छत्तीसगढ़ / नारायणपुर
शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति पर कार्यशाला आयोजित
नारायणपुर । शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, नारायणपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति विषय पर विशेष जागरूकता कार्यशाला एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराना, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाना तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यशाला में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं भावनात्मक संतुलन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, इसके सामाजिक, पारिवारिक एवं मानसिक कारणों तथा इससे होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में बताया। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्रों, परामर्श सेवाओं तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न उपचार एवं पुनर्वास योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। कार्यशाला के दौरान नशे और अपराध के बीच संबंध पर चर्चा करते हुए युवाओं को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नारायणपुर के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ. बी.एन. बानपुरिया (एनएमएचपी) एवं डॉ. याखीलेश्वरी ठाकुर (एनटीसीपी) के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर असिस्टेंट नोडल अधिकारी छत्रपाल साहू, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मनोज देवांगन तथा सीनियर नर्सिंग ऑफिसर उमेश कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ के रूप में संबोधित किया और उनके प्रश्नों का समाधान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षकगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों ने भी कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ को नशा मुक्त भारत निर्माण तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
’जिले के हलामी मुंजमेटा झारा धौड़ाई और कन्हारगांव पहुंची तिरंगा यात्रा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि’
नारायणपुर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ आज हलामी मुंजमेटा , झारा धौड़ाई और कन्हारगांव पहुंची। रैली के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री तथा नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने सभी के साथ भारत माता की जयकारे लगते हुए आगे बढ़े। हलामी मुंजमेटा पहुंचने पर तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर हलामी मुंजमेटा में नक्सली हमले में शहीद हुए स्व. बलिराम पोटाई, स्व. संतोष श्रीमाली, स्व. सोमारू राम वट्टी, स्व. अब्दुल वाहिद खान की श्रद्धांजलि दी गयी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शहीद जवान की शहादत को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश की सुरक्षा और शांति के लिए जवानों ने जिस साहस और समर्पण के साथ अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
शहीदों की स्मृति में लगाए पौधे
इसके पश्चात बाइक रैली झारा पहुंचा इस दौरान ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। शहीदों की स्मृति में वट वृक्ष, आमला, आम, काजू के पौधे लगाए गए एवं उनके बलिदान और देश के प्रति समर्पण की जीवंत स्मृति के रूप में संजोने का संकल्प लिया गया। यह पहल शहीदों की वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभक्ति को एक साथ जोड़ने का संदेश देती है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलावाद के खात्मे के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि गांव में कोई मेहमान आएंगे तो कोई रोक टोक नहीं होगी, अब मेला मड़ई रोकने वाला कोई नहीं, अब आपको परेशान करने वाला कोई नहीं, अब आपके घरों को लूटने वाला कोई नहीं है। बाबा साहेब के लिखे भारत के संविधान में इतनी ताकत है कि सभी को आगे लेकर जाए। अब संविधान को लागू होने से रोकने वाला कोई नहीं है। स्वतंत्रता दिवस पर खुशी मनाने के लिए सिर्फ बाइक रैली में ही शामिल होना जरूरी नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप हर घर में तिरंगा लगाया जाना है, क्योंकि अब किसी को घर में तिरंगा लगाने से रोकने वाला कोई नहीं है।
सभी ने अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनकी याद में नारे लगाए और शहीदों की शहादत की याद में गांव के सरपंच ने गांव की पवित्र मिट्टी प्रदान किया। जिसे शहीद संग्रहालय में रखा जायेगा। इसके पश्चात बाइक रैली महाराबेड़ा पहुंचा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 27 जवान शहीद हुए थे उनकी वीरगाता ग्रामीणों से पूछा। उसके पश्चात धौड़ाई पहुंच कर एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात कन्हारगांव पहुंचकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि देकर एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत 291.48 लाख रुपए के 48 कार्यों के सीसी सड़क निर्माण, सामाजिक भवन निर्माण और सड़क मुरमीकरणकरण कार्य का भूमि पूजन किया।
बाइक रैली में लघु वनोपज संघ अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि संध्या पवार, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
’नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा’ : ’उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेश’
नारायणपुर । बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से श्बस्तर तिरंगा यात्रा 2026श् का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।
शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।
आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कार्यक्रम के दौरान प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि बस्तर अब नक्सली मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद नारायणपुर के विकास को नई गति मिलेगी। क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखना प्राथमिकता होगी। विकास के साथ स्थानीय विरासत और पहचान को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नारायणपुर शांति, विकास और सांस्कृतिक समृद्धि का उदाहरण बनेगा तथा देश-दुनिया को बस्तर की नई विकास यात्रा का सकारात्मक संदेश देगा।
इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो , डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई समेत बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने तिरंगा यात्रा के मार्ग व कार्यक्रम स्थलों का किया निरीक्षण’
नारायणपुर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं भाईचारे की भावना को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिले में 12 अगस्त को तिरंगा हमारा, गौरव हमारा थीम पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर नम्रता जैन एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने तिरंगा यात्रा के निर्धारित मार्ग एवं कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
तिरंगा यात्रा नारायणपुर से कन्हारगांव तक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहेंगे। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को नमन करने के साथ युवाओं में राष्ट्रभक्ति, देश के प्रति समर्पण, एकता, भाईचारा एवं सद्भावना की भावना को मजबूत करना है। कलेक्टर नम्रता जैन एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने तिरंगा यात्रा के अंतर्गत निर्धारित ग्राम हलामी मुंझमेटा, झारा, धौड़ाई एवं कन्हारगांव सहित अन्य चयनित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल, यातायात, सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, पार्किंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
तिरंगा यात्रा के दौरान चयनित स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक चयनित स्थल पर संबंधित शहीद के नाम पर एक-एक पौधा लगाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से शहीदों के त्याग एवं बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को कार्यक्रम से संबंधित दायित्वों का व्यवस्थित एवं समयबद्ध रूप से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले नागरिकों एवं युवाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा के दौरान मार्ग में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तिरंगा यात्रा बाइक रैली के रूप में आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया तथा आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत एवं मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। अधिकारियों ने यात्रा मार्ग में आने वाले संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों का भी जायजा लिया, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, एसडीएम अभयजीत मंडावी, तहसीलदार छोटे डोंगर वेद प्रकाश साहू, जनपद सीईओ ओरछा अमित भाटिया, नारायणपुर गुरमीत सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने सुखलाल के परिवार का बदला जीवन
नारायणपुर । ग्राम पंचायत बावड़ी, जनपद पंचायत नारायणपुर निवासी सुखलाल का परिवार कभी एक ऐसे कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था, जहां हर मौसम अपने साथ नई परेशानी लेकर आता था। खासकर बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकने के कारण परिवार की मुश्किलें बढ़ जाती थीं। बारिश के दौरान घर में रहना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था और परिवार को हर समय सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए अपने दम पर पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। योजना के अंतर्गत सुखलाल के परिवार का चयन आवास निर्माण के लिए किया गया। शासन से मिली सहायता का लाभ उठाकर परिवार ने अपने पुराने कच्चे मकान की जगह एक नया, पक्का और सुरक्षित आवास तैयार किया। नए आवास के बनने के बाद सुखलाल के परिवार की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की चिंता नहीं रहती। परिवार को गर्मी, बारिश और ठंड से बेहतर सुरक्षा मिली है। सबसे बड़ी बात यह है कि परिवार अब अपने घर में खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करता है।
नए घर ने परिवार के बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है। पहले जहां मौसम की मार के बीच पढ़ाई करना मुश्किल होता था, वहीं अब बच्चे सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पा रहे हैं। परिवार के सदस्यों के चेहरे पर अपने पक्के घर को लेकर संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। हितग्राही सुखलाल बताते हैं कि “पक्का घर हमारे लिए सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से हमारा वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है। अब हमारा परिवार सुरक्षित है और बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद भी बढ़ी है।”
सुखलाल के परिवार की कहानी यह बताती है कि एक पक्का मकान किसी परिवार के लिए सिर्फ चार दीवारें और छत नहीं होता, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नींव भी बनता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सुखलाल का परिवार भी इसी बदलाव की एक तस्वीर है, जहां कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने की मजबूरी थी, वहीं आज परिवार के पास अपना पक्का और सुरक्षित आशियाना है।
महाविद्यालय में 'ग्रन्थालय उन्मुखीकरण कार्यक्रम' संपन्न; पुस्तकों को बताया ज्ञान का अक्षय स्रोत
नारायणपुर । शासकीय स्वामी आत्मनांद स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायणपुर के ग्रंथालय विभाग द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रथम सेमेस्टर में प्रवेशित छात्र छात्राओं हेतु ग्रंथालय उन्मुखीकरण कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.आर. कुंजाम ने छात्र छात्राओं को पुस्तकों से दोस्ती करने और महाविद्यालय के ग्रन्थालय का अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकें हमारे मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक होने के साथ हमे समस्याओं और असफलताओं से लड़ना और उनसे प्रेरित होकर जीतना सीखाती है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के लाइब्रेरियन संजय कुमार पटेल ने बताया कि इस ग्रंथालय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं को ग्रन्थालय और पुस्तकों के नियमित उपयोग की ओर आकर्षित करना और उनको ग्रन्थालय के सामान्य नियमों एवं निर्देशों से परिचित कराना है। इसके साथ ही उन्हें ग्रन्थालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों जैसे टेक्स्ट बुक्स,रेफेरेंस बुक्स,मैगज़ीन्स, प्रतियोगी पुस्तकें, उपन्यास, मोटिवेशनल बुक्स,हिंदी एवं अंग्रेजी के अखबार इत्यादि के बारे में बताना है। महाविद्यालय के लाइब्रेरियन ने छात्र छात्राओं को ग्रन्थालय के महत्व के बारे में बताते हुए अल्बर्ट आइंस्टीन के इस कथन का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने पुस्तकालयों की महत्ता बताते हुए कहा था कि ष्एक बात जो आपको अच्छे से पता होना चाहिए वह है ग्रन्थालय का पताष्। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि छात्र जीवन मे कोई भी विद्यार्थी उनके लिए उपयोगी समस्त पुस्तकों एवं पत्रिकाओं को खरीदने में सक्षम नही होते है,इसलिए उन्हें ग्रन्थालय का नियमित उपयोग करना चाहिए क्योंकि ग्रंथालय में उनके लिए आवश्यक पुस्तकें एवं पत्र पत्रिकाएं उपलब्ध रहती है जिनका उपयोग वो निशुल्क कर सकते है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्याक आर. के.यादव,डॉ.सुमित श्रीवास्तव, डॉ विजय लक्ष्मी गौर,संदीप पटेल,विकास चंद्र विशाल ,संतोष राव एवं बुक लिफ्टर मेष राम ठाकुर के साथ तकनीकी सहायक के रूप में रजनू मंडावी तथा प्रथम सेमेस्टर में प्रवेशित छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों को मिला प्रोत्साहन 19.73 लाख रुपये की राशि वितरित
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने किया राशि का वितरण’
नारायणपुर,अगस्त 2026
जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के साथ-साथ हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई की उपस्थिति में कार्यालय पुलिस अधीक्षक के सभा कक्ष में आत्मसमर्पित नक्सलियों को शस्त्रों के एवज में स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया।
शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए उनके द्वारा जमा किए गए शस्त्रों के एवज में कुल 70 लाख 68 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में आज 18 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कुल 19 लाख 73 हजार 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत स्वीकृत की गई है। जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुनर्वास नीति के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को विभिन्न प्रकार की सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे अपने परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें और रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास, शांति और लोकतंत्र की राह अपनाना न केवल संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के हित में महत्वपूर्ण कदम है। शासन की नीतियों का उद्देश्य आत्मसमर्पित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाते हुए उन्हें स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार उनकी स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर एडिशनल एसपी अजय सिंह, अक्षय सबद्रा, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान उपस्थित थे।
किशोरियों को मासिक धर्म एवं रजस्वला परिचर्या की दी गई वैज्ञानिक एवं आयुर्वेदिक जानकारी
नारायणपुर,अगस्त 2026
संचालनालय आयुष के निर्देशन, जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, नारायणपुर द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारपारा में छात्राओं के लिए मासिक धर्म जागरूकता एवं रजस्वला परिचर्या विषय पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीना खोबरागड़े ने छात्राओं को मासिक धर्म को एक प्राकृतिक एवं सामान्य शारीरिक प्रक्रिया बताते हुए इससे जुड़े मिथकों एवं भ्रांतियों के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी दी। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, सैनिटरी पैड के सही उपयोग एवं सुरक्षित निपटान, संतुलित एवं आयरन युक्त आहार, एनीमिया की रोकथाम तथा नियमित व्यायाम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही आयुर्वेद में वर्णित रजस्वला परिचर्या की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में हल्का एवं सुपाच्य भोजन, पर्याप्त विश्राम, मानसिक शांति एवं स्वच्छता का पालन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किए गए। साथ ही अनियमित माहवारी, अत्यधिक दर्द एवं अधिक रक्तस्राव जैसी समस्याओं में समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।
विद्यालय के प्राचार्य श्री डोमेश्वर दीवान ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम किशोरियों के समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा दी जा रही वैज्ञानिक एवं आयुर्वेदिक जानकारी छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मासिक धर्म से जुड़े भ्रमों को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस सार्थक पहल के लिए आयुष विभाग की सराहना की।
कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मासिक धर्म, पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती बिन्देश्वरी देवांगन, पल्लवी यादव, फुलमा कावडे एवं पेनिशा मांझी का विशेष सहयोग रहा। अंत में छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
2 अगस्त से होगा ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ
जिले के युवाओं से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील
नारायणपुर, 01 अगस्त 2026
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माई भारत तथा छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 2 अगस्त 2026 (रविवार) को ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया जाएगा। अभियान का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। इसके तहत देशभर के लगभग 10,000 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा 1 करोड़ से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह अभियान केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, खेल अकादमियों, खेल संघों, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, माई भारत स्वयंसेवकों, युवा क्लबों, नशा मुक्ति केंद्रों तथा अन्य युवा संगठनों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। शुभारंभ अवसर पर युवाओं को ‘नशामुक्ति संकल्प’ भी दिलाया जाएगा।
अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक, औद्योगिक एवं आध्यात्मिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा इस अभियान से जुड़ सकें। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जिले के सभी युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों से इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील की है।
राष्ट्रपति से मिले नारायणपुर के मांझी-चालकी एवं बस्तर पंडुम के विजेता
बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का कराया परिचय
नारायणपुर, 01 अगस्त 2026
जिले के मांझी-चालकी एवं बस्तर पंडुम प्रतियोगिता के विजेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में 30 जुलाई 2026 को महामहिम राष्ट्रपति से सौजन्य भेंट कर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं एवं लोक विरासत का परिचय कराया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली तथा लोक परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
इस प्रतिनिधिमंडल को 27 जुलाई 2026 को नारायणपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया था। रवाना होने के अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर दल को शुभकामनाओं के साथ विदा किया और इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पंडुम के जनजातीय आभूषण विधा के विजेता मुंगड़ी कोर्राम एवं सुदनी दुग्गा शामिल रहे। वहीं मांझी-चालकी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम भी दल में शामिल रहे।
राष्ट्रपति से हुई इस सौजन्य भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक आभूषण, सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। यह मुलाकात नारायणपुर एवं पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय रही। इससे देशभर में बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ-साथ जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कलेक्टर ने सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को सौंपा पेंशन प्राधिकार पत्र
नारायणपुर, 01 अगस्त 2026
कलेक्टर नम्रता जैन ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्यानिकी विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी बिसराम कुलदीप माली के पद पर सेवा देने के पश्चात 31 जुलाई को सेवानिवृत हो गए। कलेक्टर नम्रता जैन के द्वारा उन्हें पेंशन प्राधिकार पत्र (पीपीओ) प्रदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया और महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने श्री कुलदीप को पेंशन राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह देते हुए स्वस्थ, सुखमय एवं सम्मानपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी श्री कुलदीप को सेवानिवृत्ति पर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी श्री हरीश साहू, उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जितेश देहारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति से मिले नारायणपुर के मांझी-चालकी व बस्तर पंडुम के विजेता
नारायणपुर । जिले के मांझी-चालकी एवं बस्तर पंडुम प्रतियोगिता के विजेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में 30 जुलाई 2026 को महामहिम राष्ट्रपति से सौजन्य भेंट कर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं एवं लोक विरासत का परिचय कराया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली तथा लोक परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
इस प्रतिनिधिमंडल को 27 जुलाई 2026 को नारायणपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया था। रवाना होने के अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर दल को शुभकामनाओं के साथ विदा किया और इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पंडुम के जनजातीय आभूषण विधा के विजेता मुंगड़ी कोर्राम एवं सुदनी दुग्गा शामिल रहे। वहीं मांझी-चालकी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम भी दल में शामिल रहे।
राष्ट्रपति से हुई इस सौजन्य भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक आभूषण, सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। यह मुलाकात नारायणपुर एवं पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय रही। इससे देशभर में बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ-साथ जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कलेक्टर ने सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को सौंपा पेंशन प्राधिकार पत्र
नारायणपुर । कलेक्टर नम्रता जैन ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्यानिकी विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी बिसराम कुलदीप माली के पद पर सेवा देने के पश्चात 31 जुलाई को सेवानिवृत हो गए। कलेक्टर नम्रता जैन के द्वारा उन्हें पेंशन प्राधिकार पत्र (पीपीओ) प्रदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया और महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कुलदीप को पेंशन राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह देते हुए स्वस्थ, सुखमय एवं सम्मानपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कुलदीप को सेवानिवृत्ति पर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी हरीश साहू, उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जितेश देहारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
’सरस्वती सायकल योजना से सशक्त होंगी बेटियां, 71 छात्राओं को मिला योजना का लाभ
नारायणपुर, 30 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुगमता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगलापारा में 28 जुलाई 2026 को सायकल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद नारायणपुर के अध्यक्ष श्री इन्द्र प्रसाद बघेल थे। इस अवसर पर वार्ड पार्षदगण, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की 71 पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकलों का वितरण किया गया। सायकल प्राप्त करते ही छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। छात्राओं ने कहा कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी, समय की बचत होगी तथा नियमित रूप से अध्ययन करने में और अधिक प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि श्री इन्द्र प्रसाद बघेल ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की यह योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं से सायकलों का सुरक्षित उपयोग करते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया।
रोजगार मेलों से युवाओं को मिल रहे बेहतर रोजगार के अवसर’
’जिले में 8,776 जीवित पंजीयन, दो रोजगार मेलों में 9 युवाओं का चयन’
नारायणपुर, 30 जुलाई 2026
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे जिले के शिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र सहित विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।
जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में 8,776 जीवित पंजीयन दर्ज हैं। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के 48, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 7,590, अन्य पिछड़ा वर्ग के 495 तथा सामान्य वर्ग के 643 अभ्यर्थी शामिल हैं। पंजीकृत अभ्यर्थियों में 3,897 महिलाएं भी सम्मिलित हैं। वहीं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 10वीं उत्तीर्ण 2,847, 12वीं उत्तीर्ण 3,542, स्नातक 1,027 तथा स्नातकोत्तर 251 अभ्यर्थियों का पंजीयन दर्ज है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक दो जिला स्तरीय रोजगार मेलों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन रोजगार मेलों में 5 नियोजकों ने सहभागिता करते हुए 945 रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराई। मेलों में शामिल अभ्यर्थियों में से 9 युवाओं का चयन विभिन्न पदों पर किया गया, जबकि आगामी अवधि में 8 और रोजगार मेलों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार की गई है।
इसी प्रकार अग्निवीर भर्ती अभियान के तहत जिले से 199 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जिनमें से 16 अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा (ब्म्म्) उत्तीर्ण कर जिले का गौरव बढ़ाया है। कैरियर मार्गदर्शन गतिविधियों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष में 10 कार्यक्रमों के आयोजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र युवा तक रोजगार, कौशल विकास एवं मार्गदर्शन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे। कलेक्टर नम्रता जैन ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि रोजगार मेलों, कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों तथा विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाए, ताकि उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें और जिले में रोजगार सृजन की गतिविधियों को और अधिक गति मिले।
समय-सीमा बैठक : सभी विभागों में ई-ऑफिस का अनिवार्य एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें - कलेक्टर नम्रता जैन
शहीद जवानों के सम्मान में उनके नाम पर चौक-चौराहों एवं विद्यालयों के नामकरण हेतु चिन्हांकन के निर्देश
नारायणपुर, 30 जुलाई 2026
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को ई-ऑफिस का अनिवार्य एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं जवाबदेह बनाने के लिए सभी नस्तियों एवं पत्रावलियों का ई-ऑफिस के माध्यम से समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जिले के शहीद जवानों के सम्मान ,सर्वाेच्च बलिदान एवं योगदान को स्मरणीय बनाने में उनके नाम पर चौक-चौराहों एवं विद्यालयों के नामकरण के लिए उपयुक्त स्थलों का शीघ्र चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। बस्तर मुन्ने एवं नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वीकृत आवासों एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सेवा सेतु के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का ऑनलाइन एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा करते हुए सर्वेक्षित स्थानों पर शीघ्र मोबाइल टॉवर स्थापित कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा स्कूली बच्चों की शत-प्रतिशत मलेरिया जांच कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम डॉ. सुमित गर्ग, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त सुनील कुमार सोनपिपरे, तहसीलदार सौरभ चौरसिया, विजय साहू, जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रनाथ पाण्डेय तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
आयुष विभाग की समग्र चिकित्सा से मरीजों को मिला नया जीवन
नारायणपुर, 30 जुलाई 2026
नारायणपुर जिले में आयुष विभाग द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से अनेक मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल रही है। यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा औषधीय उपचार, पंचकर्म एवं शिरोधारा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का समन्वित उपयोग कर कई मरीजों को सफल उपचार प्रदान किया गया है। इससे न केवल उनकी स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार हुआ, बल्कि वे पुनः सामान्य जीवन जीने में सक्षम हुए हैं।
नारायणपुर निवासी श्रीमती इश्वरी यादव (45 वर्ष) लंबे समय से दोनों घुटनों में दर्द, सूजन तथा उठने-बैठने और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थीं। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की सलाह दी गई थी। इसके बाद आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक औषधियों के साथ शिरोधारा चिकित्सा दी गई। नियमित उपचार के पश्चात उन्हें पूर्ण राहत मिली और आज वे सामान्य रूप से सभी कार्य करने में सक्षम हैं। वर्तमान में वे नारायणपुर में अपना होटल संचालित कर रही हैं तथा नियमित फॉलोअप के लिए भी आती रहती हैं।
इसी प्रकार श्री प्रमोद पाण्डेय (55 वर्ष) मधुमेह (शुगर) के कारण शरीर में कमजोरी, दर्द, झुनझुनी, पैरों में भारीपन तथा चलने में अत्यधिक परेशानी से पीड़ित थे। उनकी स्थिति ऐसी थी कि वे 100 मीटर तक भी पैदल नहीं चल पाते थे। इसके साथ ही उन्हें तनाव और घबराहट की भी समस्या रहती थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक औषधियों तथा शिरोधारा चिकित्सा से उनका उपचार किया गया। उपचार के पश्चात उनकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ तथा उनकी चलने-फिरने की क्षमता में भी वृद्धि हुई।
श्रीमती अर्पना नाग (35 वर्ष) को गर्भावस्था के दौरान दाहिने पैर में दर्द एवं झुनझुनी की समस्या शुरू हुई, जो अगले 7 से 8 महीनों में काफी बढ़ गई। एलएससीएस (सीजेरियन) प्रसव के बाद भी दर्द बना रहा और उन्हें उठने, बैठने तथा चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई होती थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ पंचकर्म उपचार प्रदान किया गया। उपचार शुरू होने के मात्र एक सप्ताह में उन्हें 50 प्रतिशत से अधिक राहत मिली तथा दो माह तक नियमित चिकित्सा के बाद वे पूर्णतः स्वस्थ हो गईं।
इसी क्रम में श्रीमती कल्पना शर्मा (50 वर्ष) लंबे समय से मेनोरेजिया (अत्यधिक मासिक रक्तस्राव) की समस्या से पीड़ित थीं। उन्हें एक वर्ष से अनियमित रक्तस्राव हो रहा था तथा एक माह से अधिक समय तक लगातार ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में दर्द और अत्यधिक कमजोरी बनी हुई थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा से उनका उपचार किया गया। उपचार प्रारंभ होने के दस दिनों के भीतर रक्तस्राव नियंत्रित हो गया तथा पेट दर्द और कमजोरी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।
इन सभी सफल उपचारों से यह स्पष्ट होता है कि आयुष विभाग की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ अनेक जटिल एवं दीर्घकालिक रोगों के उपचार में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के समन्वित उपयोग से मरीजों को न केवल रोगों से राहत मिल रही है, बल्कि उनका जीवन भी पुनः सामान्य और स्वस्थ बन रहा है। नारायणपुर में आयुष विभाग लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराकर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।