छत्तीसगढ़ / कोरबा
जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आम नागरिकों की समस्या
राताखार सहित खदान क्षेत्र के भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किये जाने की हुई शिकायत
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसके निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदन पत्रों को विभागवार संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनदर्शन में कलेक्टर के समक्ष उपचार, प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, आर्थिक सहायता, बेजा कब्जा हटाने, अतिक्रमण की शिकायत, विद्युत संबंधी शिकायत, ट्राइसाइकिल आदि के संबंध में आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में राताखार सहित आसपास के खदान क्षेत्रों की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अतिक्रमण किये जाने की शिकायत की गई। इसी तरह ग्राम दादर खुर्द पटवारी हल्का नंबर 21 की शासकीय भूमि एवं निस्तारी की जमीन को भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर बेचने की शिकायत की गई। जनदर्शन में दादर खुर्द के लीलाराम ने अपनी जमीन के खसरा नंबर में छेड़खानी/कूट रचना करने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। इसी तरह जनदर्शन में वार्ड क्रमांक 20 काशीनगर की रामेश्वरी राठौर ने खंभा लगाने, प्रदीप जायसवाल ने डीव्हीवी स्कूल हेतु बस चलाने, भटोरा मोड़ से बुधवारी बाजार/भिलाई बाजार तक प्रधानमंत्री ई-सिटी बस चलाने, पसान की तिजिया बाई ने अपने हक की जमीन खसरा नंबर 723/10 पटवारी हल्का नंबर 3 को राजकुमार नामक व्यक्ति द्वारा कब्जा करने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। ग्राम कनकी गुमिया भाठा के ग्रामीणों ने कच्ची शराब निर्माण पर कार्यवाही करने, ग्राम बारी उमराव के ग्रामीणों ने बीएसएनएल के बंद टावर को चालू करने, प्रगति नगर-अमन नगर की सत्यवती यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती में अनियमितता की शिकायत की। कोटमेर के माखनदास ने आंख की उपचार हेतु आर्थिक सहायता, सेमीपाली की खोलबहरा साहू ने बिजली बिल ठीक करने के नाम से मीटर रीडर द्वारा वसूली करने, अकरम खान द्वारा स्मृति उद्यान के पास अवैध रूप से ठेला रखे जाने, ग्राम सेंदुरगार पोंड़ीउपरोड़ा के किशुनराम ने फौती नामांतरण नहीं होने और पटवारी द्वारा पैसा की मांग किए जाने की शिकायत की। पड़निया के महारथी महंत द्वारा ट्राइसायकल, रविसिंह द्वारा राताखार में नदी क्षेत्र के जमीन पर अवैध कब्जा होने के संबंध में शिकायत की। जनदर्शन में कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर अजीत वसंत ने प्राप्त सभी आवेदनों का समय पर निराकरण के निर्देश दिए हैं। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अन्नदाताओं के मेहनत को मिल रहा सही दाम : शेर सिंह राठिया
’किसानों की समृद्धि व सहूलियत के लिए सरकार की यह प्रयास सराहनीयः कृषक विजय कंवर
कोरबा। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार द्वारा अन्नदाताओं के मेहनत को सही मूल्य देने के लिए सार्थक प्रयास किए गए है। जिससे किसानों में अपनी उपज विक्रय करने के लिए उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा धान खरीद प्रक्रिया को बेहतर व सरल बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन, डिजिटल पंजीकरण, खरीद केंद्रों तक सुगम पहुंच और समय पर भुगतान की व्यवस्था की गई है। किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए उनके मेहनत के हर एक दाने को सरकार द्वारा क्रय किया जा रहा है। कृषको से 21 क्विंटल प्रति एकड़ एवं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुनिश्चित की गई है। साथ ही खरीदी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई गई है। इस व्यवस्था से किसानों को यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, जो उनके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा।
करतला विकासखण्ड के ग्राम सोलवां के किसान श्री शेर सिंह राठिया ने सरकार के इन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इससे किसानों को अपनी फसल का उचित कीमत मिल रहा है और वे आर्थिक सुदृढ़ बनेंगे। 70 वर्षीय कृषक शेर सिंह ने बताया कि उनकी कुल 4.95 एकड़ जमीन है। जहां उन्होंने अपनी अथक मेहनत से अन्न उपजाया है। इस वर्ष उनकी मेहनत खूब रंग लाई है और धान की अच्छा उत्पादन हुआ है। कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने अपनी फसल की कटाई की है। खलिहान में मिसाई और उपज की साफ सफाई के बाद उनकी धान विक्रय के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है। इस वर्ष ऑनलाइन टोकन पंजीयन की सुविधा मिलने से उन्हें समिति में जाकर टोकन कटाने के लिए लंबी लाइन में खड़े रहने की आवश्यकता नही पड़ी। मोबाइल के जरिये ही उन्हें 52 क्विन्टल धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त हो गया। इससे उन्हें बड़ी प्रसन्नता हुई।
इसी प्रकार अपने खलिहान में फसल की मिसाई कार्य में व्यस्त सुमेधा निवासी विजय कुमार कंवर ने बताया कि सरकार द्वारा 3100 रुपये क्विंटल की दर से धान खरीदी करने से छोटे किसानों को बहुत राहत मिल रही है। इससे किसानो को उनके मेहनत का वास्तविक मूल्य मिलेगा और वे आर्थिक रूप से शसक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के समृद्धि के लिए सरकार की यह प्रयास प्रसशनीय है। विजय ने कहा कि टोकन के लिए भी ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था है। इससे किसान को और अधिक सहूलियत होगी। साथ ही शीघ्र भुगतान की भी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी की इस प्रकार की व्यवस्थाओं से किसानों की मेहनत का पूरा मूल्य सुनिश्चित हो रहा है और वे अपने उत्पादों को बिना किसी परेशानी के उपार्जन केंद्रों तक पहुंचा रहे हैं।
सुचारू व्यवस्था से कृषक बिना किसी तनाव के बेच पा रहे अपनी फसल
किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलने से बढ़ता है मनोबल : किसान हरिनारायण
कोरबा। किसान हितैषी सरकार द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसानों की उपज की सुगम और पारदर्शी खरीददारी के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। इसके तहत, किसानों को उनकी मेहनत की उचित कीमत मिल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, और त्वरित तौलाई जैसी सुविधाएं किसानों को अपने उत्पाद बेचने में अधिक सहजता और पारदर्शिता प्रदान कर रही हैं।
कटघोरा विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र छुरीकला में अपनी उपज विक्रय के लिए पहुँचे छुरी के किसान श्री गुना राम केवर्त्त एवं उनके पुत्र हरिनारायण ने केंद्र में धान विक्रय के लिए किसानों हेतु की गई व्यवस्था पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने बताया की केंद्र में धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई, बड़ी सरलता से उनका धान विक्रय हो गया। हरिनारायण ने बताया कि उनका सात एकड़ जमीन है। जहां वे खरीफ समय में धान की फसल लेते हैं। आज वे 50 क्विंटल धान विक्रय के लिए लाये हैं। जिसका टोकन उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही ऑनलाइन मोबाइल के माध्यम से प्राप्त किया। आगामी दिनों में उनके द्वारा और धान भी विक्रय के लिये केन्द्र में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए धान की तौलाई और बिक्री की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है। मोबाइल के जरिए टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों से बचने में मदद मिल रही है। साथ ही केंद्र में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता से उनकी फसल बिना किसी परेशानी के तौलाई हो गई।
हरिनारायण ने कहा कि इस तरह की सुविधा मिलने से किसानों को अपनी उपज सही समय पर और सही तरीके से बेचने में सहायता हो रही है। सरकार द्वारा किसानों को भुगतान में देरी न हो, इसके लिए उचित प्रबंधन करते हुए भुगतान की त्वरित व्यवस्था की गई है। जिससे किसान बिना किसी तनाव के अपनी फसल बेच पा रहे हैं। सरकार की इस प्रकार की नीतियां और कदम अन्नदाताओं को आर्थिक सुरक्षा और समर्थन का एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलने से निश्चित ही उनका मनोबल बढ़ता है और किसान आगामी सीजन में बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होते है।
छुरीकला उपार्जन केंद्र के प्रबंधक ने बताया कि 14 नवम्बर से अब तक केंद्र में 287.60 क्विंटल धान क्रय किया गया है। केंद्र में लगभग 32 गांव के कुल 1185 पंजीकृत कृषक धान विक्रय करते है। समिति में 15 हजार नए बारदाने एवं लगभग 10 हजार पीडीएस बारदाना सहित बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता है।
जब से पहाड़ी कोरवा भोलाराम ने खरीदी स्कूटी, समय पर पहुंच पाता है ड्यूटी
किस्मत ने करवट बदली, नौकरी ने बदल दी जिंदगी
कोरबा। पहाड़ी कोरवा भोलाराम ने कभी साइकिल भी नहीं चलाई थीं। अपने परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी जंगल जाने की चली आ रही परम्परा के अनुसार वह भी बचपन से जंगल आता जाता रहा। गांव में जब स्कूल खुला तो उन्होंने किसी तरह पहले पांचवीं पास की, फिर 8वीं पास कर जीवनयापन के लिए छोटे से खेत में काम करने लग लग गया। इस बीच शादी हो गई, बच्चे हो गए और पर गरीबी और आर्थिक समस्याओं से घिरे पहाड़ी कोरवा भोला राम परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने संघर्षों से जूझता रहा। आसपास काम मिल जाने पर मजदूरी करना, तीर-धनुष लेकर जंगल की ओर जाना और घर में छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने मन मसोस कर रखना जिंदगी की दिनचर्या में शामिल होती चली गई। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उसकी किस्मत एक दिन ऐसी करवट बदलेगी कि जिंदगी बदल जायेगी और जंगल जाने वाला, पैदल चलने वाला पहाड़ी कोरवा इतना सक्षम हो जायेगा कि वह घर की जिम्मेदारियां निभा पायेगा, स्कूटी में सफर कर पायेगा।
यह कहानी कोरबा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम कोरई के पहाड़ी कोरवा भोलाराम की है। बसाहट के कच्चे मकान में जीवन बसर करते आए पहाड़ी कोरवा भोलाराम की तकदीर अब उनके पूर्वजों की तरह नहीं रही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को नौकरी से जोड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल का परिणाम उनके आर्थिक और पारिवारिक समृद्धि का भी द्वार खोलने लगा है। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले में निवासरत पीवीटीजी के सभी शिक्षित बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार डीएमएफ से जिले के विद्यालयों, अस्पतालों में रिक्त पदों पर नौकरी देने की पहल की गई है। इसी कड़ी में ग्राम कोरई के पहाड़ी कोरवा भोलाराम की नौकरी भी बांगो एरिया के माचाडोली में स्थित शासकीय उच्चतर विद्यालय में लगी है। उन्होंने बताया कि अपने घर से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी होने और इस मार्ग में बसें नहीं मिलने से वह कई बार समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाता था। हालांकि उन्होंने माचाडोली में अपने कार्यस्थल के पास भी रहने की व्यवस्था की है, लेकिन अवकाश दिनों और अन्य आवश्यक कार्य पड़ने पर घर से स्कूल तक सफर को आसान बनाने तथा समय पर ड्यूटी पहुंच पाने के लिए अपनी तनख्वाह से कुछ राशि बचत की। इस बीच परिचितों के माध्यम से स्कूटी और बाइक चलाना भी सीख गया। लगभग दस हजार रूपये अग्रिम भुगतान (डाउन पेमेंट) कर उन्होंने किश्त में बैटरी वाली एक स्कूटी खरीद ली। अब जबकि स्कूटी घर आ गई है, पहाड़ी कोरवा अवकाश दिनों में और अन्य जरूरी कार्य से अपने कर्तव्य स्थल से घर और घर से स्कूल तक आना जाना करता है। माचाडोली के विद्यालय में चतुर्थ पद भृत्य के पद पर नौकरी कर रहे भोलाराम ने बताया कि उनकी पत्नी और बच्चे को लेकर वह घूमने फिरने भी जाता है। उन्होंने बताया कि नौकरी मिलने के बाद जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रही। घर का पूरा सिस्टम बदल गया है। समय पर खाना, समय पर सोना, समय पर स्कूल जाना होता है। घर की जरूरतों और जिम्मेदारियों को भी पूरा करने में नौकरी मददगार बनी है। इसलिए परिवार भी खुश है। भोलाराम का कहना है कि वह बहुत आगे तक नहीं पढ़ाई कर पाया है, क्योंकि वह शिक्षा के महत्व को नहीं जान सका था। आज उनकी नौकरी लगी है तो मालूम हो रहा है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा का कितना महत्व है, इसलिए वह भी अपने समाज के लोगों को जागरूक करते हुए अपने बच्चे को अच्छे से पढ़ाएगा। उनकी पत्नी प्रमिला बाई ने बताया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि पति के साथ स्कूटी में बैठकर घूमने फिरने जाने का मौका मिलेगा। अब स्कूटी आने पर घर से बाहर कई बार स्कूटी में बैठकर जा चुकी है। गौरतलब है कि कोरबा जिले में पीवीटीजी के 119 युवा बेरोजगार युवाओं को अतिथि शिक्षक,भृत्य,वार्ड बॉय की इस वर्ष जुलाई माह से नौकरी दी गई है। रिक्त पदों पर अभी भी आवेदन लेकर नौकरी देने की प्रक्रिया जारी है। नौकरी के बाद पीवीटीजी के जीवन स्तर में बदलाव आने लगा है।
कलेक्टर ने पुल, सड़क,स्कूल भवन निर्माण के लिए दी लगभग 4 करोड़ प्रशासकीय स्वीकृति
कोरबा। कलेक्टर अजीत बसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत जिले में उच्च स्तरीय पुल निर्माण, हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण के लिये लगभग 4 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।
कोरबा जिले में डीएमएफ अन्तर्गत लगातार विकास कार्य कराये जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर ने कटघोरा ब्लॉक अंतर्गत मुड़ापार से कोरबी धतूरा सड़क के नवीनीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु एक करोड़ 80 लाख 93 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह खम्हारमुड़ा से भुकभुकीपारा मार्ग में अंजन नाला पर उच्च स्तरीय पुल के निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख 37 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर ने विकासखंड कोरबा अन्तर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भवन निर्माण प्रथम तल एवं द्वितीय तल हेतु 98 लाख नौ हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
पढाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देवें शिक्षक: कलेक्टर
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की बोर्ड परीक्षा में बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए कला संकाय विषय के व्याख्याताओं की समीक्षा बेठक शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली। उन्होने शिक्ष्कों को निर्देश दिए कि पढाई में कमजोर बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए उन पर विशेष ध्यान देकर अध्यापन कार्य करें। बच्चों को स्कूल में नियमित आने तथा पढ़ाई में निरंतरता बनाने के लिए प्रेरित करें। उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगायें। ब्लैक बोर्ड पर लिखने का अभ्यास करायें। परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से गृह कार्य में प्रश्नोत्तर लिखा कर रिवीजन करायें।
कलेक्टर ने बच्चों के शैक्षणिक विकास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विद्यालयवार एवं व्याख्याताओं के विषयवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विगत वर्ष के परीक्षा परिणामों को ध्यान में रखकर शिक्षक मेहनत करें और इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की कमजोरियां बताने से अच्छा उनकी कमजोरी दूर करना है। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय के शिक्षक अपने विषयों में 80 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दृष्टिगत शिक्षकों के द्वारा बच्चों की लिखावट की गति एवं शुद्धता पर ध्यान दिया जाये। शिक्षक का मुख्य कार्य अध्यापन कार्य होता है। बच्चों को पढ़ाकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासनहीनता करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद से विद्यालयों में नियुक्त अतिथि व्याख्याताओं की निरंतरता उनके विषयों की परीक्षा परिणाम के आधार पर की जायेगी। उन्होंने कहा कि अतिथि व्याख्याताओं का उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मानदेय में वृद्धि भी की जायेगी।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक बच्चों के सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखकर बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही साथ पालक की भी भूमिका निभाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी.उपाध्याय, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कला संकाय के व्याख्याता एवं अतिथि व्याख्याता उपस्थित थे।
कोरबा में राखड़ उड़ाते 150 वाहनों पर 12.91 लाख का जुर्माना
कोरबा। सड़क पर यात्रियों और आम राहगीरों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब निर्धारित नियमों का सभी अक्षरशः पालन करें। खासकर यात्री और गुड्स ट्रांसपोर्ट के लिए निर्धारित परमिट शर्तों का उल्लंघन सड़क से जुड़े हर आदमी के लिए जिंदगी की मुसीबत बन सकता है। जिले की सड़कों पर लोगों की लाइफलाइन बनकर दौड़ती यात्री बसें और ऊर्जा नगरी की धड़कन बन चुके भारी वाहनों की दौड़ में नियमों की कसावट लाई जा रही है। इस ओर गंभीर रुख अपनाते हुए जिला परिवहन विभाग की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटी है।
सितंबर और अक्टूबर में राखड़ परिवहन कर रहे 30 ओवरलोड तो सड़क पर राखड़ उड़ाते फर्राटे भरने वाले 120 भारी वाहनों पर कुल 12 लाख 91 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसी तरह एक अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच परमिट शर्तों का उल्लंघन करते पकड़ी गई 51 यात्री बसों पर भी शिकंजा कसते हुए 46 हजार 600 रुपये जुर्माना लगाया गया। जिला परिवहन विभाग (डीटीओ) कोरबा द्वारा सड़क पर परिवहन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच अभियान के साथ निगरानी कर रही हैं। जरूरी दस्तावेज या परमिट शर्तों संबंधी आवश्यक मापदंडों को दरकिनार कर परिवहन कर रहे यात्री बसों पर शिकंजा कसा गया।
एक अक्टूबर से लेकर 10 नवंबर के बीच हुई जांच एवं जुर्माने की कार्रवाई पर गौर करें तो इन 41 दिनों में कुल 51 यात्री बसों को कायदे की अनदेखी कर फर्राटे भरते पकड़ा गया। इनके खिलाफ चालानी कार्यवाही करते हुए 51 यात्री बसों के विपरीत 46 हजार 600 रुपये जुर्माना वसूली की गई है। परिवहन उड़नदस्ता कोरबा द्वारा जांच एवं यात्री बसों पर कार्रवाई करने के साथ चालकों और बस संचालकों को नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी जा रही है।
बंधुआ मजदूरी, मानव तस्करी जैसे शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासन करेगी तत्काल कार्यवाही : कलेक्टर
जनदर्शन में विभिन्न समस्याओं के 57 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा। कलेक्टर जनदर्शन में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से अपनी शिकायतों व समस्याओं के निराकरण के लिए आए लोगों ने बारी-बारी से अपने आवेदन कलेक्टर अजीत वसंत के समक्ष रखा। कलेक्टर ने आमजनो के आवेदनों को गम्भीरता से सुनते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का जांच कर शासन के नियमानुसार निराकरण करने एवं आमजनों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में आज पोड़ी-उपरोड़ा के कटोरी नगोई से आई प्रार्थी प्रेमकली बाई ने कलेक्टर को अपने पुत्र को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाने व वापस घर लाने के लिए आवेदन दिया। उसने बताया कि उसके बेटे तेजप्रताप को अच्छी सैलरी की नौकरी दिलाने के नाम से बहकाकर पड़ोसी गांव के व्यक्ति द्वारा तमिलनाडु ले जाया गया था, जहां उसे बंधक बनाकर कार्य कराया जा रहा है। उसे ना तो मजदूरी दी जा रही है और ना ही घर आने दिया जा रहा है। प्रार्थिया ने अपने बुढ़ापे के सहारे को बंधुवा मजदूरी से छुड़वाकर घर वापस लाने का निवेदन किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आवेदन को सवेदनशीलता से लेते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बंधुआ मजदूरी व मानव तस्करी जैसी शिकायतों पर गम्भीरता से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने श्रम अधिकारी को प्रकरण की जांच कर स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही तेजप्रताप को बंधुवा मजदूरी से मुक्त कराकर घर वापस लाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया।
इसी प्रकार दादरकला की रहने वाली कुमारी पूजा कंवर ने मजदूरी भुगतान के संबंध में आवेदन देते हुए बताया कि वह निहारिका के रॉयल रसोई होटल में स्टीवर्ड का काम करती थी। उसके पिछले अगस्त से अक्टूबर माह तक का पारिश्रमिक भुगतान लंबित है। उसने कलेक्टर से यथाशीघ्र मजदूरी भुगतान कराने का आग्रह किया। कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को आवेदन का परीक्षण कर आवेदिका को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
ग्राम सुतर्रा के निवासी तिलक राम, नर्मदा बाई व तिहारु राम द्वारा अर्जित भूमि के मुआवजा राशि दिलाने के सम्बंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में राष्ट्रीय राजमार्ग पथरापाली से कटघोरा हेतु उनकी जमीन विधिवत अर्जन की गई थी परन्तु आज दिनांक तक उन्हें मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है। उनके द्वारा भू अर्जन शाखा कटघोरा का कई बार चक्कर लगाया जा चुका है पर उन्हें हर बार मुआवजा राशि उनके खाते में भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया जाता है। उन्होंने कलेक्टर से शीघ्र मुआवजा राशि दिलाने का निवेदन किया। कलेक्टर ने प्रकरण को टीएल में दर्ज करते हुए एसडीओ राजस्व को प्रकरण का परीक्षण कर यथाशीघ्र आवेदको मुआवजा राशि प्रदान कर प्रकरण निराकृत करने हेतु निर्देशित किया।
विकासखण्ड पाली के ग्राम नुनेरा निवासी झगल राम ने कलेक्टर को वन अधिकार पट्टा दिलाने का आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में उसके व उसकी पत्नी समारिन बाई के नाम से वन अधिकार पट्टा बनाया गया है, परन्तु आज तक वितरित नहीं हुआ है। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग को नुनेरा ग्राम के वन अधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों की सूची की परीक्षण कर आवेदक के नाम की जांच करने के निर्देश दिए एवं उन्हें पात्रतानुसार पट्टा वितरित करने निर्देशित किया।
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने का आवेदन लेकर आए तरदा के कपूरदास बघेल ने कलेक्टर को बताया कि उसके खाते में लैंड सीडिंग की समस्या के कारण कुछ दिनों से योजना की राशि नही आ रही है। जिससे उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को आवेदक के खाते में लैंड सीडिंग की समस्या का समाधान कर उसे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार आज जनदर्शन में भूमि सीमांकन, बंटवारा, रिकार्ड दुरुस्ती, मुआवजा राशि दिलाने, मजदूरी भुगतान, कानूनी सहायता दिलाने, प्राकृतिक आपदा के तहत सहायता राशि दिलाने सहित अन्य समस्याओं के कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों को सम्बंधित अधिकारियों को आवेदन का परीक्षण कर समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत व अपर कलेक्टर दिनेश नेताम, संयुक्त कलेक्टर मनोज बंजारे, शिक्षा विभाग, कृषि, समाज कल्याण खाद्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
रिटर्निंग-सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त
नगरीय निकाय निर्वाचन
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत के निर्देशन में नगर पालिका निगम कोरबा सहित जिले की 03 नगर पालिक परिषद् एवं 02 नगर पंचायतों के निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न कराने हेतु रिटर्निंग अधिकारियों एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
नियुक्त अधिकारियों में नगर निगम कोरबा हेतु संयुक्त कलेक्टर श्री मनोज कुमार बंजारे, नगर पालिक परिषद दीपका हेतु एसडीएम राजस्व पोड़ी-उपरोड़ा तुलाराम भारद्वाज, नगर पालिक परिषद बांकीमोंगरा हेतु संयुक्त कलेक्टर कौशल प्रसाद तेंदुलकर, नगर पालिक परिषद कटघोरा हेतु एसडीएम कटघोरा रोहित कुमार सिंह, नगर पंचायत पाली हेतु एसडीएम पाली सीमा पात्रे तथा नगर पंचायत छुरीकला हेतु अतिरिक्त तहसीलदार किशोर शर्मा शामिल हैं।
सहायक रिटर्निंग अधिकारियों में नगर निगम कोरबा हेतु डिप्टी कलेक्टर गौतम सिंह, आयुक्त नगर निगम आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, डिप्टी कलेक्टर रूचि शार्दुल, अधीक्षक भू-अभिलेख शाखा अमित झा, तहसीलदार बरपाली राहुल पाण्डेय, नगर पालिक परिषद दीपका हेतु तहसीलदार दीपका अमित केरकेट्टा, मुख्य नगर पालिका परिषद अधिकारी दीपका राजेश गुप्ता, नगर पालिक परिषद बांकीमोंगरा हेतु नायब तहसीलदार दीपका बंदेराम भगत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका ज्योत्सना टोप्पो, नगर पालिक परिषद कटघोरा हेतु अतिरिक्त तहसीलदार कटघोरा प्रियंका चंद्रा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी कटघोरा ज्ञानपुंज कुलमित्र, तहसीलदार हरदीबाजार विष्णु पैंकरा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पाली पूर्णेन्दु तिवारी, नगर पंचायत पाली हेतु तहसीलदार अजगरबहार मनहरण सिंह राठिया, नायब तहसीलदार कोरबा दीपक पटेल शामिल हैं।
अवैध धान के आवक पर रोक लगाने प्रशासन गंभीरता से कर रहा कार्य
प्रशासन द्वारा संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों व बिचौलियों, कोचियों पर रखी जा रही विशेष निगरानी
कोरबा। जिले के धान उपार्जन केंद्रों में अवैध धान के आवक पर रोक लगाने कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में प्रशासन द्वारा गम्भीरता से कार्य किया का रहा है। जिला प्रशासन द्वारा समितियों में विक्रय हेतु आने वाले धान की मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकारी जमीन में अतिक्रमण कर खेती करने वालों के विरुद्ध निरंतर जब्ती की कार्यवाही की जा रही है।
राजस्व, पुलिस एवं धान खरीदी से सम्बंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों एवं बिचौलियों, कोचियों पर विशेष निगरानी रखा जा रहा है। साथ ही अवैध धान के आवागमन पर रोक लगाने के लिए गोदामों का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज कटघोरा के छुरीकला में सुभाष जोशी के स्टोर्स से 15 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। कटघोरा अतिरिक्त तहसीलदार भूषण कुमार मंडावी सहित राजस्व विभाग की टीम द्वारा गोदाम में स्टॉक वेरीफिकेशन के दौरान 15 क्विंटल अवैध धान भंडारित पाया गया जिसे टीम द्वारा जब्ती की कार्यवाही की गई।
इसी प्रकार कोरबा के बरपाली तहसील अंतर्गत ग्राम देवलापाठ में राजस्व जमीन में कब्जा कर धान का फसल लेने वाले गोविंद राम, पंच राम बरेठ, रामनिवास बहोरिक के लगभग 1.5 एकड़ भूमि मे लगाए गए फसल को जब्त किया गया।एक अन्य प्रकरण में विकासखण्ड पाली के हरदीबाजार अंतर्गत ग्राम उतरदा में शासकीय भूमि में कब्जाधारी हेमसिंह पटेल द्वारा खसरा नंबर 1450 रकबा 0.95 एकड़ में कब्जा कर लगाए गए धान के फसल को राजस्व विभाग की टीम द्वारा जब्त किया गया है। जिससे इस रकबे में लगे धान का धान खरीदी केंद्रों में पंजीकृत किसान के खाते से विक्रय ना हो पाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, रिक्त पदों पर भर्ती आवेदन 29 से
कोरबा। जिले के विकासखण्ड कटघोरा अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 02 एवं सहायिकाओं के 02 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक महिला आवेदक 29 नवंबर से 13 दिसंबर 2024 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कटघोरा में आवेदन जमा कर सकते हैं।
कलेक्टर ने गोपू पाण्डेय के विरुद्ध की जिलाबदर की कार्यवाही
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा अजीत वसंत ने आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-3 एवं 5 के तहत गोपू पाण्डेय उर्फ प्रकाश पाण्डेय उम्र 27 वर्ष, पिता-स्व. राकेश पाण्डेय, साकिन ब्राम्हण पारा पुरानी बस्ती कोरबा को जिला बदर करते हुए आदेशित किया है कि वह 24 घंटे के अन्दर कोरबा तथा समीपवर्ती जिला बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले क्षेत्र से 01 वर्ष की अवधि के लिए बाहर चले जाएं और जब तक यह आदेश लागू रहेगा, बिना वैधानिक पूर्वानुमति लिए कोरबा जिले एवं उक्त उल्लेखित जिलों की सीमा में प्रवेश न करें। उन्होंने इस आदेश का तुरंत पालन किए जाने का निर्देश देते हुए कहा है कि आदेश का पालन न किए जाने पर संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
नवोदय विद्यालय में परमाणु ऊर्जा विषय पर कार्यक्रम
कोरबा। सलोरा स्थानीय पीएम स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय सलोरा में आयोजित एक कार्यक्रम में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. श्याम सुंदर और डॉ. अरुण कुमार ने परमाणु ऊर्जा और इसकी शांतिपूर्ण उपयोग पर चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति और इसके शांतिपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान करना था। डॉ. श्याम सुंदर और डॉ. अरुण कुमार ने परमाणु ऊर्जा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिनमें इसके उपयोग, लाभ और चुनौतियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम में 527 छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और परमाणु ऊर्जा के बारे में अपने सवाल पूछे। डॉ. श्याम सुंदर और डॉ. अरुण कुमार ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए।
इस कार्यक्रम का आयोजन छात्रों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए किया गया था। डॉ. श्याम सुंदर और डॉ. अरुण कुमार ने छात्रों को इस क्षेत्र में अपने करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
देरी से स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों की खैर नहीं
कोरबा। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बिगड़ी दशा को सुधारने शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचे और निर्धारित समय पर कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने विकासखंड स्तर पर पांच निरीक्षण टीम का गठन किया है। यह टीम स्कूल खुलने से पहले टीम रवाना होगी। समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
देरी से पहुंचते हैं शिक्षक
दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं बल्कि शहर के मुख्य मार्गों से लगे स्कूलों में भी शिक्षक देरी से पहुंचते हैं। स्थिति यहां तक भी देखी जाती है कि बच्चे स्कूल पहुंच चुके होते हैं और दरवाजे पर ताला लटके होने की वजह से शिक्षक के आने तक इंतजार करते हैंं।
लगातार मिल रही थी शिकायत
नियमित निरीक्षण के अभाव में शिक्षा विभाग को अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायत मिल रही थी। जनदर्शन के माध्यम से आ रही शिकायत को गंभीरता लेते हुए कलेक्टर की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने टीम का गठन किया है।
टीम के दल नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे।
दूर-दराज के स्कूलों के निरीक्षण की रिपोर्ट भी दल को शिक्षा विभाग को देनी होगी।
टीम के सदस्य प्राथमिक , मिडिल के अलावा हाई व हायर सेकेंडरी विद्यालयों का भी निरीक्षण करेंगे।
बिना सूचना दिए स्कूल से अनुपस्थित रहते है शिक्षक
शिक्षक बिना सूचना दिए स्कूल से अनुपस्थित रहते है और दूसरे दिन आकर दो दिन की एकमुश्त उपस्थिति पर हस्ताक्षर कर देते हैं। बताना होगा कि शिक्षकों के कक्षा में सोने, प्रार्थना के समय तक स्कूल नहीं पहुंचने के वीडियो वायरल व खबर प्रकाशन होने से शिक्षा विभाग की अव्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस वजह जिला शिक्षा विभाग ने सतत निरीक्षण का निर्णय लिया है।
प्री-बोर्ड के लिए 30 प्राचार्यों का दल गठित
राज्य शासन ने इस प्रत्येंक स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा है। जनवरी माह के अंत तक प्रत्येक स्कूलों कोर्स पूरा करा लेना होगा। प्रश्न पत्रों की ब्लू प्रिंट तैयार करने के जिला स्तर पर 30 प्राचार्यों की टीम गठित की गई है। प्रत्येक विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड में शामिल होना है। जिन स्कूलों में शिक्षा सत्र के बाद अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हुई है उन्हें भी अध्यापन में प्रगति लाते हुए कोर्स पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रति माह होगी शाला प्रबंध समिति की बैठक
शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक विद्यालय प्रमुख को प्रतिमाह शाला प्रबंध समिति की बैठक आयोजित करने के लिए कहा है। इससे बच्चों के नियमित उपस्थिति में अभिभावकों का सहयोग मिलेगा। शिक्षक-अभिभावक के आपसी तालमेल से शिक्षण के स्तर में सुधार होगी। स्कूल की व्यवहारिक समस्या जैसे भवन मरम्मत, विद्यालय स्वच्छता आदि में अभिभावकों का भी स्वेच्छा से योगदान लिया जा सकता है।
स्कूल के बाहर छात्रों के बीच हुई जमकर मारपीट, एक का फूटा सिर
कोरबा। एसईसीएल स्थित एनसीडीसी आत्मानंद हाई सेकेंडरी स्कूल के बाहर छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस विवाद में एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके सिर में चोट आई और खून से लथपथ हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां उसका इलाज जारी है.
यह घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र के हेलीपैड के पास हुई, जहां लंच ब्रेक के दौरान एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं के बीच विवाद हुआ और फिर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. घटना की सूचना जब पुलिस को दी गई तो पुलिस की आने की सूचना मिलने पर सभी छात्र मौके से फरार हो गए.
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. अलका फ्लिप्स ने बताया कि घटना के बारे में उन्हें मीडिया से जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि हमें घटना के समय की सही जानकारी नहीं है, लेकिन यह लंच ब्रेक में हुई बताई जा रही है. फिलहाल छात्रों से पूछताछ की जा रही है.
इस स्कूल में इससे पहले भी छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं. यह मामला स्कूल प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है.
आत्मानंद स्कूल के सामने मिली लाश, इलाके में मचा हड़कंप
कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में आज सुबह एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. सुबह जब स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक करने कटघोरा मुख्य मार्ग पर स्थित आत्मानंद स्कूल के पास पहुंचे, तो वहां अचेत पड़े लगभग 60 वर्ष के व्यक्ति की सूचना उन्होंने पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने अधेड़ को जांकर देखा तो वह मृत पाया गया. फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मृतक की पहचान करने और मामले की जांच में जुट गई है.
वार्षिक परीक्षा से पहले दसवीं- बारहवीं के विद्यार्धी कर ले तैयारी, देनी होगी प्री बोर्ड परीक्षा
कोरबा। निजी स्कूलों के तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी पहली बार प्री बोर्ड परीक्षा का आयोजन होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा के पूर्णरूप से तैयार करने के उद्देश्य से इसका आयोजन जनवरी के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। सभी हाई और हायर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों में प्री बोर्ड के पहले शत प्रतिशत कोर्स पूरा करना होगा।
सरकारी स्कूलों ने प्री बोर्ड की तैयारी शुरू की
निजी स्कूलों के संचालक परीक्षा परिणाम बेहतर करने कई तरह के उपाय अपनाते हैं। वहीं लेकिन सरकारी स्कूलों में इस तरह के उपाय नहीं अपनाए जाते। जिसके कारण कई बार सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते हैं। निजी स्कूल की तुलना में सरकारी शिक्षकों पर अधिक खर्च किए जाने के बाद भी अधिकांश स्कूलों में परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहता है। व्यवस्था को सुधारने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के उद्देश्य से सरकार ने प्री-बोर्ड को शासन ने अनिवार्य कर दिया है। सभी सरकारी स्कूलों ने प्री बोर्ड की तैयारी शुरू कर दी है।
प्री बोर्ड के लिए प्रदेश के सभी डीईओ को दसवीं और बारहवीं का सिलेबस 10 जनवरी तक पूरा करने के लिए कहा गया है। सरकारी आदेश में इस बात का भी उल्लेख है कि सभी डीईओ अभी से प्रत्येक स्कूलों में अभी से तैयारी कर ले।
प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए विषयवार समिति का गठन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल निर्धारित ब्लू प्रिंट के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। गोपनीयता की अनिवार्यता भी तय की गई है।
अध्यापन स्तर सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। बिना सूचना के स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी की जा रही है। ज्यादातर स्कूलों में अभी कोर्स अधूरा दिवाली व दशहरा की छुट्टी के बाद अब स्कूलों में पढ़ाई रफ्तार पकड़ने लगी है।