकेर के वरिष्ठ नागरिकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, साथ सामान्यतः प्रयुक्त होने वाली अलग-अलग धाराओं एवं उनमें निहित उपधाराओं के बारे में बताया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित ‘नवीन कानूनों का प्रवर्तन‘ विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षु आईपीएस संदीप कुमार पटेल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर) ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की विभिन्न प्रमुख धाराओं व उप धाराओं के बारे में पीपीटी के माध्यम से बताया। इस अवसर पर डीएसपी जी.एस. साव ने नए कानून के विभिन्न प्रावधानों पर जानकारी दी। साथ ही कानून के विशेषज्ञ अधिवक्ताओं ने भी नवीन कानून पर प्रकाश डाला।
124(क) राजद्रोह खत्म, अब होगी ‘देशद्रोह‘ के तहत कार्रवाई-
कार्यशाला में बताया गया कि अंग्रेजों के समय के कानून 124(क) आईपीसी को नए कानून के तहत् खत्म कर उसकी जगह देशद्रोह कर दिया गया है। लोकतांत्रिक देश में सरकार की आलोचना कोई भी कर सकता है। मगर किसी ने सशस्त्र विरोध, बम धमाका करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
आईपीसी की 511 धारा अब बीएनएस में 358 धारा-
इस माह (जुलाई-2024) से सरकार बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू कर दी है। आईपीसी में 511 धाराएं थीं, जबकि बीएनएस में 358 धाराएं है। 175 धाराएं बदल गई हैं, 18 नई जोड़ी गई हैं, साथ ही 22 धाराएं खत्म हो गई है। इसी तरह सीआरपीसी में में 533 धाराएं है, इनमें 160 धाराए बदली गई हैं। नौ नई धारा जोड़कर नौ को खत्म कर दिया गया है। इसमें पूछताछ से ट्रायल तक सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने का प्रावधान हो गया है।
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने विभिन्न विभागों के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। बैठक
कांकेर । कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक लेकर विभिन्न विभागों के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के जर्जर स्कूल भवनों, आंगनबाड़ियों में कक्षाएं नहीं लगनी चाहिए। साथ ही जर्जर छात्रावासों के संचालन पर भी रोक लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अतिजर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सभी एसडीएम से कहा कि तहसील कार्यालय निर्धारित कार्यालयीन समय में खुला रहे और सभी स्टाफ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। साथ ही उन्होंने जीवनदीप समिति की नियमित बैठक आयोजन करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। कलेक्टर ने सभी उपस्थित अधिकारियों से कहा कि राज्य शासन द्वारा जिले के दूरस्थ अंचलों में अंतिम व्यक्ति तक शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ पहुंचाने निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि यदि दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में नए सड़क, पुल-पुलिया या अन्य अधोसंरचना विकास संबंधी कार्य, जो अतिआवश्यक हो, इसके लिए कार्ययोजना बनाएं। साथ ही यह भी कहा कि जिले के ऐसे युवा जो सेना एवं पुलिस भर्ती में भर्ती के लिए इच्छुक हैं, उन्हें पूर्व सैनिकों द्वारा निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है। उन्होंने इसके लिए खेल अधिकारी को युवाओं को प्रशिक्षण प्रदाय करने आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जलजीवन मिशन, महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता से तेजी लाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के कांकेर, नरहरपुर और चारामा विकासखण्ड में धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए 15 अगस्त से पूर्व लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश जनपद पंचायतों के सी.ई.ओ. को दिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना, राजीव युवा मितान क्लब के कार्यों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुमित अग्रवाल ने नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत जिले में प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर वनमण्डाधिकारी हेमचंद पहारे, अपर कलेक्टर एस. अहिरवार, बी.एस. उइके, जितेन्द्र कुर्रे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवक-युवतियों के “हॉस्पिटेलिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण
कांकेर। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवक-युवतियों के “हॉस्पिटेलिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण“ योजना अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाना है। वर्ष 2024-25 के लिए “हॉस्पिटेलिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण“ में कैरियर की इच्छुक जिले के युवक-युवतियों से 12 जुलाई सायं 5 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि आवेदन पत्र का प्रारूप नियम तथा शर्ते विभाग की वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन पत्र पंजीकृत डाक द्वारा कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास अटल नगर नवा रायपुर में उपस्थित होकर या कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर में जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा। उन्होंने बताया कि उपरोक्त प्रशिक्षण अंतर्गत कुल 100 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में अन्यत्र किसी नियमित पाठ्यक्रम अथवा नौकरी-व्यवसाय करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण व्यय विभाग द्वारा वहन किया जाएगा तथा आवासीय प्रशिक्षण में छात्रावास एवं मेस की सुविधा भी निःशुल्क होगी। प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण देने वाली संस्था द्वारा प्लेसमेंट की प्रक्रिया से नौकरी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैटरी चलित ट्रायसिकल मिलने से दिव्यांग लक्ष्य की खिल उठी मुस्कान
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों की जीवनचर्या को आसान बनाने लगातार कार्य कर रहीं है। समाज कल्याण विभाग की ओर से उन्हें सहायक उपकरण एवं अन्य सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है। कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम हाराडुला निवासी कक्षा 8वीं के छात्र श्री लक्ष्यजीत कोर्राम के चेहरे पर तब मुस्कान खिल उठी, जब कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर ने उन्हें कलेक्टोरेट परिसर में बैटरीचलित ट्रायसिकल की चाबी सौंपी। दिव्यांग श्री लक्ष्यजीत के पिता श्री बीरचंद कोर्राम ने बताया कि इससे उनके बेटे को स्कूल व अन्य जगहों पर आने-जाने में काफी आसानी होगी। साथ ही अपने दैनदिनी कार्य संपादित करने में भी सहूलियत होगी। इसके पहले लक्ष्यजीत के पास पुरानी ट्रायसिकल थी, जिसे हाथों से चलाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी। श्री कोर्राम ने कहा कि अब उनका बेटा बैटरीचलित ट्रायसिकल का एक बटन दबाकर व हैण्डल घुमाकर कही भी आ-जा सकेगा। दिव्यांग लक्ष्यजीत और उनके पिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।
पीएम जनमन योजना : रेवती बाई कमार के पक्के मकान का सपना हुआ सच
रायपुर : केंद्र शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) का लाभ प्रदेश के पीव्हीटीजी बसाहट वाले सुदूर अंचलों तक पहुंच रहा है। जिले के नरहरपुर विकासखंड में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) समूह के लोगों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में काफी सुधार हो रहा है। कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम-बादल निवासी श्रीमती रेवती बाई ऐसी हितग्राही हैं, जिनका प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) से उनका पक्का मकान का सपना साकार हो गया है।
कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड से लगभग 8 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम बादल की रहने वाली श्रीमती रेवती बाई ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ कच्चे एवं पुराने मकान में निवास करती थीं, जिसमें बरसात के दिनों में जीवन-यापन करने में अत्यधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। साथ ही मिट्टी एवं खपरैल का घर होने के कारण बारिश में पानी का टपकना, जमीन में सीलन आने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता था। योजना के तहत् अब पक्का मकान बनने के बाद इन सभी परेशानियों से निजात मिल गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत् ग्राम पंचायत स्तर पर वर्ष 2011 की सर्वे सूची एवं ग्रामसभा के माध्यम से आवास निर्माण हेतु वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुआ। इसके बाद उन्हें 02 लाख रुपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में मिली तथा मनरेगा के माध्यम से 95 दिवस की मजदूरी की राशि भी प्राप्त हुई।
श्रीमती रेवती ने बताया कि कच्चा जर्जर मकान में अपने परिवार के साथ बड़ी मुश्किल से गुजारा कर रही थीं, किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) जनमन योजना से आवास में एक कमरे सहित एक किचन, बरामदा एवं शौचालय का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे पहले से बेहतर जीवन यापन कर रही हैं। श्रीमती रेवती बाई ने पक्का आवास का सपना पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर 14 से
कांकेर। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले के आम नागरिकों की आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान के लिए जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जारी निर्देशानुसार 14 अक्टूबर को विकासखण्ड कांकेर के कोकानपुर और नरहरपुर विकासखण्ड के सरोना कलस्टर के ग्राम पंचायत अभनपुर में जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होगा।
इसी प्रकार 16 अक्टूबर को अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आमाबेड़ा में, चारामा विकासखण्ड के हाराडुला कलस्टर के ग्राम हल्बा में 17 अक्टूबर, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के कलस्टर कोड़ेकुर्से के ग्राम पंचायत हामतवाही में 18 अक्टूबर, चारामा विकासखण्ड के कलस्टर कोटतरा ग्राम मयाना में 23 अक्टूबर, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हरनपुरी स्कूल मैदान में 25 अक्टूबर और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड कलस्टर छोटेकापसी के ग्राम पंचायत बडे़कापसी में 28 अक्टूबर को जनपद स्तरीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा नरहरपुर विकासखण्ड के उमरादाह कलस्टर के ग्राम पंचायत चंवाड़ में 06 नवम्बर, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ताड़ोकी और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ऐसेबेड़ा कलस्टर के ग्राम पंचायत कारेकट्टा में 08 नवम्बर, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड हाटकोंदल कलस्टर के ग्राम पर्रेकोड़ो में 11 नवम्बर, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिंगारभाट में 13 नवम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम सिरसिदा और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के बांदे कलस्टर के ग्राम पंचायत सावेर में 20 नवम्बर, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुंगवाल में 21 नवम्बर, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत डुमाली में 22 नवम्बर, नरहरपुर विकासखण्ड के कलस्टर दुधावा के ग्राम पंचायत धनोरा में 29 नवम्बर, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कलगांव में 02 दिसम्बर, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जिरमतराई में 06 दिसम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लखनपुरी में 07 दिसम्बर, दुर्गूकोंदल के ग्राम पंचायत भण्डारडिगी में 12 दिसम्बर, कांकेर के ग्राम पंचायत बारदेवरी और भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत संबलपुर में 13 दिसम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत केंवटी और अंतागढ़ के ग्राम बण्डापाल में 20 दिसम्बर, नरहरपुर के सुरही कलस्टर के ग्राम बिरनपुर में 27 दिसम्बर तथा दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के दमकसा कलस्टर के ग्राम पंचायत बरहेली में 21 जनवरी 2025 को जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। उक्त शिविर सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक लगाया जाएगा। शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित जनपद सीईओ को जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन के लिए निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने उक्त शिविर में अनुभाग स्तर, ब्लॉक स्तर एवं कलस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी के अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
हितग्राही स्वयं भर सकते हैं महतारी वंदन योजना का फार्म
उत्तर बस्तर कांकेर : प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन शुरु हो गया है। महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों के लिए ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनों माध्यमों में फार्म भरने की सुविधा प्रदान की गई है। जिला स्तर पर नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में लगे शिविरों के साथ नगर पालिका कार्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत भवनों सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को फार्म भरने में कोई परेशानी न हो। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिला को स्व प्रमाणित पासपोर्ट साइज फोटो, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र अथवा राशन अथवा मतदाता परिचय पत्र, स्वयं व पति का आधार कार्ड, पेन कार्ड (यदि हो तो), विवाह प्रमाण पत्र सहित ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय द्वारा जारी प्रमाण पत्र की आवश्कता होगी। वहीं जन्म के संबंध में 10 वीं अंकसूची अथवा वोटर आईडी अथवा ड्राइविंग लायसेंस की आवश्यकता होगी। साथ ही पात्र हितग्राही को बैंक पास बुक की छायाप्रति तथा स्वघोषणापत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। हितग्राही की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। उक्त योजना के लिए विधवा तलाकशुदा व परित्यक्ता महिलाएं भी पात्र होंगी।
हितग्राही स्वयं अपना आवेदन कैसे करें महतारी वंदन योजना का फार्म हितग्राही स्वयं अपने मोबाईल के माध्यम से भी आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए हितग्राही को अपने मोबाईल से वेबसाईटhttps://mahtarivandan.cgstate.gov.in में जाकर अपना आवेदन भरना होगा। आवेदन करने के पूर्व आवेदिका को यह जानकारी रखना आवश्यक है कि संबंधित हितग्राही महिला एवं बाल विकास विभाग के किस आंगनबाड़ी क्षेत्र, सेक्टर क्षेत्र एवं परियोजना के अन्तर्गत उनका निवास स्थान है। क्योंकि ऑनलाइन आवेदन में अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ इन जानकारियों को भी भरना आवश्यक होता है। ऑनलाइन आवेदन में आवेदिका को पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों को मोबाइल में अलग-अलग पीडीएफ बना कर रख लेना चाहिए, क्योंकि उक्त दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना आवश्यक है।
बोर्ड परीक्षा को देखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लगा प्रतिबंध
उत्तर बस्तर कांकेर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी समय सारिणी अनुसार 01 मार्च से 23 मार्च 2024 तक आयोजित होने वाले हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूल परीक्षा को देखते हुए जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न हो इसे ध्यान में रखते हुए उक्त आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 23 मार्च 2024 तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ कोलाहल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत तीव्र संगीत, हार्नटाइप, ध्वनि विस्तारक का उपयोग बिना अनुमति के तत्काल प्रभाव से संपूर्ण जिला में प्रतिषेध किया गया है। ध्वनि विस्तारक चलाए जाने की अनुमति हेतु कांकेर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी कांकेर, चारामा तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी चारामा, नरहरपुर तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी नरहरपुर, सरोना तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सरोना, भानुप्रतापपुर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी दुर्गूकोंदल, अंतागढ़ तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंतागढ़, आमाबेड़ा तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी आमाबेड़ा, पखांजूर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी पखांजूर, बांदे तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी बांदे तथा कोयलीबेड़ा तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी कोयलीबेड़ा को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र उपयोग करने की अनुमति हेतु संबंधित तहसील के प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रियंका गांधी आएंगी छत्तीसगढ़, महासम्मेलन में होंगी शामिल, करोड़ों की देंगी सौगात
कांकेर. कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी एक बार फिर 6 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आ रही हैं. वे कांकेर के गोविंदपुर स्थित मैदान में नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन में शामिल होंगी. उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व तमाम कांग्रेस के दिग्गज शामिल होंगे.

विधानसभा सत्र हेतु अपर कलेक्टर नोडल अधिकारी नियुक्त
उत्तर बस्तर कांकेर : छत्तीसगढ़ षष्ठम विधानसभा का द्वितीय बजट सत्र 05 फरवरी सोमवार से 01 मार्च 2024 तक आहूत किया गया है। विधानसभा सत्र के दौरान त्वरित जानकारी प्राप्त करने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा अपर कलेक्टर श्री एस. अहिरवार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पोर्टल में संस्था, पाठ्यक्रम परिवर्तन हेतु आवेदन 07 फरवरी तक
उत्तर बस्तर कांकेर : जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के विद्यार्थियों का पंजीयन, स्वीकृति व भुगतान विभागीय पोर्टलhttps://postmatric-scholarship.cg.nic.in/के माध्यम से किया जा रहा है। आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त ने बताया कि पात्रता रखने वाले ऐसे विद्यार्थी जो संस्था परिवर्तन, संस्था व पाठ्यक्रम दोनों में परिवर्तन करना चाहते हैं। वे 07 फरवरी तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी कांकेर (कलेक्ट्रेट कांकेर) की छात्रवृत्ति शाखा में आवेदन कर सकते हैं।
07 फरवरी तक भरे जाएंगे राज्य व्यावसायिक परीक्षा फार्म
उत्तर बस्तर कांकेर : जिले की सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में राज्य व्यावसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) के अंतर्गत प्रवेश हेतु 07 फरवरी तक परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे। महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सत्र अगस्त 2023 छमाही व्यवसाय के नियमित पात्र परीक्षार्थी एवं पूरक पात्र परीक्षार्थी माह फरवरी 2024 में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने की पात्रता रखते हों, वे निर्धारित परीक्षा शुल्क सहित 07 फरवरी तक कार्यालयीन अवधि में संबंधित आई.टी.आई. में उपस्थित होकर परीक्षा फार्म भर सकते हैं।
बाल विवाह रोकथाम के लिए किया जा रहा हैं लोगों को जागरूक
कांकेर , कांकेर जिला में बाल विवाह को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत डाईट कॉलेज में प्राचार्य आनंद कुमार गुप्ता की अनुमति से यूनिसेफ के स्वयंसेवकों के माध्यम से बाल विवाह के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साथ बाल विवाह के विषय में शपथ दिलाई गई। यूनिसेफ के जिला समन्वयक अभिनय सिंह ठाकुर, यूनिसेफ स्वयंसेवक संदीप कुमार साहू तथा साथी बोस के द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता गतिविधियां किये जा रहे है।
महतारी वंदन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन एवं इसके नियम-निर्देशों से मैदानी अमलों को अवगत कराने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर एडीएम श्री एस. अहिरवार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुमित अग्रवाल ने योजना के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में उपस्थित महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाइजर, सभी जनपद पंचायत के सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को योजना की जानकारी देते हुए इसके नियम व शर्तों, पात्रता हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड एवं ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लिए जाने के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. चंद्राकर ने कार्यशाला में महतारी वंदन योजना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका सुदृढ़ करने यह योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 01 हजार रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना 01 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया 05 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है। इस संबंध में बताया गया कि 20 फरवरी तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर पात्र हितग्राहियों के खाते में 08 मार्च से राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की जाएगी। जो पात्र हितग्राही उक्त अवधि में किसी कारणवश आवेदन करने से छूट जाते हैं वे उक्त तिथि के बाद भी आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि योजना के तहत आवेदन एक सतत् प्रक्रिया है।
पात्रता हेतु शर्तें
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री राठौर ने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होगी, जो छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी हो, आवेदन के कैलेण्डर वर्ष की 01 जनवरी को आवेदिका की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं भी योजना के लिए पात्र होंगी।
ऐसी महिलाएं जिन्हें सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं से प्रतिमाह रू 01 हजार से कम की राशि प्राप्त हो रही है, उन्हें अतिरिक्त उतनी राशि की सहायता स्वीकृति की जाएगी, जिससे उन्हें कुल राशि रू. 01 हजार की मासिक राशि प्राप्त हो सके।
ये नहीं होंगे पात्र
ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मंडल, स्थानीय निकाय में स्थायी/अस्थायी/संविदा पदों पर कार्यरत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ग के अधिकारी या कर्मचारी हो। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद या विधायक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हो।
कैसे करें आवेदन
योजना के तहत आवेदन महतारी वंदन योजना के ऑनलाईन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ूूूण्उंीजंतपअंदकंदण्बहेजंजमण्हवअण्पद तथा योजना के मोबाइल एप द्वारा भी भरे जा सकेंगे। आवेदन भरे जाने की प्रक्रिया ओ.टी.पी. पर आधारित होगी। आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत, नगरीय निकायों में पहुंचकर भी फॉर्म भर सकते हैं।
ये दस्तावेज होना आवश्यक
आवेदन करने हेतु स्वसत्यापित स्वयं की पासपोर्ट फोटो, स्थानीय निवासी दस्तावेज जैसे निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा अथवा वार्ड और ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10 वीं एवं 12वीं की अंकसूची, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस (इनमें से एक), पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति शपथ पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
आपत्तियों के निराकरण के लिए बनंेगी समितियां
योजना के तहत प्रदर्शित अनंतिम सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण आपत्ति निराकरण समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकाय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की समिति बनाई जाएगी, जिनके द्वारा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। साथ ही अंतिम सूची जारी होने के पश्चात अपात्र हितग्राहियों को यदि यह लगता है कि आपत्ति निराकरण समिति के द्वारा अपात्र किये जाने से संतुष्ट नहीं है, तो अपात्र हितग्राही समस्त दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी के समक्ष अपील आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। अंतिम सूची में पात्र हितग्राहियों को ग्राम सचिव या वार्ड प्रभारी द्वारा योजना में लाभान्वित होने संबंधी स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।
बैंक खाता नहीं होने पर भी कर सकते हैं आवेदन
पात्र हितग्राही को राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आवेदक महिला के पास स्वयं के नाम से आधार लिंक बैंक खाता होना चाहिए। खाता नहीं होने की दशा में महिला हितग्राही को इस संबंध में पावती से सूचित किया जाएगा और आवेदिका फॉर्म भरने के बाद निर्धारित समय-सीमा में स्वयं का बैंक खाता खुलवाना होगा।
योजना के क्रियान्वयन हेतु समय-सीमा निर्धारित
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के तहत 05 फरवरी से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद 21 फरवरी को अनन्तिम सूची जारी की जाएगी। 25 फरवरी तक अनन्तिम सूची पर आपत्ति की जा सकेगी तथा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण 29 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 01 मार्च को किया जाएगा। आवेदनों की स्वीकृति उपरांत योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि 08 मार्च से अंतरित की जाएगी।
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