छत्तीसगढ़ / कोरबा
मछुआ सहकारी समितियों एवं समूहों की बैठक आयोजित
कोरबा। अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मछुआरा कल्याण बोर्ड भरत मटियारा की अध्यक्षता में आज कोरबा जिले के मछुआ सहकारी समितियों एवं समूहों की बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कोरबा जिले के समितियों एवं समूहों के 200 से अधिक सदस्य उपस्थित हुए।
अध्यक्ष श्री मटियारा द्वारा उपस्थित मछुआरों से मछली पालन से मछुआरों की आय में वृद्धि के लिए उनसे सुझाव एवं होने वाली कठिनाई के संबंध में सीधी चर्चा की गई। उन्होंने मछुआ सहकारी समितियों एवं समूहों को मछुआरों के कल्याण के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए कहा ताकि आय में वृद्धि एवं जीवन स्तर में सुधार आये। श्री मटियारा ने बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा की गई मांग एवं सुझाव के संबंध में शासन स्तर से आवश्यक कार्यवाही के लिए आश्वासन दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढने के लिए निरंतर एक जुट होकर प्रयास करने की बात कही।
बैठक में क्रांति कुमार बघेल सहायक संचालक, रामचरण कोर्राम, श्रीमती कुसुमलता कैवर्त, श्रीमती मंजु ठाकुर, श्रीमती पूनम कैवर्त, लक्ष्मीनारायण कैवर्त, श्रीमती कीर्तन कंवर, श्रीमती इन्दिरा बरेठ, विजय ध्रुव, अशोक जलतारे उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे कोरबा
कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज एक दिवसीय प्रवास पर कोरबा पहुंचे। प्रवास के दौरान उन्होंने कटघोरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण करते हुए मरीजों की समस्याएं नजदीक से जानीं और मौके पर उपस्थित चिकित्सक,अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से अस्पताल में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए भर्ती मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए वार्डों में एयर कंडीशनर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी मरीज को गर्मी या अन्य सुविधाओं के अभाव में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि कटघोरा सीएचसी को अब 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेड के आधुनिक अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक बजट स्वीकृत हो चुका है और विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जैसे ही वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होगी, निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। अस्पताल को जिला अस्पताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे यहां के मरीजों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस अपग्रेडेशन से न केवल कटघोरा,बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलोंकृजैसे कि पसान,पाली आदि के लोगों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याएं और सुझाव भी सुने। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल भवन की मरम्मत, परिसर की साफ-सफाई, पेयजल की नियमित आपूर्ति तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की भी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी सेवाएं समयबद्ध व संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, कलेक्टर अजीत वसंत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केशरी सहित अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
अवैध उत्खनन रोकने के लिए सख्त कार्यवाही करें : कलेक्टर
टास्क फोर्स समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
कोरबा । जिले में अवैध उत्खनन कार्य को रोकने के लिए कलेक्टर अजीत कुमार वसंत ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टास्क फोर्स समिति की बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग समन्वित रूप से कार्रवाई करें और खनन क्षेत्रों में सक्रिय अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग और पर्यावरण विभाग मिलकर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन,परिवहन और भण्डारण की जांच करें और कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यावरण प्रदूषण रोकने एवं आम नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों में राखड़ को त्रिपाल,तारपोलिन,पन्नी से ढक कर ही नियमानुसार परिवहन किया किया जाए।खनिज विभाग से प्राप्त आवेदनों की स्थल जांच रिपोर्ट समय-सीमा में राजस्व और वन विभाग द्वारा भेजी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एसईसीएल की खदानों से कोयला निकासी वाहन क्षमता के अनुसार हो, साथ ही डम्प क्षेत्रों में कोयला चोरी पर केन्द्रीय सुरक्षा बल और एसईसीएल प्रबंधन मिलकर प्रभावी नियंत्रण रखें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि निर्माण एजेंसियों को रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाणपत्र के बिना भुगतान न किया जाए। निर्माणाधीन कार्यों में प्रयोग होने वाली खनिज की संभावित मात्रा की जानकारी संबंधित विभागों से प्राप्त की जाए। कोयला परिवहन हेतु प्रतिबंधित सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण निगरानी रखी जाए। खनिज परिवहन में लगे वाहनों के ड्राइवरों की आयु और वैध लाइसेंस की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में कानून व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को कड़ी और संयुक्त कार्रवाई करनी होगी।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग,अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, मनोज कुमार बंजारे,सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, 479 ग्रामों का हुआ चयन
कोरबा । भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा ’’धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’’ का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय गांवों तथा आकांक्षी जिलों मे निवासरत् जनजातीय परिवारों का सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार करना है, ताकि जनजातीय परिवारों का त्वरित गति से विकास सुनिश्चित किया जा सके। इसमें सामुदायिक अधोसंरचना में सुधार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक स्तर में उन्नयन व प्रत्येक परिवारों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अभियान में 17 मंत्रालयों द्वारा क्रियान्वित किए जाने वाले 25 हस्तक्षेप शामिल है। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा कोरबा जिला अंतर्गत ’’धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’’ के तहत् कुल 479 ग्रामों का चयन किया गया है, जिसमें विकासखंड कोरबा के 122 ग्राम, विकास खण्ड कटघोरा के 28 ग्राम, विकास खण्ड करतला के 60 ग्राम, विकास खण्ड पाली के 73 एवं विकासखंड पोंड़ी उपरोड़ा के 196 ग्राम शामिल हैं। इन 479 ग्रामों के कल्याण एवं संवर्धन के लिए अजीत वसंत कलेक्टर कोरबा के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार कार्ययोजना बनाई जा रही है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत कसेर के द्वारा बताया गया कि जिले में निवासरत जनजातीय वर्ग के लोगो के उत्थान हेतु विभिन्न विभागों द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनयादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, आंगनबाड़ी, आवास इत्यादि गैप की पहचान कर अंतराल को भरना है ताकि अभिसरण और संतृप्तिकरण के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत् विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इस अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर एवं कलस्टर स्तर के शिविरों के माध्यम से दीर्घकालिक एवं तात्कालिक गतिविधियों के अंतर्गत आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम- किसान सम्मान निधि, जन-धन खाता, बीमा कवरेज, सामाजिक सुरक्षा (वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन), रोजगार और आजीविका योजनाएं (एमजीएनआरईजीए, पीएम विश्वकर्मा, मुद्रा ऋण), महिला एवं बाल कल्याण (पीएमएमवीवाई, आईसीडीएस लाभ, टीकाकरण) जनजातीय परिवारों को पक्का घर, गांवों में सड़क, बिजली, पानी, मोबाईल मेडिकल यूनिट््स, आवासीय विद्यालयों व छात्रावास/आश्रमों के उन्नयन तथा कौशल विकास और रोजगार के अवसर की उपलब्धता इत्यादि गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को संतृप्तिकरण किया जाना है।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु 15 जून से 30 जून 2025 तक धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन जिलें में संचालित किया जायेगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि उक्त शिविरां में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शासकीय योजनाओं का लाभ लें।
बच्चों के अस्थाई संरक्षण के लिये इच्छुक भावी अभिभावक कर सकते हैं आवेदन
कोरबा । जिले में संचालित किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम अंतर्गत पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दिये जाने हेतु फास्टर केयर में भारतीय दम्पति आवेदन कर सकते है।
फास्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा/उच्च शिक्षा, देखभाल एवं संरक्षण, आवश्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा/उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं, की पूर्ति, बालक की शोषण, दुर्व्यवहार, हानि, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फास्टर केयर मार्गदर्शिका में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
ऐसे भारतीय दंपति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, नया जिला परिवहन कार्यालय के पास, तहसील रोड, जिला- कोरबा (छ.ग.) में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पश्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाश में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरशिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुशंसा के आधार पर जिले की बालक कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालक, संबंधित दंपति को फास्टर केयर में दिया जा सकेगा।
किशोरी बालिका योजना के प्रचार-प्रसार रथ को किया गया रवाना
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में कोरबा जिले में सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत् किशोरी बालिका योजना के प्रचार -प्रसार हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रचार-प्रसार रथ को कार्यालय कलेक्टर परिसर से गतव्य के लिये हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, सभापति महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती माया रूपेश कवंर, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी गजेन्द्र देव सिंह, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना, कोरबा (श.) बजंरग प्रसाद साण्डेय, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना पाली अन्वेश दीवान, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश ने बताया कि प्रचार-प्रसार रथ जिले के सभी विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 2 माह भ्रमण कर समस्त हितग्राहियों को सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत् किशोरी बालिका योजना के संबंध में एलईडी चलचित्र व विडियो के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान कर लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगी। जिससे लोगो में सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत् किशोरी बालिका योजना के संबंध में समझ विकसित होगी।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन
कोरबा । जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई एवं डाईट आदि के प्राचार्य, संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं संस्थान में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो राज्य शासन द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है उन्हे सूचित किया गया है कि शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण कार्यवाही वेबसाइटhttp://postmatric-scholarsip.cg.nic.in पर ऑनलाईन की जा रही है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन, प्रस्ताव एवं स्वीकृति हेतु तिथि निर्धारित कर दी गई है। नवीनीकरण हेतु विद्यार्थियों द्वारा आनलाइन आवेदन प्राप्ति तिथि क्रमशः 31 मई तक, 31 अगस्त तक एवं 30 नवंबर 2025 तक निर्धारित की गई है। नवीन हेतु विद्यार्थियों द्वारा आनलाइन आवेदन प्राप्ति तिथि 31 अगस्त, 30 सितंबर एवं 30 नवंबर 2025 निर्धारित है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि निर्धारित तिथियों के पश्चात् शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जायेगा एवं ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक एवं सेक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख स्वतः जिम्मेदार होंगे। छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु सभी विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करते समय एक्टिव बचत खाता एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाईम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इस हेतु राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमैट्रिक-एथेंटिकेशन किया जाना आवश्यक है।
रामपुर में समाधान शिविर 22 को
कोरबा । सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण अन्तर्गत 22 मई गुरूवार को विकासखंड करतला के ग्राम रामपुर कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत रामपुर,बरकोन्हा, बेहरचुंवा, चैनपुर, घिनारा, जोगीपाली (रा), केराकछार, केरवाद्वारी, खुंटाकुडा, नवापारा चै., नोनदरहा, सेन्द्रीपाली और ग्राम पंचायत सुवरलोट हेतु हायर सेकेण्डरी स्कूल रामपुर में समाधान शिविर आयोजित की जायेगी।
लेखन एवं अन्य सामग्री क्रय हेतु निविदा
कोरबा । कार्यालय कलेक्टर कोरबा की ओर से निर्माताओं और उनके अधिकृत विक्रेताओं से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये स्टेशनरी, लेखन सामाग्री, कम्प्यूटर सामाग्री तथा अन्य सामाग्री बाजार दर पर क्रय करने मोहरबंद निविदाएं आमंत्रित की गई है। निविदा की नियम व शर्तें, स्टेशनरी एवं लेखन सामग्री की सूची तथा निविदा प्रपत्र जिला कार्यालय के स्टेशनरी शाखा से कार्यालयीन समय पर प्राप्त किये जा सकते हैं। निविदा फार्म प्रदाय की अंतिम तिथि 03 जून 2025 दोपहर तीन बजे तक, निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 04 जून दोपहर तीन बजे तक है और निविदा 04 जून 2025 को अपरांह 4 बजे खोली जायेगी।
विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में चिकित्सा क्षेत्र निभाए अहम भूमिका : स्वास्थ्य मंत्री
मेडिकल कॉलेज को निजी संस्थानों से बेहतर बनाने के निर्देश
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047 “ की परिकल्पना को साकार करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस महाअभियान में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। यह विचार उन्होंने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा की स्वशासी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।
बैठक में मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण ढांचे, कार्यप्रणाली और सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालयों को इस प्रकार सुसज्जित किया जाए कि वे निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अधिक बेहतर और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, ओपीडी व आईपीडी में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करना, और मरीजों के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चिकित्सा संस्थानों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से कहा, “आपके कार्य और सेवा की गुणवत्ता इस प्रकार की होनी चाहिए कि स्वयं आप एक ब्रांड बन जाएं। आम जनता को आपके कार्य से न सिर्फ चिकित्सा सेवा मिले, बल्कि उन्हें सम्मान और संवेदना का भी अनुभव हो।“
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया, आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली, सेवा की पुष्टि और समग्र प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से संस्थान की पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।
’जनहित में डीएमएफ का बेहतर उपयोग’
बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डीएमएफ का प्रयोग जनहितकारी चिकित्सा अधोसंरचना के विकास, उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं के विस्तार में किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के पदेन सदस्य सचिव डॉ. के. के सहारे ने पिछली स्वशासी समिति बैठक के पालन प्रतिवेदन का वचन किया। स्वशासी समिति द्वारा पिछली बैठकों में पारित कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया और प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें स्किल लैब की स्थापना, ऑन कॉल ड्यूटी एवं कार्यालयीन कार्य हेतु हल्के वाहन की खरीदी, तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित बजट पर विचार शामिल था।
’संवेदनशीलता हो चिकित्सकीय सेवा की आत्मा’
स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में समस्त डॉक्टरों, नर्सों एवं मेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि वे अपने व्यवहार में मानवीयता, संवेदनशीलता और सेवा भाव को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सेवा धर्म है, जिसे समर्पण और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जनप्रतिनिधि,सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, डॉ. यू . एस पैकरा,अधीक्षक डॉ. गोपाल सिंह कंवर, सीएमएचओ डॉ. केसरी, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समापन में मंत्री जायसवाल ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कोरबा मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरेगा।
अजगरबहार में समाधान शिविर 20 को
कोरबा । सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण अन्तर्गत 20 मई मंगलवार को विकासखंड कोरबा के ग्राम अजगरबहार कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत अजगरबहार, माखूरपानी, धनगांव, कछार, तिलाईडांड, सोनगुढ़ा, सोनपुरी, चुईया, जामबहार, बेला और दोंदरो हेतु हाईस्कूल भवन अजगरबहार में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर 21 को
कोरबा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि माह मई में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर वयोवृद्ध लोगो का निःशुल्क स्वास्थ्य जॉंच एवं दवाईयों का वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में 21 मई बुधवार को कोरबा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्यांग, करतला ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोथारी, कटघोरा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंजना, पोंड़ीउपरोड़ा ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, पाली ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उतरदा तथा शहरी क्षेत्र में यूपीएचसी ढोढ़ीपारा और कटाईनार में वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जायेगा।
प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने परिवहन कार्यालय में किया जा सकता है आवेदन
कोरबा । कोरबा जिले में प्रदुषण जांच स्थापित करने हेतु इच्छुक आवेदक जिला परिवहन कार्यालय कोरबा में आवेदन जमा कर सकते हैं। इस हेतु आवेदक की आयु े आवेदन दिनांक को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिये। आवेदक हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण हो। प्रदूषण जांच केंद्र संचालन हेतु आवेदक/कर्मचारी के पास आईटीआई का मेकेनिक डीजल या मेकेनिक मोटर का प्रमाण पत्र या समतुल्य प्रमाण पत्र होना चाहिये। मोटर नियमों के अधीन अपेक्षाओं के अनुपालन में मोटर से उत्सर्जित होने वाले गैस धुएं और गैस की जांच के स्मोक मीटर प्रिंटर सहित, गैस एनालाईजर प्रिंटर सहित और दोनों के ट्यूनिंग के लिए आवश्यक उपस्कर रखना होगा। ऐसे आवेदक जो मोटर वर्कशॉप चलाते हैं, पेट्रोल पंप संचालित करते हैं उन्हें विशेष प्राथमिकता दी जायेगी।
अनुसूचित जाति,जनजाति, पिछड़ा वर्ग अथवा अल्पसंख्यक समुदाय के आवेदक तथा शासन की ऋण योजनाओं में प्रदूषण जांच केन्द स्थापित करने हेतु उचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा। आवेदक को आवेदन फीस आवेदन पत्र हेतु तीन सौ रूपये एवं प्राधिकार पत्र हेतु आरक्षित प्रवर्ग के लिए तीन हजार रूपये, अन्य के लिए पांच हजार रूपये शुल्क होगी। प्रदूषण जांच केन्द्र के लिए प्राधिकार पत्र तीन वर्ष के लिए विधिमान्य होगी एवं एक वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु जिला परिवहन कार्यालय कोरबा से संपर्क किया जा सकता है।
सिविल डिफेंस वालिंटियर के नामांकन आवेदन 31 तक
कोरबा । देश में युद्ध जैसे आपात कालीन स्थिति एवं प्राकृतिक आपदा से निपटने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आठ जिलों रायपुर, कोरबा, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दन्तेवाड़ा, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी को सिविल डिफेन्स जिला घोषित किया गया है। प्रत्येक जिलों में एक-एक हजार सिविल डिफेन्स वालिंटियरों का नामांकन किया जायेगा। जिला सेनानी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में सिविल डिफेन्स वांलिटियरों का नामांकन प्रारंभ कर दिया गया है। इच्छुक आवेदक 31 मई 2025 तक कार्यालय जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना कोरबा में स्वयं उपस्थित होकर नामांकन फार्म भर कर जमा कर सकते हैं। सिविल डिफेन्स वालिंटियर हेतु आयु सीमा 18 से 50 वर्ष के बीच होना चाहिए। सिविल डिफेन्स वालिंटियर बनने हेतु नामांकन भरते समय आधार कार्ड, दसवी कक्षा पास की मार्कशीट, कोरबा जिले का मूल निवासी प्रमाण पत्र, एवं पासपोर्ट साइज के 2 फोटो अनिवार्य रूप से नामांकन फार्म में चस्पा करना पड़ेगा। नामांकन पश्चात अलग-अलग बैंचों में एक-एक दिन का सिविल डिफेंस प्रशिक्षण दिया जायेगा।
सीईओ जिला पंचायत ने जनदर्शन में सुनी शिकायतें
कुल 97 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने आज जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर निश्चित समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर जनदर्शन में आज जाति प्रमाण पत्र,पेंशन, राशनकार्ड, वनअधिकार पत्र, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन,बंटवारा आदि आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में ग्राम पंचायत कोरबी के मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण की मांग की। बताती निवासी अमरसिंह ने अपनी पुस्तैनी जमीन में बंटवारे और पर्ची अलग करने का आवेदन लगाया। ग्राम खमरिया पाली के अभिषेक भारद्वाज ने वर्ष 2024 में अतिवृष्टि के मुआवजा की मांग की। पाली के ग्रामीणों ने वन अधिकार पत्र के वितरण की मांग की। पाली के ही रामनाथ स्वर्णकार ने राजस्व रिकॉर्ड सुधारने का आवेदन दिया। बांसाखर्रा,गेराव के ग्रामीणों ने विशेष पिछड़ी जन जाति बिरहोर बस्ती में छिंदवारपारा में बिजली कनेक्शन तथा ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। बालको नगर की रहने वाली देव कुमारी महंत ने प्रधानमंत्री आवास का आवेदन दिया। सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण प्रेषित कर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
समाधान शिविर जनता और शासन के बीच में सेतु का कार्य करते हैं : विधायक
पंडरीपानी में आयोजित शिविर में 1938 में से 1915 का किया गया त्वरित निराकरण
कोरबा । जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में “सुशासन तिहार“ के अंतर्गत क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल जी रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर शासन एवं जनता के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं, जिससे अधिकाधिक ग्रामवासी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती झूलबाई कंवर ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान 8 से 11 अप्रैल तक ग्रामीणों ने शासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाई थीं, जिनका निराकरण इस समाधान शिविर के माध्यम से किया जा रहा है।
शिविर में पंडरीपानी, डिंडोलभांठा, तेलसरा, ढपढप, नवागांवकला, धनरास, लोतलोता व छुरीखुर्द ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एवं हितग्राही उपस्थित रहे। शिविर में कुल 1938 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1915 मांग व 23 शिकायतें थीं। इनमें से 1851 मांग व 23 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया।
शिविर के दौरान अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों का वाचन एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में 22 राशन कार्ड, 5 जॉब कार्ड, 11 पेंशन आदेश प्रतियां, 6 किसान किताबें एवं 8 जाति प्रमाण पत्र हितग्राहियों को वितरित किए गए।
इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती शारदालता यादव एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, पंचायत सचिवगण, संजय शर्मा, रघुराज सिंह, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गोविंद सिंह कंवर, रामप्रसाद कोराम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रोहित सिंह, तहसीलदार श्रीमती प्रियंका चंद्रा, साहू, जनपद सीईओ यशपाल सिंह,अतिरिक्त सीईओ खगेश कुमार निर्मलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मनोरंजक गतिविधियों और ज्ञानवर्धक सवालो के बीच रंगारंग कार्यक्रम
सुशासन तिहार 2025 के लाभान्वित हितग्राहियों ने साझा किये अपने अनुभव
कोरबा । सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत कोरबा के घंटाघर ऑडिटोरियम, परिसर के चौपाटी में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एक दिवसीय विशेष इवेंट का आयोजन किया गया। आम नागरिकों से प्रत्यक्ष रूबरू होकर उनसे मनोरंजक गतिविधियों में शामिल किया गया। ज्ञानवर्धक सवाल भी पूछे गए और सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस आयोजन में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना, लाभार्थियों से संवाद स्थापित करना और सुशासन तिहार को जनसामान्य में प्रसारित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य से हुई, जिसके बाद खेल एवं मनोरंजन गतिविधियों की श्रृंखला प्रारंभ हुई। कार्यक्रम में ज्ञानवर्धक क्विज़, जिसमें सुशासन तिहार, प्रदेश सरकार की योजनाओं, शासन की पहल तथा कोरबा जिले से जुड़े सवाल शामिल रहें का खास आकर्षण रहा। युवाओं ने इसमें भाग लेकर सवालों के जवाब दिए। इस दौरान सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत अपनी समस्या को लेकर आवेदन देने वाले वे हितग्राही भी थे जिनके आवेदन का निराकरण हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही मनु उराव, बिन्देश्वरी, मनहरण सिह, अलख राम, बरेलाल, अंबिका यादव, पार्वती चौहान, शशी चौहान, शत्रुहन श्रीवास, पेंशन के हितग्राही अनिल सिंह, राशनकार्ड के हितग्राही सुलोचनी साहू सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव को बताया और आवेदन जमा करने के बाद हुई कार्यवाही पर संतोष व्यक्त करते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में खेल और अन्य गतिविधियों में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दी। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक श्रीमती इस्मत जहां दानी और जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमलज्योति, जिला समन्वयक आशुतोष गौरहा ने विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कार वितरित किए।
कार्यक्रम को संचालन रेडियो जॉकी अनिमेष शुक्ला ने किया। उन्होंने अपनी शानदार आवाज में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में युवाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में गहरी रुचि दिखाई और संवाद के माध्यम से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को “जनमन“ पत्रिका और शासन की योजनाओं पर आधारित फूड वाउचर प्रदान किए गए। आयोजन में पारंपरिक लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, खेल प्रतियोगिताएँ और मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजन को रोचक और प्रेरणादायक बनाती रहीं। एक दिवसीय इस इवेंट में न सिर्फ जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद की एक सशक्त कड़ी भी स्थापित की। इस अवसर पर जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी, जनसम्पर्क कार्यालय से मनीष यादव, प्रकाश दास, अशोक, नन्द कुमार आदि उपस्थित थे।