छत्तीसगढ़ / कांकेर
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा सहारा
कांकेर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में न सिर्फ अपार खुशियां लेकर आई है, बल्कि एक सुखद सहारा सिद्ध हो रही है। कांकेर शहर के इमलीपारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली श्रीमती मीना देवांगन को उक्त योजना के तहत प्रति हजार प्रति माह के मान से अब तक 10 किश्तों में कुल 10 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। ये पैसे मीना के लिए केवल एक आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन को सुगम बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गए हैं।
श्रीमती मीना ने बताया कि वह इन पैसों का उपयोग बड़ी सूझबूझ से करती हैं। अपने बच्चे की ट्यूशन फीस भरने से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में खर्च करने तक, उन्होंने इन पैसों का सदुपयोग किया है। साथ ही, वह इन पैसों से सुकन्या समृद्धि योजना में भी निवेश करती हैं, ताकि अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित कर सकें।
श्रीमती मीना ने बताया कि वह घर पर सिलाई का काम भी करती हैं और अपनी मेहनत से घर चलाने में आवश्यक सहयोग करती हैं। महतारी वंदन योजना से मिले पैसे ने उन्हें सिलाई के काम में भी मदद की है। इस योजना ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है। वह कहती हैं- “प्रदेश सरकार हमारे लिए बहुत कुछ कर रही है। इस योजना ने हमें एक नई दिशा दी है। इसके लिए हम सरकार का दिल से धन्यवाद करते हैं।”
ग्राहक सेवा केंद्र में महिला से ठगी
कांकेर। जिले के पखांजूर में पैसे निकालने आए ग्राहक से ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत मरोड़ा में संचालित एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक पर आरोप है कि, पैसे निकालने आए ग्राहक से उसने ठगी की। महिला ने इसकी शिकायत बांदे स्थित एसबीआई बैंक में की। इससे पहले भी कुछ ग्रामीणों ने ठगी की शिकायतें दर्ज करवाई है। ग्रामीणों ने बताया कि, संचालक अर्से से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। मामला सामने आने के बाद से अक्सर ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक दुकान बंद कर गायब रहता है। दबाव बनाने के बाद उसने कुछ ग्रामीणों के पैसे लौटाए जबकि, कुछ ग्रामीण अब भी अपने पैसों के लिए भटक रहे हैं।
बांदे एसबीआई अंतर्गत ग्राम मरोड़ा में संचालित एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक धर्मेंद्र लोधी ने कई ग्राहकों के साथ ठगी की। आज इसकी शिकायत ग्राहक करूणा विश्वास ने बांदे एसबीआई के शाखा प्रबंधक से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता करूणा विश्वास ने बताया कि, 28 अक्टूबर को वह मरोड़ा स्थित धर्मेंद्र लोधी के कियोस्क सेंटर से एक हजार रुपये निकालने गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए उनके खाते में राशि जमा हुई थी। इसका फायदा उठाते हुए संचालक ने 16 हजार रुपए निकाल लिए और उन्हें एक हजार रुपए दिए। इस ठगी का पता तब चला जब पूरी रकम निकालने गई तो पैसे कम होने के कारण पैसे नहीं निकले। इसके बाद पीड़िता ने जब पूरी जानकारी निकाली तो कियोस्क बैंक से 16 हजार की रकम निकलने की जानकारी मिली। जिसके बाद कियोस्क संचालक को कहा गया तो उसने पैसे निकालने से साफ मना कर दिया।
पूर्व सैनिकों व परिजनों की बेहतरी के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा : कलेक्टर
उत्तर बस्तर कांकेर। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के उपलक्ष्य में जिले के भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों का सम्मेलन आज कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एवं सभी सैनिकों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का ध्वज प्रतीक लगाया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी भूतपूर्व सैनिकों एवं परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सैनिकों की मुस्तैदी, सजगता और कठोर सेवा की वजह से देश सुरक्षित रहता है। यहां सभाकक्ष में कुछ ऐसे पूर्व सैनिक भी मौजूद हैं, जिन्होंने 1971 और कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने आगे कहा कि जिले में निवासरत भूतपूर्व सैनिकों व उनके परिजनों के कल्याण एवं बेहतरी के लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद और प्रयास करेगा। कलेक्टर ने कहा कि जिले की सैनिकों की वीरता की कहानी के बारे में आने वाली पीढ़ी को भी जानकारी हो। इसके लिए पुस्तक प्रकाशित की जानी चाहिए, जिससे वे रक्षा क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित हों। इस दौरान कलेक्टर ने सैनिकों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने शहीद स्वर्गीय गणेशराम सेना मेडल की माता जागेश्वरी बाई, शहीद सूबेदार मेजर हरिराम तारम की पत्नी कुन्ती तारम और शहीद मोती राम की पत्नी पद्मावती को शॉल और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही सशस्त्र सेना झण्डा दिवस में सर्वाधिक राशि देने वाले एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी और खनिज अधिकारी को प्रतीक-चिन्ह देकर सम्मानित किया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन (आई.एन.) संजय शुक्ला एन.एम. (से.नि.) ने बताया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं हमारे देश की रक्षा कठिन परिस्थितियों में करती हैं। देश की रक्षा करते हुए बहुत से जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया या घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार वीर नारियों, घायल सैनिकों तथा उनके परिजनों की सहायता के लिए 07 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाती है। इसी तरह भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत के रूप में प्रतिवर्ष 16 दिसम्बर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। संकलित राशि का उपयोग युद्ध में शहीद सैनिक के परिजन और यु़द्ध में अपाहिज हुए सैनिकों के कल्याणार्थ किया जाता है। इस मद में कोई भी व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से राशि जमा कर युद्ध के मैदान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के परिजनों के कल्याण में भागीदार हो सकता है। इस अवसर पर जिले के भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
आधी रात घर में घुस रहे तेंदुए से भिड़ गया पालतू कुत्ता
कांकेर। कांकेर शहर के धुर मनकेसरी गांव में सोमवार रात 10 बजे तेंदुआ एक घर में घुस आया, लेकिन पालतू कुत्ते ने डटकर उसका सामने किया और उसे भागने पर मजबूर कर दिया। घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ की हरकतें कैद हो गईं। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ कुत्ते से भिड़ते हुए दिख रहा है और कुत्ते की आवाज भी सुनाई दे रही है।
तेंदुए से भिड़ गया पालतू डॉगी
रात 10 बजे तेंदुआ ने आबादी वाले इलाके में घर में घुसने की कोशिश की, लेकिन बीच में एक पालतू कुत्ता खड़ा था, जो उसके राह की बाधा बन गया।
तेदुए ने कुत्ते का शिकार करने की भी कोशिश की और उसे जबड़े में जकड़ लिया लेकिन फिर भी पालतू कुत्ते ने मुकाबला किया और उसे घर से बाहर खदेड़ा।
तेंदुए को देख घबराए हुए लोग घर के बाहर आने से डर रहे थे।
कांकेर जिले में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों सरोना वन परिक्षेत्र में तेंदुए ने अब तक छह से अधिक लोगों पर हमला किया है, जिसमें एक बच्चे की मौत की खबर भी सामने आई है।
बच्चे का सिर सरोना क्षेत्र के जंगल में मिला था। इसके अलावा, तेंदुआ आंगनबाड़ी जा रही एक बच्ची पर भी हमला कर उसे घायल कर चुका है।
मवेशियों को बना रहे निशाना
डूमाली गांव की पहाड़ी पर भी पांच तेंदुए सक्रिय हैं, जो मवेशियों पर हमला कर रहे हैं। इन तेंदुओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। विभाग ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए कैमरे और कर्मचारियों की तैनाती की है।
लोगों ने कार्रवाई की अपील की
कांकेर जिले में तेंदुओं की गतिविधियां बढ़ने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की है, ताकि मानव और जानवरों के बीच टकराव से बचा जा सके। इस घटना ने तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
दिव्यांगों को मिले श्रवण यंत्र व व्हील चेयर
कांकेर । जिले के दों दिव्यांगजनों को समाज कल्याण कार्यालय परिसर में श्रवण यंत्र एवं व्हील चेयर प्रदाय किया गया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि भानुप्रतापपुर विकाससखण्ड के मुल्ला ग्राम पंचायत पिच्चेकट्टा निवासी श्रीमती हिरईबाई कोला को श्रवण यंत्र और गोविन्द राम देवांगन को व्हील चेयर प्रदाय की गई। इस पर गोविन्द राम देवांगन ने बताया कि मेरी पत्नी की उम्र 64 वर्ष है और वह चल फिर नहीं सकती। सहायक उपकरण पाकर सभी दिव्यांगजन अत्यंत अभिभूत हुए और मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किए।
महिलाओं की इच्छा है कि महतारी वंदन योजना जारी रहे
कांकेर । राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना ने महिलाओं और गृहिणियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। यह योजना उनके लिए वरदान साबित हो रही है। कांकेर नगर के राजापारा वार्ड की श्रीमती गोदावरी तिवारी ने बताया कि इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपने घर-परिवार के छोटे-मोटे खर्चों की पूर्ति आसानी से कर पा रही हैं। सामान्य जरूरतों के अलावा बच्चों के लिए पुस्तक-कॉपी, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक वस्तुओं को खरीदने में सक्षम हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री साय की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के तहत राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने के साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में मदद मिल रही है। हम महिलाओं की यही इच्छा है कि महतारी वंदन योजना आगे भी चलती रहे, जिससे हम आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सकें। श्रीमती तिवारी ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को सशक्त, संबल बनाने और उन्हें आर्थिक सहयोग व सुरक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
नगर निकायों में आरक्षण के लिए सहायक अधिकारी नियुक्त
कांकेर । नगरीय निकायों में आम निर्वाचन हेतु नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिये पदों का आरक्षण) नियम 1994 के तहत् पदों का आरक्षण की कार्यवाही करने के लिये कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने अधिकारियों को सहायक के रूप में नियुक्त किया है। इसके लिए उन्होंने आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार गुरुवार 19 दिसंबर को दोहपर 02 बजे अधिकारीगण आरक्षण स्थल कार्यालय जिला पंचायत के समा कक्ष में उपस्थित होकर विहित पदाधिकारी आरक्षण की कार्यवाही में सहयोग करेंगे।
नगर पालिका परिषद् कॉकेर के लिए अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कांकेर अशोक कुमार मारबल के सहायक अधिकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी सोहेल कुमार को, नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) आस्था राजपूत के सहायक अधिकारी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी भानुप्रतापपुर हेमंत कुमार नेताम, नगर पंचायत अंतागढ़ के अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा) अंतागढ़ राहुल रजक के सहायक अधिकारी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी अंतागढ़ एच आर गोंदे, नगर पंचायत चारामा के अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा) नरेंद्र कुमार बंजारे के सहायक अधिकारी के तौर पर मुख्य नगर पंचायत अधिकारी चारामा दिलेश्वर सर्वा और नगर पंचायत पखांजूर के अधिकारी अनुविभागीय अधिकारियों (रा) पखांजूर अंजोर सिंह पैकरा के सहायक अधिकारी के रूप में मुख्य नगर पंचायत अधिकारी सुनील जैन को नियुक्त किया गया है।
ग्राम बेवरती में प्रकृति परीक्षण शिविर 18 दिसम्बर को
कांकेर। देश में गैर संक्रमण रोगों की रोकथाम और नियंत्रण हेतु आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के तत्वाधान में नवम आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में ‘प्रकृति का परीक्षण’ अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान संविधान दिवस 26 नवम्बर से प्रारंभ होकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर तक संपन्न होगा।
जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का ध्येय वाक्य ‘संकल्प स्वास्थ्य का आधार’ आयुर्वेद को रखा गया है। इस अभियान के तहत देश भर की आयुर्वेद विधा से जुड़े शिक्षक, चिकित्सक, छात्र बतौर स्वयंसेवक, वालेंटियर एवं 18 से अधिक आयु वाले नागरिकों का मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ऑनलाइन प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले के समस्त विभाग, कॉलेज, हॉस्टल, संस्था एवं अन्य विभागों में टीम चिकित्सक के माध्यम से प्रकृति परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक नागरिक अपना प्रकृति परीक्षण कराकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। इसके माध्यम से स्वयं की प्रकृति वात, वित, कफ की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य लाभ हेतु महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष मंत्रालय से संबंधित को मोबाइल में प्रकृति स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र दिया जाता है। आयुष अधिकारी ने बताया कि कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बेवरती में बुधवार 18 दिसम्बर को ग्राम पंचायत के सचिवालय में प्रकृति परीक्षण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा।
कांकेर में बारूदी सुरंग विस्फोट, बीएसएफ जवान घाय
कांकेर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान घायल हो गया। घटना रविवार सुबह करीब 9:30 बजे हेटारकसा गांव की सड़क पर पानीडोबीर कैंप के पास हुई।
पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि सुरक्षाबलों का एक दल नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना हुआ था। अभियान के दौरान पानीडोबीर कैंप के पास दल को बारूदी सुरंग की जानकारी मिली। सुरक्षाबलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरंग को निष्क्रिय करने का प्रयास किया, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान विस्फोट हो गया।
विस्फोट में बीएसएफ जवान बी. ईश्वर राव के हाथ और चेहरे पर मामूली चोटें आईं। घायल जवान का प्राथमिक उपचार किया गया और उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है।
पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। नक्सली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हुए सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने के लिए कांकेर जिले से 8 युवाओं का चयन किया गया है
हेरिटेज फेस्ट 2024 में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर बिखरेगी
कांकेर जिले की मिलेगी एक और राष्ट्रीय स्तर की सौगात
कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में “बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड“ के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवॉर्ड 21 नवंबर को विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह द्वारा नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांकेर जिले को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए जिला कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के मत्स्य कृषकों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है। कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने भी इस उपलब्धि के लिए के जिले के मत्स्यपालकों और विभाग के अधिकारी को बधाई दी है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।
सहायक संचालक मछलीपालन ने बताया कि कांकेर जिला पूरे छत्तीसगढ़ में मछली पालन के क्षेत्र में एक विशिष्ट स्थान रखता है। जिले में वर्तमान में सर्वाधिक 32 मत्स्य बीज हैचरी संचालित है जिनमें 33402 लाख स्पॉन तथा 13139 लाख स्टेंडर्ड फाई मत्स्य बीज उत्पादन करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, झारखण्ड एवं उत्तरप्रदेश में निर्यात किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 30562 जल निकायों जलक्षेत्र 12137 हेक्टेयर में लगभग 15998 मत्स्य कृषकों के द्वारा सक्रिय रूप से मछली पालन का कार्य करते हुए कुल 84766 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक है। जिले के दुधावा जलाशय में 228 केज स्थापित है जिसमें 651 टन का अतिरिक्त मत्स्योपादन लिया जा रहा है। मछली पालन एवं संम्बद्ध गतिविधियों से जिले के कृषकों द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ का व्यवसाय किया जा रहा है। उक्त पुरस्कार मिलने से कांकेर जिले के मत्स्य कृषकों का उत्साहवर्धन होगा एवं वे और अधिक उन्नत तरीके से मछली पालन का कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
ग्राम जवरतरा में अवैध रूप से धान भण्डारण, 100 बोरा धान जब्त
उत्तर बस्तर कांकेर। खरीफ विपणन वर्ष से 2024- 25 के तहत राज्य सरकार द्वारा किसानों से धान खरीदने के साथ ही अवैध रूप से धान का परिवहन, भंडारण और विक्रय करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले में धान के अवैध रूप से परिवहन, भण्डारण, विक्रय करने वालों पर संयुक्त जांच दलों के द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में आज उड़नदस्ता दल चारामा द्वारा धान का अवैध परिवहन, भण्डारण के स्थानों पर कार्यवाही करते हुए कुल 100 कट्टा (लगभग 40 क्विंटल) धान जब्त कर इसमें संलिप्त लोगों के विरूद्ध मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19 और धारा 02 (1) के तहत नियमानुसार कार्यवाही की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम बरगरी एवं जवरतरा में राईस मिलरों व ट्रेडर्स के संस्थानों के गोदामों में निरीक्षण किया गया। राईस मिल के गोदामों से किसी प्रकार का अवैध भण्डारण नहीं पाया गया। इसी दौरान ग्राम जवरतरा की फर्म सिन्हा ट्रेडर्स प्रो. लखन लाल सिन्हा के गोदाम निरीक्षण में 100 बोरी 40 क्विंटल धान अवैध रूप से भंडारित पाया गया, जिसे जब्त कर मण्डी अधिनियम के तहत प्रकरण तैयार कर नियमानुसार कार्यवाही की गई। जांच दल में भारसाधक अधिकारी प्रमिला मंडावी, मंडी सचिव शकुंतला ओझा, फूड इंस्पेक्टर आरती यादव तथा मण्डी कर्मचारी शिशुपाल साहू शामिल थे।
जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से मिले 124 आवेदन
66 का मौके पर किया गया निराकरण
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आज भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत साल्हे में किया गया, जहां ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर कुल 124 आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें से 66 का शिविर स्थल में ही निराकरण किया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने संबंधित विभाग के शेष आवेदनों को निराकृत कर आवेदनकर्ता को सूचित करने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों ने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी।
जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव ने शिविर मे उपस्थित ग्रामीणजनों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। शिविर में सर्वाधिक 43 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व विभाग को 20, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 12, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 09, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 08, लोक निर्माण विभाग और क्रेडा के 06-06 आवेदन प्राप्त हुए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में ग्रामीणों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार निःशुल्क औषधि प्राप्त की। इसके अलावा अन्य विभागों के द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्रतानुसार उनका लाभ लेने की अपील की।
शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 02 किसान किताब एवं एक वन अधिकार मान्यता पत्र ऋण पुस्तिका, खाद्य विभाग द्वारा 06 राशन कार्ड, कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत 12 किसानों को दलहन, मसूर बीज मिनीकिट एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले मक्का योजना के तहत 06 किसानों को मिनिकिट वितरण किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के उपाध्यक्ष सुनाराम तेता, जनपद सदस्य जीवराखन सलाम, रामबाई गोटा, प्रतिमा यदू तथा संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
कांकेर से गांजे की तस्करी कर मुंबई ले जा रहे आरोपी गिरफ्तार
भिलाई। कांकेर से अशोक लिलेण्ड बडे वाहन में गांजा रखकर मुंबई महाराष्ट्र में खपाने ले जा रहे आरोपी को दुर्ग पुलिस के अंजोरा पुलिस व काईम ब्रांच ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर आरोपी से दो लाख कीमत का 18 किलो गांजा, आठ लाख कीमत की एक चार पहिया वाहन, 7400 रूपये नगदी, दस हजार कीमत की एक मोबाईल कुल जुमला 10,17,400 रूपये जप्त किया गया है। अंजोरा क्षेत्र के महमरा जालबांधा रोड में आधी रात को की गई नाकाबंदी के दौरान आरोपी मादक पदार्थ गांजा सहित पकड़ा गया।
आरोपी ने बताया कि पहले वह बडे रूप में गांजा की तस्करी करता था लेकिन पकडाने के कारण वह अब पकडा न सके इसलिए वह अब कम मात्रा में गांजा की तस्करी कर रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग शहर अभिषेक झा ने बताया कि एक युद्ध नशे के विरूद्ध संकल्प अभियान चलाकर जिले में पूर्ण रूप से अवैध नशाबंदी करने के तहत कार्यवाही जारी है। इसी तारतम्य में 11 नवंबर को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि, वाहन अशोक लिलेण्ड बड़ा दोस्त क्र एमएच 43 सीई 5609 में अवैध रूप गांजा बिक्री करने हेतु वाहन में रखकर कांकेर से बालोद होते हुए जालबांधा के रास्तें मुंबई महाराष्ट्र जाने वाला है।
सूचना विश्वसनीय होने पर काईम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक तापेश्वर नेताम, चौकी प्रभारी अंजोरा रामनारायण सिंह ध्रुव के नेतृत्व में टीम गठित कर संभावित रास्ता ग्राम महमरा जालबांधा रोड चुन्नी लाल निषाद के घर के सामने पहुंचकर संदेही वाहन अशोक लिलेण्ड बड़ा वाहन क्रमांक एमएच 43 सीई 5609 को नाकाबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ करने पर चालक द्वारा अपना नाम अब्दुल रसीद अली पिता शिक अली उम्र 61 वर्ष साकिन शांताक्रुज एयर इंण्डिया कॉलोनी चर्च के पीछे आशीकली की चाल मुबई 29 थाना अकोला हॉल सांई सागर बीएलडीजी न्यू मिल रोड कुर्ला वेस्ट ग्रेटर मुंबई का रहने वाला बताया तथा अपने वाहन अशोक लिलेण्ड में बोरी मे गांजा होना जिसे पैसो के लालच मे बिक्री करने हेतु मुंबई ले जाना बताया।
जिसकी विधिवत तलाशी की गई जिसके वाहन में कुल 17.820 किग्रा जुमला कीमती 2 लाख रुपये का गांजा आरोपी से नगद 7400/- रू0 व 01 नग रियलमी कंम्पनी की नार्जी मोबाईल कीमती 10000 रुपये तथा आरोपी का डाईविंग लायसेंस जुमला कीमती 10,17,400 रूपये प्राप्त हुआ जिसे विधिवत जप्त कर आरोपी को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। जिसे रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है। इस कार्यवाही में चौकी अंजोरा से सउनि रेमन साहू, प्र.आर. मुकेश गावड़े, आर. बृजमोहन सिंह, सुरेश साहू, राजकिरण ठाकुर, ऋषि यादव तथा एसीसीयू से सउनि पूर्ण बहादुर सिंह, आरक्षक जुगनू सिंह, अनूप शर्मा, शहबाज खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कांकेर में जंगलराज: भालू-तेंदुआ के बाद अब घूम रहा गजदल...
कांकेर। कांकेर जिला नक्सल घटनाओं को लेकर तो चर्चा में रहता ही है, लेकिन अब एक दूसरे कारण से भी जिला चर्चे में है। रोजाना वन्य प्राणियों की आबादी वाले इलाके में घुसने से दहशत का माहौल बना हुआ है। भालुओं ने आस- पास के इलाकों में इसी तरह की दहशत फैलाई है। वहीं तेंदुए भी समय समय पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहते हैं। वहीं अब दुधावा क्षेत्र के साईंमुंडा गांव के पास 35 हाथियों का झुंड आ धमका है।
कांकेर शहर और आस- पास के इलाके पहाड़ियों से घिरे हुए है। जहां बड़ी संख्या में भालू और तेंदुए की मौजूदगी है। बीती रात अमोड़ा गांव में 5 भालू राशन दुकान में घुस गए। तीन दिन पहले भी यहां दो भालू घुसे थे। आए दिन इलाके में वन्य जीवों की मूवमेंट से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वहीं दुधावा क्षेत्र के साईंमुंडा गांव के पास 35 हाथियों का झुंड आ धमका है। वन्य प्राणियों की इस आमद से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं वन विभाग सिर्फ कार्यवाही करने भालुओं और तेंदुओं को पकड़ने का दम भर रहा है। अब तक मैदानी कार्यवाही शून्य है। जिसके कारण लोगों में दहशत कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भालू उदय नगर और राम नगर में दो लोगों पर हमला भी कर चुका है। बीते 1 माह में 5 अलग- अलग इलाकों में अजगर पकड़े जा चुके हैं।
रिहायशी इलाके की ओर आ रहे वन्यप्राणी
पिछले महीने जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर 5 तेंदुओं का झुंड देखा गया था जो अभी भी इसी इलाके में मौजूद है। वन विभाग के अनुसार इस इलाके में 8 तेंदुए हैं। वहीं दुधावा क्षेत्र से लगे एक गांव में तेंदुए तीन बच्चों पर हमला कर चुका है। जिसमें एक की मौत भी हो गई थी जबकि 2 बच्चे घायल हुए थे। बीते सप्ताह गढ़िया पहाड़ में तेंदुआ नजर आया था। भालू यहां रोजाना देखे जा रहे है।
‘14 नवम्बर से पूर्व धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करें’ : कलेक्टर
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हांने सभी लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जितने भी निर्माण कार्य अधूरे अथवा अपूर्ण हैं, उन्हें आगमा 4-5 माह में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। कलेक्टर ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि क्लस्टर ग्राम पानीडोबीर सहित चयनित सभी गांवों में शासन की योजनाएं की पहुंच सुनिश्चित हो, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से ध्यान दें।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष के आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने जिले में मोबाइल टॉवर की स्थापना के लिए सर्वे स्तर तक का कार्य अग्रिम रूप से पूरा करने के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। साथ ही वन अधिकार अधिनियम के तहत वितरित पट्टों की ऑनलाइन एंट्री का कार्य भी जल्द करने के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया। इसी तरह राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी 14 नवम्बर से धान खरीदी कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार बारदाने की उपलब्धता, स्टेकिंग, तारपोलिन, भण्डारण एवं परिवहन सहित धान उपार्जन केन्द्रों में सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश खाद्य अधिकारी, विपणन अधिकारी, नान प्रबंधक तथा नोडल अधिकारी सहकारिता को दिए।
बस्तर ओलम्पिक-2024 की जिले में प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आगामी 21 से 23 नवम्बर तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय ओलम्पिक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश खेल अधिकारी को दिए। इसके लिए एसडीएम कांकेर को आवश्यक समन्वय करते हुए प्रतिभागियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसी तरह आगामी शुक्रवार 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को दिए।
बैठक में कलेक्टर क्षीरसागर ने नियद नेल्लानार योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है, जिसके क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को गंभीरता दिखाएं। उन्होंने कहा कि गत 08 नवम्बर को राज्य शासन के उच्चाधिकारियों की टीम ने जिले के प्रवास एवं समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के अनुपस्थित रहने की शिकायत की गई। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य कर्मी निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अपनी ड्यूटी पर अनिवार्यतः मौजूद रहें, यह सुनिश्चित करें।
इसके अलावा कलेक्टर ने अनुभागवार एवं विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज, लखपति दीदी, जल जीवन मिशन, पीएम श्री, पोषण पुनर्वास केन्द्र सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों कों आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएफओ हेमचंद पहारे, एडीएम एस. अहिरवार, बी.एस. उईके, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
राज्योत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी व विभाग हुए सम्मानित :
बैठक के दौरान कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 05 नवम्बर को नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल परिसर में आयोजित राज्योत्सव-2024 में बेहतर ढंग से दायित्व निर्वहन करने वाले अधिकारियों तथा विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी लगाने वाले 21 विभागों के अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इनमें डीएफओ कांकेर आलोक वाजपेयी, एडीएम एस. अहिरवार, बी.एस. उईके, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर अशोक मारबल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशु पालन, नगरीय प्रशासन, पुलिस, कृषि, जल संसाधन, रेशम, स्वास्थ्य, जनसम्पर्क, आदिवासी विकास, समाज कल्याण, लोक सेवा केन्द्र, महिला एवं बाल विकास तथा नियद नेल्लानार योजना पर आधारित (लोक निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सेतु निगम) प्रदर्शनी शामिल थी।
कांकेर कोर्ट में भालू की एंट्री से मचा हड़कंप, किचन का दरवाजा तोड़ पी गया तेल फिर झाड़ियों में किया आराम
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला मुख्यालय में एक अनोखी घटना हुई, जब यहां कोर्ट परिसर में एक भालू घुस आया। इसके बाद भालू कोर्ट परिसर की रसोई में घुस आया और उसने सीधे दरवाजा तोड़ते हुए अंदर एंट्री मारी।
जैसे ही उसे किचन में रखा तेल दिखा, उसने उसे गटक लिया। शायद भालू को यह “ब्रेकफास्ट” थोड़ा हैवी लगा होगा, इसलिए तेल पीने के बाद उसने आराम फरमाने के लिए शासकीय वकील के दफ्तर के पीछे झाड़ियों में अपना बिस्तर जमा लिया और सो गया।
कोर्ट परिसर में भालू मिलने से हड़कंप
घटना सुबह लगभग पांच बजे की है। इस घटना की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर के कर्मचारियों में हड़कंप गया। इसके बाद कर्मचारियों ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को खोजने में लग गई।
थोड़ी ही देर बाद, कोर्ट के कर्मचारियों ने देखा कि भालू न्यायालय परिसर की खिड़की के बाहर झाड़ियों में आराम कर रहा है। इस नजारे को देखकर कोर्ट परिसर में हलचल मच गई, कर्मचारी और अन्य लोग भालू को देखने के लिए पहुंचने लगे। कई लोगों ने भालू की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।
कोर्ट परिसर के पास झाड़ियों में छिपा रहा भालू
वन विभाग की टीम ने पूरे दिन भालू पर नजर रखी और शाम होने का इंतजार किया ताकि उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा जा सके। वन विभाग ने बताया कि इस घटना में दो भालू परिसर में घुसे थे, जिनमें से एक वापस जंगल में भाग गया जबकि दूसरा भालू कोर्ट परिसर के पास की झाड़ियों में छिपा रहा।
वन विभाग की टीम ने कोर्ट परिसर में भालू की हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इस घटना से स्थानीय लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। वन विभाग ने भालू को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में भेज दिया गया।
सड़क पर घूमते नजर आया तेंदुआ
कांकेर में यह पहली घटना नहीं है जब रिहायशी इलाके में जंगली जानवर घुस आए हो। इससे पहले भी तेंदुआ, हाथी, भालू जैसे जंगली जानवर रिहायशी इलाके में दहशत देखी गई है। कांकेर जिले में कुछ दिन पहले एक बार फिर तेंदुआ सड़कों पर घूमते हुए दिखाई दिया।