छत्तीसगढ़ / कोरबा
कलेक्टर की पहल से रनई बसाहट के ग्रामीणों को बसाहट में मिलने लगी है राशन सम्रागी
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार जिला प्रशासन द्वारा आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत की सराहनीय पहल से जिले के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित पहुंचविहीन बसाहट रनई के ग्रामीणों को उनके बसाहट में खाद्य विभाग द्वारा खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश का पालन करते हुए ग्राम पंचायत खिरटी में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी के संचालक संस्था आदर्श महिला स्व सहायता समूह खिरटी द्वारा ट्रेक्टर के माध्यम से खाद्यान्न सामग्री का परिवहन कर ग्राम पंचायत खिरटी के आश्रित मोहल्ला रनई में माह जनवरी 2025 का खाद्यान्न सामग्री का वितरण पात्र राशनकार्डधारी परिवारों को किया जा रहा है। साथ ही आगे भी आश्रित मोहल्ला रनई बसाहट में ही शासकीय उचित मूल्य दुकान खिरटी के संचालक संस्था द्वारा नियमित रूप से ग्रामीणों को खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा।
गौरतलब है कि विगत माह कलेक्टर वसंत द्वारा पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत खिरटी के आश्रित मोहल्ला रनई का निरीक्षण के दौरान राशनकार्डधारियों द्वारा कलेक्टर के समक्ष उचित मूल्य दुकान की दूरी बसाहट से 02 किमी से अधिक होने तथा बसाहट के निकटस्थ अन्य शासकीय उचित मूल्य दुकान नही होने के कारण राशन मिलने में होने वाली परेशानियों का जानकारी देते हुए बसाहट के समीप उचित मूल्य दुकान का उप केन्द्र संचालित कर राशन वितरण कराने हेतु निवेदन किया गया था। कलेक्टर वसंत ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आमजनों की सुविधा के लिए बसाहट में ही राशन वितरण कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया था। कलेक्टर की इस सार्थक पहल से आमजनों को राहत मिला है। उन्होंने शासन प्रशासन के इस कार्य के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया है।
डीएमएफ से जिले के पहुँचविहीन क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था होगी दुरुस्त
चैतुरगढ़ बसाहट में 47 लाख से अधिक राशि से होगा विद्युतीकरण
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुसार कोरबा जिले के दूरस्थ, वनांचलों व पहाड़ी क्षेत्रो से घिरे अनेक पहुँचविहीन बसाहटों, मजराटोला, पारा-मोहल्लों में विद्युतीकरण हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास मद से कटघोरा उपसंभाग के 07 विद्युतविहीन इलाकों में विद्युत व्यवस्था दुरूस्त करने हेतु 1,54,37,517 रुपये से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत कार्यों में संचार संधारण संभाग सीएसपीडीसीएल कटघोरा अंतर्गत पाली विकासखण्ड के चैतुरगढ़ बसाहट में विद्युतीकरण हेतु 47,96,841 रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार ग्राम खम्हारमुड़ा के मजरा टोला पाथेरीपारा को विद्युतीकृत करने हेतु 29,37,390 रुपए, ग्राम पाली के बसाहट पिपरबहरा को विद्युतीकृत करने हेतु 22,72,692 रुपए, ग्राम सिर्की के गढ़ईपारा को विद्युतीकृत करने हेतु 21,91,741 रुपये, ग्राम सरभोक्का के खोलपारा को विद्युतीकृत करने हेतु 16,37,401 रुपए, ग्राम पाली के मजराटोला दर्रीपारा व मेमरी को विद्युतीकृत करने हेतु 14,53,125 रुपए एवं प्राथमिक शाला अमलडीहा के उपरसे गुजर रही 11केवी लाइन की शिफ्टिंग हेतु 1,48,327 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्रशासनिक कार्य व्यवहार में छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग करने दिया गया प्रशिक्षण
व्यवहारिक बोल चाल व शासकीय कार्यो में छत्तीसगढ़ी भाषा का करना चाहिए उपयोगः अपर कलेक्टर
कोरबा । छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा “प्रशासनिक कार्य व्यवहार में छत्तीसगढ़ी भाखा का उपयोग” विषय पर आज कलेक्ट्रोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री मनोज बंजारे, राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार, वक्ता प्रोफेसर सुधीर शर्मा और ऋतुराज साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिले के सभी विभाग प्रमुखों और अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना और इसे शासन-प्रशासन में अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना था। राजभाषा आयोग ने इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा को शासन का हिस्सा बनाने और इसे आम जनता के साथ संवाद का माध्यम बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने छत्तीसगढ़ी भाषा के गौरवशाली इतिहास और उसके प्रशासनिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा केवल एक संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसे संरक्षित करना और प्रशासनिक कार्यों में लागू करना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा “लोक व्यवहार में छत्तीसगढ़ी” नामक एक मार्गदर्शिका प्रकाशित की गई है। इस पुस्तक में हिंदी के 67 शब्दों और वाक्यों का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, नोटशीट, छुट्टी आवेदन, और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के प्रारूप दिए गए हैं।
अपर कलेक्टर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि
छत्तीसगढ़ी भाषा हमारे समाज और संस्कृति से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान में शहरीकरण बढ़ने के साथ ही छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग सीमित होते जा रहा है। छत्तीसगढ़ी भाषा केवल गांवों तक ही सीमट कर रह गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी को बचाना होगा। छत्तीसगढ़ी भाषा को अपनाना न केवल हमारी संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि शासन-प्रशासन को जनता के करीब लाने में भी मददगार साबित होगा। छत्तीसगढ़ी भाषा को बोल चाल के साथ ही व्यवहार में लाने, प्रशासनिक कार्यों में आवेदन लिखने, नोटशीट बनाने, आदेश जारी करने में उपयोग किया जा सकता है।
प्रोफेसर सुधीर शर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिलाने और इसके विकास के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन भाषाई आधार पर हुआ था और छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा के रूप में स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा का पहला व्याकरण सन 1880 में तैयार किया गया और 1900 में इसे पुस्तक रूप में प्रकाशित किया गया। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा लोकोक्ति, अहाना, मुहावरे भावों और शब्दों से वृहद और संपन्न है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा का अपना वृहद शब्दकोष है।
विभिन्न विद्वानों ने छत्तीसगढ़ी की व्याकरण रचना की है। वैधानिक रूप से हम सक्षम हैं कि छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग प्रशासनिक रूप से कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक व्यवहार में छत्तीसगढ़ी का उपयोग करते हुए आगत शब्दों को स्वीकार करें, आगत शब्दों से खिलवाड़ या संशोधन करने से अर्थ का अनर्थ हो सकता है। छत्तीसगढ़ी की यह विशेषता है कि इसमें क्रिया रूप में स्त्रीलिंग और पुर्लिंग एक ही है। इसमें बहूवचन बनाने के लिये एक ही प्रत्यय है। उन्होंने कहा कि परिभाषिक शब्दावली और तकनीकी शब्दावली से प्रशासनिक भाषा बनती है जोकि छत्तीसगढ़ी भाषा में है।
इसी प्रकार ऋतुराज साहू ने प्रशासनिक कामकाज में छत्तीसगढ़ी भाषा के तकनीकी और व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग से प्रशासनिक कार्य और संवाद अधिक सरल, प्रभावी और जनहितकारी बन सकते हैं। श्री साहू ने कार्यालयों में छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग बढ़ाने के लिये पीपीटी के माध्यम से प्रेजेटेशन दिया। साथ ही सभी अधिकारी कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ी भाषा का ज्यादा से ज्यादा कार्यालयीन उपयोग करने के लिये प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए भविष्य की योजना और लक्ष्य
प्रशिक्षण में बताया गया कि इस कार्यशाला के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रशासनिक उपयोग को बढ़ावा देने की शुरुआत की गई है। छत्तीसगढ़ी भाषा को केवल शासकीय कामकाज तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे दैनिक जीवन और शिक्षा का हिस्सा बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
’छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने दिलाई गई शपथ’, प्रमाण पत्र किया गया वितरित
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग को अपने दिनचर्या एवं प्रशासनिक कार्यो में बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण में उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। साथ ही प्रशिक्षण में उपस्थित सभी लोगो को आयोग द्वारा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
हृदय दोष जॉंच शिविर आज
कोरबा । आरबीएसके (चिरायु )कार्यक्रम के अंतर्गत सामु.स्वा.केन्द्र कटघोरा में 17 जनवरी को प्रातः 10 बजे से श्री सत्य सांई संजीवनी हॉस्पीटल रायपुर के हृदय रोग विशेषज्ञों के द्वारा सीएचडी (गंभीर जन्मजात हृदय दोष) स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया गया है।
कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि जिन अभिभावकों के बच्चों को हृदय संबंधी कोई परेशानी हो तो वे उक्त शिविर में पहूंचकर अपने बच्चों का निःशुल्क जॉंच करावे तथा समस्त आरबीएसके (चिरायु) टीम को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विकासखण्ड के संभावित सीएचडी (गंभीर जन्मजात हृदय दोष) मरीजों को सामु.स्वा.केन्द्र कटघोरा में जॉंच हेतु लेकर आना सुनिश्चित करें।
25 को मनाया जायेगा राष्ट्रीय मतदाता दिवस
कोरबा । भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जा रहा हे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत के दिशा निर्देशानुसार कोरबा जिले में भी 25 जनवरी को प्रातः 11 बजे सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ लेंगे।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 के शिक्षकों का किया सम्मान
शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने किया प्रेरित
कोरबा । उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के 58 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों के ऊपर विद्यार्थियों का अच्छा भविष्य बनाने की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। यह एक महत्वपूर्ण विभाग है। शिक्षा से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनता है। आपके पढ़ाये गए बच्चे आप से बेहतर शिक्षा पाकर एक दिन अच्छे ओहदे में जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षक की अलग पहचान है। उन्हें गुरु के साथ ही पूज्यनीय माना जाता है। इसलिए शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल स्थापित करने की दिशा में कार्य करें ताकि विद्यार्थी जिले का नाम रोशन कर सके।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा एक अमूल्य धन है। शिक्षित व्यक्ति कभी गरीब और भूखा नहीं हो सकता। वह अपने ज्ञान से अपना सम्मान और पहचान प्राप्त करता है। मंत्री ने कहा कि जिले में शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। यहां के 10 वीं के मेरिट विद्यार्थियों को कोचिंग के लिए रायपुर भेजा गया है। जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत कराई जा रही है।
नए भवन बनाये जा रहे हैं और अतिथि शिक्षक, भृत्य, की भर्ती कर शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जा रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि जिले के कलेक्टर द्वारा भी शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप से अन्य शिक्षक भी प्रेरित होंगे। आप सभी जिले में बेहतर रिजल्ट देने की दिशा में मिलजुलकर काम करें। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा तथा देश प्रदेश के विकास में किये जा रहे कार्यों को बताते हुए सभी को बधाई दी।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि समाज में अभी भी शिक्षकों के प्रति सम्मान है। आप अपने कार्यों और नवाचार से विद्यार्थियों की भविष्य को बेहतर से बेहतर बनाकर अपनी भी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि अनेक शिक्षक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की अन्य रुचियों को पता लगाकर उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और नए भवन,शिक्षक भर्ती सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की जानकारी दी। कलेक्टर ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रगति की राह में आगे बढ़ने तथा अन्य शिक्षकों भी प्रेरणा मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत 2023-24 और 2024-25 के चयनित कुल 58 शिक्षकों को शिक्षा दूत, उत्कृष्ट प्रधानपाठक एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से शॉल, श्रीफल तथा राशि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवांगन,जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर, जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय,मनोज पांडेय आदि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के आवेदन
कोरबा । प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण एकल उद्यमी, एफपीओ, स्वसहायता समूह एवं सहकारिता को बैंक के माध्यम से क्रेडिट लिंक्ड पूंजी सब्सिडी दिया जाना है। जिसके नवीन एवं मौजूदा दोनों उद्यमी को पात्र परियोजना लागत की 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट लिंक्ड पूंजी सब्सिडी परंतु अधिकतम दस लाख रूपये दिये जाने का प्रावधान है। हितग्राही का स्वयं का योगदान 10 प्रतिशत होगा और शेष राशि बैंक से ऋण दिया जायेगा।
इस योजना में सभी प्रकार के खाद्य सागग्री उदाहरण के तौर पर खाद्यान पर आधारि निर्मित उत्पाद ‘‘आटा चक्की, धान मिल, दाल मिल, आचार, पापड़, केक, बड़ी, ब्रेड, फू्रट चूस, डेयरी उत्पाद, चना-मुर्रा, भुजिया, पेठा, नमकीन, मिक्चर, बेकरी, मसाला-मिर्च, बिस्किट, चिप्स, सेवई, पोहा, सॉस, तेल मिल, आइसक्रीम, पशु आहार, पॉपकार्न इत्यादि को योजना के तहत लाभ प्रदान किया जायेगा। इसमे हितग्राहियों को वेबसाइट एचटीटीपी ://पीएमएफएमई डाटएमओएफपीआई डाट जीओव्ही डाट इन पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा।
इसके लिये उद्यमी की आयु 18 वर्श से अधिक होनी चाहिये। उद्यमी परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान होगाफ उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान की पात्रता होगी। आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, पेनकार्ड, राशन कार्ड, बैंक पास बुक, कोटेशन आदि की आवश्यकता होगी। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिये कार्यालय महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कलेक्टोरेट परिसर कोरबा में कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।
गणतंत्र दिवस और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस पर बंद रहेगी शराब दुकानें
कोरबा । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 30 जनवरी को महात्मा गांधी निर्वाण दिवस के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है।
26 जनवरी और 30 जनवरी को जिले की समस्त देशी, विदेशी, प्रीमियम, कम्पोजिट मदिरा दुकानें, अहाता, एफ.एल.3, एफ.एल.3 क को पूर्णतः बंद रखे जाने का आदेश जारी करते हुए कलेक्टर ने इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश आबकारी अधिकारियों को दिए हैं।
शिक्षा,स्वास्थ्य, संस्कृति और समाज के विकास में हो रहा है काम : केदार कश्यप
वनमंत्री ने देवपहरी में किया विकास कार्यों का शिलान्यास, भूमिपूजन
कोरबा। वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन,कौशल विकास तथा सहकारिता मंत्री छत्तीसगढ़ शासन केदार कश्यप कोरबा विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवपहरी में गौ मुखी सेवाधाम द्वारा आयोजित तिल लाडू ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वन विभाग और जलसंसाधन विभाग के अंतर्गत लाखो रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार लगातार विकास कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।
आज हुए शिलान्यास और भूमिपूजन से इस क्षेत्र में नए कार्यों की सौगात मिल रही है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। उन्होंने तिल लाडू कप के आयोजन स्थल पर कहा कि गौ मुखी सेवा धाम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। शिक्षा से जोड़कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है। संस्कृति से जोड़ते हुए समाज के विकास में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमे अपने पूर्वजों के दिखाए हुए रास्ते में चलना चाहिए। उन्होंने संस्था के कार्य को सराहते हुए सहयोग करने की बात कही। इस दौरान मंत्री श्री कश्यप ने रस्साकशी,कबड्डी, तीरंदाजी के विजेताओं का सम्मान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
देवपहरी में वन विभाग अंतर्गत पाँच करोड़ 89 लाख के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिसमें कोरबा, केंदई, पसरखेत,जटगा,चैतमा,करतला वन परिक्षेत्र के अंतर्गत वन मार्ग,रपटा, जल स्त्रोत, पुलिया,वॉच टॉवर,आवास निर्माण सहित वन्य जीव संरक्षण की दिशा में अनेक कार्य आदि शामिल है। इसी तरह जलसंसाधन विभाग अंतर्गत 17 काय,र् 7633.62 लाख रुपए के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, संस्था के पदाधिकारी और जलसंसाधन विभाग, वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कर्मचारियों की कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करें अधिकारी : कलेक्टर
अवैध धान की खरीदी रोकने, समय पर उठाव करने, टोकन का सत्यापन करने के दिए निर्देश
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने शासकीय योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे समय पर ऑफिस खोलने के साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सभी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने और उपस्थिति संबंधित जानकारी समय पर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय कार्य में लापरवाही पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों का आंकलन करते हुए कर्मचारियों का डेली डायरी बनवाकर विभाग प्रमुख को निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी को शासन के निर्धारित नियमों अनुसार कार्यालयों में उपस्थिति और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने जिले में धान की अवैध खरीदी पर रोक लगाने और आने वाले दिनों में की जा रही धान खरीदी पर निगरानी रखते हुए कटे हुए टोकन का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर धान का उठाव करने और स्टैकिंग के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बारदाने की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदन योजना की समीक्षा की और निर्देशित किया कि छुटे हुए परिवारों का इस सप्ताह कार्ड बन जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग अंतर्गत अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कलेक्ट्रेट और तहसील में निलंबित कर्मचारियों, पटवारियों के विभागीय जाँच प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश देते हुए कोरबा अनुभाग को छोड़कर अन्य अनुविभाग को मार्च अंतिम सप्ताह तक वंचित विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने भवनविहीन ग्राम पंचायत भवन, पुराने जर्जर भवनों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पुराने वाहनों को नीलामी करने, स्क्रैप वाहनों की जानकारी की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा पूर्ण कर चुके पुराने वाहनों को नीलाम किया जा चुका हैं वे शासन को नए शासकीय वाहन के लिए पत्र प्रेषित करें। जिन्होंने नीलामी प्रक्रिया नहीं अपनाई है उन विभागों को नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय सामजिक सुरक्षा पेंशन अंतर्गत सभी हितग्राहियों के आधार सीडिंग, मोबाइल नम्बर एंट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप संचालक समाज कल्याण और सभी जनपद सीईओ को 15 दिवस के भीतर जानकारी पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बार-बार भौतिक सत्यापन में अनुपस्थित रहने पर संबंधित हितग्राहियों का पेंशन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में अंडर पास निर्माण, स्कूलों में किचन शेड,टॉयलेट निर्माण, सखी वन स्टॉप सेंटर,खिरटी में माध्यमिक शाला, करईनारा में पुलिया,झोराघाट पुल में अप्रोच रोड़, दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की व्यवस्था, मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में लिफ्ट रिपेयरिंग, विद्युत विहीन ग्रामीण बसाहटों में विद्युतीकरण, चैतुरगढ़ में बिजली पहुचाने के सम्बंध में निर्देश दिए। उन्होंने जनपद अंतर्गत कार्यों की समीक्षा कर लम्बित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरबा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत डोकरमना में विकास कार्यों की राशि में की गड़बड़ी के मामलों में सरपंच और सचिव से वसूली के निर्देश दिए।
कोरबा में सराफा व्यवसायी की हत्या का खुलासा, ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड
कोरबा । कोरबा के सराफा व्यवसायी गोपाल राय सोनी की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस जघन्य अपराध की साजिश में कोई और नहीं, बल्कि मृतक का ही कार ड्राइवर शामिल था। ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी ने अपने भाई सूरज और एक अन्य साथी मोहन मिंज के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
कैसे हुई वारदात
गोपाल राय सोनी की हत्या 5 जनवरी की रात को उनके घर पर हुई। हमलावरों ने पहले धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या की और फिर उनकी क्रेटा कार, अटैची और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब मृतक का बेटा नचिकेता रात 10 बजे घर पहुंचा। उसने देखा कि कार गायब थी, घर अस्त-व्यस्त था, और उसके पिता खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ऐसे सुलझा मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की 14 टीमें गठित की। इन टीमों ने 370 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान दो नकाबपोशों की पहचान हुई।
मुखबिर की सूचना और संदिग्धों की पूछताछ के आधार पर मोहन मिंज को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने वारदात में शामिल होने से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
साजिश का खुलासा
मोहन ने बताया कि सूरज पुरी गोस्वामी, जो पहले गोपाल राय की गाड़ी चलाता था, ने चोरी की साजिश रची थी। सूरज ने अपने भाई आकाश और मोहन के साथ मिलकर योजना बनाई। ड्राइवर आकाश ने अपने मालिक की हर गतिविधि की जानकारी दी और सही समय पर वारदात को अंजाम देने का संकेत दिया।
गिरफ्तार आरोपी:
आकाश गिरी गोस्वामी (24 वर्ष)
मोहन मिंज (23 वर्ष)
फरार आरोपी:
सूरज गिरी गोस्वामी (28 वर्ष)
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों से चोरी की हुई हुंडई क्रेटा कार और लूटा गया सामान, जिसकी कुल कीमत 6.25 लाख रुपये है, बरामद कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा हुआ और आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया गया। फरार आरोपी सूरज की तलाश जारी है।
अनंतिम सूची जारी, 14 से दावा आपत्ति
ऑगनबाड़ी सहायिका
कोरबा । एकीकृत बाल विकास परियोजना कोरबा (शहरी) के आंगनबाड़ी सहायिका के 05 रिक्त पदां हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे जिसकी जांच एवं परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक जारी किया गया है। साथ ही जारी मूल्यांकन पत्रक पर दावा आपत्तियां आमंत्रित की गई है।
इच्छुक आवेदिकाएं आगामी 14 से 23 जनवरी 2025 तक कार्यालयीन दिवस में प्रातः 10 से 5.30 बजे तक परियोजना कार्यालय में अपनी दावा आपत्तियां सीधे एवं पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से जमा कर सकते है। समयावधि समाप्त होने उपरांत प्राप्त दावा आपत्तियां स्वीकार नहीं किया जाएगा। दावा आपत्ति मूल्यांकन पत्रक में दिये गये अंको के अधार पर आपत्ति, नाम, पति-पिता के नाम, जन्मतिथि त्रुटि संबंधित आवेदन पर विचार किया जाएगा एवं दावा आपत्ति में नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। दावा आपत्ति हेतु मूल्यांकन पत्रक परियोजना कार्यालय तथा नगर निगम के सूचना पटल पर देखे जा सकते है। इसके अतिरिक्त संबंधित वार्ड के पार्षदगणां को एवं आंगनबाड़ी केन्द्र में भी मूल्यांकन पत्रक उपलब्ध कराए गए है। जिससे समस्त आवेदिकाआें तक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
वन भूमि पर मालिकाना हक मिलने से वनवासियों को मिली स्थिरता
वनाधिकार पत्र मिलने से मिली सुरक्षा, अब बेदखली का नहीं रहा कोई डरः सविता
कोरबा। वनभूमि में काबिज वनवासियों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिलने से अनेक आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की जिंदगियां बदल रही है। अब ग्रामीण निश्चिंत होकर काबिज जमीन पर खेती कर अपना जीवन यापन कर रहें हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे है।
कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिमकेन्दा के आश्रित ग्राम तीरतडाड़ की सविता बाई को वनाधिकार पत्र मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। हितग्राही ने कहा कि पूर्वजों के काबिज जमीन का स्वामित्व अधिकार मिलने से उनके परिवार के भरण-पोषण की चिंता अब नहीं रह गई है। पीढ़ी दर पीढ़ी उनका परिवार इस जमीन पर कृषि कार्य करते आया है। इसी 0.526 हेक्टेयर भूमि का वन अधिकार पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है। सविता कहती है कि रोजगार के अन्य साधन न होने के कारण वे अपने जीवन यापन के लिए मजदूरी एवं खेती पर ही निर्भर है।
लाभार्थी ने बताया कि पहले उन्हें काबिज भूमि से बेदखली का डर रहता था परंतु अब जमीन का मालिकाना हक मिलने से बेदखली का डर नहीं है। अब वे बिना किसी चिंता के उस जमीन पर खेती कर रहे हैं। वनाधिकार पट्टा मिलने के बाद सविता ने अपनी खेती को और बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू किया। अब उन्हें अपनी भूमि पर फसल उगाने का पूरा अधिकार मिल गया है और वे इसकी बेहतर देखभाल भी कर रही हैं। अपनी मेहनत से वह अपने परिवार की मदद कर रही हैं। उनके द्वारा धान के साथ ही मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी किया जा रहा है। जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। वनाधिकार पट्टा मिलने से सविता का न केवल डर समाप्त हुआ, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और कड़ी लगन से खुद को और अपने परिवार को एक नई दिशा दी है।
पहाड़ी कोरवा संझई बाई का बन रहा पीएम जनमन आवास
पति के मौत के बाद उम्मीदें हो गई थी तबाह, पीएम जनमन योजना से मिली जीने की नई राह
कोरबा । जंगल में रहने वाली पहाड़ी कोरवा संझई बाई गरीबी में जैसे भी थीं खुश थीं। जब तक पति जीवित थे, वही सुख-दुःख के साथी थे। इस बीच कच्चे मकान में रहते हुए कई बार इन्होंने सपने भी संजोए कि काश वे भी पक्का मकान में रह पाए। घर की परिस्थितियों के बीच पक्का मकान बन पाना आसान नहीं था, लेकिन पति के जीते जी संझई बाई को यह असंभव भी नहीं लगता था। उन्हें उम्मीद थी कि पति के रहते एक दिन पक्का मकान जरूर बन जायेगा, लेकिन अचानक से पति की मौत के बाद संझई बाई की सारी उम्मीद टूट कर बिखर गई, उनका सपना तबाह हो गया। पक्का मकान तो दूर... घर कैसे चलाना है ? अपने बच्चे का कैसे पालन-पोषण करना है..यह सब कच्चे मकान में रह रही संझई बाई की एक नई मुसीबत बन गई। वर्षों तक संझई बाई तकलीफ सहती रही। इस बीच जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन योजना प्रारंभ की तो जंगल में विपरीत परिस्थितियों के बीच रहने वाली संझई बाई जैसी अनेक पहाड़ी कोरवा और अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के भाग खुल गए। पति के मौत के साथ ही पक्के मकान के उम्मीदों को दफन कर चुकी पहाड़ी कोरवा संझई बाई को पीएम जनमन योजना से जीने की नई राह मिल गई है...।
कोरबा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सरडीह विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं का एक बसाहट है। घने जंगल के बीच जीवन यापन करने वाले पहाड़ी कोरवाओं को जंगल में कई चुनौतियां का सामना करना पड़ता है। इसी बसाहट में रहने वाली पहाड़ी कोरवा संझई बाई भी है। जो शादी के बाद इस गाँव में आई और पति के साथ जैसे-तैसे जीवन यापन करती रही। जंगल जाना, बकरी चराना और वनोपज संग्रहण करना इनका मुख्य कार्य था। संझई बाई ने बताया कि वे कच्चे मकान में लंबे समय से रहते आए हैं। जंगल के बीच कच्चा मकान जीवन के लिए असुरक्षित तो है ही साथ ही बारिश के दिनों में मुसीबतों का एक पहाड़ जैसा भी है। जो बादल गरजने और तेज बारिश होने पर रह-रहकर हमे सताता है। उन्होंने बताया कि पति जब जीवित थे तब हम कच्चे मकान की बजाय पक्का मकान होने से ऐसे मुसीबतों से मुक्ति मिलने की बात सोचते थे। हालाँकि पक्का मकान बनवा लेना हमारे बस की बात नहीं थीं, फिर भी पति के जीवित रहते यह उम्मीद बरकरार थी कि कभी तो पकक मकान बन जायेगा। एक दिन बीमारी से पति की मौत हो गई। बहू की मौत के बाद एक बेटा था वह भी अपने चार छोटे बच्चो को छोड़कर चला गया। उनके ऊपर अपना और नाती को पालने की नई मुसीबत आन पड़ी। इस दौरान कच्चे मकान को पक्का बना लेने का सपना भी टूट गया। संझई बाई ने बताया कि वह कच्चे मकान में बारिश के दिनों की तकलीफों को सहती हुई रहती रही। पक्के मकान का उम्मीद पूरी तरह से छोड़ चुकी थी। एक दिन गाँव में जब अधिकारी आए और उनका पक्का मकान बनने की जानकारी दी तो उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था। जब उनके खाते में पैसा आया तब यकीन हो गया कि वास्तव में उनका भी पक्का मकान बनेगा। अब जबकि संझई बाई का पक्का मकान बन रहा है तो उनकी पक्के मकान को लेकर बनीं सारी मुसीबतें खुशियों में तब्दील हो गई है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में जो तकलीफ उठानी पड़ती है अब आने वाले बारिश में नहीं उठानी पड़ेगी। हमारे लिए सरकार ने इतना सोचा और पक्का मकान बनवाकर हमारी तकलीफों को दूर करने का प्रयास किया है यह हम भूल नहीं पाएंगे। गौरतलब है कि जिले में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवारों का पीएमजनमन योजना अंतर्गत पीएम आवास बन रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं।
ओवरलोड राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों पर सतत कार्यवाही करेंः कलेक्टर
वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु एसओपी का पालन करने के दिए निर्देश
कोरबा । नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु राज्य में गठित स्टेट लेवल मॉनिटरिंग एण्ड इंप्लिंटेशन कमेटी की बैठक के निर्णय अनुसार जारी एसओपी का पालन करने के संबंध में आज कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाने और प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारकों पर नियंत्रण के निर्देश देते हुए नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम, परिवहन अधिकारी तथा पर्यावरण अधिकारी को टीम बनाकर राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों की जांच करने जिले की सड़कों में ओवर लोड होकर संचालित हो रहे भारी वाहनों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि भारी वाहन चलने वाले मार्गों में धूल उड़ने पर पानी का छिड़काव भी किया जाए। उक्त बैठक में आशुतोष पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम, क्षेत्रीय अधिकारी, छ.ग.पर्यावरण संरक्षण मंडल, जिला उद्योग महाप्रबंधक, समस्त मुख्य नगर पालिक अधिकारी, आर.टी.ओ., मेसर्स एन.टी.पी.सी. एस.ई.सी.एल, सी.एस.ई.बी. पूर्व एवं सी.एस.ई.बी. पश्चिम तथा लैंको के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देशित किया कि नगरीय निकायों को सड़कों की नियमित रूप से साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खुले में कचरा जलाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएं। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी को उद्योगों की चिमनी की सतत् मॉनिटरिंग करने एवं उल्लंघन की स्थिति पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उद्योगों/खदानों को छ.ग.पर्यावरण मंडल द्वारा जारी एस.ओ.पी. का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा एसडीएम, पुलिस, पर्यावरण एवं आरटीओ की संयुक्त टीम बनाकर एसओपी की उल्लंघन करने वाले वाहनों और उद्योगों के विरूद्ध समय-समय पर ठोस कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खदान/उद्योग/संस्थान में परिवहन हेतु वाहनों से उत्सर्जन मानकों के अनुरूप रहना चाहिए एवं परिवहन के दौरान वाहन में वैध पी.यू.सी. प्रमाण पत्र उपलब्ध रहना चाहिए। प्रत्येक खदान / उद्योग / संस्थान में संचालित भारी वाहनों को गुणवत्ता युक्त तारपोलिन से वाहन कव्हर करने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहन की बॉडी, जिसे तारपोलिन द्वारा ढ़का जाना है, में कोई छिद्र अथवा क्रेक नहीं होना चाहिये, जिससे इसमें भरे जाने वाला मटेरियल परिवहन के दौरान सड़क पर नहीं गिरे। तारपोलिन वाटरप्रूफ, वियर रेजिस्टेंट होनी चाहिये। यह कटी-फटी अथवा क्षतिग्रस्त नही होनी चाहिये। वाहन को तारपोलिन से कव्हर करने के पश्चात इस प्रकार बांधा जाकर सील किया जाना चाहिए ताकि परिवहन के दौरान वाहन से मटेरियल के बाहर गिरने/उड़ने की संभावना न रहे। उन्होंने जिले में इलेक्ट्रीक वाहनों को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने पहल करने के निर्देश दिए।
धान उपार्जन केंद्रों में धान की अवैध आवक की सतत निगरानी करेंः कलेक्टर
काटे गए टोकन का सत्यापन करने के दिए निर्देश
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के संबंध शासन से प्राप्त निर्देशानुसार, उपार्जित धान हेतु उपार्जन केन्द्र स्तर पर स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, धान की अवैध आवक एवं रीसाइक्लिंग पर रोक को सुनिश्चित करने हेतु जिले के पंजीकृत राईस मिलर्स द्वारा किए जा रहे धान उठाव, कस्टम मिलिंग की कार्यवाही एवं धान खरीदी केन्द्रों में प्रचलित धान उपार्जन / परिदान के संबंध में राजस्व अधिकारियों, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, उप संचालक कृषि विभाग, खाद्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा, सचिव, कृषि उपज मंडी कटघोरा एवं सभी धान खरीदी केन्द्रो हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर अवैध धान की आवक को पूरी तरह से रोका जाए।
कलेक्टर श्री वसंत ने अनुविभागीय अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिलर्स के डीएम और धान उठाव की प्रक्रिया में एकरूपता की जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि धान परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित और सघन जांच की जाए, ताकि अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 7 धान उपार्जन केंद्र - कनकी, लैंगा,जटगा, बिंझरा कुल्हारियां,सिरमिना,रंजना आदि में विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष धान उत्पादन 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है जिसकी पारदर्शिता से जांच की जाए और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले के समस्त उपार्जन केन्द्रो में धान की अवैध आवक की सतत् निगरानी रखने हेतु सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक धान उपार्जन केन्द्रो से डी.ओ. के विरूद्ध राईस मिलरों द्वारा उठाव किए जा रहे धानमय वाहन की वीडियो कॉलिंग के माध्यम से तस्दीक करने की कड़ाई से पालन कराने हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा को सख्त निर्देश दिए है।
बैठक में विपणन एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को राईस मिलर्स द्वारा डी.ओ अनुसार उठाव किए जा रहे धान का मात्रात्मक परीक्षण राईस मिल परिसर में उपस्थित होकर किए जाने के निर्देश दिए गए है। किसी भी दशा में धान की रिसाईकलिंग एवं धान की अवैध आवक रोके जाने की हर संभव प्रयास किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक उपार्जन केन्द्र स्तर पर जारी टोकन में से प्रतिदिवस 5 टोकनों का सत्यापन पटवारियों के माध्यम से कराने हेतु सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही सत्यापन में जारी टोकन में उपलब्ध धान की मात्रा अनुसार खरीदी किया जावे तथा कृषकों धान विक्रय पश्चात शेष रकबा के समर्पण हेतु सहमति उपरांत रकबा का समर्पण करने हेतु निर्देशित किया गया है। खाद्य निरीक्षक एवं सहकारिता निरीक्षको को अपने क्षेत्र के समितियों की सतत निगरानी करते हुए समिति स्तर पर धान की अवैध विक्रय पर रोकने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने हिदायत दी है कि धान के अवैध विक्रय पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी एवं सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे विकास कार्य, जिलेवासियों को मिलेगा लाभ
पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा में 132.04 लाख की लागत से अनेक निर्माण व मरम्मत कार्यो की दी गई स्वीकृति
कोरबा । जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास मद द्वारा करोड़ो की राशि से जिले में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार एवं शैक्षणिक भवनों को बेहतर बनाने हेतु अनेक निर्माण एवं मरम्मत कार्य, पहुँचविहीन क्षेत्रों में सड़क व पुल-पुलिया निर्माण, सहित अन्य कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों के पूर्ण होने से स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत 33 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में प्रार्थना शेड हेतु 2.90 करोड़, 36 हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल में सायकल स्टैंड निर्माण कार्य हेतु 2.26 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसमें ग्राम पंचायत को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम पंचायत साखों के आश्रित बसाहट रनई में आवागमन की सुगम व्यवस्था हेतु लगभग 35 लाख से पुल निर्माण एवं आस पास के बसाहट के बच्चों के लिए स्थायी शैक्षणिक संस्थान की व्यवस्था के तहत सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति दी गई है। बसाहट में पुल व सामुदायिक भवन बन जाने से आमजनो को हाथी से होने वाले जान माल की नुकसान से राहत मिलेगी साथ ही बच्चे सकारात्मक वातावरण में पढ़ाई का लाभ ले सकेंगे। पुल निर्माण के लिए वन विभाग को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व कलेक्टर द्वारा इस क्षेत्र का दौरा किया गया था। इस दौरान क्षेत्र की ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर के समक्ष कई मांगे रखी गई थी। इसी तरह पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम मढ़ोढा से मातिन रोड के लिए 98 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के बनने से पांच गांव में कनेक्टीविटी होने के साथ ही मातिन दाई मंदिर तक श्रद्धालुओं का आवागमन आसान हो जायेगा।
डीएमएफ अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा के मुख्य भवन एवं छात्रावास भवन में विभिन्न रेनोवेशन कार्य पूर्ण करने हेतु 132.04 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज के मुख्य भवन में प्लिंथ प्रोटेक्शन एवं पेसेज फ्लोरिंग कार्य हेतु 11.55 लाख, दरवाजा एवं खिड़कियों का उन्नयन कार्य हेतु 11.39 लाख, मुख्य भवन के वर्कशॉप का रेनोवेशन एवं प्रसाधन कक्ष का उन्नयन कार्य एवं छज्जा मरम्मत कार्य हेतु 13.65 लाख, मुख्य भवन के 03 कक्ष (02 कक्षों में) मुम्टी एवं प्रथम तल में स्थित ग्रंथालय कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 18.74 लाख, छात्रावास भवन के प्रसाधन कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 14 लाख, छात्रावास भवन में फ्लोरिंग, पैरापेट वॉल, रुफ सिपेज उपचार एवं पेटिंग कार्य हेतु 13.72 लाख एवं छात्रावास भवन के दरवाजा एवं खिड़कियों का रेनोवेशन हेतु 14.55 लाख, बालक छात्रावास व सी टाइप क्वार्टर तक पहुँच मार्ग में बीटी नवीनीकरण कार्य हेतु 18.11 लाख एवं मुख्य सड़क से कॉलेज भवन व वर्कशॉप तक वीटी नवीनीकरण तथा मजबूतीकरण कार्य हेतु 16.33 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। उच्च शिक्षा अंतर्गत मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में सेल्फ सपोटेड डोम और किचनशेड निर्माण हेतु 75 लाख की स्वीकृति दी गई है, इससे 250 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही जिले के 6 महाविद्यालयों में डेस्कटॉप व ड्यूल डेस्क प्रदाय हेतु 64 लाख, आईटीआई पाली के मरम्मत हेतु 40 लाख की स्वीकृति दी गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कोरबा में 68.88 लाख की राशि से अनेक निर्माण कार्य किए जाएंगे। जिसमें डाइट भवन में वाहनों के लिए पार्किंग शेड निर्माण हेतु 2.62 लाख, आरसीसी डेन का निर्माण कार्य 9.86 लाख, भवन के प्रशिक्षण केंद्र का रेनोवेशन कार्य हेतु 11.59 लाख, संस्थान के बालक छात्रावास भवन 13.23 लाख व बालिका छात्रावास भवन का रेनोवेशन कार्य हेतु 12.95 लाख एवं संस्था के मुख्य भवन के मरम्मत हेतु 18.63 लाख की स्वीकृति जारी की गई है।