छत्तीसगढ़ / कांकेर
शिव महापुराण कथा स्थल पर एमपी से पंडाल वाले आए थे
आज ग्राम कोकपुर में शिव महापुराण कथा स्थल पर एमपी से पंडाल वाले आए थे जिसमें कथा स्थल का निरीक्षण किया
शासन की योजनाओं की पहुंच अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो : सांसद
जिला स्तरीय राज्योत्सव 2024 में विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई
उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य के 24वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आज जिला स्तरीय राज्योत्सव 2024 का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा राज्य एवं केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और कांकेर विधायक आशाराम नेताम के द्वारा किया गया। अतिथियों ने प्रत्येक स्टॉल में जाकर विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा शासन की रीति और नीति को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित राज्योत्सव 2024 में मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित करते हुए सांसद श्री नाग ने कहा कि नवोदित छत्तीसगढ़ राज्य आज 24 साल का युवा हो चुका है और इतने कम समय में विकास के अनेक सोपान प्रदेश में तय किए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सतत विकास कर रहा है और गांव, गरीब, किसान, जवान और महिलाओं के लिए बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्हांने आगे कहा कि शासन की मंशानुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति पर मौजूद अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, तभी इसकी सार्थकता सिद्ध होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कांकेर विधायक श्री नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के मुखिया श्री साय के नेतृत्व में सरकार लगातार हर क्षेत्र में सकारात्मक कार्य कर रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि, वन, आदिवासी विकास, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास के कार्य हो रहे हैं। इन 24 वर्षों में छत्तीसगढ़, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने उपस्थितजनों को राज्योत्सव की बधाई देते हुए आगे कहा कि मोदी की गारंटी एवं ‘हमने बनाया है, हम भी संवारेंगे’ के लक्ष्य की ओर प्रदेश सरकार नित नए अवसर उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री नाग एवं विशिष्ट अतिथि कांकेर विधायक श्री नेताम के द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटकोंदल (विकासखंड दुर्गूकोंदल) के विद्यार्थी कुमेश्वर भूआर्य का चयन आईआईआईटी नया रायपुर में डाटा साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश मिलने पर उन्हें सीएसआई मद से प्रवेश शुल्क के तौर पर 01 लाख 27 हजार 150 रुपए का चेक प्रदान कर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी।
इसके पश्चात अतिथियों के द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशल विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगरीय निकाय, पशुधन विकास, मछली पालन, कृषि, उद्यानिकी, क्रेडा, जल संसाधन, खादी ग्रामोद्योग, रेशम, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद, लीड बैंक, जनसम्पर्क, आदिवासी विकास, समाज कल्याण, लोक निर्माण एवं सेतु निगम, महिला एवं बाल विकास तथा पुलिस विभाग की विभागीय प्रदर्शनी सम्मिलित थीं। इस दौरान मंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक रंगारंग प्रस्तुति देर शाम तक जारी रही। इस अवसर पर एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला, डीएफओ आलोक वाजपेयी, अपर कलेक्टर एस.अहिरवार एवं बी.एस. उईके सहित पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, मछुआ विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा एवं वरिष्ठ नागरिकगण मौजूद रहे।
धर्मांतरण नक्सलवाद से भी बड़ा खतरा : पं धीरेन्द्र शास्त्री
कांकेर। बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने रविवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर में धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे नक्सलवाद से भी बड़ा खतरा बताया। धीरेन्द्र शास्त्री के अनुसार, "नक्सलवाद सिर्फ व्यक्ति विशेष को प्रभावित करता है, लेकिन धर्मांतरण पूरे समाज को निशाना बनाता है। इसे रोकना बेहद जरूरी है।" पंडित शास्त्री ने यह भी कहा कि वे धर्मांतरण के खिलाफ देशभर में पदयात्रा करेंगे, ताकि लोगों को इसके खतरों के बारे में जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने जल्द ही बस्तर और जशपुर में कथावाचन करने की योजना की भी घोषणा की है।
पंडित शास्त्री ने पत्रकारों से बात करते हुए छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में धर्मांतरण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "इन क्षेत्रों में भोले-भाले आदिवासियों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां दूसरे धर्मों में एकजुटता है, वहीं हिंदू समाज में एकजुटता की कमी है। इसी एकजुटता को स्थापित करने के लिए वे प्रयासरत हैं।
उन्होंने मिशनरी स्कूलों में बच्चों को भेजने की बजाय गुरुकुल शिक्षा पद्धति को अपनाने की बात पर भी जोर दिया। शास्त्री के मुताबिक, “हमारे बच्चों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों के आधार पर शिक्षा मिलनी चाहिए।”
11 परिवारों की घर वापसी
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम के दौरान 11 परिवारों ने मिशनरी धर्म छोड़कर हिंदू धर्म में वापसी की। उन्होंने कांकेर में अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे पहले भी यहां आ चुके हैं और यहां की भुनेश्वरी मां के दरबार से उनका पुराना नाता रहा है।
उत्तर बस्तर कांकेर : 21 फरवरी को 08 गांवों में समाधान शिविर
त्तर बस्तर कांकेर, 20 फरवरी 2024
जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए जिले के ग्राम पंचायतों में चयनित क्लस्टरवार समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 फरवरी को अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम करमरी, चारामा विकासखण्ड के ग्राम हल्बा और जेपरा, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पेटोली और बागोडार, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम उदनपुर तथा नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम सुरही और बुदेली में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
निम्न परफॉरमेंस वाले स्कूलों की सूची तैयार करें : कलेक्टर
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में गत दिवस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत् जिला स्तरीय मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक विकास परियोजना प्रबंधन इकाई समिति (डीपीएमयू-एफएलएन) के सदस्यों की बैठक मंगलवार 17 सितम्बर को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
कलेक्टर ने बैठक में राज्य से प्राप्त एफएलएन जिला रिपोर्ट कार्ड एवं लक्ष्य निर्धारण के अनुरूप इस वर्ष लक्ष्य प्राप्ति हेतु कार्य किये जाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। उन्होंने अगस्त 2024 तक बच्चों की क्षमता में विकास आंकलन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले में ऐसी शाला जिसमें बच्चों का परफॉर्मेंस (प्रदर्शन) कम अंकित हुआ है, की सूची तैयार करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया, जिससे उनकी समीक्षा निचले स्तर से की जा सके।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मंगलवार दोपहर को आयोजित बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल एवं जिला मिशन समन्वयक रवि प्रकाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय डीपीएमयू एफएलएन के सदस्यों को उनके दायित्वों से अवगत कराने, बच्चों में समग्र विकास हेतु शारीरिक-भौतिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक भावनात्मक, रचनात्मक एवं भाषीय कौशलों जैसे क्षेत्र पर विकास की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के द्वारा कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के अध्ययनरत बच्चों में भाषायी एवं गणित विषय पर दक्षता प्राप्त किया जाना है।
पेंशन प्रकरणों का निराकरण गंभीरता से करें अधिकारी : कलेक्टर
समय सीमा बैठक में दिए निर्देश
कांकेर। कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने समय सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन में विलंब नहीं होना चाहिए और उनका निराकरण अविलंब और गंभीरता से करें।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मंगलवार दोपहर को आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि 14 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत सघन साफ सफाई की जा रही है। कलेक्टर ने सफाई के साथ साथ सभी शासकीय कार्यालयों में ’एक पेड़ मां के नाम’ अंतर्गत सघन वृक्षारोपण अभियान चलाकर कार्यालय परिसरों में पौधे रोपकर प्रकृति एवं पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत प्रकरणों में जल्द से जल्द राशि जारी करने के निर्देश जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल को दिए। इसके अलावा जर्जर शासकीय भवनों और पुराने शासकीय वाहनों का डिस्मेंटल करने के भी निर्देश कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को दिए। साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवंटनों को शीघ्रता से जारी करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
इसके अलावा वर्तमान में जारी वजन त्यौहार के तहत पोषण ट्रैकर एप में सभी जानकारी अपलोड करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी प्रकार समय सीमा में लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शीघ्रता से गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के भी निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। बैठक में डीएफओ आलोक वाजपेयी, हेमचंद पहारे, अपर कलेक्टर एस अहिरवार, बीएस उईके, जितेंद्र कुर्रे सहित विभाग प्रमुख एवं जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
रामलला दर्शन योजना : चौथे चरण में 72 दर्शनार्थियों का दल रवाना
कांकेर। श्रीरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत 17 सितंबर को चौथे चरण की यात्रा के लिए जिले के 72 वरिष्ठ नागरिक अयोध्या धाम दर्शन के लिए रवाना हुए। दर्शनार्थियों को लेकर जा रही बसों को पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सुबह 7.30 बजे लाइवलीहुड कॉलेज कांकेर से हरी झंडी दिखाकर दुर्ग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर महेश जैन, मत्स्य कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा, जनपद पंचायत अध्यक्ष रामचरण कोर्राम, अरुण कौशिक सहित जिला पंचायत सीईओ एवं नोडल अधिकारी सुमित अग्रवाल भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि जिले से श्रीरामलला दर्शन योजना के चौथे चरण की यात्रा के लिए लॉटरी के माध्यम से 72 दर्शनार्थियों का चयन किया गया था, जिसे आज 02 अनुरक्षक के साथ कुल 74 लोगों के दल को जिला मुख्यालय से रवाना किया गया।
ग्राम हामतवाही के ग्रामीणों ने की धान खरीदी केन्द्र खोलने की मांग, जनदर्शन में मिले 49 आवेदन
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में ग्रामीणजनों की समस्याएं सुनीं और उनके यथासंभव निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर जनदर्शन में जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पोरोण्डी के ग्रामवासियों ने नलजल योजना, नया प्राथमिक शाला भवन, माध्यमिक शाला भवन का मरम्मत, हाईस्कूल का उन्नयन की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। जनदर्शन में आज कुल 49 आवेदन प्राप्त हुए।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में चारामा विकासखंड के ग्राम पंचायत जेपरा के सरपंच ने गांव में संचालित राशन दुकान में अनियमिता की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। कलेक्टर ने उक्त आवेदन को खाद्य अधिकारी को अग्रेषित किया। इसी प्रकार ग्राम केंवटीनटोला के वेदराम कुलदीप, ग्राम भुईगांव की श्यामबाई, ग्राम तालाकुर्रा के हरीश रावटे और ग्राम गीतपहर के चम्पालाल साहू और सत्यवान साहू ने आवास की मांग की। ग्राम हामतवाही के ग्रामीणों ने धान खरीदी केन्द्र खोलने तथा विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत पित्तेभोड़िया के ग्रामीणों द्वारा पुलिया की मांग सहित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर डीएफओ आलोक वाजपेयी, हेमचंद पहारे, अपर कलेक्टर एस. अहिरवार, बीएस उईके, जितेंद्र कुर्रे सहित विभाग प्रमुख एवं जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।
राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में जिले के श्रमिकों के खाते में 1.70 करोड़ से अधिक राशि हस्तांतरित
उत्तर बस्तर कांकेर। विश्वकर्मा जयंती व छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर आज राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन-2024 का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विष्वविद्यालय रायपुर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल व छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अन्तर्गत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेष के श्रमिकों व उनके परिवार के सदस्यों को डॉरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से राषि हस्तांतरित कर लाभान्वित किया गया।
उक्त श्रमिक सम्मेलन में कांकेर जिले के कुल 03 हजार 936 श्रमिकों को 01 करोड़ 70 लाख 45 हजार 348 रुपए से लाभान्वित किया गया। उक्त राशि में मुख्यमंत्री नोनी सषक्तिकरण सहायता योजना में 241 हितग्राहियों को रुपए 48 लाख 20 हजार, मिनीमाता महतारी जतन योजना के 227 महिला हितग्राहियों को रुपए 45 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के 112 श्रमिकों को रुपए 04 लाख 14 हजार 289, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के 273 श्रमिकों को रुपए 09 लाख 61 हजार 309, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के 15 हितग्राहियों को रुपए 22 हजार 500, मुख्यमंत्री नोनी बाबु मेधावी षिक्षा सहायता योजना के 82 हितग्राहियों को रूपये 04 लाख 40 हजार 500 की राशि शामिल है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के 10 हितग्राहियों को रुपए 02 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 12 श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को रुपए 12 लाख एवं निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेष एवं पुस्तक कॉपी के लिए सहायता राशि योजना के 2766 हितग्राहियों को रुपए 37 लाख 15 हजार की राशि दी गई। साथ ही छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अन्तर्गत सफाई कर्मकार छात्रवृति योजना के 03 श्रमिकों को 06 हजार रुपए, असंगठित महतारी जतन योजना के 18 श्रमिकों को रुपए 03 लाख 60 हजार, ठेका श्रमिक छात्रवृत्ति योजना के 52 श्रमिकों को कुल रुपए 50 हजार 750, असंगठित छात्रवृत्ति योजना के 123 श्रमिकों को रुपए एक लाख 15 हजार व असंगठित मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनान्तर्गत 02 श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को 02 लाख रुपए डॉरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से प्रदाय किया गया।
बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार भी बहुत जरूरी : मंत्री राजवाड़े
उत्तर बस्तर कांकेर। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज समीप के ग्राम गढ़पिछवाड़ी के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित विभाग स्तरीय विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव तथा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के द्वारा तैयार किए गए मॉडल व प्रोजेक्ट का अवलोकन किया तथा उनके उत्कृष्ट कलात्मक मॉडल की सराहना की।
इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री राजवाड़े ने कहा कि कोई भी प्रतिभा छोटी या बड़ी नहीं होती। आज के बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार होना बहुत जरूरी है तथा सरस्वती शिक्षा संस्थान इस कार्य में अन्य संस्थाओं की अपेक्षा कहीं अधिक अग्रणी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि विद्यार्थियों को समयबद्ध एवं अनुशासित होना आवश्यक है तभी वे अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर का मूल उद्देश्य चरित्र निर्माण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण करना भी है और यह संस्थान भलीभांति अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहा है।
प्रदेश की समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और कांकेर विधायक आशाराम नेताम आज शाम को जिले के प्रवास के दौरान ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ आवासीय विद्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने मूक-बधिर बच्चों से आत्मीय भेंट की। इस दौरान बच्चों ने गीत सुनाकर उनका स्वागत किया, जिससे वे काफी प्रसंन्न हुईं साथ ही बच्चों से विद्यालय में मिलने वाले भोजन, यूनिफॉर्म आदि के बारे में पूछा। तत्पश्चात उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बच्चों से केक कटवाया और सभी बच्चों को एक-एक करके अपने हाथों से केक और मिठाइयां खिलाईं। समाज कल्याण मंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी गद्गद् हो गए। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा, राजीवलोचन सिंह सहित आवासीय विद्यालय स्टाफ मौजूद थे।
सी-मार्ट के संचालन के लिए 20 जून तक आवेदन आमंत्रित
उत्तर बस्तर कांकेर। शासन की विभिन्न विभागों की योजनाओं के अन्तर्गत संचालित स्व सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों, दस्तकारों, कुम्भकारों अथवा अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का समुचित मुल्य एवं विक्रय सुनिश्चित करने एवं इनके व्यावसायिक ढंग से मार्केटिंग किये जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा आधुनिक शो रूम की तरह ही एक सी-मार्ट की स्थापना किया गया है।
उक्त सी-मार्ट के माध्यम से उत्पादों के विक्रय एवं सी-मार्ट के पूर्ण संचालन हेतु निजी संचालक का चयन किया जाना है। इस हेतु इच्छुक संस्थाओं या फर्मों से मुहरबंद प्रपत्र में 20 जून तक रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। अन्य नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला पंचायत कांकेर के सूचना पटल पर एवं कांकेर की वेबसाईट https://kanker.gov.in/पर उपलब्ध है।
आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य
कांकेर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य जिले के समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, एम.सी.एच. कांकेर, एम.सी.एच. पखांजूर एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में किया जा रहा है।
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर द्वारा आम जनता से अपील की गई कि जिन्होंने अभी तक अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे छूटे हुए हितग्राही अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाइल नम्बर के साथ अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर अपना तथा अपने परिवार का निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवा लें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जिले के ऐसे नागरिक जिसका अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, वे अपने संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों से संपर्क कर अपना तथा अपने परिवार के छूटे हुए सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड पंजीयन हेतु राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाइल नम्बर लेकर आना आवश्यक है। परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है, जो कि पूर्ण रूप से निःशुल्क है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड पंजीयन का कुल लक्ष्य 07 लाख 42 हजार 958 है, जिसमें से 06 लाख 85 हजार 395 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन हो चुका है, जो कि लक्ष्य का 92.26 प्रतिशत है। साथ ही कांकेर जिला छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है। विकासखण्ड चारामा में 97.74 प्रतिशत, नरहरपुर में 95.99 प्रतिशत, कांकेर में 92.71 प्रतिशत, कोयलीबेड़ा में 92.44 प्रतिशत, भानुप्रतापपुर में 90.50 प्रतिशत, दुर्गूकोंदल में 86.39 प्रतिशत तथा अंतागढ़ में 84.31 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन हो चुका है।
दिव्यांगजनों को मिला स्मार्ट-केन डिवाइस और बैसाखी
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के अंतागढ़ तहसील के ग्राम कोलर निवासी कु. बसंती नेगी जो कि 80 प्रतिशत नेत्र दिव्यांग द्वारा कोलर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिस पर समाज कल्याण विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत परिसर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल द्वारा बसंती नेगी को स्मार्ट-केन डिवाइस प्रदाय किया गया। इसी प्रकार नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम धनेसरा निवासी जितेन्द्र कोर्राम को तत्काल मौके पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बैसाखी प्रदाय किया गया। सहायक उपकरण मिलने पर उक्त दिव्यांगजनों द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
जंगलवार कॉलेज देश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुत ही कारगरः उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री जंगलवार महाविद्यालय में प्रशिक्षण के बारीकियों से हुए रूबरू
उत्तर बस्तर कांकेर । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कांकेर स्थित काउंटर टेरेरिज्म एंड जंगल वारफेयर महाविद्यालय में पहुंचकर वहां प्रशिक्षण की बारीकियों से अवगत हुए। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय देश एवं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुत ही कारगर है। इससे हमारे जवान हर मोर्चे में विभिन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से मिलकर उनसे संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
सबसे पहले उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को जंगलवार फेयर कॉलेज के प्रभारी डी आई जी श्री एस. एल बघेल ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पुलिस एवं रक्षा के प्रशिक्षणार्थियों को वहां पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण एवं गुरिल्ला युद्ध तकनीक के सभी पहलुओं के बारे में संक्षिप्त में बताया। इसके अलावा दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और पहुंचविहीन क्षेत्रों में प्रतिरक्षा से संबंधित अभ्यासों के संबंध में लघु फ़िल्म दिखाकर जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें कॉलेज की स्थापना के उद्देश्य की जानकारी दी गई। इसके पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महाविद्यालय में स्थित म्यूजियम में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख माओवादी घटनाक्रम से अवगत हुए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जंगलवार कॉलेज के सभी प्रशिक्षण स्थलों पर जाकर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रशिक्षार्थियों के द्वारा अभ्यास का डेमो दिखाया गया। इस दौरान उन्होंने अभ्यास के सभी डेमो को बारीकी से देखा और प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। अंत में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को जंगलवार महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदाय किया गया। इस अवसर पर आई.जी. बस्तर श्री सुन्दरम पी., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. के. एलेसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर सहित पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रकरणों की सुनवाई 21 अगस्त को कांकेर में
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग
उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा 21 अगस्त को जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई की जायेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा सुनवाई हेतु सभी पक्षकारों को उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया गया है।
मानव श्रृंखला बनाकर शत-प्रतिशत वोट करने की अपील की
उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह के निर्देश पर और जिला पंचायत सीईओ एवं स्वीप के नोडल अधिकारी सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज ईमलीपारा स्थित एक विद्यालय के लगभग 700 विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर ‘‘10 डेज टू गो प्लीज वोट’’ लिखकर मतदाताओं से शत-प्रतिशत वोट करने की अपील की। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने विद्यालय स्टाफ के साथ व्यायाम शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पालक एवं अन्य मतदाताओं को लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शत-प्रतिशत मतदान करने के लिये प्रेरित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी आबिद खान सहित विद्यालय की प्राचार्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बस संचालकों की मनमानी पर बस्तर पुलिस ने कसा शिकंजा,
केशकाल में अचानक लगी बस में आग से प्रशासन के साथ बस संचालकों की टेंशन बढ़ गई है. बस्तर एएसपी ने यात्रियों की सुरक्षा और बस की नियमित संचालन के लिए बस संचालकों और उनके मैनेजरों का मीटिंग लिया. मीटिंग में शख्त हिदायत दी गई है कि बसों में फिटनेश और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है. बस में फर्स्ट एड किट, फायर सेफ्टी और वर्दी पहनकर बस चलाएं.
इसके साथ ही लंबे समय से शिकायत थी कि शराब पीकर बस ड्राइवर वाहन चलाते हैं. ऐसी स्थिति में वाहन चालकों का एल्कोहल जांच भी किया जा रहा है. यदि कोई शराब पीकर वाहन चलाते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश किया जाएगा.